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फेसबुक को विज्ञापन मिलना हुआ कम, आमदनी घटी

ब्रिटेन की कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव में सांठगांठ करने के आरोप में घिरे सोशल नैटवर्किंग साइट फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और संस्थापक मार्क जुकरबर्ग फोर्ब्स अरबपतियों की सूची से फिसल कर 7वें स्थान पर पहुंच गए हैं. और 2 सप्ताह के भीतर उन को 10 अरब डौलर का नुकसान हुआ है.

फेसबुक पर आरोप है कि उस ने अपने 5 करोड़ यूजर्स के डाटा अवैध रूप से चुनाव को प्रभावित करने की इजाजत दी. उस ने यह डाटा विश्लेषक कंपनी के साथ साझा कर यूजर्स के साथ धोखा किया है.  इस से फेसबुक की छवि खराब हुई है और उसे विज्ञापन मिलने कम हुए हैं.

कैंब्रिज एनालिटिका ने डाटा का इस्तेमाल चुनावी फायदा पहुंचाने के लिए किया था. फेसबुक उस की इस करतूत में शामिल रहा है. यह खुलासा होने के बाद फेसबुक के सीईओ सीधे आलोचकों के निशाने पर आ गए.

पूरी दुनिया में फेसबुक को कैंब्रिज एनालिटिक से सांठगांठ के कारण भारी बदनामी भी झेलनी पड़ी. इधर, भारत के राजनीतिक दल भाजपा और कांग्रेस कैंब्रिज एनालिटिका पर एकदूसरे को मदद करने का आरोप लगा रहे हैं. कांग्रेस ने इस के लिए सभी तथ्य पत्रकारों को उपलब्ध कराए जबकि भाजपा ने चुनाव में मदद पर फेसबुक को कड़ी हिदायत दी है.

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मुंबई की सड़कों पर गली क्रिकेट खेलते कुछ यूं दिखें सचिन तेंदुलकर

मंगलवार को सोशल मीडिया पर सचिन तेंदुलकर का एक नया विडियो खूब वायरल हो रहा है. इस विडियो में दुनिया के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर अपने गृह नगर मुंबई के बांद्रा इलाके की एक सड़क पर क्रिकेट खेल रहे हैं. दरअसल, कुछ युवा क्रिकेट खेल रहे होते हैं और उन्हें देखकर सचिन खुद को रोक नहीं पाते और उनके साथ शामिल हो जाते हैं.

सोशल मीडिया पर जब यह विडियो वायरल हुआ, तो उनके फैन्स में एक बार फिर सनसनी मच गई कि क्रिकेट के मसीहा ने एक बार फिर बल्ला थामा है और अब एक बार फिर सचिन की बैटिंग की झलक देखने को मिलेगी.

तेंदुलकर कुछ ऐसे उतरे सड़क पर क्रिकेट खेलने को

सचिन तेंदुलकर अपने दोस्तों के साथ डिनर के लिए जा रहे थे. इस कार में सचिन के साथ उनके बचपन के दो दोस्त थे. एक थे मुंबई और गोवा के लिए क्रिकेट खेल चुके अतुल रहाणे और दूसरे थे डा. संजय, जो पिछले कई सालों से अमेरिका में रह रहे हैं. संजय इन दिनों भारत आए हुए हैं और वह मुंबई आकर सचिन से मिल रहे थे. सचिन अपने दोस्त के साथ बेहद उत्साहित थे कि इस बीच बांद्रा से जब उनकी कार गुजर रही थी, तब मेट्रो कंस्ट्रक्शन के पास रात में कुछ युवा सड़क पर क्रिकेट खेलते हुए दिखे.

यहां पर सचिन के दोस्त डा. संजय ने उनसे कहा कि क्यों न अपने बचपन के दिनों को फिर से जिया जाए. फिर क्या था सचिन अपने दोस्त की इस भावना को समझ चुके थे कि वह क्या चाह रहे हैं और इतने में अतुल रहाणे ने भी गाड़ी से उतरकर उन नौजवानों से यह कह दिया, ‘भाऊ, हमारे पास एक छोटा खिलाड़ी है, जो बौल को हिट करना चाहता है.’ इतने में कार से बल्ले थामने के लिए, जो शख्स नीचे उतरता है, उसे तो कोई भी बौलिंग करना चाहेगा. यह थे सचिन तेंदुलकर.

रहाणे ने बताया, ‘जब सचिन ने सड़क पर खेल खेलना शुरू किया, तब वहां वे कुछ लड़के और दर्शक के रूप में रहाणे अकेले थे, जो मास्टर ब्लास्टर की बैटिंग को अपने मोबाइल में रिकौर्ड करने लगे. देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ इकट्ठा होनी शुरू हो गई. जब सड़क से गुजर रहे लोगों को आभास हो गया कि आज यहां मास्टर ब्लास्टर स्ट्रोक लगा रहे हैं, तो एक बार फिर यहां सचिन-सचिन की आवाज गूंजने लगी.

सचिन के साथ सड़क पर क्रिकेट खेल रहे इन लड़कों के लिए यह पल किसी सपने के सच होने जैसा था. इन लोगों की आंखों में चमक देखने वाली थी. वे अपने हीरो के साथ क्रिकेट खेल रहे थे. उनसे बात कर रहे थे और उनके गले लग रहे थे उनसे हाथ मिला रहे थे. सचिन भी उत्साहित थे यह पल देखकर आनंद आ रहा था. यहां से गुजर रही गांड़ियां भी यहां थम गईं और सचिन-सचिन की आवाज गूंजने लगी.

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गायब है 2 हजार का नोट, क्या है इसकी मुख्य वजह

नोटबंदी के करीब डेढ़ साल बाद एक साथ कई राज्यों में खाली पड़े एटीएम नोटबंदी के दिनों की याद दिला रहे हैं. देश के कई हिस्सों जैसे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, बिहार, मध्य प्रदेश में लोगों को कैश की कमी से जूझना पड़ रहा है. हालांकि, सरकार और रिजर्व बैंक औफ इंडिया डैमेज कंट्रोल मोड में आ गए हैं. लोग कैश क्रंच की वजह जानना चाहते हैं और सरकार का कहना है कि नोटों की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि से समस्या आई है. हालांकि, अब तक सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है. कई बैंक अधिकारियों का कहना है कि 2000 के नोट बैंकों में वापस नहीं आ रहे हैं. यह भी अफवाह है कि कर्नाटक चुनावों में कैश होर्डिंग से संकट खड़ा हुआ है.

कर्नाटक चुनाव के लिए तो नहीं हो रही जमाखोरी?

एक थियोरी और चल रही है, जिसके चर्चे खासकर सोशल मीडिया पर हैं. कहा जा रहा है कि राजनीतिक दल और उनके समर्थक अगले महीने कर्नाटक चुनावों के लिए कैश की होर्डिंग कर रहे हैं. दो हजार रुपए के नोटों की सप्लाई घटने, चुनाव से पहले कर्नाटक में कैश की डिमांड बढ़ने और कैश क्रंच को लेकर सोशल मीडिया पर अटकलों का बाजार गर्म होने के कारण सामान्य से ज्यादा निकासी से देश के कई हिस्सों में एटीएम सूख गए हैं.

अचानक इतनी किल्लत क्यों?

देश में नकदी संकट पर बैंकिंग एक्‍सपर्ट का मानना है कि नोट की छपाई और सप्‍लाई को लेकर कुछ दिक्‍कते हैं, लेकिन यह इतना बड़ा कारण नहीं दिखता, जिससे कैश की किल्‍लत अचानक इतनी बढ़ जाए. सूत्रों की मानें तो अगले कुछ महीनों में पांच राज्‍यों में विधानसभा चुनाव हैं. इसके अलावा 2019 में देश का आम चुनाव है. ऐसे में चुनाव की तैयारी में लोग बड़े पैमाने पर कैश जमा कर रहे हैं. चुनाव में बड़े पैमाने पर कैश का इस्‍तेमाल होता है. ऐसे यह तर्क काफी मजबूत लगता है कि चुनावी साल में राजनीतिक दल और नेता चुनाव में खर्च के लिए कैश का इंतजाम कर रहे हैं.

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चुनावी खर्च के लिए कैश का इंतजाम

सूत्रों का कहना है कि चुनावी साल में कैश की छपाई और सप्‍लाई को लेकर कुछ दिक्‍कतें हो सकती हैं. लेकिन, कैशलेस इकोनौमी को बढ़ावा देने के लिए कैश का सर्कुलेशन कम करने का तर्क सही नहीं लगता है. ऐसे में चुनाव के लिए पहले से कैश की होडिंग की जा रही है.

अभी से क्यों हो रही है जमाखोरी?

एक्सपर्ट्स की मानें तो पिछले कुछ समय से या यूं कहें नोटबंदी के बाद हर कोई इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के रडार पर है. चुनावी चंदे से लेकर चुनाव में होने वाले खर्च पर भी आईटी विभाग नजर रखता है. ऐसे में चुनाव के समय इतने बड़े पैमाने पर कैश का इंतजाम करना आसान नहीं होगा. इसलिए एक बार में पैसों का इंतजाम करने के बजाए पहले से थोड़ा-थोड़ा जमा करके इसकी तैयारी चल रही है. थोड़ी-थोड़ी जमाखोरी से जांच एजेंसियों को ऐसे लोगों को ट्रैक करना आसान नहीं होगा.

कहां ‘गायब’ है 2000 रुपए का नोट?

आर्थिक मामलों के सचिव एससी गर्ग ने कबूल किया कि इस वक्त 2000 रुपए का नोट गायब हैं. हालांकि, उन्होंने काला धन जमा होने की आशंका को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, ‘अभी सिस्टम में 2000 रुपए के 6 लाख 70 हजार करोड़ नोट हैं. यह संख्या पर्याप्त से ज्यादा है. हमें भी पता है कि 2000 रुपए के नोट सर्कुलेशन में घटे हैं. इसकी कोई जांच तो नहीं कराई है, लेकिन अनुमान यह है कि बड़े नोट जमा करने में आसानी होती है. इसलिए लोग बचत की रकम 2000 रुपए के नोटों में ही जमा कर रहे हैं.’

ब्लौक हुई एटीएम की कैसेट

एससी गर्ग के मुताबिक, ‘एटीएम में हम 2000 रुपये के जितने भी नोट डालते हैं, वे निकल जाते हैं, लेकिन फिर काउंटर पर नहीं लौटते. लिहाजा 2000 रुपये का स्टौक कम होने के साथ एटीएम में कैसेट खाली चल रहे हैं. इसकी कपैसिटी करीब 50 लाख रुपए की होती है, जो अब ब्लौक हो गई है.’ एटीएम में चार कैसेटों में करीब 65 लाख रुपए भरे जा सकते हैं. एक कैसेट में 2000 रुपए के नोट, दो में 500 रुपए और एक में 100 रुपए के नोट भरे जाते हैं. बैंकरों का दावा है कि 2000 रुपए के नोटों की तंगी के कारण एटीएम की 45 पर्सेंट कपैसिटी का उपयोग ही नहीं हो पा रहा है.

आरबीआई क्यों और क्या दे रहा सफाई?

कैश की किल्‍लत के बीच रिजर्व बैंक ने बयान जारी करते हुए साफ किया कि कैश की कोई कमी नहीं है और आरबीआई के करंसी चेस्ट्स में पर्याप्त नकदी मौजूद है. आरबीआई ने बताया कि नोटों को छापने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है. हालांकि, कुछ इलाकों में कैश को पहुंचाने में आने वाली दिक्कतों के कारण नकदी संकट से निपटने में कुछ दिन लग सकते हैं. रिजर्व बैंक ने कहा कि कुछ हिस्सों में ATMs में कैश पहुंचाने में कुछ समय लग सकता है. साथ ही कई ATM मशीनों में नए नोटों के लिए रीकैलिब्रेशन की प्रक्रिया अभी भी जारी है.

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प्रियंका चोपड़ा को मिला सलमान खान का साथ

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘‘बाजीराव मस्तानी’’ में काशीबाई का किरदार निभाने के बाद प्रियंका चोपड़ा अमरीकन टीवी सीरीज ‘क्वांटिको’ व वहां की फिल्मों व्यस्त हो गई थीं. मगर सूत्रों की माने तो वहां पर उनके करियर पर विराम लग गया है. क्योंकि टीवी सीरियल ‘‘क्वांटिको’’ के दूसरे सीजन को दर्शक नहीं मिले. वहीं प्रियंका की अमरीकन फिल्म ने भी बौक्स औफिस पर पानी नहीं मांगा. तो वह काफी समय से बौलीवुड फिल्म के लिए प्रयासरत थीं.

बहरहाल, अब यह तय हो चुका है कि अली अब्बास जफर निर्देशित फिल्म ‘भारत’ में वह सलमान खान की हीरोईन बनकर आएंगी. प्रियंका चोपड़ा ने अली अब्बास जफर के निर्देशन में ‘यश राज फिल्मस’ की फिल्म ‘‘गुंडे’’ की थी. जबकि सलमान खान के साथ उन्होंने अंतिम बार फिल्म ‘‘सलाम ए इश्क’’ की थी. अब फिल्म ‘‘भारत’’ के साथ उनकी बौलीवुड ही नहीं बल्कि सलमान खान व अली अब्बास जफर के साथ पुनः वापसी हो रही है. वैसे ‘‘भारत’’ के लिए कटरीना कैफ सहित कई दूसरी अभिनेत्रियों के नामों की चर्चा हो चुकी है.

फिल्म ‘‘भारत’’ के निर्देशक अली अब्बास जफर इस बात की पुष्टि करते हुए कहते हैं- ‘‘हौलीवुड में टीवी सीरियल व फिल्म में अभिनय कर विश्व स्तर पर अपना एक अलग मुकाम बनाने के बाद फिल्म ‘भारत’ प्रियंका की घर वापसी है. वह हमारी फिल्म के लिए एकदम फिट हैं.

जबकि खुद प्रियंका चोपड़ा कहती हैं- ‘‘मैं सलमान खान व अली अब्बास जफर के साथ फिल्म ‘भारत’ की शूटिंग शुरू करने को लेकर काफी उत्साहित हूं. अपनी पिछली फिल्मों में इन दोनों से मैंने काफी कुछ सीखा था. मैं अलवीरा और ‘सलमान खान फिल्मस’ की टीम के साथ काम करने को लेकर भी उत्सुक हूं.

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उर्वशी रौतेला ने खरीदी दो करोड़ की कार

फिल्म ‘‘हेट स्टोरी 4’’ फेम अभिनेत्री उर्वशी रौतेला ने दो करोड़ रुपए की लागत की जर्मन कंपनी की ‘‘मर्सडीज बेंज एस क्लास’’ गाड़ी खरीदी है. इस तरह अब उर्वशी के पास चार महंगी कारें हो गयी हैं.

सूत्रों का दावा है कि जब उर्वशी रौतेला ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी, उस वक्त उन्होंने रेंज रोवर कार खरीदी थी.

उर्वशी रौतेला का दावा है कि उन्हें गाड़ियों का शौक है. उनकी तमन्ना मस्तंग, बुगाटी, अल्फा रोमियो, मसेरती, मकलारेन ब्रांड की गाड़ियां खरीदने की है, जिसे वह एक न एक दिन जरुर खरीदेंगी.

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माजिद मजीदी का भारत में ‘बियांड द क्लाउड्स’ का निर्माण हमारे आठ-नौ वर्षों के प्रयास का फल है : किशोर अरोड़ा

चिल्ड्रेन्स आफ हैवेन’, कलर आफ पैराडाइज, बरन, सांग आफ स्पैरोज और मोहम्मद: द मैसेंजर आफ गाड जैसी ईरानियन फिल्मों के सर्जक और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निर्देशक माजिद मजीदी इन दिनों अपनी 20 अप्रैल को ईरान व भारत सहित विश्व के 34 देशों में एक साथ प्रदर्शित हो रही फिल्म ‘‘बियांड द क्लाउड्स’’ को लेकर चर्चा में हैं. माजिद मजीदी के करियर की पहली फिल्म है, जिसे उन्होंने अपने वतन ईरान से इतर देश भारत में बनाया है. माजिद मजीदी को इस बात का दुःख सताता रहा है कि भारतीय फिल्मकार भारतीय सभ्यता संस्कृति व भारतीय कहानियों से इतर कहानियों पर ही फिल्में क्यों बनाते हैं. ऐसे में उनका भारत आकर फिल्म बनाना अपने आप में एक नए इतिहास का सूत्रपात है. इस नए इतिहास का सूत्रपात भारतीय फिल्म प्रोडक्शन कंपनी ‘‘नमः पिक्चर्स’’ के किशोर अरोड़ा व शरीन मंत्री केड़िया के ही प्रयासों से हो पाया.

अपने इस प्रयास से अति उत्साहित मेरठ निवासी किशोर अरोड़ा कहते हैं- ‘‘हम दुनिया भर के सिनेमा प्रेमियों को बताना चाहते हैं कि भारत में असंख्य रंगों में निहित और जड़ित सम्मोहक कहानियां हैं, जिन्हें हम सुनाते हैं. आस्कर नामित ईरानी लेखक व निर्देशक माजिद मजीदी द्वारा निर्देशित हमारी पहली फिल्म ‘बियांड द क्लाउड्स’ उसी दिशा में पहला कदम हैं. जी स्टूडियोज और नमः पिक्चर्स द्वारा निर्मित ईरानी फिल्मकार माजिद मजीदी के जादू को हम अपनी प्रोडक्शन कंपनी ‘नमः पिक्चर्स’ के माध्यम से भारत लेकर आए हैं.’’

मजेदार बात यह है किशोर अरोड़ा का माजिद मजीदी से पहले से कोई परिचय नहीं था. पर माजिद मजीदी की फिल्म ‘‘चिल्ड्रेन्स आफ हैवेन’’ देखकर किशोर अरोड़ा ने जब फिल्म के संबंध में जानकारी हासिल की, तो उन्हें इस बात का गम हुआ कि वह सिनेमा के भगवान को नहीं जानते हैं. खुद किशोर अरोड़ा कहते हैं- ‘‘मुझे फिल्में देखने का शौक है.

हम हर दिन कोई न कोई एक विदेशी फिल्म देखते रहते हैं. लगभग नौ वर्ष पहले हमने एक दिन ‘चिल्ड्रेन्स आफ हैवेन’ देखी. फिल्म देखकर मैं बहुत प्रभावित हुआ और मुझे लगा कि मुझे इसका रीमेक भारत में बनाना चाहिए. इसलिए हमने पता किया कि फिल्म के निर्माता निर्देशक कौन हैं. तो हमें माजिद मजीदी के बारे में पता चला. पता चला कि वह तो सिनेमा के भगवान हैं. फिर हमने उनसे संपर्क किया. पर पता चला कि उनकी इस फिल्म का रीमेक बौलीवुड में हो चुका है. पर हमारे बीच बातचीत होती रही. एक दिन हमने उनके सामने भारत आकर फिल्म बनाने का आफर रख दिया. उस वक्त वह अपनी फिल्म ‘मोहम्मदः द मैसेंजर आफ गाड’ में व्यस्त थे. फोन पर लंबी बात हुई और यह तय हुआ कि वह भारत आकर आमने सामने बैठकर बात करेंगे. जब वह भारत आए और हमारे बीच लंबी बात हुई, तो उस वक्त उन्होंने कहा कि वह तो अपनी फिल्म ‘मोहम्मदः मैसेंजर आफ गाड’ में व्यस्त हैं, इसलिए अभी भारत आकर फिल्म नहीं बना सकते. हमने उनसे साफ साफ कहा कि हम तो उनका इंतजार करने के लिए तैयार हैं, पर हम उनके साथ भारत में फिल्म बनाना चाहते हैं. अब पूरे आठ वर्ष बाद हम माजिद मजीदी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘‘बियांड द क्लाउड्स’’  20 अप्रैल को सिनेमाघरों में लेकर आ रहे हैं. यह पहली भारतीय फिल्म होगी, जो कि ईरान में भी प्रदर्शित होगी. इसके अलावा विश्व के 34 अन्य देशों में प्रदर्शित होगी.’’

पर आप दोनों एक दूसरे की भाषा से अनभिज्ञ हैं. ऐसे में किस तरह की समस्याएं आयीं? इस सवाल पर किशोर अरोड़ा ने कहा- ‘‘यदि आपने माजिद मजीदी की फिल्में देखी होंगी, तो पाया होगा कि माजिद मजीदी की फिल्मों में पात्रों के बीच संवाद कम होते हैं. हर पात्र अपने चेहरे के भाव से ज्यादा बातें करते हैं. इसलिए हमें लगा कि ऐसा भारत में भी हो पाएगा. पहले हमने अंग्रेजी भाषा में फिल्म बनाने की सोची थी. मगर माजिद मजीदी जब भारत आएं, तो उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी जिनके बारे में हैं, वह अंग्रेजी जानते नहीं हैं. वह तो हिंदी जानते हैं. इसलिए फिल्म हिंदी में बननी चाहिए. तो मुझे भी लगा कि हमें हिंदी में फिल्म बनानी चाहिए. आखिर हम अपने देश के लिए फिल्म बना रहे हैं.’’

हिंदी भाषा की फिल्म “बियांड द क्लाउड्स’’ का नाम अंग्रेजी में रखने पर सफाई देते हुए किशोर अरोड़ा कहते हैं- ‘‘देखिए, हम अपनी फिल्म को पूरे विश्व में प्रदर्शित कर रहे हैं. तो हमने फिल्म का नाम ऐसा रखा है, जिसे हर देश का दर्शक समझ सके. पर हमने कोई सख्त या कठिन अंग्रेजी नाम नहीं रखा. यह एक युनिवर्सल फिल्म है.’’

फिल्म की कहानी माजिद मजीदी की ही है. इस बारे में किशोर कहते हैं- ‘‘कहानी मेरी नही है..माजिद मजीदी सर खुद ही लिखी कहानी पर ही फिल्म बनाना पसंद करते हैं. वह एडीटिंग भी करते हैं. उन्हें संगीत व कास्ट्यूम आदि की भी बहुत अच्छी समझ है. उन्हें कैमरा लाइटिंग सब कुछ पता है.’’

तो उन्होंने एक कहानी सुनाई, वही आपको पसंद आ गयी? इस सवाल पर किशोर अरोड़ा व शरीन ने कहा- ‘‘ऐसा नहीं है. हम उनके साथ पहले कश्मीर पर आधारित ‘फ्लोटिंग गार्डेन’ बनाने वाले थे. पर जब उन्होंने हमें ‘बियांड द क्लाउड्स’ की कहानी सुनाई, तो हम दोनों को लगा कि पहले इसे बनाना चाहिए. ‘फ्लोटिंग गार्डेन’ का विषय भी बहुत अच्छा है. उस पर भी काम चल रहा है. भविष्य में माजिद मजीदी के साथ ही हम इसे बनाएंगे. पर माजिद मजीदी को लगा कि मुंबई पर आधारित विषय पर पहले फिल्म बनायी जाए. माजिद मजीदी ने कहानी लिखने से पहले भी काफी भारत भ्रमण व शोध कार्य किया. जब तय हो गया कि मुंबई की कहानी पर फिल्म पहले बनेगी, तो पूरे एक माह तक वह मुंबई के चप्पे चप्पे की यात्रा की. लोकेशन पर उनका शोध काम किया.’’

फिल्म ‘‘बियांड द क्लाउड्स’’ की कहानी की चर्चा चलने पर किशोर ने कहा- ‘‘भाई बहन की कहानी व उनके इमोशन की कहानी है, जो कि भारतीय फिल्मों में नजर नही आता. भारतीय फिल्मों में तो प्रेम कहानी हावी हैं और वह भी नकली. हम भी कुछ नया बनाना चाहते थे.’’

फिल्म ‘बियांड द क्लाउड्स’ की कहानी मुंबई की है. मगर फिल्म में एक घर के दृष्यों की शूटिंग राजस्थान के सांबर में करने की वजह स्पष्ट करते हुए किशोर कहते हैं-‘‘उन्हें जिस तरह का घर चाहिए था, वैसा घर मुंबई में नहीं था. उन्हें चाहिए था कि छोटे छोटे चबूतरे वाला घर हों. गाय बकरी वगैरह बंधी हों. उन्हें चैपाल चाहिए थी. इस तरह के घर उत्तर प्रदेश में मिल सकते थे. पर उन्हें राजस्थान के सांबर में वैसा घर मिला, तो हमने वहां शूटिंग की. वह सेट नहीं लगाना चाहते थे, पर उन्होंने पटकथा में जैसा घर लिखा था, वैसा ही घर तलाश रहे थे. माजिद मजीदी सर ने पूरी फिल्म वास्तविक लोकेशन पर ही फिल्मायी है.’’

अक्सर निर्माता की शिकायत होती है कि निर्देशक की वजह से फिल्म का बजट बढ़ गया? इस सवाल पर किशोर ने कहा- ‘‘भगवान से क्या शिकायत. भगवान हमारे घर आए, यही बड़ी बात है. उसके बाद शिकायत करना तो बहुत बड़ा अपराध होगा. दूसरी बात मैंने पहले ही कहा कि वह एडीटिंग सहित सब कुछ जानते हैं. इसलिए बेवजह किसी सीन के कई टेक भी नहीं लेते थे. बौलीवुड के निर्देशक एक ही सीन को कई एंगल से फिल्माते हैं. उन्होंने ऐसा नहीं किया. उनकी योजना काफी सही रही. पूरी फिल्म 63 दिन में फिल्मायी गयी.’’

VIDEO : मैटेलिक कलर स्मोकी आईज मेकअप

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स्मार्टफोन में हाईड किये गए ऐप और फोल्डर का ऐसे लगाएं पता

आपने कई बार दखा होगा कि कुछ लोग अपने फोन पर किसी भी ऐप या दूसरी मीडिया फाइल को हाईड कर देते हैं. दरअसल गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐप्स मौजूद हैं, जिनकी मदद से आप अपने फोन के ऐप्स, फोल्डर्स के साथ-साथ फोटोज और वीडियोज को भी हाईड कर सकते हैं. लेकिन उस हाईड किये गए ऐप को कोई और नहीं देख सकता. उसे केवल वहीं देख सकता है जिसने उसे हाईड कर रखा है.

लेकिन इस खबर को पढ़ने के बाद आप किसी भी स्मार्टफोन में हाईड किये गए ऐप और फोल्डर को देख सकते हैं. जी हां, आज हम आपके लिए एक ऐसा तरीके लेकर आएं हैं जिसकी मदद से आप किसी के भी मोबाइल में जाकर हाईड ऐप्स या फोल्डर को आसानी से देख सकेंगे. इसके लिए आपको ना ही अलग से कुछ खास करने की जरूरत है और ना ही अलग से कोई ऐप डाउनलोड करने की आवश्यकता.

स्टेप 1: हाईड ऐप्स या फोल्डर का पता लगाने के लिए सबसे पहले आप अपने फोन की सेटिंग्स में जाइये.

स्टेप 2: यहां आपको कई सारे विकल्प दिखेंगे. इनमें आपको Apps का विकल्प भी दिखाई देगा, इसपर टैप करें.

स्टेप 3: Apps पर टैप करने के बाद एक पेज खुलेगा. यहां आपको फोन के सारे ऐप्स दिखाई देंगे. इन ऐप्स में से उन ऐप्स को खोजिए जो मोबाइल के ऐप्स या फोल्डर को हाईड करते हैं. फिर उस ऐप पर टैप करें.

स्टेप 4: यहां आपको Force Stop का विकल्प दिखाई देगा इस पर टैप करें.

स्टेप 5: आपका स्मार्टफोन एक बार फिर से आपसे पूछेगा कि ऐप को Force Stop करना है या नहीं. OK पर टैप कर दें.

इसके बाद ऐप काम करना बंद कर देगा और फोन के सारे हाईड किए हुए ऐप्स दिखने लगेंगे. ऐसे ही सारे हाईड की हुई फोटोज, वीडियोज और फोल्डर्स को आप आसानी से देख सकते हैं वो भी बिना किसी परेशानी के.

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एक बार फिर बढ़ सकते हैं कच्चे तेल के दाम, ये है मुख्य वजह

सीरिया में चल रहे तनाव से पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं. रोजाना तय होने वाले रेट का बोझ तो पहले ही आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है. लेकिन, अब वैश्विक स्तर पर गहराते संकट से इसमें और तेजी आने की उम्मीद है. सीरिया हमले के बाद रूस और अमेरिका में भी तनातनी है. तनाव इतना बढ़ चुका है कि कुछ जानकारों को तीसरे विश्व युद्ध की आहट नजर आने लगी है. दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली है. सीरिया पर अमेरिकी मिसाइलों के बरसने का असर आपकी जेब पर भी पड़ सकता है. वजह है अचानक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल. यदि यह दौर जारी रहा तो भारत में भी पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत बढ़ सकती हैं.

80 डौलर के पार जा सकता है क्रूड

दरअसल, क्रूड औयल के दाम पहले ही तीन साल से ज्यादा की ऊंचाई पर पहुंच चुके हैं. ऐसे में सीरिया संकट और ईरान पर नए प्रतिबंध की तैयारी से भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम पर असर पड़ना तय है. रिसर्च फर्म जेपी मौर्गन के मुताबिक, ब्रेंट क्रौड के दाम 80 डौलर प्रति बैरल के पार जा सकते हैं. फिलहाल, ब्रेंट क्रूड का दाम 71.85 डौलर प्रति बैरल है.

क्या जताई गई है आशंका

जेपी मौर्गन के मुताबिक अमेरिका के सीरिया पर हमले के कारण मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है. साथ ही ईरान पर भी अमेरिका नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है. ऐसे में क्रूड औयल की कीमतों में बढ़ा उछाल देखने को मिल सकता है. अगर कच्चे तेल की कीमतें 80 डौलर तक पहुंचती हैं तो जाहिर तौर पर भारत में इसका असर पेट्रोल-डीजल पर पड़ेगा. फिलहाल, भारत में मुंबई में पेट्रोल के दाम सबसे ज्यादा है. इस वक्त मुंबई में पेट्रोल के दाम 82 रुपए तक पहुंच चुके हैं. अगर क्रूड में तेजी आती है तो यह आंकड़ा 90 के आसपास पहुंच सकता है.

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क्यों महंगा होगा पेट्रोल

एक्सपर्ट के मुताबिक, भारतीय तेल कंपनियां ज्यादातर तेल इंपोर्ट करती हैं. साथ ही इसका भुगतान भी अमेरिकी डौलर में होता है. अगर ब्रेंट क्रूड के दाम बढ़ते हैं तो उन्हें भुगतान भी ज्यादा करना होगा. तेल कंपनियों पर बढ़ने वाला बोझ को कंपनिया आगे बढ़ाएंगी. साथ ही रुपए के भाव पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा. यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल के दाम में तेजी देखने को मिल सकती है.

महंगाई बढ़ने की भी आशंका

डौलर का भाव बढ़ने से रुपया कमजोर होगा. ऐसे में महंगाई बढ़ने का भी खतरा है. रुपया कमजोर होने से सभी तरह के इंपोर्ट महंगे हो जाएंगे. साथ ही कच्चे तेल के लिए भी ज्यादा कीमत चुकानी होगी. इसका सीधा असर सरकार के राजकोषीय घाटे पर भी पड़ेगा. सरकार की उधारी बढ़ेगी और घाटा भी बढ़ता जाएगा. इससे आम आदमी पर भी दोहरी मार पड़ने की आशंका है.

सीरिया पर हमले से कच्चे तेल में आग

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त रूप से सीरिया के ठिकानों पर मिसाइल हमला किया था. इस हमले के बाद से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा है. कच्चे तेल के दाम पर इसका असर देखने को मिला. पिछले हफ्ते ब्रेंट क्रूड की कीमत 8.6 फीसदी बढ़कर नवंबर 2014 के बाद से सबसे ज्यादा के स्तर पर पहुंच गई.

तनाव बढ़ा तो कीमतें बढ़ना तय

जेपी मौर्गन के मुताबिक, सीरिया ग्लोबल पेट्रोलियम सप्लाई का केवल 0.04 फीसदी ही उत्पादन करता है, जो कि क्यूबा, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान से भी कम है, लेकिन इसके पड़ोस में मौजूद कई देश बड़े तेल उत्पादक हैं. सीरिया की सीमा ईराक से मिलती है, जो OPEC (और्गनाइज़ेशन औफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज) का दूसरा सबसे बड़ा मेंबर है. इसके तुरंत बाद सऊदी अरब और ईरान जैसे बड़े तेल उत्पादक देश हैं. अगर तनाव बढ़ेगा तो तेल की कीमतों पर भी बुरा असर पड़ेगा.

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तो सोनम कपूर की शादी की तैयारियां शुरू

बौलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर पि‍छले कुछ दिनों से अपनी शादी की खबरों को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं. मुंबई में होने जा रही इस शादी की फाइनल डेट सामने आ गई है. जिसके बाद से सोनम और आनंद की शादी की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं.

सोनम कपूर के पारिवारिक सूत्रों की माने तो इस माह के अंत में सोनम कपूर अपने प्रेमी आनंद आहुजा के संग मुंबई में ही शादी के बंधन में बंध जाएंगी. इन दिनों अनिल कपूर के बंगले पर सोनम कपूर के पूरे परिवार के साथ साथ आनंद आहुजा व नृत्य निर्देशक फरहा खान नजर आ रही हैं.

सूत्र बता रहे हैं कि सोनम कपूर और आनंद आहुजा की शादी से पहले की संगीत सेरेमनी का भार फरहा खान के कंधों पर है. इसलिए वह हर दिन अनिल कपूर के बंगले पर पहुंचकर संगीत सेरेमनी के दिन के लिए सोनम कपूर व आनंद आहुजा को नृत्य की ट्रेनिंग देने के साथ साथ रिहर्सल कराती रहती हैं. खबरों के मुताबिक इस सेरेमनी में पापा अनिल कपूर पत्नी सुनीता के साथ स्पेशल परफौर्मेंस देंगे.

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मिलिए शेन वौर्न के बेटे जैक्सन से, क्रिकेट से नहीं मौडलिंग से है प्यार

देश-विदेश के कई क्रिकेटरों के बेटे अपने पिता के नक्शे-कदमों पर चलते हुए क्रिकेट खेले हैं. भले ही वह अपने पिता जितने सफल नहीं हुए हों, लेकिन उन्होंने क्रिकेट में हाथ जरूर आजमाया है. वर्तमान में देखें तो सचिन तेंदुलकर का बेटा अर्जुन, राहुल द्रविड़ का बेटा समित, स्टीव वा का बेटा औस्टिन वा, मखाया नतिनी का बेटा थांडो नतिनी यह सभी अपने पिता की तरह क्रिकेट की दुनिया में कदम रख चुके हैं, लेकिन ‘स्पिन के किंग’ औस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर शेन वौर्न का बेटा अपने पिता से अलग है. शेन वौर्न के बेटे जैक्सन वौर्न ने अपने पिता की तरह क्रिकेट को नहीं चुना, बल्कि उनका पैशन कुछ और ही है.

अपनी शानदार स्पिन बौलिंग के साथ-साथ विवादों को लेकर भी सुर्खियों में रहने वाले शेन वौर्न के बेटे ने अपना करियर क्रिकेट को नहीं, बल्कि मौडलिंग को चुना है. शेन वार्न भी अपने बेटे की इस च्वाइस को लेकर काफी खुश हैं और गौरवान्वित भी हैं.

इन दिनों सोशल मीडिया पर शेन वौर्न के बेटे की तस्वीर छाई हुई हैं. खुद शेन वौर्न ने भी एक तस्वीर शेयर कर अपने बेटे की जमकर तारीफ की है. जैक्सन वौर्न की इस तस्वीर को फैन्स काफी पसंद कर रहे हैं.

शेन वौर्न ने अपने औफिशयल इंस्टाग्राम से जैक्सन वौर्न की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं. इन तस्वीरों को शेयर करते हुए शेन वौर्न ने जैक्सन से सभी का परिचय करवाया है. जैक्सन की तस्वीर शेयर करते हुए शेन वौर्न ने लिखा है- ‘अपने बेटे जैक्सन वौर्न पर मुझे गर्व है.’

Very proud of my son @jackson_warne18 !! Takes after his dad ????Great shot @jake_od

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इसी तस्वीर को शेन वौर्न ने टि्वटर पर साझा करते हुए लिखा है- ‘मौडलिंग में हाथ आजमाने पर मुझे अपने बेटे पर बहुत गर्व है. उसने एक फोटोशूट भी किया. उसी में से एक तस्वीर ये रही. क्या आपको लगता है उसके लुक्स पसंद आए.’

शेन वौर्न और जैक्सन की बौन्डिंग भी काफी अच्छी है. जैक्सन ने अपने औफिशियल इंस्टाग्राम पर शेन वौर्न के साथ कई तस्वीरें शेयर की हैं.

बता दें कि पहले सत्र में राजस्थान को खिताबी जीत दिलाने वाले औस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वौर्न 10 साल बाद इसी टीम के मेंटर के रूप में इंडियन प्रीमियर लीग में लौटे हैं. शेन वौर्न 2008 में राजस्थान के कप्तान और कोच थे, जब बड़े सितारों के बिना भी टीम ने खिताब जीतकर सभी को चौंका दिया था. राजस्थान की आईपीएल में दो साल के बाद वापसी हुई है.

राजस्थान से खरीदे सबसे महंगे खिलाड़ी

इस साल की नीलामी में राजस्थान ने दो सबसे महंगे खिलाड़ियों बेन स्टोक्स (12.5 करोड़) और जयदेव उनादकट (11.5 करोड़) को खरीदा. इसके साथ ही राजस्थान रौयल्स ने नीलामी में राइट टू मैच का इस्तेमाल करते हुए अजिंक्य रहाणे (4 करोड़) और धवल कुलकर्णी (75 लाख) को फिर से अपनी टीम में शामिल किया. राजस्थान ने भारतीय खिलाड़ियों में संजू सैमसन (8 करोड़) और विदेशी खिलाड़ियों में जोफ्रा आर्चर को भी 7.2 करोड़ में खरीदा. इसके अलावा अनकैप्ड खिलाड़ियों में कृष्णप्पा गौतम (6.2 करोड़) में खरीदा.

राजस्थान टीम इस प्रकार है

अजिंक्य रहाणे, बेन स्टोक्स, जयदेव उनादकट, जोस बटलर, राहुल त्रिपाठी, डार्सी शौर्ट, संजू सैमसन, प्रशांत चोपड़ा, धवल कुलकर्णी, आर्यमान बिड़ला, जोफ्रा आर्चर, बेन लौफलिन, अनुरीत सिंह, दुश्मान्था चमीरा, जहीर खान, मिधुन एस, अंकित शर्मा, स्टुअर्ट बिन्नी, कृष्णप्पा गौतम, जतिन सक्सेना, श्रेयस गोपाल, महिपाल लोमरोर.

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