Download App

सैक्सरिंग : प्यार के नाम पर फंस न जाना

युवाओं का पहला आकर्षण प्रेम ही होता है. शायद ही कोई ऐसा युवा होगा जो रोमांस के इस फेज में न फंसा हो. कोई अपना लव इंटरैस्ट अपनी क्लासमेट में ढूंढ़ता है तो कोई पासपड़ोस की ब्यूटीफुल युवती पर फिदा हो जाता है. युवावस्था के आकर्षण से जुड़े हारमोंस ही हमें किसी विपरीतलिंग की तरफ आकर्षित करते हैं. हालांकि हर बार यह प्यार सच्चा हो, इस की कोई गारंटी नहीं. प्यार के नाम पर कैमिकल लोचा भी हो सकता है, प्यार एकतरफा भी हो सकता है और कई बार लव को लस्ट यानी वासना की शक्ल में भी देखा जाता है. इन सब प्यार की अलगअलग कैटेगरीज से गुजरता हर युवा मैच्योर होतेहोते सीखता है कि लव के असल माने क्या हैं?

इस रोमांटिक फेज में उपरोक्त कैटेगरीज के अलावा एक और खतरनाक फेज होता है सैक्सरिंग का यानी प्यार के नाम पर जब कोई युवती किसी युवती को फंसा ले तो वह सैक्सरिंग में उलझ कर रह जाती है.

प्यार में सौदा नहीं

करन अरोड़ा को कम उम्र में ही पेरैंट्स ने महंगी बाइक दिला दी. महंगी और ऐडवांस्ड बाइक के टशन में वह रोज स्कूल से कोचिंग आता. वह प्रिया को कई बार घर से कोचिंग तक लिफ्ट दे चुका था. इस के पीछे कारण यह था कि अचानक कुछ दिनों से प्रिया करन की तारीफ उस के दोस्तों के बीच कुछ ज्यादा ही करने लगी थी. दोस्तों से अपनी तारीफ सुन कर करन को लगा कि वह प्रिया को प्रपोज कर देगा. एक दिन कोचिंग से बंक मार कर वह प्रिया को मौल ले गया और उसे प्रपोज कर दिया. प्रिया ने जितनी जल्दी हामी भरी उस की करन को उम्मीद तो नहीं थी, लेकिन प्रिया की हां से वह इतना उत्साहित हो गया कि दिमाग के बजाय दिल से सोचने लगा. उस दिन उस ने प्रिया की पसंद की ड्रैस, आर्चीज के गिफ्ट व फेवरिट रेस्तरां के खाने में हजारों रुपए खुशीखुशी खर्च कर डाले.

प्रिया के प्यार का यह नाटक उस दिन खुला जब करन के ही दोस्त यश ने उसे बताया कि प्रिया तो सौमिक की कार में घूम रही है और आजकल उस की गर्लफ्रैंड के तौर पर फेमस है. हैरानपरेशान करन ने जब प्रिया से फोन कर सफाई मांगी तो उस ने उलटे सौमिक से पिटवाने की धमकी दे डाली. लुटापिटा करन उस को पेरैंट्स से झूठ बोल कर कोर्स फीस के पैसों से स्मार्टफोन, ज्वैलरी व लैपटौप दिलवा चुका था. जाहिर है वह लव के नाम पर लूटा गया था. अचानक लड़की आप के करीब आ जाए तो उस पर लट्टू होने के बजाय जरा दिमाग लगा कर सोचिए कि इस नजदीकी की वजह प्यार है या आप की मोटी जेब, क्योंकि प्यार कोई सौदेबाजी नहीं होती. जो लड़की आप से प्यार करेगी वह बातबात पर महंगे गिफ्ट्स नहीं मांगेगी और न ही हर समय आप की जेब ढीली करेगी. अगर आप की गर्लफ्रैंड भी आप से ज्यादा आप के तोहफों पर ध्यान देती है तो समझ जाइए कि आप भी सैक्सरिंग में फंसने वाले हैं.

सिंगल होना शर्मिंदगी नहीं

सैक्सरिंग का सब से आसान शिकार युवतियां ज्यादातर उन युवकों को बनाती हैं जो सिंगल होते हैं. साइकोलौजिस्ट भी मानते हैं कि हमारे समाज व युवाओं का रवैया कुछ ऐसा है कि जो लड़के सिंगल होते हैं उन का मजाक बनाया जाता है, उन पर जल्द से जल्द गर्लफ्रैंड बनाने का दबाव डाला जाता है. मानो किसी युवक की गर्लफ्रैंड नहीं है तो उस में कोई न कोई कमी होगी.

इस मनोवैज्ञानिक दबाव के तले दब कर युवक अपनी सोचसमझ खो कर एक अदद युवती की तलाश में जुट जाता है जो जल्दी से जल्दी उस की गर्लफ्रैंड बनने को तैयार हो. भले इस के लिए उसे कोई भी कीमत चुकानी पड़े. इसी जल्दबाजी व मनोवैज्ञानिक दबाव का फायदा चालाक व शातिर युवतियां उठाती हैं और सिंगल युवकों को झूठे प्यार के सैक्सरिंग में फांस कर उन की जेबें ढीली करती हैं. कई मामलों में तो उन की पढ़ाईलिखाई व कैरियर तक बरबाद कर डालती हैं. युवाओं को यह समझने की जरूरत है कि सिंगल होना कोई  शर्मिंदगी की बात नहीं है. जब तक कोई ईमानदार या सच्चा प्यार करने वाली युवती न मिले, सिंगल रहना बेहतर है. पढ़ाई, कैरियर, शौक व दोस्तों को समय दे कर सैक्सरिंग से बचने में ही समझदारी दिखाने वाले युवा कुछ बन पाते हैं.

इमोशनल अत्याचार के साइड इफैक्ट्स

अकसर युवतियों से धोखा खाए या यों कहें कि सैक्सरिंग के शिकार युवक भावनात्मक तौर पर टूट जाते हैं और प्रतिक्रियास्वरूप कुछ ऐसा कर बैठते हैं जो उन के भविष्य को खतरे में डाल देता है. जनवरी 2017, दिल्ली के कृष्णा नगर इलाके के रोहन को जब एक युवती ने झूठे प्यार के जाल में फंसा कर चूना लगाया तो उस ने उस से बदला लेने की ठान ली व एक दिन स्कूल से लौटते समय युवती के चेहरे पर ब्लैड मार दिया. घायल युवती के परिजनों ने रोहन के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर दी. इस तरह मामला उलटा पड़ गया. युवती का तो कुछ नहीं बिगड़ा, रोहन को जरूर हवालात की हवा खानी पड़ी.

अकसर सैक्सरिंग के शिकार युवा इमोशनली इतने डिस्टर्ब हो जाते हैं कि धोखा खाए प्रेमी की तरह उस युवती से बदला लेने की ठान लेते हैं. आएदिन हम प्रेम में ठुकराए प्रेमियों की आपराधिक कृत्यों की खबरें पढ़ते रहते हैं. कोई तेजाब से हमला करता है तो कोई युवती का अपहरण तक कर डालता है. कोई सैक्स संबंधों की  पुरानी तसवीरों, सैक्स क्लिप्स या प्रेमपत्रों के नाम पर लड़की को सबक सिखाना चाहता है.

प्यार से अपराध की ओर न जाएं

याद रखिए ये तमाम हिंसात्मक व अनैतिक रास्ते अपराध की उन गलियों की ओर ले जाते हैं, जहां से युवाओं के लिए वापस आना नामुमकिन सा हो सकता है. एक तो पहले ही युवती ने फंसा कर आप का धन व समय बरबाद कर दिया. उस पर उस से बदला लेने के लिए अतिरिक्त समय, धन व भविष्य दांव पर लगाना कहां की समझदारी है?बेहतर यही है कि उस बात को भूल कर आप अपने कैरियर पर ध्यान दें. एक न एक दिन आप को सच्चा प्यार जरूर मिलेगा. इस धोखेभरी लवस्टोरी से इतना जरूर सीखिए कि अगली बार जब कोई युवती आप की भावनाओं से खिलवाड़ कर आप पर सैक्सरिंग का वार करे तो उस के झांसे में न आएं.

सैक्सरिंग के लक्षण

कोई युवती आप से सचमुच प्यार करती है या फंसा रही है, उसे समझने के लिए सैक्सरिंग के कुछ लक्षण समझना जरूरी है. निम्न पौइंट्स से समझिए कि कौन सी युवती स्वाभाविक तौर पर सैक्सरिंग के जाल में आप को फंसाना चाहती है :

–       जब बातबात पर शौपिंग, पार्टी या महंगे गिफ्ट्स की डिमांड करे.

–       जब खुद से जुड़ी जानकारियां छिपाए व आप की हर बात जानना चाहे.

–       आप के दोस्तों या परिवार से मिलने से कतराए.

–       अपने फैमिली या फ्रैंड सर्किल से मिलवाते वक्त आप की पौकेट खाली करवाए.

–       बातबात पर आप की तारीफ करे और आप की हर बात पर सहमति जताए.

–       हर जरूरत पर आर्थिक मदद की डिमांड करे.

–       झगड़े की वजहों में पैसों का ताना मारे.

–       आप के अमीर व संपन्न दोस्तों से करीबी बढ़ाए.

–       आप की आर्थिक मदद करने से कतराए या बहाने बनाए.

–       प्यार के नाम पर भावनात्मक सहारे के बजाय सिर्फ फिजिकल रिलेशन को तरजीह दे.

अगर इन तमाम पौइंट्स पर आप की गर्लफ्रैंड खरी उतर रही हो तो सावधान हो जाइए. आप पर सैक्सरिंग फेंका जा चुका है. सही मौका पाते ही सैक्सरिंग का छल्ला गले से निकाल फेंकिए और ब्रेकअप सौंग पर जम कर अपनी फेक लवर से आजादी का जश्न मनाइए.

जब चुनें समर इनरवियर्स

गरमी के मौसम में शरीर से टपकता पसीना परेशानी का सबब बन जाता है. यदि महिलाओं की बात की जाए तो उन्हें इस परेशानी से अधिक जूझना पड़ता है. इस की बड़ी वजह उन के इनरवियर्स होते हैं. जहां बौडी सपोर्ट के लिए इनरवियर्स जरूरी होते हैं वहीं फैशन के लिहाज से भी महिलाओं का अंडरगार्मैंट्स पहनना जरूरी होता है.

मगर गरमियों के मौसम में इनरवियर का कसाव त्वचा संबंधी रोग जैसे घमौरियां, रैशेज आदि उत्पन्न कर देता है. इन से बचने के लिए जरूरी है कि इस मौसम के लिए सही इनरवियर का चुनाव किया जाए. आइए, जानते हैं इस मौसम के लिए महिलाएं किस तरह के इनरवियर का चुनाव करें:

सही फैब्रिक का चुनाव: गरमी के मौसम में अंडरगार्मैंट्स के लिए सही फैब्रिक का चुनाव बेहद जरूरी है. कई महिलाएं जो इनरवियर सर्दियों में पहनती हैं वही गरमी के मौसम में भी पहनती हैं, जबकि दोनों मौसम में अलगअलग फैब्रिक के इनरवियर पहनने चाहिए. यदि सर्दी के मौसम में पहने जाने वाले नायलोन या सिंथैटिक फैब्रिक के इनरवियर्स को गरमी के मौसम में पहना जाए तो शरीर से अधिक पसीना निकलता है, जिस से घमौरियां होने का डर रहता है. इस मौसम में कौटन, लाइक्रा या नैट के अंडरगार्मैंट्स पहनने से त्वचा को भरपूर औक्सीजन मिलती रहती है.

पैडेड इनरवियर पहनने से बचें: आजकल महिलाओं में पैडेड इनरवियर का क्रेज बखूबी देखा जा सकता है, मगर यह गरमी के मौसम के लिहाज से त्वचा की सेहत के लिए बिलकुल सही नहीं होते. यदि पैडेड अंडरगार्मैंट पहनना भी पड़े, तो केवल कौटन से बना ही पहने.

न पहनें लेयर्ड अंडरगार्मैंट्स: कई बार महिलाएं जरूरत न होने पर भी एक के ऊपर दूसरा इनरवियर पहन लेती हैं. उदाहरण के तौर पर कई महिलाएं ब्रा के ऊपर स्पैगेटी पहन लेती हैं तो वहीं कुछ महिलाएं पैंटी के ऊपर शेपवियर पहन लेती हैं, जिस की वास्तव में जरूरत नहीं होती है. इस के 2 नुकसान हैं. पहला यह कि लेयर्ड अंडरगार्मैंट्स गरम मौसम में शरीर को और भी गरम करते हैं और दूसरा कि इन के कसाव से एक अजीब सी उलझन बनी रहती है.

स्ट्रैपी एवं सीमलैस पैटर्न: आजकल कई ब्रैंड स्ट्रैपी और सीमलैस अंडरगार्मैंट्स डिजाइन कर रहे हैं. इस तरह के इनरवियर्स गरमी के मौसम के लिए बहुत उपयुक्त होते हैं. इन की आरामदायक फिटिंग बौडी को सही शेप देती है और इन की स्ट्रैपी डिजाइन हवा को आसानी से त्वचा तक पहुंचने देती है.

ब्रा चुनते वक्त इन बातों का रखें ध्यान

– इस मौसम में बिना अंडरवायर वाली ब्रा ही पहनें. टीशर्ट ब्रा इस मौसम के लिए सब से अच्छी साबित हो सकती है. यह सही फिटिंग के साथसाथ आरामदायक भी होती है. इसे किसी भी टौप के साथ पहना जा सकता है.

– गरमी के मौसम में डीप बैक कट ड्रैस के साथ बैकलैस ब्रा पहनी जा सकती है. महिलाओं को मिथ होता है कि बैकलैस ब्रा केवल एक बार ही पहनी जा सकती है, मगर ऐसा नहीं है. एक बैकलैस ब्रा को लगभग 50 बार इस्तेमाल में लाया जा सकता है.

– छोटी ब्रैस्ट वाली महिलाएं पुशअप ब्रा पहन सकती हैं. इस ब्रा की खासीयत यह होती है कि जब जरूरत हो तो पैड्स लगाए जा सकते हैं और जरूरत न होने पर निकाले भी जा सकते हैं.                 

टांगें फैला कर बैठते युवक और सिकोड़ कर बैठती युवतियां

राजधानी दिल्ली के कामकाजी लोगों की लाइफलाइन बन चुकी मैट्रो में आप को एक बात देखने को मिलेगी, वह है युवक और युवतियों के बैठने के तरीके में अंतर. जहां युवक आराम से टांगें फैला कर सीट पर बैठते हैं, वहीं युवतियां टांगें सिकोड़ कर बैठती हैं. इस से एक सीट पर अगर 3 या 4 युवक बैठे हों तो एक यात्री की सीट अपनेआप कम हो जाती है. युवकों और युवतियों के मैट्रो या अन्य सार्वजनिक वाहनों में सीटों पर बैठने के तरीके में अंतर का अध्ययन करने वाले इस शोध पर युवकों की ओर से यह तर्क दिया जाता है कि युवकों की कमर से नीचे की शारीरिक बनावट ऐसी होती है कि उन्हें टांगें सिकोड़ कर बैठने में परेशानी होती है, जिस कारण वे टांगें फैला कर बैठते हैं.

दूसरी ओर स्त्रीवादी विमर्शक इस तर्क को खारिज करते हुए कहते हैं कि अगर शारीरिक बनावट के आधार पर बैठने या चलने के तर्क को माना जाए तो युवतियों को अपनी कमर से ऊपर की शारीरिक बनावट के चलते हाथों को फैला कर चलना चाहिए, लेकिन वे ऐसा नहीं करतीं. वे अपने हाथों को पुरुषों के मुकाबले सिकोड़ कर ही चलती हैं. इस व्यवहार की वजह समाज में युवकों का वर्चस्व है, जिस कारण वे मैट्रो या अन्य सार्वजनिक वाहनों में आराम फरमा कर बैठते हैं. इतना ही नहीं वे स्थितियों से सामंजस्य बैठा कर खुद को उन के अनुरूप ढालने के बजाय उन्हें अपने अनुकूल बना लेते हैं. महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें व कोच 1 मार्च, 2013 से दिल्ली सरकार ने डीटीसी की बसों में एकचौथाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी हैं. ऐसा दिल्ली में महिलाओं के सफर को सुरक्षित व आरामदेह बनाने के लिए किया गया.

मैट्रो में भी एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होता है, लेकिन इस के बावजूद युवक महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर न केवल बैठते हैं बल्कि सीट खाली भी नहीं करते हैं. 2 अक्तूबर, 2010 को डीएमआरसी ने महिलाओं के लिए मैट्रो में एक कोच आरक्षित किया था. इस के अलावा मैट्रो के हर कोच में महिलाओं के लिए 4 आरक्षित सीटें भी होती हैं. इसे 3 अक्तूबर, 2010 से दिल्ली में कौमनवैल्थ गेम्स शुरू होने से एक दिन पहले प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया था. इस के लिए तर्क यह दिया गया था कि मैट्रो में महिला यात्रियों की संख्या कुल यात्रियों की संख्या के मुकाबले एकचौथाई होती है. इसी को ध्यान में रख कर डीटीसी ने भी बसों में महिलाओं के लिए एकचौथाई सीटें आरक्षित कीं. आज मैट्रो के कोच 4 से बढ़ कर 6 व 8 हो चुके हैं और इन्हें 10 करने पर भी विचार किया जा रहा है, लेकिन अब भी मैट्रो में महिलाओं के लिए सिर्फ एक ही डब्बा आरक्षित है, जबकि यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ महिला यात्रियों की संख्या भी बढ़ी है.

पार्ट टाइम जॉब से करें इनकम में बढ़ोत्तरी

बढ़ती महंगाई के इस दौर में रेगुलर जॉब से घर का खर्च पूरा करना आसान नहीं है. आने वाले महीनों में बच्‍चों के एडमिशन, इन्श्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम, मकान का मेंटेनेंस जैसे बड़े खर्चों का बोझ भी पड़ने वाला है. अगर आप भी ऐसी ही स्थिति से जूझ रहे हैं तो इनकम बढ़ाने के लिए आपके लिए सबसे बेहतर होगा पार्ट टाइम जॉब करना. ऐसे पांच पार्ट टाइम जॉब जिन्हें करके आप रोज चंद घंटों में मोटी कमाई कर सकते हैं.

1. ऑनलाइन सेलर

ई-कॉमर्स का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. देश में फ्लिपकार्ट, अमेजन, स्‍नैपडील जैसी कंपनियों का बिजनेस कुछ ही साल में कई गुना बढ़ गया है. इन कंपनियों के साथ पार्ट टाइम जुड़कर आप पैसा कमा सकते हैं. ये कंपनियां फ्री में सेलर बनाती हैं. सेलर के तौर पर आप जुड़कर अपने घर बैठे पैसा कमा सकते हैं. इसके लिए आपको इनकी वेबसाइट पर खुद को रजिस्‍टर करना होगा. फिर आप जिस प्रोडक्ट को इनके प्लेटफॉर्म पर बेचना चाहते हैं उसको लिस्ट करना होगा. अगर आपके प्रोडक्ट की कीमत मार्केट से कम और क्वालिटी बेहतर है तो ऑर्डर खूब मिलेंगे.

कितनी होगी कमाई

-आप रोज 2 से 3 घंटे देकर यहां से 15 से 30 हजार रुपए कमा सकते हैं.

एक बार चेन बन जाने पर आपको ज्‍यादा मशक्कत भी नहीं करनी होगी.

इसमें टाइम का भी कोई बाउंडेशन नहीं होगा. ज्यादा समय दें तो कमाई बढ़ भी सकती है.

2. योग या म्यूजिक टीचर

आज की भागमभाग भरी लाइफ में हर कोई शरीर को रिलैक्स देना चाहता है. ऐसे में योग, पर्सनल ट्रेनर और म्यूजिक टीचर की मांग तेजी से बढ़ी है. आप योग सिखाने के काम को पार्ट टाइम जॉब के तौर पर कर सकते हैं. आप इसके लिए पास के किसी पार्क से शुरुआत कर सकते हैं और कुछ लोगों को सुबह के समय योग की क्‍लास दे सकते हैं. वहीं अगर आपको म्यूजिक से लगाव है तो आप बच्‍चों से लेकर युवाओं तक को म्यूजिक की ट्रेनिंग दे सकते हैं.

कितनी होगी कमाई

अगर आप रोज सुबह ऑफिस जाने से पहले 1 से 2 घंटे योग या म्यूजिक सिखाने में देते हैं तो आप 15 से 20 हजार रुपए प्रत्येक महीने बड़े आराम से कमा सकते हैं.

3. होम ट्यूशन

बड़े से छोटे शहरों में अच्‍छे होम ट्यूशन की मांग तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में पार्ट टाइम जॉब के रूप में यह एक बेस्ट ऑप्शन बनकर उभरा है. आप अपने घर में रोज 3 से 4 घंटे देकर अच्‍छी अर्निंग कर सकते हैं. हालांकि, इसके लिए यह जरूरी है कि आपका पढ़ाने में इंटरेस्ट हो और कुछ सब्जेक्ट जैसे इंग्लिश, मैथ्स, साइंस आदि पर अच्छी पकड़ हो.

होम ट्यूशन देने के लिए आपको कुछ नहीं करना है. अपने आस-पास के एरिया में पम्पलेट से प्रचार-प्रसार करना होगा. इससे आपके आस-पास रहने वाले लोग यह जान जाएंगे कि आप होम ट्यूशन देते हैं. अगर आप बच्‍चों को अच्छा पढ़ाते हैं तो कुछ समय में माउथ पब्लिसिटी भी होने लगेगी.

कितनी होगी कमाई

रोज 3-4 घंटे पढ़ाकर भी आप 10 से 15 हजार रुपए हर महीने कमा सकते हैं.

आप हफ्ते में 5 दिन होम ट्यूशन करके अच्छी खासी रकम कमा सकते हैं.

4. अंग्रेजी-हिंदी ट्रांसलेटर

अगर आपकी हिंदी या अंग्रेजी में से किसी एक भाषा पर अच्छी पकड़ है तो आप घर बैठे ट्रांसलेटर के तौर पर पार्ट टाइम जॉब कर सकते हैं. अंग्रेजी से हिंदी या हिंदी से अंग्रेजी ट्रांसलेटर्स की मांग तेजी से बढ़ी है. इसमें आपको प्रत्येक शब्‍द के अनुसार पैसे मिलते हैं.

ट्रांसलेशन वर्क के लिए आप पीआर कंपनियों, विज्ञापन एजेंसियों, बुक पब्लिशिंग कंपनी, सरकारी विभागों से ले सकते हैं. इन दिनों हॉलीवुड की फिल्मों की हिंदी में डबिंग बढ़ी है. ट्रांसलेशन वर्क के लिए इस काम से जुड़े प्रोडक्शन हाउस से संपर्क कर सकते हैं.

कितनी होगी कमाई

अगर आप अंग्रेजी से हिंदी करते हैं तो औसतन 1 रुपए प्रति शब्द के हिसाब से पैसे मिलते हैं.

काम की क्वालिटी के हिसाब से इसके लिए 5 रुपए प्रति शब्द तक मिल सकते हैं.

ऐसे में आप घर से रोज दो घंटे काम करके लगभग 1 हजार से 5 हजार रुपए प्रति दिन कमा सकते हैं.

अगर महीने के 20 दिन भी आप काम करते हैं तो करीब 20 हजार से 1 लाख रुपए तक कमा कर सकते हैं.

5. चाइल्ड केयर सेंटर

महिलाओं के लिए पार्ट टाइम जॉब के रूम में चाइल्ड केयर एक बेहतर ऑप्शन है. अगर, आपको बच्‍चों से प्‍यार है तो चाइल्ड केयर सेंटर खोल कर अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं. आज के समय में ज्‍यादातर पैरेंट्स वर्किंग हैं. ऐसे में बच्‍चों को स्‍कूल से छूटने के बाद चाइल्ड केयर सेंटर में रखना उनकी मजबूरी है.

इतनी होती है कमाई

चाइल्ड केयर सेंटर में कुछ घंटे बच्चे रखने की फीस 1 से 2 हजार रुपए के बीच होती है.

अगर, आप अपने आस-पास के 10 बच्‍चों को यह सर्विस देते हैं तो महीने में 10 से 15 हजार रुपए आसानी से कमा सकते हैं.

जब बल्लेबाज ने गेंदबाज के हाथों में दे दिया जूता

यह तो सर्वविदित है कि क्रिकेट रोमांच का खेल है. क्रिकेट में अकसर ही रोमांचक नजारे और प्रर्दशन देखने को मिलता है. और जब बात आईपीएल की हो तो क्या कहना. आईपीएल के दसवें सीजन में एक बेहद ही रोमांचक नजारा देखने को मिला. जानें पूरी कहानी.

आईपीएल 2017 की टीम सनराइजर्स हैदराबाद ने गुजरात लायंस को आसानी से हराकर IPL 2017 में अपना लगातार दूसरा मैच जीत लिया है. इस मैच में वॉर्नर ने बहुत अच्छी खेल भावना का परिचय दिया.

यह मैच का दसवां ओवर था. मोजिज हेनरीकेस बल्लेबाजी कर रहे थे. उन्होंने बासिल थंपी की गेंद पर डाउन द ग्राउंड शॉट खेला. थंपी ने गेंद को रोकने की कोशिश की लेकिन इस प्रयास में उनका जूता पैर से निकल गया.

वॉर्नर ने यह नजारा देखा और जब वह रन पूरे करने के लिए दौड़ रहे थे तब उन्होंने पहले थंबी को उनका जूता थमाया और उसके बाद रन पूरा किया.

राजीव गांधी स्टे़डियम में खेले गए इस मुकाबले में मेजबान सनराइजर्स हैदराबाद ने गुजरात लायंस को एकतरफा मुकाबले में 9 विकेट से हरा दिया. हैदराबाद ने टॉस जीतकर गुजरात को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया. गुजरात की टीम ने केवल 136 रनों का लक्ष्य दिया जिसे सनराइजर्स ने 27 गेंद बाकी रहते हासिल कर लिया.

सेक्स के दौरान मेरे पति बहुत जल्दी जोश में आ जाते हैं, जबकि मैं काफी देर बाद जोश में होती हूं. कोई उपाय बताएं.

सवाल

मैं 22 साल की हूं और मेरे पति 25 साल के हैं. शादी के 10 महीने हो चुके हैं. हमबिस्तरी के दौरान मेरे पति बहुत जल्दी जोश में आ जाते हैं, जबकि मैं काफी देर बाद जोश में होती हूं. कोई उपाय बताएं, ताकि मैं भी जल्दी जोश में आ सकूं?

जवाब

तजरबा न होने के चलते आप लोगों के साथ ऐसा हो रहा है. अपने पति से कहें कि हमबिस्तर होने के दौरान पहले वे काफी देर तक आप के अंगों को  चूमें व सहलाएं. इस से आप पूरी तरह तैयार हो जाएंगी.

 

अगर आप भी इस समस्या पर अपने सुझाव देना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट करें और अपनी राय हमारे पाठकों तक पहुंचाएं.

अभिनेत्री आयशा टाकिया के जन्मदिन पर खास…

सलमान खान के साथ फिल्म 'वॉन्टेड' में नजर आने वालीं आयशा टाकिया, आज 10 अप्रैल को अपना 31वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं. आयशा बॉलीवुड की उन एक्ट्रेसेस की लिस्ट में शामिल हैं, जिनका विवादों से कभी कोई नाता नहीं रहा है. हालांकि आयशा अपने लुक्स और एक्सपेरीमेंट्स को लेकर काफी लाइमलाइट में बनी रही हैं.

हाल ही में आयशा तब सुर्खियों में आईं, जब वे लिप सर्जरी कराकर सामने आईं थी. सर्जरी के बाद उनका चेहरा काफी बदला नजर आया था और इसके लिए फैन्स ने आयशा को काफी ट्रोल भी किया था, क्योंकि लिप सर्जरी के बाद सामने आईं फोटोज में उनका चेहरा वाकई काफी बिगड़ा सा नजर आता था.

आइये जानते हैं आयशा टाकिया के जीवन से जुड़ी कुछ और बातें…

1. आयशा टाकिया उन बॉलीवुड अभिनेत्रियों में से हैं, जिन्होंने सिलिकॉन इम्प्लांट कर अपने ब्रेस्ट साइज को भी बढ़वाया है, इसका मतलब आयशा टाकिया ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट भी करा चुकी हैं. जब आयशा ने डेब्यू किया था, तब की फोटो और अभी की फोटो देखकर ये साफ पता चलता है कि सर्जरी के जरिए उनके ब्रेस्ट साइज बढ़ाया है.

हालांकि, ना तो उन्होंने कभी लिप सर्जरी की बात स्वीकार की है और ना ही ब्रेस्ट ट्रांसप्लांट की ही बात मानी है.

2. आयशा टाकिया का जन्म 10 अप्रैल 1986 को चेंबूर, मुंबई में हुआ था. आयशा के पिता गुजराती और मां एंग्लो मुस्लिम हैं. आयशा ने अपनी स्कूलिंग चेंबूर में ही पूरी की है.

3. ये बात तो सभी जानते हैं कि आयशा टाकिया के बॉलीवुड करियर की शुरुआत काफी सफल रही थी, लेकिन वे इस सफलता का पूरा फायदा नहीं उठा पाईं. ना ही उन्हें बहुत ज्यादा सफल फिल्में मिलीं और ना ही उन्होंने इसके लिए कोई खास मेहनत की.

4. आयशा टाकिया ने अपना करियर कॉम्प्लान के विज्ञापन में काम करके शुरू किया था और तब वे काफी छोटी थीं. इस विज्ञापन के बाद उन्हें कॉम्प्लान गर्ल कहा जाने लगा. इस विज्ञापन में उनके साथ शाहिद कपूर भी नजर आए थे.

5. महज 15 साल की उम्र में आयशा सिंगर फाल्गुनी पाठक की एलबम में नजर आई थीं. म्यूजिक वीडियो ‘मेरी चुनर उड़ उड़ जाये…’ से उन्हें नई पहचान मिली.

6. इसके कुछ सालों बाद ही डीजे अकील के एलबम में काम करने के साथ ही, उन्हें बॉलीवुड में ब्रेक मिल गया था.

7. आयशा ने अभय देओल स्टारर फिल्म 'सोचा ना था' पहले साइन की थी, लेकिन फिल्म ‘टार्जन- द वंडर कार’ पहले रिलीज हो गई और इसलिए ये फिल्म उनकी डेब्यब फिल्म है. अत: साल 2004 में आई फिल्म ‘टार्जन द वंडर कार’ से आयशा ने बॉलीवुड में कदम रखा था.

8. आयशा की डेब्यू फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट डेव्यू अवॉर्ड भी मिला था.

9. इसी साल आई फिल्म 'दिल मांगे मोर' में आयशा को मोस्ट प्रोमिसिंग न्यूकमर के अवॉर्ड से भी नवाजा गया.

10. बाद में आईं उनकी कुछ फिल्में 'सोचा ना था', 'शादी नंबर-1', 'होम डिलीवरी' ज्यादा सफल नहीं हुईं.

11. फिल्म ‘डोर’ में आयशा ने गंभीर भूमिका निभाई थी. इस फिल्म के लिए उन्हें जी सिने बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला था.

12. साल 2009 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘वांटेड’ में सलमान के साथ काम करके आयशा ने काफी तारीफें बटोरी थीं. फिल्म ‘वांटेड’ आयशा की शादी के बाद ही बनी थी.

13. फिल्मों में अपनी पहचान बनाने के बाद आयशा ने व्‍यवसायी फरहान आजमी से निकाह किया. आयशा  के पति फरहान आजमी, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबु आजमी के बेटे हैं.

14. मार्च 2009 में शादी के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री काफी हद तक से दूरी बना ली थी, हालांकि 2010 में वे फिल्म ‘पाठशाला’ और 2011 में ‘मोड़’ में नजर आईं.

15. क्या आप यजानते हैं कि उनका एक बेटा भी है. आयशा टाकिया आजमी ने 6 दिसंबर 2013 को बेटे मिकाइल को जन्म दिया है.

16. खबरों पर विश्वास करें तो शादी से पहले आयशा का नाम एक्टर अश्मित पटेल से भी जुड़ चुका है.

17. आयशा ने टॉलीवुड की फि़ल्म 'सुपर' के लिए भी फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड जीता है.

18. एक समय पर आयशा छोटे पर्दे पर एक टीवी रियलिटी शो ‘सुरक्षेत्र’ में होस्टिंग करती भी नजर आई थीं.

19. फिल्म 'डोर' से सफल अभिनेत्री के रूप में पहचान बनाने के बावजूद आयशा को बहुत कम फिल्में मिलीं. ऐसा इसलिए क्योंकि वे फिल्म में इंटीमेट सीन्स देने के सख्त खिलाफ थीं. कहते हैं कि आयशा फिल्मों में सिर्फ मीनिंगफुल कैरेक्टर ही करना चाहती हैं. बिना मतलब के ग्लैमरस किरदार करना उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं है.

20. आयशा टाकिया ने खुशी-खुशी अपना अभिनय करियर छोड़ दिया था. फिलहाल वे अपने पति के साथ उनके बिजनेस में हाथ बंटा रही हैं. गोवा में बुटीक होटल डिजाइनिंग का काम आयशा ही संभाल रही हैं. उनका परिवार गोवा, मुंबई में कई नए प्रोजेक्ट्स पर काम करता है.

21. अभी बीच में ऐसी अफवाह भी आई थी कि आयशा और उनके पति फरहान आजमी के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है और दोनों जल्द ही तलाक लेने वाले हैं. हम आपको बता देना चाहते हैं कि आयशा मीडिया में आ रही इन खबरों से काफी भड़क गई थीं. उन्होंने सफाई देते हुए कहा था, "मेरी जिंदगी में सब कुछ अच्छा चल रहा है. प्लीज ऐसी खबरें ना उड़ाएं."

क्रिकेट का ये कारनामा जान हैरान रह जाएंगे आप

क्रिकेट के मैदान पर किसी भी गेंदबाज का सपना होता है अपने क्रिकेट करियर में कम से कम एक बार हैट्रिक विकेट लेना. लेकिन क्रिकेट में यह कारनामा करना बेहद मुश्किल है.

जहां मैच में एक हैट्रिक विकेट लेना मुश्किल होता है वहीं क्रिकेट इतिहास में एक बार ऐसा हुआ है जब कोई गेंदबाज एक ही टेस्ट मैच में 2 बार हैट्रिक विकेट लेने में सफल रहा है. यह गेंजबाज और कोई नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व लेग स्पिनर जिमी मैथ्यूज हैं.

ऑस्ट्रेलिया के इस स्पिन गेंदबाज ने यह अद्भूत कारनामा साल 1912 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में कर दिखाया था. 28 मई 1912 को इंग्लैंड के मैनचेस्टर में खेले गए तीन दिवसीय टेस्ट मैच में जिमी ने दोनों पारियों में अपनी गेंदबाजी से हैट्रिक लेकर कमाल कर दिया था.

इस ऐतिहासिक मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. वारेन बर्ड्सले ने 121 रन, चार्ल्स केलवे के 114 और गेंदबाज जिमी मैथ्यूज के नॉट आउट 149 रन के बदौलत ऑस्ट्रेलिया की टीम ने पहली पारी में 448 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. जिसके जबाव में साउथ अफ्रीका की टीम केवल 265 रन पर आउट हो गई.

ऑस्ट्रेलिया के तरफ से गेंदबाजी में बिल विहटी ने 5 विकेट चटकाए तो वहीं लेग स्पिनर जिमी मैथ्यूज ने 3 विकेट चटकाए. जिमी मैथ्यूज ने अपनी 12वें ओवर की अंतिम 3 गेंदों पर रॉलेंड ब्यूमांट, सिड पेगलर और टॉमी वॉर्ड के विकेट चटकाकर लगातार 3 गेंद पर 3 विकेट लेकर हैट्रिक विकेट लिया.

साउथ अफ्रीका की टीम को फॉलोऑन मिला जिसके कारण अफ्रीकी टीम एक बार फिर से बल्लेबाजी करने उतरी. लेकिन एक बार फिर से ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने कमाल करते हुए साउथ अफ्रीका के दूसरी पारी को केवल 95 रन पर सिमेट दिया.

दूसरी पारी में एक बार फिर से मैथ्यूज ने कहर बरपाया और दूसरी बार फिर से हैट्रिक विकेट लेकर चमत्कार कर दिया. इस बार मैथ्यूज ने हर्बी टेलर, रैगी स्क्कार्ज और टॉमी वॉर्ड को लगातार गेंद पर पवेलियन की राह दिखाई.

जिमी मैथ्यूज की करिश्माई गेंदबाजी के सहारे ऑस्ट्रेलिया ने यह एतिहासिक मैच एक पारी और 88 रन से जीत लिया. मैथ्यूज की हैट्रिक गेंदबाजी में दोनों बार तीसरे शिकार के रूप में साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज टॉमी वॉर्ड रहे. क्रिकेट में ऐसा पहली बार हुआ था जब किसी गेंदबाज ने ऐसा करतब दिखाया हो.

जिमी मैथ्यूज की हैट्रिक में सबसे कमाल की बात ये थी कि जिन 6 विकेट को मैथ्यूज ने अपना शिकार बनाया था उसमें किसी फिल्डर का कोई भी योगदान नहीं था. जिमी ने या तो बोल्ड आउट किया था या फिर एलबीडब्लू आउट कर इस हैरतअंगेज कारनामें को अंजाम दिया था.

फैंटमः डूबता जहाज छोड़ भागने लगे चूहे

एक बहुत पुरानी कहावत है कि जब पानी का जहाज डूबने लगता है, तो उस जहाज से सबसे पहले चूहे भागते हैं. ऐसा ही कुछ इन दिनों बॉलीवुड में ‘‘फैंटम फिल्मस’’ के साथ हो रहा है. सूत्रों के अनुसार इस कंपनी के चार भागीदारों में से एक मधु मैंटोना ने खुद को इस कंपनी से अलग कर अकेले ही आगे बढ़ने का निर्णय ले लिया है. यानी कि पिछले दो वर्षों से लगातार कई असफल फिल्मों का निर्माण कर रही कंपनी ‘फैंटम’ में बिखराव का सिलसिला शुरू हो गया है. मगर इसकी शुरूआत जिस नाटकीय अंदाज में हुई है, उससे कदापि स्वस्थ परंपरा नहीं कहा जा सकता.

हकीकत में पिछले चार-पांच दिनों से ‘फैंटम फिल्मस’ सूर्खियों में है. वास्तव में लगभग चार दिन पहले मुंबई के एक अंग्रेजी दैनिक ने खबर छापकर हंगामा मचाया था कि ‘फैंटम फिल्मस’ के चार भागीदारों में से एक विकास बहल पर ‘फैंटम’ से जुड़ी एक महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. इस महिला के अनुसार कुछ माह पहले विकास बहल ने गोवा में इस महिला का यौन शोषण किया था. ज्ञातब्य है कि 2011 में विकास बहल ने ही प्रयास कर तीन फिल्मकारों के साथ मिलकर ‘फैंटम’ की शुरूआत की थी. इसी के चलते ‘‘फैंटम’’ प्रोडक्शन कंपनी में मधु मैंटोना, विकास बहल, अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटावणे यह चार भागीदार हैं. विकास बहल ने ‘क्वीन’ जैसी सफल और ‘शानदार’ जैसी असफल फिल्म निर्देशित कर चुके हैं. इतना ही नही ‘फैंटम’’ का ‘‘रिलायंस इंटरटेनेमंट’’ कंपनी के साथ भी पचास प्रतिशत की भागीदारी है.   

सूत्रों ने दावा किया कि महिला ने ‘फैंटम’ कंपनी के एच आर व अन्य तीनों भागीदारों के अलावा ‘रिलायंस इंटरटनेमेंट’ के लोगों तक अपनी शिकायत दर्ज करायी. जिसके बाद रिलायंस व ‘फैंटम’ से जुड़े अनुराग कश्यप, मधु मेंटोना व विक्रमादित्य ने ‘विशाख गाइड लाइन्स’ के तहत विकास बहल के खिलाफ जांच कमेटी बना दी. इतना ही नहीं सूत्र दावा कर रहे हैं कि 28 मार्च से विकास बहल ने ऑफिस आना बंद कर दिया है.

इस तरह की खबर प्रकाशित होते ही विकास बहल ने दिल्ली से फोन पर एक पत्रकार को अपनी सफाई देते हुए कहा,-‘‘जो कुछ कहा जा रहा है, गलत है. मैं निर्दोशक हूं. मैं दिल्ली में अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए आया हूं. मैं आज भी अपनी कंपनी ‘फैंटम’ को चला रहा हूं. कंपनी की एच आर के पास किसी ने कोई शिकायत नहीं की है. जिस महिला के बारे में कहा जा रहा है वह हमारी कंपनी से भी जुड़ी नहीं है, पर वह हमारी मित्र हैं. हमने कुछ वर्ष पहले एक साथ काम किया था. पर हम ढ़ाई वर्ष से मिले नहीं है. इसके बावजूद यदि मेरी किसी हरकत से उस महिला को लगता है कि मेरी नीयत सही नहीं थी, तो मैं उसके साथ बैठकर इस मसले पर बात कर उसे संतुष्ट करने को तैयार हूं. और उससे माफी भी मांग सकता हूं.’’

मगर इस मसले पर ‘‘रिलायंस इंटरटनेमेंट” से जुड़े सभी लोगों ने चुप्पी साध रखी है. यहां तक कि ‘फैंटम’ से जुड़े अनुराग कश्यप, विक्रमादित्य मोटावणे और मधु मैंटोना भी चुप हैं.

पर इस खबर के छपने के बाद से हमने अपनी तरफ से जांच पड़ताल करनी शुरू कर दी थी, तो हमें जो अंदरूनी सूत्रों से जानकारियां मिल रही थीं, उससे यह स्पष्ट हो रहा था कि डूबते जहाज के चूहे भागने से पहले एक दूसरे पर आरोप लगाने का एक गंदा खेल, खेल रहे हैं. सूत्रों के अनुसार जिस तरह से ‘फैंटम’ की फिल्में असफल हो रही हैं, उसके चलते ‘फैंटम’ के अंदर आपसी झगड़े शुरू हो गए हैं. ‘फेंटम’ से जुड़े सूत्रों की माने तो अप्रैल माह के पहले सप्ताह में ऑफिस के अंदर अनुराग कश्यप व विकास बहल के बीच लंबी बहस हुई थी.

एक सूत्र का दावा है कि ‘फैंटम’ में चारों के बराबर की हिस्सेदारी है. पर फिल्म निर्माण के संबंध में ज्यादातर निर्णय अनुराग कश्यप ही लेते हैं. जब अनुराग कश्यप निर्देशित और विकास बहल निर्मित फिल्म ‘‘बॉम्बे वेल्वेट’’ ने बॉक्स ऑफिस पर पानी नहीं मांगा, तो पहली बार विकास बहल ने अनुराग कश्यप से सवाल किया था. उस दिन दोनों के बीच काफी गर्मागर्म बहस हुई थी. उसी दिन से विकास बहल और अनुराग कश्यप एक दूसरे के सामने नहीं पड़ते थे. सूत्र बता रहे हैं कि उसके बाद से अनुराग कश्यप ने कई बार विकास बहल से कहा कि वह ‘फैंटम’ से खुद को अलग कर ले. पर विकास का मानना रहा है कि कंपनी की शुरूआत उन्होंने की थी और उनकी बराबर की हिस्सेदारी है, तो वह क्यों अलग हों? तो दूसरी तरफ अनुराग कश्यप ने ‘फैंटम’ से बाहर ‘मुक्केबाज’ जैसी फिल्में करनी शुरू कर दी. यही नहीं आरोप यह है कि अनुराग कश्यप ने ‘रमन राघव 2’ जैसी असफल फिल्म के छह करोड़ रूपए के घाटे को ‘फैंटम’ में डाल दिया. परिणामतः विवाद बढ़ गया. इतना ही नहीं अनुराग कश्यप ने धीरे-धीरे बाहर की फिल्में स्वीकार करनी शुरू कर दी. सूत्रों की माने तो अनुराग कश्यप ने आनंद एल राय की फिल्म निर्माण कंपनी की दो फिल्में निर्देशित करने के लिए स्वीकार की है. सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि धीरे-धीरे अनुराग कश्यप के विक्रमादित्य मोटावणे के संग भी गहरे मतभेद हो गए.  

अब ‘फैंटम’ विकास बहल की ही दिमाग की उपज वाली कंपनी है, जबकि आम लोगों के लिए अनुराग कश्यप ‘फैंटम’ का चेहरा है. एक सूत्र ने यह शंका व्यक्त की है कि हो सकता है कि ‘फैंटम’ को हथियाने व विकास बहल को रास्ते से हटाने के मकसद से अनुराग ने ही यह लीला रची हो? सच पता नहीं. मगर यदि कंपनी से एक भागीदार को बाहर निकलने के लिए मजबूर करने के लिए ‘यौन उत्पीड़न’ वाला मसला रचा गया हो, तो यह बहुत गलत परंपरा कही जाएगी. बहरहाल, एक सप्ताह के बाद अब हालात यह है कि विकास बहल ने ‘फैटम’ को खत्म करने का या इससे खुद को अलग करने का मन बना लिया है.

इतना ही नहीं सूत्र दावा कर रहे हैं कि मधु मैंटोना ने भी ‘फैंटम’ से खुद को अलग कर अपनी निजी कंपनी शुरू करने की योजना बना ली है और एक दो दिन में उनकी तरफ से इस बात की घोषणा की जाने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं. हमें यह याद रखना चाहिए कि ‘फैंटम’ की फिल्म ‘‘उड़ता पंजाब’’ के सेंसर बोर्ड के साथ विवाद के वक्त फिल्म उद्योग को एकजुट कर अपने साथ जोड़ने व अदालती लड़ाई लड़ने में मधु मैंटोना ने ही अहम भूमिका निभायी थी. फिलहाल विक्रमादित्य मोटावणे किसके साथ हैं, यह कोई नहीं बता पा रहा है.

कुल मिलाकर यदि सूत्रों पर यकीन कर लिया जाए, तो बहुत जल्द ‘फैंटम’ कंपनी अतीत का विषय बनने जा रही है. यानी कि डूबते जहाज को छोड़कर चूहों के भागने का सिलसिला शुरू हो चुका है. कहने के लिए यह भी कहा जा सकता है कि डूबते जहाज में अंतिम छेद करने का काम ‘यौन उत्पीड़न’ की शिकायत ने कर दी, यदि यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करायी गयी है, जिसकी पुष्टि अब तक ‘‘फैंटम’’ व ‘रिलायंस इंटरटेनमेंट’ से जुड़े किसी शख्स ने नहीं की है.

इन 6 फिल्मों में अभिनेत्रियों ने की शर्म की सारी हदें पार

सेंसर बोर्ड पिछले कुछ दिनों से काफी सख्त हो गया है. हाल ही में बोर्ड ने फिल्म ऐ दिल है मुश्किल के कुछ लव मेकिंग सीन्स पर कैंची चलाई थी. वैसे देखा जाए तो भारतीय सिनेमा में अब तक ऐसी बहुत सी फिल्मों में बहुत से सीन रहे हैं जिन पर असल में सेंसर बोर्ड की कैंची चलनी चाहिए थी, लेकिन चली नहीं. इन फिल्मों में स्टार्स को न्यूड होते या रियल में फिजिकल होते देखा जा चुका है.

बॉलीवुड की ऐसी ही 6 फिल्मों के बारे में आप यहां पढ़ सकते हैं…

माया मेमसाब : शाहरुख खान-दीपा साही

केतन मेहता के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दीपा साही ने टॉपलेस सीन दिए थे. इतना ही नहीं शाहरुख भी इस फिल्म में न्यूड नजर आए थे. फिल्म शाहरुख और दीपा के इस सीन की वजह से कॉन्ट्रोवर्सी में रही थी.

सिंस : शाइनी आहूजा-सीमा रहमानी

वर्ष 2005 में रिलीज हुई यह फिल्म विनोद पांडे के निर्देशन में बनी थी. इसमें शाइनी आहूजा ने सीमा रहमानी के साथ कई न्यूड सीन दिए थे. इनमें कई लव मेकिंग सीन भी शामिल हैं, जिस पर सेंसर बोर्ड ने कैंची चला दी थी.

चत्रक (बंगाली फिल्म) : पाउली डैम-अनुब्रत बसु

इस फिल्म में पाउली डैम अनुब्रत के साथ इंटिमेट होती दिखती हैं और यह सीन असली है. इस सीन पर बंगाली फिल्म इंडस्ट्री में काफी बवाल हुआ था. पाउली पहली ऐसी अभिनेत्री थीं जिन्होंने इतना बोल्ड स्टेप उठाया था. फिल्म का निर्देशन श्रीलंकन डायरेक्टर विमुक्ति जयसुन्द्रा ने किया था.

मिस्टर सिंह मिसेस मेहता : अरुणा शील्ड्स

यह फिल्म वर्ष 2010 में रिलीज हुई थी और इसमें भारतीय मूल की ब्रिटिश एक्ट्रेस अरुणा शील्ड्स ने कई न्यूड सीन दिए थे. इनमें उनका फुल फ्रंटल पोज भी शामिल है. इस फिल्म को भारत में कट्स के साथ रिलीज किया गया था.

रंग रसिया : नंदना सेन

मशहूर भारतीय पेंटर राजा रवि वर्मा के जीवन पर आधारित इस फिल्म में अभिनेत्री नंदना सेन न्यूड नजर आई थीं. इसमें से ज्यादातर सीन्स को बाद में आपत्ति के चलते हटा दिया गया था.

मेरा नाम जोकर : सिमी ग्रेवाल

वर्ष 1970 में रिलीज हुई इस फिल्म का निर्देशन राज कपूर ने किया था और आपको जान कर हैरत होगी कि उस जमाने में भी अभिनेत्री सिमी ग्रेवाल इस फिल्म में एक सीन में पूरी न्यूड थीं.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें