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इन ऐप्स से है आपके स्मार्टफोन की बैट्री को खतरा

स्मार्टफोन्स के जरिए हम कई सारे काम करते हैं. गाने सुनते हैं, विडियो देखते हैं, गेम्स खेलते हैं और कई तरह के ऐप्स इस्तेमाल करते हैं. जाहिर है कि सब तरह के ऐप्स इस्तेमाल करने से बैट्री खर्च होती है, मगर इस मामले में कुछ ऐप्स का प्रदर्शन ज्यादा ही खराब है. बैट्री कितनी देर तक टिकती है, यह बात फोन के स्पेसिफिकेशंस और इस्तेमाल पर निर्भर करती है.

आगे जानें, किस तरह के ऐप्स ज्यादा बैट्री खर्च करते हैं. अगर आप ज्यादा बैट्री लाइफ चाहते हैं तो इन ऐप्स को अनइंस्टाल कर सकते हैं.

बैट्री सेवर ऐप्स

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि रैम क्लीन करने वाले या बैट्री सेव करने वाले ऐप्स भी ज्यादा बैट्री खर्च करते हैं. दरअसल ये ऐप्स बैकग्राउंड पर रन करते रहते हैं. तब भी, जब आप फोन को इस्तेमाल न कर रहे हों. ये ऐप्स हेंडसैट को लगातार स्कैन करते रहते हैं और जंक फाइल्स वगैरह को क्लीन करते रहते हैं.

गेमिंग ऐप्स

अगर आप गेम्स खेलना पसंद करते हैं तो इन ऐप्स को हटाना शायद आप न पसंद करें. जितने हेवी ऐप्स होंगे, उतनी ही ज्यादा बैट्री खर्च होगी. 3डी ऐनिमेशन वाले ऐप्स बैट्री को जल्दी खत्म करते हैं. अगर आप इंस्टाल नहीं करना चाहते तो उन्हें फोर्स स्टॉप कर सकते हैं. ये तब तक इनऐक्टिव रहेंगे, जब तक आप इनपर टैप नहीं करेंगे.

ऐंटी वाइरस ऐप्स

बैट्री सेवर और रैम मैनेजमेंट ऐप्स की तरह ऐंटी-वाइरस ऐप्स भी बैकग्राउंड में रन करते रहते हैं, ताकि मोबाइल को खतरों से बचा सकें. स्कैन करने में ये जितना ज्यादा वक्त लेंगे, बैट्री उतनी ही तेजी से खर्च होगी. कुछ ऐंटी वाइरस ऐप्स तो कैमरा का भी ऐक्सस हासिल कर लेते हैं, ताकि आपका हैंडसेट अनलौक करने की कोशिश करने वाली की तस्वीर ले सके. यह अच्छा फीचर तो है, मगर बैट्री को जल्दी खत्म करता है.

फोटो-एडिटिंग ऐप्स

अगर आपको तस्वीरें लेकर एडिट करने का शौक है तो आपके स्मार्टफोन में जरूर फोटोएडिटिंग ऐप्स होंगे. ये ऐप्स हेवी होते हैं और इमेज वगैरह प्रोसेस करने में बहुत पावर इस्तेमाल करते हैं. इसलिए या तो इन ऐप्स को कम इस्तेमाल करें या फिर पावरबैंक लेकर चलें.

सोशल मीडिया ऐप्स

फेसबुक सबसे पौप्युलर स्मार्टफोन ऐप है, मगर यह बैट्री भी ज्यादा खर्च करता है. यह ऐप बैकग्राउंड में रन करता रहता है, ताकि आपको नोटिफिकेशंस वगैरह भेज सके. फेसबुक ही नहीं, मेसेंजर ऐप भी फोन की बैट्री को खत्म करने में बड़ी भूमिका निभाता है. स्नैपचैट, स्काइप और इंस्टाग्राम जैसे हेवी सोशल मीडिया ऐप्स भी यही करते हैं.

इंटरनेट ब्राउजर ऐप्स

अगर आपके स्मार्टफोन में एक्स्ट्रा ब्राउजर ऐप्स हैं तो उन्हें हटा दीजिए. एक ही ब्राउजर ऐप रखिए. कुछ ब्राउजर न्यूज या अन्य तरह की नोटिफिकेशन के लिए नेट से जुड़े रहते हैं, जिस वजह से बैट्री खर्च हो जाती है.

इस भोजपुरी हीरो पर लगा सिंगर से रेप करने का आरोप

भोजपुरी हीरो मनोज पांडेय पर एक भोजपुरी सिंगर ने रेप का आरोप लगाया है. दोनों लिव इन रिलेशनशिप में रहते थे. पीड़िता का कहना है कि काम दिलाने के नाम पर मनोज ने उसका यौन शोषण किया. मनोज के बारे में बताया जा रह है कि 2012 से मनोज आर पांडेय अपनी को-स्टार के साथ लिव इन में रह रहे थे.

पीड़िता के साथ मनोज पांच साल तक रहे. इतना ही नहीं वह उनका अबार्शन तक करवा चुके हैं. बताया जा रहा है कि जब एक्ट्रेस ने मनोज पर शादी करने का दबाव बनाया तो उसने दगा दे दिया. उसने फोन कर कहा कि मैंने वर्षा नाम की लड़की से शादी कर ली है. इतना ही नहीं मनोज ने जिस लड़की को अपनी पत्नी बताया उससे पीड़िता की बात भी कराई.

फोन पर मनोज की पत्नी ने पीड़िता से कहा कि तुम मेरे पति के साथ क्यों रह रही हो? मेरे पति से दूर रहो. दूर रहने में ही तुम्हारी भलाई है. मैं एक भाजपा नेता की बेटी हूं. तुमको बर्बाद कर दूंगी. जान से मारवा दूंगी. प्यार में धोखा खाने के बाद पीड़िता ने मनोज के खिलाफ मुंबई के चारकोप थाने में केस दर्ज करा दिया.

सब इंस्पेक्टर वर्षा जाधव के मुताबिक आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 395/17, 376, 317, 406, 506(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर ल्या गया है. आरोपी फरार है और उसका फोन भी बंद है. पुलिस आरोपी की तलाश में लगी है.

आपको बता दें कि एक्टर मनोज और पीड़िता दोनों ही यूपी की रहने वालो हैं. पीड़िता भोजपुरी की सिंगर हैं और वह कई एलबमों में काम कर चुकी है वहीं भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में मनोज के परिवार का दबदबा है. मनोज के भाई फेमस डायरेक्टर हैं. उनका भतीजा भी भोजपुरी फिल्मों का हिरो है और दो तीन फिल्मे कर चुका हैं. मनोज ने भोजपुरी की लहरिया लूट ए राजा जी, कईसन पियवा के चरितर बा, बलिया के दबंगई, सौगंध गंगा मईया के, लाल चुनरिया वाली समेत कई फिल्मों में काम किया है. वह भोजपुरी व हिंदी के लगभग 25 से भी अधिक फिल्मों में हीरो और विलेन का काम कर चुके हैं. इतना ही नही मनोज पांडेय को कुछ साल पहले भी चारकोप पुलिस ने मारपीट के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी हैं.

अगर स्क्रीन रिकार्ड करना चाहते हैं तो अपनाएं ये सौफ्टवेयर

आजकल अधिकांश लोग कंप्यूटर या लैपटौप का इस्तेमाल करते हैं. इसमें वे अपने पसंदीदा कई गेम्स, सौफ्टवेयर को इंस्टौल करते हैं. साथ ही कई यूजर स्क्रीन रिकौर्डिंग सौफ्टवेयर का भी इस्तेमाल करते है. स्क्रीन रिकौर्डिंग सौफ्टवेयर की बात करें तो ज्यादातर लोगों को इन सौफ्टवेयर के बारे में पता नहीं होता है. ऐसे में लोग इसके विकल्प ढूंढने में लग जाते हैं. इसकी मुख्य वजह यह है कि कुछ ही ऐसे स्क्रीन रिकौर्डिंग सौफ्टवेयर है जो फ्री में उपलब्ध हैं. आज हम आपको 5 फ्री स्क्रीन रिकौर्डिंग सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं.

ये स्क्रीन रिकौर्डर आपको फुल स्क्रीन या स्क्रीन के किसी खास एरिया को रिकौर्ड करने में मदद करते हैं. आप बिना किसी झंझट के स्क्रीन को आसानी से रिकौर्ड कर सकते हैं.

आइसक्रीम स्क्रीन रिकार्डर

अगर आप स्क्रीन को रिकौर्ड करना चाहते हैं तो यह रिकौर्डर आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है. साथ ही यह सौफ्टवेयर उन लोगों के लिए मददगार साबित हो सकता है जो पहली बार स्क्रीन रिकौर्डर का इस्तेमाल करेंगे. इस सौफ्टवेयर की बस एक ही खामी है कि इसके जरिए आप सिर्फ 5 मिनट का ही विडियो रिकौर्ड कर सकते हैं. हालांकि, अगर आप उससे ज्यादा की रिकौर्डिंग करना चाहते हैं तो आप दोबारा रिकौर्ड कर उन्हें एक साथ मर्ज कर सकते हैं. रिकौर्डिंग के समाप्त होने पर आपका वीडियो .webm फौर्मेंट में सेव हो जाएगा. आप किसी भी टूल की मदद से .webm को MP4 में कनर्वट कर सकते हैं. साथ ही इसकी खासियत है कि यह बिना वौटरमार्क के उपलब्ध है.

आईस्प्रिंग फ्री कैम

इस सौफ्टवेयर की मदद से आप स्क्रीन को फुल एचडी में रिकौर्ड कर सकते हैं. आप इस सौफ्टवेयर को इसकी आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं. इसके लिए आपको अपनी मेल आईडी देनी होगी. इसकी खास बात यह है कि इसमें बिना किसी टाइम लिमिट के जितनी मर्जी रिकौर्डिंग कर सकते हैं. साथ ही सेव हुए वीडियो को आपको किसी दूसरे फौर्मेंट में बदलने की जरुरत नहीं होगी. अगर आप पेड स्क्रीन रिकौर्डर का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं तो यह सौफ्टवेयर आपके लिए मददगार साबित हो सकता है. वीडियो रिकौर्डिंग पूरी होने के बाद आप अपने वीडियो को एडिट भी कर सकते हैं. साथ ही इसे डायरेक्ट यूट्यूब पर अपलोड कर सकते हैं.

ओपेन ब्रौडकास्टर सौफ्टवेयर

ओपन ब्रौडकास्टर सौफ्टवेयर की मदद से आप अपने स्क्रीन और गेमप्ले को रिकौर्ड कर सकते हैं. इस सौफ्टवेयर की मदद से आप अपने डेस्कटौप स्क्रीन और गेमप्ले को हाई FPS (फ्रेम पर सेकेन्ड) पर फुल रेजोल्यूशन में रिकौर्ड कर सकते हैं. गेमप्ले रिकौर्ड करने के लिए आपको सिर्फ उस गेम को इस सौफ्टवेयर में एड करना पड़ेगा, जिसे आप रिकौर्ड करना चाहते हैं. गेम को सौफ्टवेयर में एड करें, फिर गेम खेलना शुरू करें और रिकौर्डिंग शुरू हो जाएगी. आप अपनी सुविधानुसार गेमप्ले को रिकौर्ड करने के लिए इसकी सेटिंग में बदलाव कर सकते हैं.

एनवीडिया शैडो प्लें

इस सौफ्टवेयर की मदद से भी आप अपने गेमप्ले को हाई क्वालिटी में रिकौर्ड कर सकते हैं. इसके लिए आपको एनवीडिया जीफोर्स का इस्तेमाल आना चाहिए. अगर आप इसका इस्तेमाल करना नहीं जानते तो इसके बदले आप आपेन ब्रौडकास्टर सौफ्टवेयर का इस्तेमाल कर सकते हैं. एनवीडिया शैडो प्ले का UI काफी साफ और उपयोग करने में आसान है. इसके साथ ही, इसमें रिकौर्डिंग शुरू करने से पहले आप इसे मोड, शैडो टाइम, क्वालिटी और औडियो सेट कर सकते हैं.

स्मार्टपिक्सेल स्क्रीन रिकार्डर

यह सौफ्टवेयर कईं फीचर्स से लैस है. लेकिन इसमें दिया गया वौटरमार्क यूजर्स को निराश कर सकता है. इसके वौटरमार्क को हटाने के लिए आपको सौफ्टवेयर के प्रो वर्जन में अपग्रेड करना होगा. इसके अलावा, आप अपने एंड्रौयड डिवाइस में भी इस सौफ्टवेयर को डाउनलोड कर सकते हैं और स्क्रीन को रिकौर्ड कर सकते हैं.

Video : क्या आपने देखा कैप्टन कूल धोनी का ये नया अंदाज

भारतीय टीम आज कोलकाता में औस्ट्रेलिया से दूसरे वनडे में भिड़ेगी. लेकिन उससे पहले बुधवार (20 सितंबर) को टीम इंडिया लगातार हो रही बारिश के कारण प्रैक्टिस नहीं कर पाई. मगर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने यह मौका भी हाथ से जाने नहीं दिया. फैन्स ने धोनी का हेलीकौप्टर शौट तो बहुत बार देखा है, लेकिन इस बार धोनी ने सबको पिस्तौल चलाकर भी हैरान कर दिया. धोनी अपनी शूटिंग स्किल्स आजमाने कोलकाता पुलिस शूटिंग रेंज पहुंच गए.

कोलकाता पुलिस ने इसका एक वीडियो भी पोस्ट किया है, जिसमें धोनी पिस्तौल से कई राउंड गोलियां चलाते नजर आ रहे हैं. इस फेसबुक पोस्ट में लिखा है, हमारे इनबौक्स में ढेरों मैसेज आ रहे हैं कि हम पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में शूटिंग की प्रैक्टिस करते महेंद्र सिंह धोनी की वीडियो पोस्ट करें. एक अन्य पोस्ट में कहा गया कि महेंद्र सिंह धोनी ने गुरुवार दोपहर शूटिंग प्रैक्टिस की और उनका निशाना सांस रोक देने वाला था. धोनी का यह अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है.

गुरुवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण के लिए नामांकित किया था. एक वरिष्ठ बीसीसीआई अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा था कि बोर्ड ने सर्वसम्मति से इस साल के पद्म सम्मानों के लिए इकलौता महेंद्र सिंह धोनी का नाम भेजा है. एक इंटरव्यू में बीसीसीआई अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा था कि सदस्यों के बीच धोनी के शानदार रिकौर्ड को लेकर कोई शक नहीं था. उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 का टी20 विश्व कप और 2011 का क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता है. 90 टेस्ट मैच खेल चुके धोनी 10000 वनडे रनों से वह ज्यादा दूर नहीं हैं.

उनसे बेहतर कोई नहीं है, जिसे नामांकित किया जा सके. बीसीसीआई ने किसी और खिलाड़ी का नामांकन भी नहीं भेजा है. 36 वर्षीय महेंद्र सिंह धोनी ने 302 वनडे मैचों में 9,737 और 90 टेस्ट मैचों में 4876 रन बनाए हैं. उन्होंने 78 टी20 मैच भी खेले हैं, जिनमें उनके बल्ले से 1212 रन निकले हैं. धोनी 16 अंतरराष्ट्रीय शतक (6 टेस्ट मैचों में 10 वनडे में) के अलावा 100 अंतरराष्ट्रीय वनडे अर्धशतक भी बना चुके हैं.

रानी पद्मावती के फर्स्ट लुक में दीपिका को देखकर आप दंग रह जाएंगे

गुरुवार की सुबह दीपिका पादुकोण ने ट्विटर पर संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती से रानी पद्मिनी के किरदार का पहला लुक शेयर किया. जहां दीपिका रानी पद्मिनी के किरदार में पूरी तरह से डूबी हुई नजर आईं. वहीं उनके कथित ब्वौयफ्रेंड रणवीर सिंह फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी के किरदार में हैं. शाहिद कपूर रानी के पति रावल रतन सिंह के तौर पर नजर आएंगे.

भंसाली की यह फिल्म 1 दिसंबर को रिलीज होगी. अब फैंस को दीपिका पादुकोण के रानी पद्मिनी के लुक की झलक मिल गई है. जिसमें वो बिलकुल रौयल रानी की तरह लग रही हैं. अब सभी को अलाउद्दीन खिलजी के तौर पर रणवीर सिंह और रावल रतन सिंह के तौर पर शाहिद के लुक का इंतजार है.

 

इससे पहले ट्विटर पर पद्मावती के लोगो को जारी किया गया था. दीपिका ने पद्मावती का लोगो बड़े ही भव्य अंदाज में पेश किया था. ट्विटर पर दीपिका ने इसे शेयर करते हुए लिखा-  रानी पद्मावती पधार रही हैं, कल सूर्योदय के साथ. संजय लीला भंसाली की ‘पद्मावती’ के लिए पूरी कास्ट और क्रू कड़ी मेहनत कर रही थी. मीडिया सूत्रों के अनुसार शूट के दौरान रोजाना आने जाने में शाहिद के 4 घंटे बर्बाद हो जाते थे. इसके चलते पिछले शेड्यूल के लिए एक्टर फिल्म सिटी के नजदीक बने होटल में शिफ्ट हुए थे.

रोज सुबह जल्दी शूटिंग शुरू हो जाती है और देर रात तक शूटिंग होती है. इस फिल्म में एक्टर दो लुक्स में नजर आएंगे. इसी वजह से नियमित तौर पर वर्कआउट करना उनके लिए काफी महत्वपूर्ण है. रणवीर सिंह अलाउद्दीन खिलजी जबकि दीपिका पादुकोण शाहिद कपूर की पत्नी रानी पद्मावती के तौर पर दिखेंगी. वहीं सूत्रों के मुताबिक खबर है कि संजय लीला भंसाली के डायरेक्शन में बनने वाली फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर दीपिका को हाई अमाउंट पर साइन किया गया है. वहीं फिल्म के लिए दीपिका के मुकाबले रणवीर और शाहिद को कम पैसा दिया गया है.

बता दें फिल्म पद्मावती इसी साल नवंबर में फ्लोर पर आएगी. सूत्रों के मुताबिक, ‘फिल्म पद्मावती की कास्ट की पेमेंट को लेकर कईं अटकलें लगाई जा रही हैं. संजय लीला भंसाली ने इस बात को साफ किया था कि फिल्म पूरी तरह से दीपिका पर होगी. ये फिल्म 1 दिसम्बर को देश भर के सिनामा घरों में रिलीज होगी.

इन 7 खिलाड़ियों को भी मिल चुका है पद्म भूषण सम्मान

बीसीआई ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का नाम पद्म भूषण के लिए नामित किया गया है. पद्म भूषण देश का तीसरा सबसे बड़ा सम्मान है. बीसीसीआई की ओर से जारी बयान के अनुसार, बीसीसीआई की ओर से पद्म भूषण के लिए सिर्फ एक नाम दिया गया है वह महेंद्र सिंह धोनी का है.

बीसीसीआई के एक अधिकारी के अनुसार, इस फैसले को लेकर बीसीसीआई में कोई मतभेद नहीं था. धोनी की कप्तानी में भारत ने 2011 का विश्वकप और 2007 का टी-20 विश्वकप जीता है. धोनी 10,000 वनडे रन के करीब हैं, 90 से अधिक टेस्ट मैच खेल चुके हैं.

महेंद्र सिंह धोनी अब तक 302 वनडे मैच में 9737 रन बना चुके हैं. धोनी का वनडे में औसत 52.34 है. धोनी अभी तक 10 वनडे शतक लगा चुके हैं, वहीं कुल 66 अर्धशतक जड़ चुके हैं. वनडे में धोनी ने 212 छक्के जड़ें हैं, जो कि किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा जड़े गए सबसे ज्यादा है.

आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे मैच में अर्धशतक जड़ने के साथ ही धोनी इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 फिफ्टी लगाने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बन गए थे. उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली ने इस आंकड़े को छुआ है. वैसे इंटरनेशनल क्रिकेट में धोनी यह उपलब्धि हासिल करने वाले 14वें बल्लेबाज हैं.

महेंद्र सिंह धोनी को इससे पहले भी खेल रत्न, पद्म श्री और अर्जुन अवार्ड मिल चुका है. अगर धोनी का नाम पद्म भूषण अवार्ड मिलका है तो वह ये अवार्ड पाने वाले 11वें खिलाड़ी होंगे. धोनी से पहले कपिल देव, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, चंदू बोर्डे समेत अन्य खिलाड़ी इस अवार्ड को पा चुके हैं.

पद्म भूषण पाने वाले खिलाड़ी

सीके नायडू

सीके नायडू पहले भारतीय क्रिकेटर थे जिन्‍हें पद्म भूषण अवार्ड से नवाजा गया. नायडू ने सिर्फ 7 टेस्‍ट खेले जिसमें उनके खाते में 350 रन आए. वहीं 207 फर्स्‍ट क्‍लास मैचों में उन्‍होंने 11,825 रन बनाए.

सुनील गावस्‍कर

लिटिल मास्‍टर नाम से मशहूर सुनील गावस्‍कर को साल 1980 में पद्म भूषण दिया गया. गावस्‍कर ने 125 टेस्‍ट में 10,122 रन बनाए. वहीं वनडे में उन्‍होंने 108 मैच खेलकर 3092 रन जोड़े.

कपिल देव

भारत को पहला वर्ल्‍ड कप दिलाने वाले पूर्व कप्‍तान कपिल देव को साल 1991 में पद्म भूषण अवार्ड से सम्‍मानित किया गया. महान आलराउंडर कपिल देव ने 131 टेस्‍ट में 5248 रन बनाए जबकि 434 विकेट भी उनके खाते में दर्ज हैं. वहीं वनडे की बात करें तो उन्‍होंने 225 मैच खेलकर 3783 रन और 253 विकेट अपने खाते में जोड़े.

लाला अमरनाथ

टेस्‍ट क्रिकेट में पहला शतक लगाने वाले भारतीय बल्‍लेबाज लाला अमरनाथ को 1991 में इस सम्‍मान से नवाजा गया. दाएं हाथ के इस बल्‍लेबाज ने कोई वनडे तो नहीं खेला. लेकिन उनके खाते में 24 टेस्‍ट में 878 रन दर्ज हैं. वहीं फर्स्‍ट क्‍लास क्रिकेट में उन्‍होंने 186 मैच खेलकर 10,426 रन बनाए.

डीबी देवधर

महाराष्‍ट्र में जन्‍में दिनकर बलवंत देवधर ने कोई अंतर्रराष्‍ट्रीय मैच नहीं खेला. डीबी देवधर नाम से मशहूर इस बल्‍ल्‍ेबाज ने 81 फर्स्‍ट क्‍लास मैच खेले जिसमें कुल 4,522 रन बनाए. इन्हें भी 1991 में ही पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया था.

चंदू बोर्डे

पूर्व भारतीय खिलाड़ी चंदू बोर्डे को साल 2002 में पद्म अवार्ड से सम्‍मानित किया गया था. बोर्डे ने 55 टेस्‍ट खेले हैं जिसमें उनके नाम 3061 रन दर्ज हैं. जबकि 251 फर्स्‍ट क्‍लास मैचों में उन्‍होंने 12,805 रन बनाए.

राहुल द्रविड़

भारतीय टीम के भूतपूर्व खिलाड़ी राहुल द्रविड़ को साल 2013 में पद्म भूषण से सम्‍मानित किया गया था. द्रविड़ ने भारत के लिए 164 टेस्‍ट में 13,288 रन बनाए हैं. वहीं वनडे में उनके नाम 344 मैचों में 10,889 रन दर्ज हैं. द्रविड़ ने 2012 में क्रिकेट को अलविदा कह दिया.

बीस रुपये में रेलवे स्टेशन की भीड़ नियंत्रित करेगी सरकार

सोशल मीडिया पर बढ़ती महंगाई के बाबत नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को पानी पी पी कर कोस रहे 95 फीसदी लोगों को पता ही नहीं चला कि जिस प्लेटफार्म टिकट को वे 2 रुपये से दस रुपये का हुआ बता रहे हैं वह अब, कुछ दिनों के लिए ही सही 20 रुपये का कर दिया गया है. व्यापार और कारोबार की भाषा में कहें तो नवरात्रि के साथ ही त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है. आम लोगों की जेब कुतरने के लिए बाजार में बम्पर छूट की बहार छाई हुई है. सौ रुपये की चीज डेढ़ सौ की बताकर सवा सौ में बेची जा रही है ग्राहक पच्चीस रुपये की छद्म बचत पर खुश हो रहा है और व्यापारी उसकी शास्वत मूर्खता पर हंसते अपना गल्ला भर रहा है.

त्योहारी सीजन से पैसा बनाने में सरकार भी पीछे नहीं रही है उसने प्लेटफार्म टिकट के दाम दोगुने कर दिये हैं, बहाना सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण का लिया है. यानि सरकार यह मान रही है कि प्लेटफार्म टिकट की दर बढ़ा देने से अनावश्यक भीड़ नहीं होगी तो उसकी नादानी मासूमियत या चालाकी कुछ भी कह लें पर हंसी आना स्वाभाविक है. बात कंडोम महंगा कर देने से जनसंख्या नियंत्रण का दावा करने सरीखी हास्यास्पद है. बीते दिनों हुये रेल हादसों ने रेल सुरक्षा की पोल खोल कर रख दी है ये हादसे भीड़ की वजह से नहीं बल्कि रेलवे के मुलाजिमों की लापरवाही और अंग्रेजों के जमाने की रेल पटरियों की वजह से हुये थे.

अब होगा यह कि त्योहारों पर बेटिकट चलने वालों में से जो कुछ ईमानदारी बरतते दस रुपये का प्लेटफार्म टिकट खरीदने की सोच भी रहे होंगे वे सोचने की भी जहमत अब नहीं उठाएंगे हां टिकट चेकरों की जरूर चांदी हो आएगी जो सौ दौ सौ की घूस लेकर प्लेटफार्म टिकट विहीनों को बाइज्जत बाहर जाने देंगे. सरकार ने यह सोचने की जरूरत नहीं समझी कि प्लेटफार्म टिकट वे लोग खरीदते हैं जो किसी को लेने या छोड़ने स्टेशन जाते हैं. अशक्तों, महिलाओं और बुजुर्गों को बैठालने उतारने वाले तो मजबूरी में बीस रुपये सरकार को कोसते हुये देंगे जबकि ऐसे लोगों से तो पैसा लेना ही नहीं चाहिए लेकिन बीस रुपये की मार से बचने जुगाडु भारतीय या तो बिना प्लेटफार्म टिकट लिए प्लेटफार्म पर जाएंगे या फिर ट्रेन आने तक बाहर खड़े रहेंगे और ज्यादा समझदार लोग पेसिंजर ट्रेन का नजदीकी स्टेशन का टिकट खरीदकर मूंछों पर ताव देते नजर आएंगे.

त्योहारों पर उमड़ती भीड़ इस बेतुके फैसले से काबू करने की बात सोचना ही सरकार की पैसा कमाऊ मानसिकता को उजागर करती है. आम लोग रोजमराई आइटमों के बढ़ते दामों से त्रस्त हो चुके हैं. इस पर भी कोई मंत्री यह कहे कि बाइक और कार चलाने वालों की जेब में देने लायक पैसा है, तो सरकार कम हफ्ता वसूलने वाली मवाली गैंग ज्यादा लगती है.

अब तो इंतजार उस दिन का है जब बस अड्डों, स्टेशनों और चौराहों के अलावा एटीएम और बैंको के बाहर सरकारी मुलाजिमों की तैनाती इस बाबत होगी कि वे लोगों को पकड़ कर उनका पैसा छीन कर खजाने में जमा करें. उनका गुनाह यह है कि उनके पास पैसा है. इधर गरीबों की चिंता में दुबलाई जा रही सरकार अपने खर्चे कम नहीं कर रही उल्टे लोगों की मेहनत की कमाई पर तरह तरह से डाका डाल रही है बीस रुपये का प्लेटफार्म टिकट इसकी बेहतर मिसाल है. अगले साल मुमकिन है त्योहारी सीजन में किराया ही दोगुना कर दिया जाये. फिर बाकई लोग अष्टमी, नवमी की पूजा और दीवाली मनाने घर नहीं जाएंगे जब सारा पैसा किराए की शक्ल में सरकार झटक लेगी तो मिठाई आतिशवाजी और नए कपड़े व उपहार बगैरह पांचवी क्लास के निबंध की बातें हो जाएंगी. इसके बाद भी जो ट्रेन से घर जाये तो तय है वह बेईमानी से पैसा कमाता है और उसके पास जरूर काला धन हो सकता है. ऐसे लोगों के यहां इनकम टैक्स के छापे पड़ सकते हैं.

लोग अगर विरोध करेंगे जिसकी उम्मीद कम ही है तो उनसे कहा जाएगा जाओ पहले उस कांग्रेस का विरोध करो जिसने साठ साल देश को लूटा हमें तो अभी तीन साल ही हुये हैं.

लगातार ईयरफोन के इस्तेमाल से हो सकती हैं ये बीमारियां

जीवन में टेक्नालजी की बढ़ती भूमिका अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आई है. इन्हीं में शामिल हैं ईयरफोन या हेडफोन, जिसके ज्यादा देर तक इस्तेमाल से आपको अपने कानों से सम्बन्धित समस्या का सामना करना पड़ सकता है. एक रिसर्च के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन एक घंटे से अधिक वक्त तक 80 डेसीबेल्स से अधिक तेज आवाज में संगीत सुनता है, तो उसे सुनने में संबंधित समस्या का सामना करना पड़ सकता है या फिर वह स्थायी रूप से बहरा हो सकता है.

अगर आप भी ईयरफोन का ज्यादा देर तक इस्तेमाल करते हैं तो समय रहते संभल जाइये क्योंकि ये ना केवल आपके कानों को नुकसान पहुंचाता है बल्कि आपके शरीर को भी कई और तरह से नुकसान पहुंचाता है. आज हम आपको ईयरफोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से होने वाले 4 बड़े नुकसान के बारे में बता रहें है.

कम सुनाई देना

लगभग हर ईयरफोन में हाई डेसीबल वेव्स होते हैं. इसका इस्तेमाल करने से आप हमेशा के लिए अपनी सुनने की क्षमता खो सकते हैं. इसके लगातार प्रयोग से सुनने की क्षमता 40 से 50 डेसीबेल तक कम हो जाती है. कान का पर्दा वाइब्रेट होने लगता है. दूर की आवाज सुनने में परेशानी होने लगती है. यहां तक कि इससे बहरापन भी हो सकता है. इसलिए 90 डेसीबल से अधिक आवाज में गाने न सुनें और ईयरफोन से गाने सुनने के दौरान समय-समय पर ब्रेक भी लेते रहें.

दिमाग पर बुरा प्रभाव

इसके लगातार इस्तमाल से दिमाग पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है. ईयरफोन से निकलने वाली विद्युत चुंबकीय तरंगे दिमाग के सेल्स को काफी क्षति पहुंचाती हैं. ईयरफोन्स के अत्यधिक प्रयोग से कान में दर्द, सिर दर्द या नींद न आने जैसी सामान्य समस्याएं हो सकती हैं. आज लगभग पचास प्रतिशत युवाओं में कान की समस्या का कारण ईयरफोन्स का अत्यधिक प्रयोग है.

कान का संक्रमण

ईयरफोन से लंबे समय तक गाना सुनने से कान में इंफेक्शन भी हो सकता है. जब भी किसी के साथ ईयरफोन शेयर करें तो उसे सेनिटाइजर से साफ करना न भूलें. बता दें कि आमतौर पर कान 65 डेसिबल की ध्वनि को ही सहन कर सकता है. लेकिन ईयरफोन पर अगर 90 डेसिबल की ध्वनि 40 घंटे से ज्यादा सुनी जाए तो कान की नसें पूरी तरह डेड हो जाती है.

कान सुन्न होना

लंबे समय तक ईयरफोन से गाना सुनने से कान सुन्न हो जाता है जिससे धीरे-धीरे सुनने की क्षमता कम हो सकती है. तेज आवाज में संगीत सुनने से मानसिक समस्याएं तो पैदा होती ही है साथ ही हृदय रोग और कैंसर का भी खतरा बढ़ जाता है़. उम्र बढ़ने के साथ बीमारियां सामने आने लगती है़ यह बाहरी भाग के कान के परदे को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ अंदरूनी हेयरसेल्स को भी तकलीफ पहुंचाता है़. डाक्टरों के अनुसार इनके ज्यादा उपयोग लेने से कानों में अनेक प्रकार की समस्या हो सकती है जिनमें कान में छन-छन की आवाज आना, चक्कर आना, सनसनाहट, नींद न आना, सिर और कान में दर्द आदि मुख्य है.

इससे बचने के लिए ईयरफोन का इस्तेमाल कम से कम करने की आदत डालें. अच्छी क्वालिटी के ही हेडफोन्स या ईयरफोन्स का प्रयोग करें और ईयरफोन की बजाय हेडफोन का प्रयोग करें क्योंकि यह बाहरी कान में लगे होते हैं. अगर आपको घंटों ईयरफोन लगाकर काम करना है, तो हर एक घंटे पर कम से कम 5 मिनट का ब्रेक लें.

खबरदार : बेनामी संपत्ति रखने वालों पर होगी सरकारी कार्यवाही

ब्लैकमनी यानी काले धन के खिलाफ सरकार ने जो अभियान छेड़ा है, अब उसकी रेडार पर बेनामी सम्पत्ति रखने वाले भी आ गए हैं. वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार पिछले 10 महीने में मुंबई दिल्ली समेत 14 राज्यों के करीब 650 बेनामी संपत्ति रखने वालों पर कार्रवाई की गई है.

इसी के साथ अब सरकार ने मोटी राशि यानी करोड़ो रुपये की बेनामी सम्पत्ति रखने वालों की पहचान कर उनके घर नोटिस भेज दिया गया है. अगर इन लोगों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया तो इनके खिलाफ कार्रवाई होगी. इनकी करोड़ो की सम्पत्ति जब्त भी की जा सकती है.

इनकम टैक्स विभाग के सूत्रों के अनुसार जिन 450 लोगों को बेनामी सम्पत्ति के मामले में नोटिस भेजा गया है, उनके पास करोड़ों रुपये की बेनामी सम्पत्ति होने का शक है. नोटिस भेजने के 15 दिनों के भीतर इनको जवाब देना होगा. अगर ये लोग जवाब नहीं देते तो फिर इनके खिलाफ बेनामी सम्पत्ति ट्रांजैक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू की जाएगी. अगर इन्होंने जवाब दिया तो यह देखा जाएगा कि इन सम्पत्तियों का ब्यौरा इन लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न में दिया है कि नहीं. अगर दिया है तो वह कितना सही है. अगर जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो फिर इनसे पूछताछ की जाएगी. इनकम टैक्स के सूत्रों का कहना है कि अगर जरूरत पड़ी तो बेनामी सम्पत्ति के जांच में ईडी और अन्य जांच एजेंसियों की मदद भी ली जाएगी.

अगर जांच में यह साबित हो गया कि इनके पास बेनामी सम्पत्ति है तो नवंबर 2016 से लागू बेनामी संपत्ति ट्रांजैक्शन एक्ट के तहत इनकी सम्पत्ति जब्त की जाएगी. इनके खिलाफ टैक्स चोरी और ब्लैक मनी खपाने का मामला भी बनेगा. अगर इनके खिलाफ वित्तीय आपराधिक या धन शोधन का मामला बना तो इनको सजा भी हो सकती है.

सरकार को शक है कि शेल कंपनियां बनाकर लोग बेनामी सम्पतियों की खरीददारी कर रहे हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऐसे लोगों को साफ चेतावनी दी और कहा कि शेल कंपनी के जरिए बेनामी सम्पत्ति खरीदने वाले या इस रूट से पैसा लाने वालों में न सिर्फ बिजनेसमैन, बल्कि राजनेता और बड़े अधिकारी भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग ने बेनामी संपत्तियों की पहचान शुरू कर दी है और जल्द ही इन पर कार्रवाई की जाएगी.

पेटीएम मौल दे रहा 100 परसेंट कैशबैक और 100 ग्राम गोल्ड का औफर

पेटीएम ईकौमर्स प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व वाले पेटीएम मौल पर बुधवार से ‘मेरा कैशबैक सेल’ शुरू कर दी है. 20 से 23 सितंबर तक चलने वाली इस सेल में ग्राहकों को 501 करोड़ रुपये के सुनिश्चित कैशबैक मिलेंगे.

यह प्लेटफार्म हर रोज 25 फोन खरीदारों को 100 प्रतिशत कैशबैक देगा और 200 ग्राहक प्रति दिन 100ग्राम पेटीएम गोल्ड भी पा सकेंगे. इसके साथ ही कपड़ों, जूतों और लैपटॉप पर भी शानदार औफर दिया जा रहा है.

पेटीएम मौल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित सिन्हा ने कहा, “पेटीएम मौल के पहले फेस्टिव सीजन में, हमने कैशबैक औफर्स के सबसे बड़े संयोजनों में से एक को लाने के लिए अपने साझेदार ब्रांड्स और व्यापारियों के साथ साझेदारी की है. ग्राहकों को एप्लाइंसेज, मोबाइल, फैशन उत्पादों में अनोखी कीमतें मिलेंगी और उनके नजदीकी ब्रांड अधिकृत स्टोर या दुकानदारों से उस उत्पाद की विश्वसनीय डिलिवरी भी मिलेगी. हम हर रोज फोन्स व पेटीएम गोल्ड देकर इस उत्साह को बनाए रखेंगे.”

कंपनी इन चार दिनों की सेल में 50 लाख से अधिक नए यूजर्स की उम्मीद कर रही है. कंपनी का मानना है कि यह सेल छोटे शहर व कस्बों के ग्राहकों को न्यूनतम कीमत पर ब्रांड उत्पादों की एक विस्तृत रेंज से खरीदारी करने की सुविधा देने में बड़ी भूमिका निभाएगी.

इस औफर से जुड़े हैं ये ब्रांड्स

पेटीएम मौल के ‘मेरा कैशबैक सेल’ में एप्पल, सैमसंग, एलजी, ओप्पो, वीवो, सोनी, एचपी, लेनोवो, जेबीएल, फिलिप्स, प्यूमा, एलेन सौली, ली, पेपे, लिवाइस, वेरो मोडा, पेपे, किलर, वान ह्यूसेन, एक्शन, वुडलैंड, कैटवौक, स्केचर्स, रेड टेप, क्रौक्स, टाइमेक्स, सफारी, लैवी, कैप्रीज, बैगइट समेत कई शीर्ष ब्रांड्स हिस्सा ले रहे हैं.

इतने सारे ब्रैंड्स होने के कारण ग्राहकों को शौपिंग के लिए कई औप्शन मिलेंगे. साथ ही उन्हें क्वालिटी को लेकर भी परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी. क्योंकि और्डर की डिलिवरी उनके नजदीकी ब्रांड अधिकृत स्टोर या दुकानदारों ही करेंगे.

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