Download App

क्रिकेट वर्ल्ड कप में भी पुरुषों से आगे हैं महिलाएं

पहली बार साल 1973 में महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप इंग्लैड में खेला गया जिसे इंग्लैंड की महिला टीम ने जीतकर इतिहास रचा था. सबसे हैरानी की बात ये थी कि पुरूष वर्ल्ड कप के 2 साल पहले पहले महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप खेला गया था.

पहले महिला वर्ल्ड कप में कुल 7 टीमों ने भाग लिया जिसमें इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जमैका, त्रिनिदाद और टोबैगो इंटरनेशनल इलेवन और यंग इंग्लैंड की टीमें शामिल थी.

यह टूर्नामेंट रॉबिन राउंड के आधार पर खेला गया था जिसके कारण विजेता का चुनाव सर्वाधिक अंक प्राप्त करने के आधार पर किया गया. पहले महिला वर्ल्ड कप मे इंग्लैंड की टीम ने कमाल का खेल दिखाकर पूरे टूर्नामेंट में कुल 20 अंक प्राप्त किए. 20 अंको के साथ इंग्लैंड की टीम विजेता रही तो वहीं दूसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम ने कब्जा जमाया. ऑस्ट्रेलिया की टीम ने कुल 17 अंक प्राप्त किया था.

इंग्लैंड की महिला टीम ने अपने खेले 5 मैचों में 4 में जीत दर्ज की लेकिन लीग मैच में उन्हें न्यूजीलैंड के हाथों हार का स्वाद चखना पड़ा था. हालांकि यह मैच फाइनल के तौर पर खेला गया था लेकिन अंकों के मामले में इंग्लैंड ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने में सफलता पाई थी जिसके कारण पहले महिला वर्ल्ड कप की विजेता इंग्लैंड की टीम बनी.

क्रिकेट वर्ल्डकप का आइडिया सर जैक हेवॉर्ड ने दिया था जिनका क्रिकेट से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था. वो इंग्लैंड के एक बड़े बिजनेसमैन और एक बड़े फुटबॉल क्लब के मालिक भी थे. सर जैक हेवार्ड ने 40 हजार यूरो की स्पॉन्सरशिप के साथ महिला क्रिकेट वर्ल्डकप आयोजित कराया था.

साउथ अफ्रीकी टीम को रंगभेद मतभेद के कारण पहले महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में भाग लेने के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था.

ये निवेश प्लान बनाएंगे आपके इन्वेस्टमेंट को रिस्क-फ्री

एक सुरक्षित निवेश वो है जिसमें किसी तरह का कोई जोखिम न हो. ऐसे निवेश रिटायर्ड लोगों के लिए बेहतर हैं जो किसी प्रकार का कोई रिस्क नहीं चाहते हैं. ये एक सामान्य धारणा है कि यदि आप रिस्क नहीं लेंगे, तो अच्छे रिटर्न नहीं मिलेंगे, लेकिन ये सच नहीं हैं, बाजार में ऐसे कई इनवेस्टमेंट प्लान हैं जो आपको अच्छा फायदा देते हैं और इनसे आपको टैक्स बैनेफिट भी मिलता है. बस तरीका चाहिए रिस्क फ्री प्लान ढूंढने का, क्या आपके लिए बेहतर है और क्या नहीं. उनमें से कुछ अच्छे रिटर्न्स देते हैं जब कि कुछ केवल ठीक-ठाक हैं.

भारत में कई रिस्क-फ्री इनवेस्टमेंट विकल्प उपलब्ध हैं और इन सब की अलग-अलग विशेषताएं हैं. कई दूसरों के मुकाबले में ये ज्यादा अच्छे हैं, तो इनमें से कुछ के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं.

फिक्स डिपॉजिट

जब भी सुरक्षित निवेश की बात होती है तो फिक्स डिपॉजिट का ख्याल सबसे पहले आता है. ये बचत खाते की तुलना में ज्यादा अच्छे रिटर्न देते हैं और इन पर 7 से 8% का ब्याज भी मिलता है. ये बात आपको ध्यान रखना चाहिए कि ये डिपॉजिट पूरी तरह टैक्सेबल हैं. इसका मतलब है कि आप जितना ज्यादा टैक्स के दायरे में आते हैं, आपका रिटर्न उतना ही कम हो जाता है.

आरडी या आवर्ती जमा

अगर आपको निर्धारित मासिक वेतन मिलता है ये आपके लिए अच्छा विकल्प है. ये एफडी से ज्यादा अलग नहीं हैं, लेकिन इसमें आप हर महीने व्यवस्थित तरीके से निवेश करते हैं. यह राशि जुड़कर बड़ी हो जाती है. लेकिन हां एफडी की तरह ही इनमें भी टैक्स में छूट नहीं मिलती है.

डाक घर जमा

ये 5 साल तक अलग-अलग समयावधि के होते हैं. जितने ज्यादा समय के लिए निवेश होगा ब्याज उतना ही ज्यादा होगा. 5 साल में 7.8% ब्याज के साथ बाज़ार में ये एक अच्छा विकल्प है. डाकघर जमा का फायदा ये हैं कि 5 साल की अवधि की हर जमा पर टैक्स में छूट मिलती है.

फिक्स्ड मेच्योरिटी प्लांस

फिक्स्ड मेच्योरिटी प्लांस यानि कि एफएमपी, यह एक क्लोज एंडेड स्कीम है, जिसकी अवधि एक महीने से पांच साल फिक्स होती है. एफएमपी में आपकी पूंजी को मार्केट सिक्योरिटीज और डेब्ट्स में निवेश किया जाता है. इसकी एक निर्धारित परिपक्वता तिथि होती है. इसमें निवेश करते समय आपको बस थोड़ा सावधान रहने की जरुरत है.

डैब्ट म्युचुअल फंड

इसमें आपकी पूंजी केवल कॉर्पोरेट बॉन्डस और सरकारी प्रतिभूतियों में ही निवेश की जा सकती है. इनमें कोई निर्धारित समयावधि नहीं होती है. आप एक पैनाल्टी देकर अपनी राशि वापस ले सकते हैं. कम ब्याज दर के कारण इस तरह के जमा में लंबे समय का प्लान लेना बेहतर है.

कंपनी डिपॉजिट्स

कंपनी डिपॉजिट्स में बैंक डिपॉजिट्स की तुलना में ज्यादा जोखिम रहता है, लेकिन साथ ही इनमें ज्यादा ब्याज और अच्छे रिटर्न्स भी मिलते हैं. कोई अनहोनी ना हो, इसके लिए AAA रेटिंग, वाले प्लान ही लें. ये भी लंबे समय भी अधिक फायदा देते हैं. यह एएए रेटिंग, क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों द्वारा जारीकर्ता के बॉन्ड पर असाइन की गई उच्चतम संभव रेटिंग है.

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड या सामान्य भविष्य निधि

ये लंबे समय की डिपॉजिट स्कीम्स हैं, जो कि सुरक्षित हैं और 8 से 9% का आकर्षक ब्याज दर भी देती हैं. आप इनमें एक साल में कम से कम 500 रुपए से अधिकतम 1,50,000 रुपए निवेश कर सकते हैं. इसमें आपको लोन, निकासी और अकाउंट एक्सटेंशन जैसी कई सुविधाएं भी मिलती हैं. इनमें से कई प्लांस में काफी अच्छे रिटर्न्स हैं और टैक्स में छूट भी मिलती है.

निवेश क्यों जरूरी है…

निवेश आपकी वित्तीय सुरक्षा की जरूरत को पूरा करने के लिए है. इससे ना केवल आपका पैसा इकट्ठा होता है, बल्कि जब आपकी नियमित आमदनी हो रही हो उस समय बचत करने का अच्छा तरीका भी है. परिणामस्वरूप, रिटायर होने पर आपके लिए यह एक अतुलनीय विकल्प बनता है ताकि आप उस समय भी सिर उठा कर जी सकें.

बजट मैनेज करने के लिए पेश हैं ये ऐप्स

आजकल स्मार्टफोन का चलन बहुत बढ़ गया है. हर किसी के हाथ में स्मार्टफोन है. पर क्या ये स्मार्टफोन आपको अपने वित्तीय जीवन में स्मार्ट बना रहा है. क्या आपने कभी अपने खर्चे मैनेज करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया है. ऐसे ऐप मौजूद हैं जिनके जरिये आप अपने बिल ट्रैक कर सकते हैं और बजट बना सकते हैं. इन ऐप की मदद से आप अपनी मेहनत की कमाई का पूरा हिसाब रख सकते हैं.

गुड बजट

अगर आप ऐसे मोबाइल ऐप की तलाश में हैं जिसके जरिये घर के बजट की योजना बनाई जा सके तो गुड बजट ऐप आपके लिए ही है. डेस्प्रिंग टेक्नोलॉजी का बनाया ये ऐप हर महीने परंपरागत लिफाफे में एक निश्चित रकम रखने की सुविधा देता है. ये ऐप रियल टाइम में आपकी आने वाली नकदी और खर्च का हिसाब रखता है. इसकी मदद से आप अपने मासिक बजट को बांट सकते हैं और ये भी जान सकते हैं कि हर महीने आप ज्यादा रकम कहां खर्च कर रहे हैं. इसमें एक और फीचर है जिसके जरिये आप किसी खर्च के लिए समय भी निश्चित कर सकते हैं.

ये ऐप ऑटोमेटिक तरीके से सभी डिवाइस पर सिंक हो जाता है. इसका डेटा गुड बजट की वेबसाइट पर बेकअप हो जाता है. ये आपके फाइनेंस को ट्रैक करने का अच्छा समाधान है. गुड बजट ऐप एंड्राइड, आईओएस और वेब पर उपलब्ध है.

एंड्रोमनी

एंड्रोमनी एप्लीकेशन के जरिये आप बेहतर तरीके से पर्सनल फाइनेंस को मैनेज कर सकते हैं. ये ऐप प्ले स्टोर और आईओएस पर उपलब्ध है. इसमें डेली अकाउंटिंग, कैटेगरी मैनेज करने और विस्तार से रिपोर्ट बनाई जा सकती है. एंड्रो मनी इन सबको अच्छे तरीके से व्यवस्थित करता है. इस ऐप में एक से ज्यादा अकाउंट आसानी से खोले जा सकते हैं.

ये ऐप ड्रॉप बॉक्स या गूगल डॉक्यूमेंट के जरिये दूसरे डिवाइस पर सिंक हो सकता है. इस ऐप में आप हाईआर्की में कैटेगरी बना सकते हैं. ऐप में पासवर्ड प्रोटेक्शन भी है. ऐप में आय और व्यय का ट्रेंड, पाई और बार चार्ट बनाए जा सकते हैं. इस ऐप पर खर्च और आय से संबधिंत जानकारी बहुत आसानी से दिखेगी.

मेवेलोप्स

इस ऐप के जरिये आप अपने बजट पर और निर्णायक फैसले ले सकते हैं. आपके खर्च की रियल टाइम पर जानकारी देने वाला ये ऐप समझने में बहुत आसान है. ये ऐप गूगल प्ले और ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. ये ऐप आपसे आपके वित्तीय लक्ष्यों के बारे में आसान सवाल पूछता है और आपके बैंक अकाउंट से सिंक करने के लिए कहता है.

ये ऐप सीधे वित्तीय संस्था में हुए क्रेडिट और डेबिट ट्रांजेक्शन का हिसाब रखता है इसलिए यहां पर सिक्योरिटी को बहुत गंभीर तौर पर लिया जाता है. ऐप सिंक करने से पहले आपसे कई तरह के सवाल पूछकर आपकी मंजूरी ली जाती है. एक बार सिंक होने के बाद ये आपकी इनकम के बारे में पूछता है और फिर अलग-अलग जरूरतों के लिए बजट के लिफाफे बनाता है. एक बार अकाउंट लोड होने के बाद ऐप आपकी आय का निर्धारण करता है और फिर बजट बनाता है. इसके बाद आपके बैंक अकाउंट की कुल रकम में से खर्चों को अलग कर देता है.

एक्सपेंसीफाई

इस ऐप के जरिये आप रसीद को संभाल सकते हैं, अपने फाइनेंस को ट्रैक कर सकते हैं और अपने खर्च की रिपोर्ट आसानी से बना सकते हैं. सेल्समैन और बिजनेस ट्रेवलर्स की पंसद इस ऐप में स्मार्टफोन और वेब दोनों तरह का इंटरफेस है. इसमें स्मार्टस्कैन, एड एक्सपेंस, ट्रैक टाइम और ट्रैक डिस्टेंस नाम से 4 बड़े बटन हैं. स्मार्टस्कैन के जरिए उपयोगकर्ता फोटो ले सकता, उन्हें कैटेगरी में बांट सकता है रसीदों को टैग कर सकता है. इसके बाद उसको अपनी खर्च की रिपोर्ट में भी जोड़ सकता है. ये उन लोगों के लिए अच्छा है जो रसीद को पेपर के बदले डिजिटल स्वरूप में रखना चाहते हैं.

ट्रैक डिस्टेंस का विकल्प उन लोगों के लिए अच्छा है जो फ्रीलांस के तौर पर कार से यात्रा करते हैं और दूरी के हिसाब से पैसे देते हैं. इसके लिए ओडोमीटर का उपयोग किया जा सकता है या लोकेशन शुरू करके जीपीएस के जरिये भी दूरी मापी जा सकती है.

माय एक्सपेंस

माय एक्सपेंस के जरिये आप रोजाना के आय और व्यय का हिसाब रख सकते हैं. ये एक फाइनेंस मैनेजर की तरह काम करता है. ऐप एंड्रॉइड आधारित है. इस ऐप में बहुत ही साधारण तरीके से बहुत अच्छा इंटरफेस बनाया गया है. आप अपने स्मार्टफोन पर अपना खर्च मैनेज कर सकते हैं और इसे डेस्कटॉप पर भी एक्सपोर्ट कर सकते हैं.

उपयोगकर्ता खर्च या ट्रांजैक्शन और नाम, रकम, तारीख, कैटेगरी और खुद के खर्च का अकाउंट बना सकता है. इस ऐप में खर्च की समरी को देख सकता है. खर्च के लिए एक से ज्यादा अकाउंट भी बनाए जा सकते हैं. ऐप के पेड वर्जन में ज्यादा अच्छे फीचर और विकल्प हैं, फ्री वर्जन में कई तरह के विज्ञापन बार-बार आते हैं.

हिन्दुत्व की नायिका बनने को बेचैन उमा भारती

जब नरेंद्र मोदी प्रधान मंत्री बने थे तब देश भर में यह आशंका थी कि अब भाजपा हिन्दुत्व का अपना एजेंडा थोपेगी, लेकिन नरेंद्र मोदी ने हिन्दुत्व से जुड़े मसलों पर ज्यादा तब्बजुह नहीं दी और अप्रत्यक्ष रूप से हिन्दुत्व की बात करते रहे, तो लगा था कि बात आई गई हो गई लेकिन जैसे ही योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्य मंत्री बनाया गया तो अब वे तमाम बातें हो रहीं हैं जिनका कि डर था.

जाहिर है भाजपा इस खुश या गलत फहमी में है कि उसे उत्तर प्रदेश में वोट हिन्दुत्व के चलते मिले हैं. आदित्यनाथ तो धड़ल्ले से मंदिर, बीफ और वंदे मातरम का राग अलाप रहे हैं पर साध्वी उमा भारती की बैचेनी के अपने अलग माने हैं जो एक महीने से भी कम वक्त में 2 दफा यह कह चुकी हैं कि वे राम मंदिर के लिए जान देने और फांसी चढ़ने को भी तैयार हैं.

बकौल उमा चूंकि मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है इसलिए वे इस विषय पर ज्यादा नहीं बोलेंगी. अब इससे ज्यादा और बोलने को तो यही बचता है कि चलो अयोध्या और फाबड़े गेंती उठाकर मंदिर की नींव खोदना शुरू कर दो, आगे जो होगा सो आडवाणी जी देखेंगे. धर्म के नाम पर मार काट मचे, हिंसा हो,  बैर फैले जैसी बातें उमा के लिए कतई चिंता की नहीं जो 24 साल पहले दहाड़ती रहतीं थीं कि एक धक्का और दो, बाबरी मस्जिद तोड़ दो.

दरअसल में भाजपा के अंदर उमा भारती की हैसियत दोयम दर्जे की हो चली है, लेकिन आदित्यनाथ की ताजपोशी के बाद उन्हें मध्य प्रदेश के सीएम पद का सपना दोबारा दिख रहा है. इस गफलत के चलते  भाजपा का नया शेप वे नहीं देख पा रहीं हैं कि वह भगवा कांग्रेस बन चुकी है, जिसका मकसद जैसे भी हो जनता को उलझाए रखना है. इस नए रूप में भाजपा एक मुंह से विकास की तो दूसरे मुंह से हिन्दुत्व की बात कर रही है और 2019 तक यह सिलसिला जारी रहेगा. ऐसे में उमा का मंदिर राग उसे तकलीफ देह ही साबित हो रहा है.

फ्री हेंड आदित्यनाथ को दिया गया है और उमा समझ रहीं हैं कि पूरी संत बिरादरी को यह डिस्काउंट मिला हुआ है. बार बार मंदिर के लिए फांसी चढ़ने की बात वे कहती हैं तो कोई चिड़िया भी चूं नहीं करती, उलट इसके आदित्यनाथ के मवेशी भी सुर्खियां बन जाते हैं. जाहिर है वे अपनी तुलना अपने से जूनियर आदित्यनाथ से करने की बीमारी का शिकार हो चली हैं जो एक तरह की हीनता ही है. राम मंदिर निर्माण अब महज शिगूफा बन कर रह गया है, आम लोगों की दिलचस्पी उसमें नहीं रही है, इसलिए इसे अब अभियान भाजपा नहीं बनाएगी लेकिन बात जरूर करती रहेगी.

उमा का बीच में टांग फसाना भाजपाइयों को रास नहीं आ रहा है, जिनकी हालत घर की शादी में अपनी अहमियत रीति रिवाजों और रस्मों की जानकार होने की बिना पर यह जताने की रह गई है कि नहीं पहले माता पूजन होगा फिर मंडप डलेगा. बैचेनी और उग्र तात्कालिक प्रतिक्रिया देना उमा की 2 पुरानी कमजोरियां हैं, जिन्हें अब राम के अलावा कुछ नहीं दिख रहा तो उनकी मंशा से कोई इत्तफाक भी नहीं रख रहा. बच्चों जैसे पैर पटककर एक हद से ज्यादा वे ध्यान अपनी तरफ खींच पाएंगी ऐसा लग नहीं रहा. इस पर भी तकलीफ यह कि इन दिनों मोदी से भी बड़े नायक बने आदित्यनाथ उनके नाम का जिक्र तक नहीं करते.  

गर्मियों में लैपटॉप को ओवरहीटिंग से बचाएं

गर्मियों में आपके गैजट्स का ज्यादा ख्याल जरूरी है. अगर ऐसा नहीं किया गया तो ओवरहीटिंग के कारण ये गैजट्स खराब हो सकते हैं.

आज हम आपको बताने जा रहे हैं लैपटॉप ओवर हीटिंग रोकने के कुछ आसान से टिप्स…

सीपीयू या लैपटॉप बैटरी और फैन की सफाई

कम्प्यूटर का सीपीयू या लैपटॉप बैटरी में अगर धूल जम जाए तो सिस्टम के गर्म होने का खतरा बना रहता है. इसलिए इनकी एक या दो महीनों में सफाई करते रहना चाहिए. इसके लिए आपको क्या-क्या चाहिए…

– स्क्रू ड्राइवर : सीपीयू या लैपटॉप बैक को खोलने के लिए.

– केन्ड एअर : इसे गैस डस्टर भी कहा जाता है. इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की सफाई के लिए इसका इस्तेमाल होता है. बाजार में ये आसानी से उपलब्ध होता है.

कैसे करें…

लैपटॉप की बैटरी या सीपीयू को साफ करने के लिए पहले उसे सिस्टम से अलग कर लें. इसके बाद कैन्नड एयर (Canned Air) ये उसे ब्लो करें. ऐसा करने से उसके अंदर की डस्ट निकल जाती है. सीपीयू में फैन की सफाई करते समय ध्यान रखें की प्रेशर ज्यादा तेज ना हो.

क्या नहीं करें..

– इन्हें गीले कपड़े से पोछने की कोशिश ना करें.

– सीपीयू की फैन ब्लेड्स को मोड़ने की कोशिश ना करें.

– अगर सीपीयू का फैन काम नहीं कर रहा है, तो ध्यान रखें की सिस्टम को ज्यादा देर तक इस्तेमाल ना करें. अगर ऐसा करेंगे तो ओवर हीटिंग की समस्या आ सकती है.

कूलिंग किट…

लैपटॉप का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स आम तौर पर कूलिंग किट का प्रयोग कर सकते हैं. मार्केट में 300 रुपए से लेकर 3000 तक अलग-अलग रेंज और शेप के कूलिंग फैन्स उपलब्ध हैं. लैपटॉप अगर पुराना हो गया है तो आम तौर पर अधिक इस्तेमाल कर उसमें कूलिंग की समस्या आ ही जाती है. ऐसे में एडिश्नल कूलिंग फैन का इस्तेमाल करना अच्छा विकल्प हो सकता है.

कौन-सी किट लें…

– लैपटॉप फैन अपने लैपटॉप की बनावट के हिसाब से खरीदें. गलत फैन लेने के कारण गर्म हवा लैपटॉप में जा सकती है और ये समस्या को और बढ़ा देगा.

– लैपटॉप कूलिंग फैन खरीदने से पहले वेंडर को अपना लैपटॉप दिखा लें.

रखें बैटरी का ख्याल…

– चार्जिंग के दौरान लैपटॉप को थोड़ा दूर ही रखें. चार्जर को कभी अपनी बॉडी के करीब ना रखें.

– बैटरी चार्ज होने के बाद चार्जर अलग कर दें.

– बैटरी अगर ज्यादा जल्दी गर्म होने लगी है तो लगातार लैपटॉप का इस्तेमाल ना करें.

– कूलिंग किट के बाद भी अगर बैटरी गर्म हो रही है तो बैटरी बदलवा लें. लैपटॉप अगर जल्दी डिस्चार्ज हो रहा है तो बार-बार चार्जर अटैच करने पर भी लैपटॉप गर्म हो सकता है. ऐसे में भी बेहतर यही होगा की बैटरी रिप्लेस करवा लें.

ध्यान रखें, कहां रखा है लैपटॉप…

ज्यादातर लैपटॉप नीचे की तरफ से कूलिंग के लिए हवा लेते हैं. ऐसे में अगर लैपटॉप किसी तकिया या कंबल पर रख दिया गया है तो प्रॉपर एयर वेंटिलेशन नहीं हो पाता है. लैपटॉप को किसी फ्लैट सरफेस पर रखा जाए तो उसके गर्म होने की संभावना थोड़ी कम हो जाएगी. इसके अलावा

– कूलिंग फैन की जगह कूलिंग मैट पर लैपटॉप रखकर काम करने से भी समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी.

– अगर मैट नहीं लेना चाहते तो किसी हार्ड सरफेस पर रखकर लैपटॉप का इस्तेमाल करें. अगर बेड पर लैपटॉप का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो लैपटॉप के नीचे कोई किताब या लकड़ी का चौकोर टुकड़ा रख लें. इससे हवा का फ्लो बना रहेगा.

कितनी बेशर्मी से घूरते हैं लड़कियों को आप, एहसास दिलाएगा ये VIDEO

सड़क पर जा रहे हो और अचानक सामने से कोई लड़की आती दिख जाए टाइट कपड़ों में, तो उसके पूरे बदन का एक्स-रे करने में हमें देर नहीं लगती. स्कूल कॉलेज में सीढ़ियों के नीचे खड़े होकर उतरती हुई लड़कियों के स्कर्ट के भीतर ताकना, बस ट्रेन में किसी लड़की का अगर कोई अंग दिख जाए तो बगल वाले को कोहनी मार कर दिखाना.

डिस्को, पब में छोटे कपडे पहनी हुयी लड़की के वक्ष स्थल को घूरना और ऐसा दिखाना की कहीं और ध्यान है. कहीं कुछ उठाते हुए किसी लड़की की कमर या पैंटी लाइन दिख जाने पर आहे भरना.

क्लीवेज से लेकर कमर, चेहरा, पीठ या पेट और गर्दन कुछ भी नज़र आ जाये या अगर नज़र ना भी आ रहा हो तो भी चीर देने वाली नज़रों से देखने की कोशिश करना.

ये सब तरीके है बिना कुछ बोले, बिना कुछ किये किसी भी लड़की को परेशान करने के और इन सब में सबसे बड़ी बात की आसानी से जवाब देकर निकल जाओ कि मेरा ध्यान कहीं और था या फिर दिख रहा था तो देख लिया, कौनसा रेप कर दिया.

ये सब कारनामे सिर्फ सड़कछाप मजनुओं के नहीं, बल्कि हर एक मर्द के हैं. चाहे वो कितने भी प्रतिष्ठित घर का हो या कितने बड़े स्कूल कॉलेज का विद्यार्थी या फिर किसी बड़ी कंपनी में काम करने वाला या रास्ते पर सब्जी बेचने वाला. सब माहिर होते है आंखे  सेकने की विद्या में.

कभी सोचा है की कितनी बेशर्मी से घूरते है आप लोग लड़कियों को? कभी सोचा है कि कितना घटिया होता है ये सब ? क्या कभी सोचा है कि ये भी एक तरह की कुंठा है? कभी सोचा है कि इस तरह की हरकतें बताती है कि अंदर से आप भी एक बलात्कारी है.

ज़रा खुद को रखकर देखिये उस लड़की की जगह जिसे आप घूरते हैं, जिसके बदन की एक झलक पाने को आप बेशर्मी की हदें पार करते है.

शायद ऐसी कल्पना करना मुश्किल है, तो देखिये ये वीडियो, जो शायद आपको  अहसास दिलाये आपकी घटिया हरकतों का…

सभी सरकारी काम होंगे आसान, जब ये दस्तावेज होंगे साथ

कई बार हमारे बहुत से काम इसलिए डिले या लेट हो जाते हैं, क्‍योंकि हमारे पास पूरे डॉक्‍युमेंट नहीं होते हैं. सरकारी विभागों या ऑफिस में तो हमें सबसे ज्‍यादा मुश्किल आती है. सिक्‍युरिटी कर्न्‍सन और कड़े टैक्‍स नियमों के चलते आजकल हर जगह हम से डॉक्‍युमेंट मांगे जाते हैं. आपको ऐसे डॉक्‍युमेंट के बारे में बता रहे हैं जो अगर आपके पास हों तो सरकारी हो या प्राइवेट हर काम आसान हो जाएगा. डॉक्‍युमेंट के नाम पर आपको कोई मुश्किल नहीं आएगी.

1. ड्राइविंग लाइसेंस

कौन जारी करता है– रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस

जारी करने का पर्पज- ड्राइंविंग की इजाजत देना

ड्राइविंग लाइसेंस पाने के बाद आप देश में कहीं भी गाड़ी चलाने के लिए वैलिड हो जाते हैं.

कहां यूज होता है डीएल

डीएल हर सरकारी काम में आइडेंटिटी कार्ड के तौर पर मान्‍य होता है.

डीएल जारी होने का मतलब होता है कि आपकी उम्र 18 साल से ज्‍यादा है और आप सभी सरकारी सेवाओं के लिए एलिजिबल हैं.

डीएल नहीं होने पर एक्सिडेंट के समय आप को क्‍लेम मिलने में दिक्‍कत आ सकती है. 

2. पासपोर्ट

कौन जारी करता है- विदेश मंत्रालय

जारी करने का पर्पज- विदेश में सफर करने की अनुमति देना

पासपोर्ट मूल तौर पर ऐसा डॉक्‍यूमेंट होते है जिसके जारी होने के बाद आप विदेश में सफर करने के लिए वैलिड हो जाते है.

कहां यूज होता है पासपोर्ट

पासपोर्ट आपकी आइडेंटिटी और ऐड्रेस प्रूफ के तौर पर भी इस्‍तेमाल होता है.

इसके अलावा आप उन देशों में वीजा फ्री एंट्री पा सकते हैं जहां वीजा ऑन अरावइल होता है.

इसे आपकी आइडेंटिटी के लिए काफी वैलिड भी माना जाता है क्‍योंकि इसे समय-समय पर रि-ईश्‍यू कराना होता है.

3. पैन कार्ड

कौन जारी करता है- इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट

जारी करने का पर्पज- फाइनेंशियल ट्रांजेक्‍शन को ट्रैक करना

पर्मानेंट अकाउंट नंबर या पैन 10 डिजिट अल्‍फान्‍युमेरिक नंबर है.

इसे हर फाइनेंशियल ट्रांजेक्‍शन में यूज किया जाता है, इससे आपकी फाइनेंशियल ट्रांजेक्‍शन को ट्रैक हो जाती है.

कहां यूज होता है पैन कार्ड

किसी भी बैंकिंग लेन-देन या फाइनेंशियल ट्रांजेक्‍शन के लिए पैन जरूरी है. 

पैन नंबर नहीं होने पर बैंक आप पर 20 फीसदी का विथड्रॉल टैक्‍स लगा सकता है.

2 लाख से ज्‍यादा किसी भी वस्‍तु या सेवा की खरीददारी पर पैन जरूरी होता है.

यह आपकी आइडेंटिटी कार्ड के तौर पर भी यूज होता है. इसके अलावा हर डिजिटल ट्रांजेक्‍शन में इसका यूज होता है.

4. वोटर कार्ड

कौन जारी करता है- चुनाव आयोग

जारी करने का पर्पज- आप वोट डालने के लिए एलिजिबल बनाना

वोटर आईडी का मकसद चुनाव के दौरान वोट डालने के लिए एलिजिबल बनाना है.

कहां यूज होता है वोटर आईडी

विभिन्‍न सेवाओं की खरीदारी के समय यह आइडेंटिटी कार्ड के तौर पर इस्‍तेमाल होता है.

यह आपके रसिडेंट प्रूफ का काम करता है.

5. आधार कार्ड

कौन जारी करता है- युनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया

जारी करने का पर्पज- आइडेंटिटी का वेरीफिकेशन

आधार 12 डिजिट का एक नंबर होता है, जिसमें आपकी बायोमैट्रिक और पर्सनल डीटेल दर्ज होती है.

अगर यह आपके पास नहीं है तो आप किसी भी सरकारी सब्सिडी के हकदार नहीं होंगे.

कहां यूज होता है आधार कार्ड

म्‍युचुअल फंड से लेकर इंश्‍योरेंस लेने और बैंकों की ऑन लाइन तथा मैन्‍युअल केवाईसी के लिए

ऑनलाइन इनकम टैक्‍स रिटर्न दाखिल करने के लिए

पासपोर्ट बनवाने के लिए, आधार है तो सिर्फ 10 दिनों में आपका पासपोर्ट जारी हो सकता है.

इसके अलावा डिजिटल लॉकर से लेकर किसी भी ऑनलाइन सरकारी या फाइनेंशियल सर्विस के लिए.

ये हैं वनडे क्रिकेट के सबसे महंगे गेंदबाज

क्रिकेट के रोमांच से तो हर कोई वाकिफ है. क्रिकेट में आए दिन कुछ रिकॉर्ड बनते और टूटते रहता है. कभी-कभी कई ऐसे रिकॉर्ड बन जाते हैं जिन्हें जानकर आश्चर्य होता है.

क्रिकेट के इतिहास में ऐसा कई बार हो चुका है जब एक गेंदबाज ने एक ओवर में कई रन लुटाए हैं. आज हम आपको वन डे क्रिकेट के कुछ ऐसे ही नायाब गेंदबाजों के बारे में बताएंगे जिन्होंने अपने 10 ओवर के स्पेल में विपक्षी टीम को अपनी गेंदबाजी में खुब रन दिए.

मिक लेविस, ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिक लेविस ने मार्च 2006 जोहांसबर्ग में अपने 10 ओवर के स्पेल में 11.3 की औसत से 113 रन दिए थे. आपको बता दे कि ये क्रिकेट इतिहास का सबसे ज्यादा रन चेज करने वाला मैच है जिसमें ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर में 434 रन बनाए थे लेकिन जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने 438 रन बनाकर एक नया रिकॉर्ड कायम किया था. इस मैच में क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा रन बने थे.

ब्रायन विटोरी, जिम्बाब्वे

जिम्बाब्वे के लेफ्ट आर्म फास्ट बॉलर ब्रायन विटोरी एक अच्छे खिलाड़ी हैं. फरवरी 2012 में नेपियर में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए मैच में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने भी जमकर इनकी बॉलिंग को पिटा और इन्होंने अपने 09 ओवर में 11.66 की औसत से 105 रन दिए.

हसन अली, पाकिस्तान

हाल ही में 26 जनवरी 2017 को ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच खेले गए पांचवे और आखिरी वनडे मैच में बहुत ही अजीबोगरीब माहौल देखने को मिला. इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 369 रन बनाए थे जिसमें पाकिस्तानी गेदबाज हसन अली का खास योगदान रहा. दरअसल, हसन अली ने इस मैच में अपने नौ ओवर में ही 11.11 की औसत से 100 रन दिए,  जो कि वनडे क्रिकेट में इकॉनमी रेट के हिसाब से सबसे महंगी बॉलिंग रही.

विनय कुमार, भारत

क्रिकेट में कोई रिकॉर्ड बने और उसमें भारतीय खिलाड़ियों का नाम ना हो ऐसा हो सकता है क्या? नवंबर 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मैच में विनय कुमार ने अपने 9 ओवर में 102 रन दिए और इस दौरान इनका गेंदबाजी का औसत 11.33 का रहा.

दौलत जादरान, अफगानिस्तान

वैसे तो अफगानिस्तान के लिए 2016 काफी अच्छा रहा था और खिलाड़ियों ने अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान भी दिया. लेकिन मार्च 2015 में बल्लेबाजों की कब्रगाह माने जाने वाले पर्थ के मैदान पर भी इस गेंदबाज ने अपने 10 ओवर में 10.01 की औसत से 101 रन दिए.

भुवनेश्र्वर कुमार, भारत

टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्र्वर कुमार ने वनडे क्रिकेट में एशिया के सबसे महंगे गेंदबाज का अनचाहा रिकॉर्ड बनाया था. 25 अक्टूबर को मुंबई में खेले गए दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे मुकाबले के शुरुआत में उन्‍होंने शानदार गेंदबाजी की थी पर बाद में वह अपनी लाइन और लेंथ से भटक गए. उन्‍होंने 10 ओवर में 106 रन दे डाले. मैच के शुरुआती ओवर मे उन्‍होंने एक ओवर मेडन भी डाला था.

टिम साउदी, न्यूजीलैंड

न्यूजीलैंड के स्टार गेंदबाज टिम साउदी को कौन नहीं जानता. यह एक ऐसे गेंदबाज हैं जो अपने डेथ ओवर में बेहतरीन गेंदबाजी के लिए जाने जाते है. लेकिन मार्च 2009 में क्राइस्टचर्च में भारत के खिलाफ खेले गए मैच में भारतीय बल्लेबाजों इनकी गेंदबाजी में जमकर रन लिए. इन्होंने अपने 10 ओवर के स्पेल में 10.5 की औसत से 105 रन दिए

जेसन होल्डर, वेस्टइंडीज

वेस्टइंडीज के मिडियम फास्ट गेंदबाज जेसन होल्डर को तो आप सभी जानते होंगे. वैसे तो ये खिलाड़ी अपने बेहतरिन गेंदबाजी स्पेल के लिए जाने जाते हैं. लेकिन रन लुटाने के मामलें में भी इनका रिकॉर्ड बन चुका है. फरवरी 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलते हुए साउथ अफ्रीका के बल्लेबाजों ने जमकर इनकी बॉलिंग में रन बनाए. जेसन होल्डर ने अपने 10 ओवर में 10.40 की औसत से 104 रन दिए थे.

मार्टिन स्नेडन, न्यूजीलैंड

आज के क्रिकेट को देखते हुए पहले का क्रिकेट ज्यादा खतरनाक माना जाता था. जून 1983 लंदन में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मैच में मार्टिन स्नेडन ने अपने 12 ओवर में 105 रन दिए थे.

वहाब रियाज, पाकिस्तान

किसी समय में वहाब रियाज पाकिस्तान के सबसे खतरनाक और बेहतरीन गेदबाजों में से एक थे. लेकिन इन्हें भी बल्लेबाजों ने ठोकने में कोई कमी नही छोड़ी. दरअसल, अगस्त 2015 नॉटिंघम, जोहांसबर्ग में पाकिस्तान के तेज गेंदबाज वहाब रियाज इंग्लैंड के खिलाफ गेंदबाजी करते हुए 10 ओवर में 110 रन लुटा दिए और यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. 

ये हैं भारत के सर्वश्रेष्ठ पुरुष मॉडल

मॉडलिंग विशेष रूप से पुरुषों के लिए नहीं है ऐसे देश में जहां डिज़ाइनर फैशन ज्यादातर महिलाओं के पहनने के द्वारा परिभाषित किया जाता है, लेकिन कुछ पुरुष मॉडल ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने बॉलीवुड सपने और फैशन की कठोर वास्तविकताओं के बीच छिपकर खुद को नाम दिया है. यह इस उद्योग में जीवित रहने के लिए निडर समर्पण और दृढ़ता का काम है, जहां उत्कृष्टता की कोई परिभाषा नहीं है और हर कोने में प्रतिस्पर्धा होती है. 6 पुरुष मॉडल जो न सिर्फ अपने क्षेत्र में नेतृत्व करते हैं बल्कि सुपर-रोचक सफलता की कहानियां भी हैं.

नमित खन्ना

दिल्ली में जन्मे मॉडल नमित खन्ना ने ब्रिटेन में विपणन करने के लिए दिल्ली लौटने से पहले भारत की सबसे बड़ी विज्ञापन कंपनियों में से एक के साथ नौकरी लेने का अध्ययन किया. उन्हें डिजाइनर और पत्रिकाओं के साथ कई 'मैत्रीपूर्ण' मॉडलिंग असाइन किए गए. अंत में, उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और मॉडलिंग शुरू कर दिया. वह कई साल पहले मुंबई चले गए, जहां उन्होंने रियलिटी टीवी शो में अभिनय किया और फिर एक बॉलीवुड कॉमेडी फिल्म में अभिनय किया, लेकिन वो फिल्म अभी तक रिलीज नहीं हुई है. वह सभी प्रमुख डिजाइनरों जैसे कि सब्यासाची, रोहित बाल और मनीष मल्होत्रा ​​के लिए रैंप पर जाते हैं, और मारुति सुजुकी और गार्निअर जैसे टेलीविजन विज्ञापनों में अभिनय करते हैं.

रूहल्ला 'गाजी' क्वाजीम

गाजी कश्मीर के बडगाम जिले से हैं वह कश्मीर से बैंगलोर गए और उन्होंने एक अस्पताल में चिकित्सा सहायक के रूप में काम किया. बाद में, उन्हें छवि सलाहकार प्रसाद बिदप्पा ने खोजा, जिन्होंने सुझाव दिया कि वे मॉडलिंग में अपना हाथ आजमाएं. 2010 में, उन्होंने एक जूम टीवी प्रतियोगिता में भाग लिया और इसे इंटरनेशनल फेस ऑफ द ईयर के रूप में चुना गया. उनके हालिया रेमंड के मेड-टू-माजर अभियान ने उन्हें फैशन के नक्शे पर रखा है. वह भारत के सभी प्रमुख डिजाइनरों जैसे रैना एस, मनीष मल्होत्रा, के लिए रैंप चले गए हैं और उन्हें प्रतिष्ठित प्रकाशनों में शामिल किया गया है.

अमित रंजन

अपने अनूठे दिखने वाले, अमित भारत में सबसे प्रसिद्ध पुरुष मॉडल में से एक है. बैंकरों और शिक्षाविदों के एक परिवार से संबंध रखने वाले, अमित सेना में शामिल होना चाहता था लेकिन अंततः वे ग्लेड्रैग्स मॉडल हंट जीतने के बाद एक मॉडल बन गए. तब से, वह भारत के सभी डिजाइन टाइटन्स जैसे कि मनीष मल्होत्रा, रॉकी एस, सब्यसाची मुखर्जी, रोहित बाल, तरुण ताहिलियानी, राजेश प्रताप सिंह और कई अन्य लोगों के लिए रैंप पर जाते हैं. अग्रणी फैशन पत्रकार शेफाली वासुदेव ने उन्हें 'द पाउडर रूम' में अपनी 'यीशु मसीह' लुकेलिक के रूप में संदर्भित किया है.

मनु बोरा

पेशे से मूलतः एक डॉक्टर मनु ने ख्याति अर्जित की, जब उन्होंने पेरिस फैशन वीक पर रैंप पर हेलमिस और लुई वीटॉन जैसे अपना लेबल चलाया. मॉडलिंग एक शौक के रूप में शुरू हुआ लेकिन एक समय में मनु ने मॉडलिंग एजेंसी एलिट पेरिस के बाद उनकी प्रसिद्धि का प्रतिनिधित्व करना शुरू किया. मनु ने अपना समय नई दिल्ली, पेरिस और मिलान के बीच उड़ान में विभाजित किया.

फ्रेडी दरूवाला

फ्रेडी सूरत में एक रूढ़िवादी पारसी परिवार में पैदा हुए थे. उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में अपने मास्टर की पढ़ाई पुरी की थी, लेकिन उन्हें पता था कि उनका शौक मॉडलिंग था. उन्होंने निफ्ट में एक शो में भाग लिया, जिसने उन्हें श्री इंडिया वर्ल्ड पेजेंट में भाग लेने के लिए प्रेरणा दी. वह प्रथम रनर-अप थे तब से उनके कैरियर का ग्राफ आगे बढ़कर आगे बढ़ रहा है. रेमंड, रिलायंस और लिबर्टी जैसे प्रमुख लेबल के लिए फ्रेडी काम करते है., फ्रैडी भी प्रमुख भारतीय डिजाइनरों जैसे मनीष मल्होत्रा ​​उनका सबसे पहला विकल्प है. फ्रेडी की पहली फिल्म सोहम शाह की शेर थी लेकिन अभिनेता संजय दत्त की गिरफ्तारी के चलते आगे वह आगे नहीं बढ़ पाए. फ्रेडी ने अंततः फिल्म हॉलीडे में अपना ब्रेक पा लिया, एक सेना थ्रिलर के साथ अक्षय कुमार के नेतृत्व में उन्होंने अच्छा काम किया है.

आसिफ अजीम

क्या अच्छा मॉडल अच्छा बनाता है? क्या यह सिर्फ एक आदर्श जबड़ा रेखा और ग्रीक भगवान जैसी विशेषताएं हैं या क्या यह अधिक है? आसिफ मूल रूप से अम्जुपी से बसे हैं, बांग्लादेश को इस सबका आशीर्वाद है. फ्रेम की भावना को समझने की उनकी क्षमता ने उन्हें केल्विन क्लेन, एफसीयूके, टॉमी हिलफिगर, जरा, बॉस और प्यूमा जैसी दिग्गजों के लिए असाइनमेंट दिया है. वह सभी सुप्रसिद्ध भारतीय डिजाइनर जैसे कि सब्यसाची और मनीष मल्होत्रा ​​के लिए काम कर चुके हैं. आसिफ भी रियलिटी टी वी सीरीज बिग बॉस 7 का एक हिस्सा थे.

क्या आपकी सैलरी भी जल्दी खत्म हो जाती है?

महंगाई ज्यादा है और सैलरी कम. ऐसे में बचत और निवेश करें, तो कैसे करें. यहां दो जून की रोटी जुगाड़ने में सारा पैसा जा रहा है. हममें से ज्यादातर लोगों की सैलरी महीना पूरा होने से पहले ही खत्म हो जाती है.

फिर शुरू होता है वो दौर जब अगली सैलरी का बेसब्री से इंतजार किया जाता है. सैलरी, बचत और निवेश के कई ऐसे आंकड़े सामने आए हैं जिन्हें जानकर आप दंग रह जाएंगे.

रोजाना की जरूरत में खर्च होती सैलरी

आपको जानकर हैरानी होगी कि 10 में से 9 परिवार अपनी सारी कमाई रोजाना की जरूरत पूरा करने में खर्च कर देते हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि हमारे देश में 94% परिवार ऐसे हैं जो 70-100% सैलरी खर्च कर देते हैं. अब इसी से अंदाजा लगा लीजिए कि भारत के लोग बचत को लेकर कितने अलर्ट हैं.

भारतीयों को लोन का बोझ नापसंद

भले ही सबका सपना घर खरीदने का हो, लेकिन ज्यादातर लोग इसके लिए लोन लेने में सहज महसूस नहीं करते. शायद इसलिए क्योंकि हम भारतीयों की एक खासियत है कि हम किसी के बोझ तले दबे रहने में सुकून महसूस नहीं करते. यही कारण है कि 20 में से 17 परिवारों पर होम लोन का कोई बोझ नहीं है.

खाली जेब

देश के आधे परिवार की तनख्वाह महीने के अंत तक खत्म हो जाती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक 47 प्रतिशत परिवार ऐसे हैं जो अपनी इनकम का 1-29 फीसदी हिस्सा बचा लेते हैं. वहीं हैरानी वाली बात यह है कि सिर्फ 1.3 फीसदी परिवार ऐसे हैं जो हर महीने 50-100 फीसदी की बचत करते हैं.

ठन-ठन गोपाल

चौंकाने वाली बात है कि 10 में से 8 परिवार ऐसे हैं, जिनके पास निवेश के लिए कोई बचत नहीं होती. 84 फीसदी परिवार ऐसे हैं जो 1-29 फीसदी के बीच निवेश करते हैं. वहीं, 50 फीसदी से ज्यादा निवेश करने वालों की लिस्ट में एक फीसदी परिवार भी शामिल नहीं हैं.

बैंक में भागीदारी

करीब आधे भारतीय आज भी बचत के लिए पुराने फिक्स डिपॉजिट पर कायम हैं. वहीं, 5 में से 1 आदमी का पैसा टैक्स बचत वाले देशों के बैंकों में रखा है.

बचत के लिए अच्छी जगह

भारत में 56.2 फीसदी लोग बैक डिपॉजिट में निवेश करते हैं. वहीं, 9.5 फीसदी (रियल स्टेट), 6.3 फीसदी (बीमा,) 3.8 फीसदी (सोना) और 2.1 फीसदी दूसरी चीजों में. बता दें कि 20.7 फीसदी लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने इस बात का जवाब देने से ही इनकार कर दिया.

भविष्य की चिंता

हमारे देश में दो तिहाई लोग ऐसे हैं, जो नौकरी जाने के खौफ से बचत करते हैं. आपको जानकर हैरानी ऐसे लोगों की तादाद 70.6 फीसदी है.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें