अगले साल यानी 2019 में इंग्लैंड में होने वर्ल्डकप के कार्यक्रम का ऐलान कर दिया गया है. 30 मई से 14 जुलाई के बीच खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट में पहला मुकाबला 30 मई को इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच होगा. ये मैच ओवल में खेला जाएगा. भारत अपने अभियान की शुरुआत 5 जून से करेगा. उसका पहला मुकाबला अफ्रीका के साथ साउथंप्टन के हेंपशायर में होगा.
टीम इंडिया 2019 वर्ल्डकप में पांच जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी और अपने नौ राउंड रौबिन लीग मैचों को छह अलग-अलग स्थलों पर खेलेगी. भारतीय टीम साउथेम्प्टन (दक्षिण अफ्रीका, अफगानिस्तान), बर्मिंघम (इंग्लैंड और बांग्लादेश) और मैनचेस्टर (पाकिस्तान और वेस्टइंडीज) में दो-दो मैच जबकि ओवल (औस्ट्रेलिया), नौटिंघम (न्यूजीलैंड) और लीड्स (श्रीलंका) में एक-एक मैच खेलेगी.
टीम इंडिया के वर्ल्डकप में इन टीमों से होंगे मुकाबले
5 जून : दक्षिण अफ्रीका (साउथेम्प्टन)
9 जून : औस्ट्रेलिया ( ओवल )
13 जून : न्यूजीलैंड ( नौटिंघम )
16 जून : पाकिस्तान (मैनचेस्टर)
22 जून : अफगानिस्तान (साउथेम्प्टन)
27 जून : वेस्टइंडीज (मैनचेस्टर)
30 जून : इंग्लैंड (बर्मिंघम)
दो जुलाई : बांग्लादेश (बर्मिंघम)
छह जुलाई : श्रीलंका (लीड्स)
नौ जुलाई : पहला सेमीफाइनल (मैनचेस्टर)
11 जुलाई : दूसरा सेमीफाइनल (बर्मिंघम)
14 जुलाई : फाइनल (लौर्ड्स)
इससे पहले 1999 में इंग्लैंड की धरती पर वर्ल्डकप हुआ था. इसमें टीम इंडिया का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा था. वह प्लेऔफ में तक नहीं पहुंच पाई थी. इस वर्ल्डकप को औस्ट्रेलिया ने जीता था.
वर्ल्डकप 2019 यूनाईटेड किंगडम में 30 मई से 14 जुलाई के बीच खेला जाएगा और भारत अपने अभियान की शुरूआत पांच जून को करेगा, क्योंकि बीसीसीआई को लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अनुरूप आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मैच के बीच 15 दिन का अनिवार्य अंतर रखना होगा.
VIDEO : प्री वेडिंग फोटोशूट मेकअप
ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTubeचैनल.
सोशल मीडिया का सब से गलत इस्तेमाल हिंदू कट्टरपंथियों द्वारा मुसलिम भारतीयों को मांबहन की गालियां देने और बारबार उन्हें पाकिस्तान जाने को कहने में हो रहा है. उम्मीद थी कि इंटरनैट का इस्तेमाल दुनिया को एक करने में किया जाएगा और दूरदराज के लोग जिन्हें जानते भी नहीं हैं, उन के दोस्त बनेंगे, एकदूसरे के रहनसहन के बारे में जानेंगे और सीमाएं मिटा देंगे.
हो उलट रहा है, भारत में ही नहीं, दुनिया भर के देशों में इंटरनैट का इस्तेमाल घृणा फैलाने और गालियां देने में ज्यादा हो रहा है, प्यार और भाईचारा फैलाने में कम. इंटरनैट के जरिए शहरों, राज्यों व देशों की सीमाएं लांघते हुए गालियों को इस बुरी तरह दुनिया भर में फैलाया जा रहा है कि बहुत से लोग रोमन में लिखी भाषाई गालियों को समझ नहीं पाते. मुसलिमों के लिए भारत में इस बुरी तरह मां को ले कर कहे अपशब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है कि फेसबुक ट्रांसलेटर ने एक हिंदी गाली का अनुवाद ‘मुसलिम’ कर दिया. यह उन्होंने ठीक कर लिया पर मूल सवाल है कि ऐसा होता ही क्यों है? इंटरनैट ने एकदूसरे के प्रति अपने पूर्वाग्रह जताने का काम क्यों किया? उस ने ज्ञान कम क्यों बांटा, बकवास क्यों बांटी? अभी हिलेरी क्लिंटन के डोनल्ड ट्रंप के बारे में कहे गए कुछ बयानों पर पाठकों के कमैंट पढ़ने को मिले. अमेरिकी शिक्षित रिपब्लिकन भी डोनल्ड ट्रंप की कमियों को स्वीकार करने की जगह बिल क्लिंटन के बारे में अपशब्द इस्तेमाल करने लगे. बहस कुछ हो रही हो पर जल्दी गालीगलौज चालू हो जाती है. भारत में पहले गौरक्षक आंदोलन छेड़ा गया ताकि गाय का व्यापार करने वाले मुसलमान व मरी गायों का चमड़ा उतारने वाले दलितों को धमकाया जा सके और ऊंचे हिंदुओं को मंच दिया जा सके. तुरंत इंटरनैट गौ सेवा के संदेशों से भर गया. जिन्होंने कभी गाय का दूध नहीं पीया हो और जो गाय को छोड़ कर बहुत से जानवरों का मांस खाते हों, उन्हें अचानक अहिंसा के गुण याद आ गए और सोशल मीडिया को रणक्षेत्र बना डाला.
अब यही बात तिहरे तलाक पर हो रही है. जिन लोगों ने अपने यहां दहेज, कुंडली, परदेस, औरतों के बलात्कार को नहीं छोड़ा वे उन औरतों के लिए हमदर्दी जताने लगे जिन्होंने तिहरे तलाक को कभी सुना भी नहीं, बेबात में मुसलिम औरतों के हमदर्द कुकुरमुत्तों की तरह सोशल मीडिया की पथरीली जमीन पर उग आए. सोशल मीडिया अब दुनिया के लिए आफत बन रहा है. अब जरूरी होने लगा है कि इस में प्राइवेसी समाप्त हो. जिस ने जो कहना है कहे पर पूरी तरह अपना परिचय देते हुए. हर ईमेल के साथ किसी साइट पर उस व्यक्ति, फर्म, संस्था का पूरा पता, नाम, फोन नंबर हो. यह सैंसरशिप नहीं पर सड़क पर चलते हुए गाली देने वाले के चेहरे से मुखौटा उतरवाना है. सोशल मीडिया का उपयोग अपनों के लिए हो. फेसबुक या व्हाट्सऐप के जरिए अनजानों को दोस्ती के लिए न उकसाएं. यह घृणा का व्यापार बंद हो.
VIDEO : प्री वेडिंग फोटोशूट मेकअप
ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTubeचैनल.
‘हाय, मेरा नाम रानी है. मैं 19 साल की हूं और इंदौर में अकेली रहती हूं. क्या आप मेरे साथ सैक्स करना चाहेंगे? मेरा मोबाइल नंबर है 975519××××…’
हालांकि यह सब अंगरेजी में लिखा था, लेकिन मध्य प्रदेश के शाजापुर में रहने वाले 26 साला जितेंद्र रघुवंशी (बदला नाम) को पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं हुई, क्योंकि वह 12वीं जमात पास था. नजदीक के एक गांव से शाजापुर आ कर बस गए इस नौजवान ने एक साल पहले स्मार्टफोन खरीदा था. मालदार किसान परिवार का होने की वजह से जितेंद्र को पैसों की कमी नहीं थी, इसलिए अपनी खादबीज की दुकान पर बैठाबैठा वह कालगर्ल ढूंढ़ने लगा और ढूंढ़ा तो हैरान रह गया. उसे ऐसा लगा, मानो इस दुनिया में ऐसी लड़कियों के अलावा कुछ है ही नहीं, जो कुछ हजार रुपयों के एवज में अपना जिस्म बेचती हैं और बाकायदा फोटो समेत इश्तिहार भी करती हैं. उन्हें अपना फोन नंबर देने में कोई हिचक नहीं होती और किसी का डर भी नहीं लगता.
आखिरकार हिम्मत कर के जितेंद्र ने दिए गए नंबर पर फोन किया, तो दूसरी तरफ से उम्मीद के मुताबिक एक लड़की की ही आवाज आई.
‘हैलो, कहिए?’ वह लड़की बोली, तो जितेंद्र सकपका गया और हड़बड़ाहट में बोला, ‘‘मैं ने इंटरनैट पर देखा, तो सोचा…’’
‘सोचा क्या, आ ही जाइए. रानी आप की खिदमत में हाजिर है. 2 घंटे के 2 हजार और पूरी रात के 20 हजार रुपए चार्ज है. बताइए, कब और कहां मिलूं? आप जैसे चाहें मेरे साथ सैक्स कर सकते हैं. मैं बहुत ऐक्सपर्ट हूं.’
जितेंद्र अचानक मिली इस दावत से घबरा सा उठा और बोला, ‘‘मैं कल फोन करूंगा…’’
‘ओके स्वीटहार्ट, जब मरजी हो बता देना. रानी हमेशा तुम्हारी खिदमत में हाजिर मिलेगी. जैसे चाहोगे वैसे सैक्स करेगी और जन्नत का मजा देगी.’ फोन काट कर जितेंद्र गटागट 3 गिलास पानी पी गया और कुछ देर बाद रानी की मीठी बातों के जाल से निकला, तो उसे समझ आया कि कहीं कोई फर्जीवाड़ा या खतरा नहीं है, बस एक बार बात कर के इंदौर जाने की देर है, फिर तो मजे ही मजे हैं. जितेंद्र ने जैसेतैसे 3 दिन काटे, फिर उसी नंबर पर फोन किया, तो उसी लड़की की आवाज आई, ‘बड़ी देर कर दी जानेमन, बोलो…’
‘‘कहां मिलोगी?’’ जितेंद्र ने पूछा.
‘जहां तुम कहो…’ वहां से मधुर आवाज आई.
‘‘कल दोपहर 12 बजे मिलो, सरवटे बसस्टैंड पर.’’
‘ओके, मैं… कौफी हाउस में बैठी मिलूंगी, गुलाबी रंग के सूट में रहूंगी.’ अगले दिन जितेंद्र इंदौर जा पहुंचा और रानी के बताए कौफी हाउस में पहुंचा, तो देख कर हैरान रह गया कि सचमुच कोने वाली सीट पर गुलाबी सूट पहने एक खूबसूरत सी लड़की कोल्ड कौफी की चुसकियां ले रही थी. जितेंद्र उस से मुखातिब हो पाता, उस के पहले ही उस ने उंगलियों से इशारा कर उसे बुलाया. जाहिर है कि वह अपने ग्राहक को पहचान गई थी. जितेंद्र उस के सामने जा कर बैठ गया और बातचीत करने लगा.
रानी 2 घंटे के 2 हजार रुपए ही लेगी. जगह उस की रहेगी, पर कौफी हाउस में खिलानेपिलाने, आटोरिकशा वगैरह के सारे खर्च वह खुद उठाएगा.
‘‘ठीक है,’’ जितेंद्र उस के उभारों पर से नजर हटाते हुए थूक निगल कर बोला.
‘‘तभी इतने नर्वस हो रहे हो. चलो, रास्ते में बीयर या ह्विस्की कुछ ले लेते हैं. दोनों साथ बैठ कर पीएंगे, तो ज्यादा मजा आएगा और तुम्हारी यह ख्वाहिश भी पूरी हो जाएगी,’’ रानी बोली.
ऐसा हुआ भी. बसस्टैंड से आटोरिकशा कर के जितेंद्र रानी के साथ वहां से तकरीबन 16 किलोमीटर दूर एक बड़े अपार्टमैंट्स के उस के फ्लैट पर पहुंचा. वहां कोई नहीं था. अंदर दाखिल होते ही रानी ने दरवाजा बंद किया और बोली, ‘‘चलो, हो जाओ शुरू…’’
‘‘पर बीयर तो ले ही नहीं पाए,’’ जितेंद्र ने कहा.
‘‘सब है यहां, बस पैसे तुम देना…’’ फ्रिज से बीयर की बोतलें और गिलास निकालते हुए रानी ने शोख आवाज में जवाब दिया. 2 घंटे बाद जितेंद्र उसे पैसे दे कर उस फ्लैट से बाहर निकला, तो उस के पैर जमीन पर नहीं पड़ रहे थे. वाकई रानी ने उसे मजा दिया था. हालांकि शराब के एक हजार रुपए अलग से रखवा लिए थे. जितेंद्र को इस का कोई मलाल नहीं था. 2 घंटे के दौरान किसी ने कोई दखल नहीं दिया था. रानी ने अपना फोन बंद कर लिया था और जितेंद्र का भी बंद करा दिया था, लेकिन जाते समय उस ने जितेंद्र को अपना पर्सनल नंबर दे दिया था कि फिर कभी मूड हो तो इस नंबर पर ही फोन करना. जितेंद्र ने अलगअलग फोन नंबरों के घालमेल से ज्यादा सिर नहीं खपाया और इस के बाद 2 बार और इंदौर गया, तो रानी से उस के पर्सनल नंबर पर बात कर सीधे उस के फ्लैट पर जा पहुंचा और जम कर मौजमस्ती की.
स्मार्टफोन ने बदला चलन
अब तकरीबन हर हाथ में स्मार्टफोन है, जिस में हर तरह की जानकारियां बहुत सस्ते में मिल जाती हैं. कालगर्ल की जानकारी भी इन में से एक है. स्मार्टफोन आने से पहले देह का कारोबार पुराने तरीके से चलता था. इंदौर की ही मिसाल लें, तो वहां का बंबई बाजार कभी देह धंधे के लिए जाना जाता था. वहां कोठे थे. जितेंद्र की तरह लोग आते थे, लेकिन मनपसंद कालगर्ल ढूंढ़ने में उन्हें परेशानी होती थी. 2-4 कोठों पर धक्के खाने के बाद या तो मनपसंद कालगर्ल ग्राहक को मिल जाती थी या थकहार कर ग्राहक ही किसी को अपनी पसंद बना लेता था. लेकिन बंबई बाजार जैसी बदनाम जगहों का माहौल लोगों को रास नहीं आता था. शराब की बदबू होती थी. खिड़की और दरवाजों से झांकती लड़कियां भद्दे इशारे कर के ग्राहकों को बुलाती थीं. कई दफा तो हाथ पकड़ कर अंदर खींच लेती थीं. उन की ज्यादतियों से बचने के लिए ग्राहक दलाल का सहारा लेते थे. स्मार्टफोन ने देह धंधे के इस चलन में भारी बदलाव कर दिए हैं. अब दलाल भी कालगर्लों की तरह हाईफाई हो गए हैं. बंबई बाजार टुकड़ेटुकड़े हो कर पूरे इंदौर में चारों तरफ फैल गया है. हर चौथे अपार्टमैंट्स में एक रानी है. जब किसी जितेंद्र का फोन आता है, तो वह मेकअप कर के तैयार हो जाती है. जानपहचान वाला न हो, तो जगह तय कर लेने भी पहुंच जाती है. लेकिन दलाल किसी को नजर नहीं आता.
पहली दफा जितेंद्र ने जिस नंबर पर फोन किया था, वह एजेंट का था. इस फोन नंबर पर शिफ्ट में लड़कियां बैठती हैं और ग्राहक से सैक्सी बातें करती हैं. ग्राहक का नंबर ले कर वे अपने पास रखी लिस्ट या फोन बुक में से किसी एक कालगर्ल का नंबर देख कर उसे बताती है. वह फ्री होती है, तो बातचीत का ब्योरा ग्राहक को दे दिया जाता है और तगड़ा कमीशन ले लिया जाता है. यह ऐस्कौर्ट सर्विस देश के हर बड़े शहर में मौजूद है. भोपाल में ऐस्कौर्ट सर्विस से जुड़े एक मुलाजिम ने बताया कि स्मार्टफोन वालों के लिए उन की एजेंसी इंटरनैट पर तमाम जानकारियां डालती है. वे कई नामों से वैबसाइट बनाते और चलाते हैं. उन्हें देख कर ग्राहक बातचीत करते हैं, तो अपने आसपास की किसी कालगर्ल को उस का नंबर दे देते हैं.
उस मुलाजिम के मुताबिक, अभी उन की लिस्ट में तकरीबन 2 हजार लड़कियों के नाम हैं, जिन में होस्टल में रह रही छात्राएं भी शामिल हैं. कुछ घरेलू औरतें भी हैं, लेकिन ज्यादातर पेशेवर कालगर्ल हैं. उस दलाल के मुताबिक, आजकल लड़कियों के पास खुद की जगह रहती है. इस में खतरा कम रहता है, क्योंकि वे रिहायशी इलाकों में रहती हैं. लेकिन पड़ोसी हल्ला मचाने लगें और पुलिस वालों की नजर उन पर पड़ जाए, तो वे अपना ठिकाना बदल लेती हैं. उस दलाल की मानें, तो ज्यादातर लड़कियां ग्राहक से सीधे बात करने लगती हैं, तो नुकसान दलाल का होता है, क्योंकि उन्हें जमाने में दलाल का बड़ा हाथ रहता है. शुरू में दलाल उन्हें प्यार से ऊंचनीच समझाते हैं. अगर वे नहीं मानतीं, तो एकाध दफा गुंडे या पुलिस वालों के हाथों फंसवा देते हैं. उस के बाद वे कभी झंझट नहीं करती हैं. इस से हर बार दलाल को कमीशन मिलता रहता है. हालफिलहाल तो भोपाल जैसे शहरों में भी ऐस्कौर्ट सर्विस वाले 5-6 लाख रुपए हर महीना कमा रहे हैं, जो 8-10 मुलाजिमों के बीच बंट जाता है. सभी को काम और ओहदे के मुताबिक तनख्वाह मिलती है.
कंप्यूटर पर साइट्स बनाने और लोड करने वाले इंजीनियर को 15-20 हजार रुपए, स्मार्टफोन पर बात करने वाली कालगर्ल को 10-12 हजार और कारोबार को बढ़ाने वाली मुलाजिमों को 20-25 हजार रुपए महीना तनख्वाह मिलती है. सब से बड़ा हिस्सा बौस की जेब में तकरीबन 3 लाख रुपए जाता है.
घाटे में पुलिस वाले
स्मार्टफोन पर देह धंधे के चलन से बड़ा नुकसान पुलिस वालों का हुआ है. अब तो इन के मुखबिर भी नहीं बता पाते हैं कि कौन कहां धंधा कर रहा है. अब तो कालगर्लें भी कहने लगी हैं कि वे बालिग हैं, किसी के साथ हमबिस्तरी करें, यह मरजी की बात है. लिहाजा, पुलिस वाले कसमसा कर रह जाते हैं. जबरदस्ती करें, तो बेवजह हल्ला मचता है. गिरोह बना कर इंटरनैट पर इस कारोबार को बढ़ावा दे रही ऐस्कौर्ट एजेंसियां भी पुलिस की पकड़ और पहुंच से दूर हैं. वे भी अपना पताठिकाना और फोन नंबर बदलती रहती हैं. सीधेसीधे कहा जाए, तो अब हो यह रहा है कि जितेंद्र जैसे ग्राहक स्मार्टफोन पर ऐसी एजेंसी को ढूंढ़ते हैं और बगैर किसी सिरदर्द के अपनी ख्वाहिश और जरूरत पूरी कर लेते हैं. हालांकि इस से उन का खर्च बढ़ा है, लेकिन इज्जत बनी रहती है और हिफाजत की भी गारंटी रहती है. अब कालगर्लों के पास ग्राहक के नामपते और फोन नंबर वाली डायरी नहीं होती. स्मार्टफोन की फोन बुक होती है, जिस में पासवर्ड डाल दो, तो कोई दूसरा इस को नहीं खोल सकता.
ग्राहक भी फायदे में हैं. जितेंद्र जैसे ग्राहकों को ब्लू फिल्में, सीधे कालगर्ल से चैटिंग और अब वीडियो चैटिंग की सहूलियत, जब भी जोश दिलाती है, तो वे भागते हैं किसी रानी की तरफ, जो उन्हें संतुष्ट करने में माहिर होती है.
मर्द भी मिलते हैं
स्मार्टफोन अब औरतें भी खूब इस्तेमाल करती हैं. लिहाजा, ‘पुरुष वेश्याओं’ की भी मांग बढ़ रही है. ऐस्कौर्ट सर्विस के कर्ताधर्ता अपनी इंटरनैट साइट पर बिकाऊ मर्दों की जानकारी और फोन नंबर भी डालने लगे हैं, जिस से सैक्स की जरूरतमंद औरतें फोन कर के अपनी जिस्मानी भूख मिटा सकती हैं.
ऐस्कौर्ट सर्विस के एक दलाल के मुताबिक, मर्दों के दाम औरतों से ज्यादा होते हैं. वजह, उन की मांग ऊंचे तबकों की औरतों में ज्यादा है. उम्रदराज कुंआरियां, विधवाएं और पति द्वारा छोड़ दी गई औरतों के अलावा पति से नाखुश औरतें भी ऐसे मर्दों की सर्विस लेती हैं. उन्हें 5 हजार रुपए आसानी से मिल जाते हैं. अगर औरत को उन के मुताबिक खुश कर दें, तो 5 के 50 हजार रुपए भी झटक लेते हैं.
सोशल साइटों पर यह धंधा खूब फलफूल रहा है. विदिशा, मध्य प्रदेश के नजदीक गंजबासौदा कसबे का एक बेरोजगार नौजवान एस. कुमार बताता है कि उस ने फर्जी नाम से फेसबुक पर अकाउंट खोला और यह मैसेज डालना शुरू कर दिया कि जो भाभियां, आंटियां अपने पतियों से संतुष्ट नहीं होतीं, वे उस से बात कर सकती हैं. यह नौजवान फेसबुक में चुनचुन कर उम्रदराज औरतों को फ्रैंड रिक्वैस्ट मैसेज कर अपना फोन नंबर दे देता है.
देखते ही देखते उस की कई फ्रैंड बन गईं और इनबौक्स में जा कर सैक्सी बातें करने लगीं. कुछ ने उसे बुलाया भी. इस नौजवान ने हालांकि अभी 50-60 हजार रुपए ही इस धंधे से कमाए हैं, लेकिन वह स्मार्टफोन का शुक्रगुजार रहता है कि इस की वजह से उसे पैसा मिल रहा है और मजा भी.
अपना एक किस्सा सुनाते हुए वह कहता है कि गुना की एक सरकारी स्कूल की टीचर ने उस से दोस्ती की और बताया कि उस का पति ढीला है. अगर तुम गुना आ कर सैक्स करो, तो मैं आनेजाने का खर्च और 2 हजार रुपए दूंगी. वह नौजवान वहां गया और उसे संतुष्ट कर आया.
ब्लू फिल्मों का खजाना
स्मार्टफोन का इस्तेमाल देह धंधे से ज्यादा ब्लू फिल्में और अश्लील साइटें देखने में हो रहा है. ‘अंतरवासना’ इस में सब से ज्यादा देखी और पढ़ी जाने वाली साइट है. इस साइट पर सैक्सी कहानियां होती हैं, जिन की मस्तराम छाप नीलीपीली किताबें 30 रुपए से सौ रुपए तक में बिका करती थीं, पर ‘अंतरवासना’ की एक और खूबी यह है कि रोज 2-3 कहानियां अपलोड होती हैं. यह साइट दावा करती है कि कहानियां पाठकों की खुद की लिखी होती हैं. इसी में हमबिस्तरी वाले वीडियो भी भरे पड़े हैं. आज से तकरीबन 15 साल पहले तक सिनेमाघर वाले पहले शो में दक्षिण भारत की फिल्में दिखाते थे, तो उन में 15-20 मिनट का एक टुकड़ा ब्लू फिल्म का भी जोड़ देते थे, जिस पर खूब हल्ला मचता था. अकसर आबकारी महकमा छापा मार कर दर्शकों की नाक में दम कर देता था और सिनेमा मालिक को ऐसी फिल्में चलाने पर भारीभरकम घूस देनी पड़ती थी.
अब तो ‘सविता भाभी डौट कौम’ जैसी दर्जनों साइटें ये नजारे आसानी से दिखा रही हैं, वह भी सिर्फ 250 रुपए महीने में. गांवदेहातों में इन साइटों की मांग तेजी से बढ़ रही है. यहां के लोग मनपसंद गोरी देशीविदेशी कालगर्ल को देख कर सैक्स की अपनी जिस्मानी भूख मिटा रहे हैं. मिल, तेलुगु, मराठी, गुजराती, कन्नड़ वगैरह भाषाओं में भी ऐसी फिल्मों की डबिंग की जाती है.
VIDEO : प्री वेडिंग फोटोशूट मेकअप
ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTubeचैनल.
ब्रिटेन में साल 2009 में सेना के जवानों की पत्नियों ने घायल और बीमार सेना वालों की खातिर एक चैरिटी कलैंडर में बिना कपड़ों के पोज दे कर सभी को चौंका दिया था.‘द गैरिन गर्ल्स’ नामक उस कलैंडर में सेना वालों की पत्नियों ने ब्लैक ऐंड ह्वाइट तसवीरों में ऐसे फोटो खिंचवाए थे. फोटोग्राफर ने उन से कोई मेहनताना नहीं लिया था. कलैंडर की कीमत 10 पाउंड रखी गई थी. 19 साल से 40 साल की उन औरतों को मौडलिंग की इतनी समझ नहीं थी, फिर भी उन्हें यह फोटो शूट कराने में कोई झिझक महसूस नहीं हुई थी.
फ्रांस की कर्लाबनी अपने बौयफ्रैंड और न्यूड फोटो को ले कर हमेशा सुर्खियों में रही हैं. कर्लाबनी साल 2009 में तब पूरी दुनिया में चर्चित हुई थीं, जब उन को एक न्यूड फोटो की नीलामी की खबर मीडिया द्वारा फैली थी. नीलाम किए जाने वाले फोटो में वे बिना कपड़े पहने एक बिस्तर पर लेटी हुई थीं. यह फोटो मार्च, 1993 में एक अमेरिकी फोटोग्राफर पौमेला हैनसन ने खींचा था. एक रिएलिटी शो के दौरान बेहद खूबसूरत और बिंदास मौडल हैदी क्लूम ने न्यूड हो कर सब को चौंका दिया था. यह बात जून, 2011 की है, जब हैदी क्लूम 19 साल की थीं और तब प्रोजैक्ट ‘रनवे’ नाम के एक शो में वे न केवल काम कर रही थीं, बल्कि होस्ट की भूमिका में भी थीं. हैदी क्लूम इसी शो के दौरान न्यूड हुई थीं. वैसे भी न्यूड पोज देना हैदी क्लूम के लिए कोई पहली घटना नहीं थी. वे इस से पहले कई बार कई चर्चित पत्रिकाओं के लिए अपने न्यूड फोटो खिंचवा चुकी हैं.
जानेमाने टैनिस स्टार आंद्रे अगासी ने जनवरी, 2011 में चैरिटी के लिए हो रही नीलामी में सर्वाधिक बोली लगाने वाले खरीदार को अपनी पत्नी स्टेफी ग्राफ का न्यूड फोटो दिखाने का ऐलान कर सनसनी फैला दी थी. आंद्रे अगासी ने नीलामी में 4 हजार डौलर से ज्यादा की बोली लगाने वाले खरीदार को स्टेफी ग्राफ, जो खुद बेहद खूबसूरत और मशहूर लौन टैनिस स्टार रह चुकी हैं, का न्यूड फोटो दिखाने का वादा किया था. आंद्रे अगासी ने अपने वादे पर कायम रहते हुए अपने मोबाइल फोन पर कथित न्यूड फोटो दिखाया. लेकिन तब यह साफ नहीं हो पाया था कि आंद्रे अगासी ने क्या सचमुच बोली लगाने वाले शख्स को स्टेफी ग्राफ का न्यूड फोटो दिखाया था या फिर वह न्यूड फोटो किसी और का था.
भारत की मौडल पूनम पांडे भी अपने न्यूड फोटो को ले कर समयसमय पर सुर्खियों में रहती आई हैं. क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत की जीत पर कपड़े उतारने की बात कह कर पूनम पांडे पहली बार चर्चा में आई थीं. अपने वादे को पूरा करते हुए उन्होंने बाथरूम में नहाते हुए एक फोटो वैबसाइट पर पोस्ट कर दिया था. साल 2011 में इस फोटो को ले कर वे खासा चर्चित रही थीं. पूनम पांडे ने साल 2012 में ट्विटर पर एक और फोटो पोस्ट किया. इस फोटो में वे बिना बिकिनी की दिखाई दे रही थीं. उन्होंने बंगलादेश के खिलाफ खेले गए क्रिकेट मैच में भारतीय टीम को बधाई देते हुए एक हौट फोटो ट्वीट किया था और तब इसे भारतीय टीम की अपनी स्टाइल में दिया गिफ्ट बताया था. भारत और पाकिस्तान के बीच 19 मार्च, 2016 को खेले गए क्रिकेट मैच में भारतीय टीम की शानदार जीत की खुशी में शाहिद अफरीदी की गर्लफ्रैंड होने का दावा करने वाली इंडियन मौडल अर्शी खान ने न्यूड हो कर अपना वादा पूरा किया था.
अर्शी खान ने कहा था कि मैच भारत के पक्ष में होगा, तो वे इस खुशी में न्यूड हो कर फाटो शूट कराएंगी. कहा जाता है कि अर्शी खान ने कथित तौर पर न्यूड हो कर फोटो शूट कराया और टीम इंडिया को जीत की सौगात दी. वैसे, कैटरीना मिग्लोरिनी ने जो फैसला लिया, वह बेहद चौंकाने वाला था. ब्राजील की इस 20 साला छात्रा ने साल 2012 में अपनी वर्जिनिटी की नीलामी औनलाइन कर सब को हैरानी में डाल दिया था. इस छात्रा ने अपनी वर्जिनिटी की कीमत 7 लाख, 80 हजार डौलर यानी 4 करोड़ रुपए लगाई थी. कैटरीना मिग्लोरिनी के इस ऐलान के बाद खरीदारों की लंबी लाइन लग गई थी. जापान के नात्सू नामक शख्स ने सब से ज्यादा बोली लगाई थी. कैटरीना मिग्लोरिनी ने अपनी वर्जिनिटी को बेचने से मिले पैसे से गरीबों के लिए घर बनाने की बात कही थी. यह भी कहा था कि एक बार किसी के साथ पैसे ले कर सैक्स करने से कोई लड़की कालगर्ल नहीं बन जाती.
VIDEO : प्री वेडिंग फोटोशूट मेकअप
ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTubeचैनल.
* हाल ही में राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के एक गांव किराड़ के एक काली मंदिर में राम सिंह नाम के आदमी ने अपनी 4 महीने की बेटी की बलि देने की कोशिश की. हालांकि मंदिर ट्रस्ट के एक मुलाजिम ने ऐन मौके पर मासूम बच्ची को उस जालिम बाप के चंगुल से छुड़ा लिया.
* उदयपुर जिले के गांव निमाना से 5 किलोमीटर दूर रामदेव की पहाड़ी पर तंत्रमंत्र के चक्कर में 6 साल के बच्चे जितेश की बलि चढ़ा दी गई.
* सिरोही जिले के रतनाड़ा गांव में दकियानूसी लोगों की भीड़ ने निचले तबके की एक 45 साला औरत को डायन होने के शक में नंगा कर के जलील किया. ये तो महज चंद बानगियां हैं. सचाई यह है कि इस तरह की दिल दहला देने वाली घटनाएं आएदिन देश के किसी न किसी कोने में होती रहती हैं. कभी किसी औरत को डायन होने के शक में मार दिया जाता है, तो किसी को नंगा कर के पूरे गांव के गलीमहल्लों में घुमाया जाता है. ढोंगीपाखंडी बाबाओं व तांत्रिकों की काली करतूतें तो आएदिन मीडिया में भी छाई रहती हैं. बीमारी, पारिवारिक कलह व बच्चा न होने से निराश औरतों के बीच ये तांत्रिक अपने तंत्रमंत्र का मायाजाल कुछ इस तरह से बुनते हैं कि वे उन के झांसे में आसानी से आ कर अपनी इज्जत, दौलत व जिंदगी तक गंवा बैठती हैं. राजस्थान के आदिवासी इलाके डूंगरपुर में पिछले 10 साल के दौरान 48 औरतों की जिंदगी डायन बता कर छीन ली गई. इस के अलावा 76 औरतों को दूसरे तरीकों से सताया गया.
राजस्थान में ही नहीं, बल्कि देश के दूसरे राज्यों जैसे बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व ओडिशा जैसे राज्यों में भी मर्दों को ओझा और औरतों को डायन बता कर मार डालने की घटनाएं भी दिन ब दिन बढ़ रही हैं. 21वीं सदी का नारा, तकनीकी उड़ान का दावा, चांद और मंगल ग्रह समेत अंतरिक्ष पर फतेह के बीच डायन का वजूद भी सारे दावों व नारों की पोल खोल कर रख देता है. इस बारे में प्रोफैसर अजय कुमार कहते हैं, ‘‘अनपढ़ लोग अंधविश्वास के जाल से बाहर नहीं निकल सकते. जो इलाके पढ़ाईलिखाई के मामले में पिछड़े हुए हैं, वहीं अंधविश्वास व पोंगापंथ की जड़ें ज्यादा गहरी हैं.’’
गांव में किसी बच्चे या जवान शख्स की मौत होने पर गांव वाले मानते हैं कि किसी डायन ने अपने काले जादू से उसे मार डाला और जिस किसी औरत पर शक होता है, उसे मारापीटा जाता है. इतना ही नहीं, लाश को जिंदा करने के लिए कहा जाता है. बेचारी वह औरत चिल्लाती, रोती, गिड़गिड़ाती रहती है, पर कोई उसे बचाने नहीं आता.इस मसले पर सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश बडोलिया कहते हैं, ‘‘डायन होने के आरोप झेलती औरत को जबरन गंदगी खिलाना, उस के साथ बलात्कार करना, नंगा कर के पूरे गांव में घुमाना जैसी शर्मनाक घटनाएं खुलेआम हो रही हैं. इस के बावजूद ऐसे लोगों पर पुलिस कोई कार्यवाही नहीं करती है, क्योंकि ऐसी हरकत करने वाले ज्यादातर दबंग लोग होते हैं, जिन की मोटी गरदन तक पुलिस वालों का पहुंचना नामुमकिन है.’’
पिछले दिनों राजस्थान विधानसभा में निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने यह सवाल उठाया था कि क्या सरकार ने यह पता लगाने की कोशिश की है कि पिछले 2 साल के भाजपा सरकार के राज में डायन के नाम पर कितनी औरतों की हत्याएं की गई हैं? इस के जवाब में तिलकधारी हठीले गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने बताया कि सरकार ने ऐसा कोई सर्वे नहीं कराया है. अलबत्ता, राज्य अपराध रिकौर्ड ब्यूरो के पास मौजूद सूचना के मुताबिक, साल 2015 के दौरान प्रदेश में जादूटोने की वजह से 126 औरतों की हत्याएं हुई हैं. डूंगरपुर जिले के एक गांव संग्रामपुरा में 6 साल के बच्चे जितेश की बलि देने वाली घटना कई सवाल खड़े करती है. जितेश की हत्या करने वाले 16-17 साल की उम्र के किशोर थे. हत्या के पहले सिर का मुंडन व दूसरे कर्मकांड किए गए थे. ऐसे में यह सवाल उठना लाजिम है कि कम उम्र के किशोर एक मासूम की बलि चढ़ा कर आखिर क्या हासिल करना चाहते थे और कम उम्र के इन किशोरों ने यह सब कहां से सीखा?
उदयपुर के रहने वाले रामेश्वर प्रजापत की बीवी सुनीता अकसर पेट के दर्द से परेशान रहती थी. एक दिन सुनीता ने एक साधु को अपनी तकलीफ बताई. साधु ने उसे खाने के लिए चुटकीभर भभूत दी. भभूत खाते ही सुनीता की हालत बिगड़ने लगी. आननफानन उसे अस्पताल में भरती कराया गया, जहां उस की मौत हो गई. बीकानेर के पुरानी बस्ती इलाके में गरीबी और बीमारी से तंग मनभरी देवी के घर 2 पंडे पहुंचे और उन्होंने बताया, ‘घर के भीतर जमीन में खजाना छिपा है, लेकिन उसे निकालने से पहले जरूरी पूजा करानी होगी और जब तक काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक यह बात किसी को नहीं बताई जाए.’
मनभरी देवी ने ऐसा ही किया. 5 हजार रुपए खर्च कर के उस ने बताई गई सामग्री मंगाई और 21 सौ रुपए पंडों को दिए. हवन के दौरान निकले धुएं से मनभरी के दोनों बच्चे बेहोश हो गए. उधर पंडे सारा सामान ले कर फरार हो गए. पाखंडी पंडेपुजारी व तांत्रिक दावा करते हैं कि बलि देने से जादुई ताकत हासिल की जा सकती है. इस के बारे में हिंदू धर्मग्रंथों में भी लिखा गया है. किसी जमाने में राजस्थान के करौली, अलवर, भानगढ़ व अजबगढ़ के आसपास का इलाका जादूटोने के लिए बदनाम था, पर अब वहां के हालात में सुधार आया है. दूसरी तरफ प्रदेश के आदिवासी व पिछड़े जिलों में लोगों की सोच आज भी अंधविश्वास से छूट नहीं पाई है. अमूमन अंधविश्वास की बुनियाद पर उपजी घटनाओं को ‘चमत्कार’ का जामा पहना दिया जाता है. इस बारे में डाक्टर सतीश सेहरा ने बताया, ‘‘समाज और धर्म के धंधेबाज अंधविश्वास को खाद व पानी दे कर सींचने का ही काम कर रहे हैं. वे धर्म की आड़ ले कर किसी औरत को डायन बता कर मारना व बाल विवाह तक की पैरवी करते रहते हैं.’’ इन रूढि़यों, कुप्रथाओं, पाखंड, अंधविश्वास व तंत्रमंत्र के जंजाल को काटने के लिए बड़े पैमाने पर लोगों को जगाने की जरूरत है. कानून को सख्ती के साथ लागू करने के साथ ही लोगों की सोच में बदलाव लाने की भी जरूरत है. जब इनसान निराशा व हताशा के गहरे अंधेरे में डूब जाता है, तो वह इन चमत्कारी नतीजों के ख्वाब देखने लगता है. इस का नाजायज फायदा उठाने के लिए हर जगह पेशेवर मतलबी लोग मौजूद रहते हैं.
VIDEO : प्री वेडिंग फोटोशूट मेकअप
ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTubeचैनल.
बौलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर, स्वरा भास्कर, शिखा और सोनम कपूर की अपकमिंग फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ के ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर धूम मचा रखी है. वहीं दूसरी तरफ इस फिल्म को प्रमोट करने के लिए करीना और सोनम ने एक फोटोशूट कराया है. उनके इस फोटोशूट में करीना और सोनम के साथ सोनम की बहन रेहा कपूर भी नजर आ रही हैं. बता दें कि रेहा कपूर इस फिल्म की प्रोड्यूसर हैं, एकता कपूर के साथ मिल कर रेहा ने ये फिल्म बनाई है.
इस फोटोशूट में करीना, सोनम और रेहा ने ब्लैक कलर का ड्रेस पहन रखा है. तीनों सेलेब्स इस तस्वीर में काफी हौट और गलैमरस लग रही हैं. जैसा कि तस्वीर में देखा जा सकता है करीना ने इस फोटोशूट के लिए स्मूथ आफ शोल्डर ब्लैक ड्रेस पहना हुआ है. रेहा ने ब्लैक साड़ी विद गोल्डन बार्डर साथ में गोल्डन लान्ग जैकेट पहना हुआ है. वहीं सोनम ने ब्लैक लहंगे के साथ व्हाइट गोल्डन डिजाइन चोली पहनी हुई है.
बता दें, करीना-सोनम, स्वरा भास्कर और शिखा तलजानिया की फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ 1 जून को रिलीज हो रही है. इस फिल्म में 4 सहेलियो की कहानी है, जो अपनी जिंदगी अपने ढंग से जीना पसंद करती हैं. चारों सहेलिया अपनी अपनी जिंदगी में व्यस्त रहती हैं. इनमें से एक की शादी हो जाती है, लेकिन वह अपने पति को छोड़ देती है. दूसरी की शादी होने वाली होती है वह अपनी सगाई तोड़ देती है, तो वहीं तीसरी घर से भाग कर शादी कर लेती है. फिल्म की कहानी और उसके किरदार काफी रोमांचक लग रहे हैं. अब देखना ये है कि ये फिल्म दरेशकों को कितना पसंद आती है.
VIDEO : फंकी लेपर्ड नेल आर्ट
ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTubeचैनल.
आज के समय में कई सारी डाटा लीक की खबरें आ रही हैं, जिसके बाद आम लोग अपनी निजी जानकारी को लेकर चिंतित हैं. फेसबुक डाटा लीक विवाद के चलते फेसबुक की काफी आलोचना हुई, जिसके बाद कंपनी के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने माफी मांगी. इससे पहले भी करीब सात करोड़ क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड की जानकारियां लीक होने की खबरें आई थीं, जबकि कंपनी के आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में कोई खामी नहीं थी. इसके बावजूद डाटा लीक हुआ, डाटा लीक में शुरुआती जांच से पता चलता है कि इन सब में मूलरूप से थर्ड पार्टी का हाथ था. आपके साथ ऐसा ना हो इसके लिए इसके लिए आपको थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता है. हम आपको यहां कुछ उपाय बता रहे हैं जिनका इस्तेमाल कर आप अपने डाटा या निजी जानकारियों को लीक होने से बचा सकते हैं.
नेटवर्क लौक करना
डाटा लीक होने से बचाने के लिए सबसे पहला उपाय है कि जिस नेटवर्क का आप इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे लौक कर दीजिए. जिस प्रकार की वेबसाइट्स आप प्रयोग नहीं करते हैं, उन्हें ब्लौक कर दीजिए. जैसे-जैसे कंप्यूटर और मोबाइल टेक्नोलौजी विकसित हो रही है, डाटा लीक होने की संभावनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं.
महत्वपूर्ण डाटा की पहचान
सबसे पहले यूजर्स को व्यवसाय में इस्तेमाल हो रहे महत्वपूर्ण डाटा की पहचान करनी चाहिए. इसके लिए डाटा लास प्रिवेन्शन साफ्टवेयर (डीएलपी) का इस्तेमाल करना चाहिए. इस तरह के महत्वपूर्ण डाटा किसी भी योजना का ब्लू-प्रिंट, वित्तीय लेखा-जोखा या फिर किसी भी तरह की निजी तस्वीरें भी हो सकती हैं. डीएलपी साफ्टवेयर सुरक्षित की जाने वाली जानकारियों को वर्गीकृत कर देता है, जिसके बाद संस्था या आपको उसकी सुरक्षा के लिए एक योजना के तहत अत्यंत ही महत्वपूर्ण जानकारियों के रख-रखाव की उचित व्यवस्था करनी होती है. यह एक तरह का उत्कृष्ट उपाय है, जिसकी मदद से आप सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को हानि पहुंचने से बचा सकते हैं.
डीएलपी साफ्टवेयर
डीएलपी साफ्टवेयर की मदद से हमें यह भी पता चल जाता है कि डाटा का किस चैनल के माध्यम से आदान-प्रदान हो रहा है. इसके अलावा खासतौर पर, फेसबुक जैसे तमाम सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर थर्ड पार्टी ऐप्स की भरमार होती है, जिनके जरिए प्रायः हमारी जानकारी लीक होने की संभावनाएं प्रबल हो जाती हैं. फेसबुक पर थर्ड पार्टी ऐप्स को एक साथ हटाने के लिए आपको फेसबुक सेटिंग्स में ऐप्स विकल्प के अंदर सभी थर्ड पार्टी ऐप्स मिल जाएंगे, जिन्हें आपने अपने फेसबुक से लिंक किया है. इन ऐप्स को आप एक साथ सेलेक्ट करके रिमूव कर सकते हैं. आप चाहें, तो इन ऐप्स की मदद से फेसबुक पर शेयर किए गए पोस्ट, फोटोज और वीडियो को रख सकते हैं या रिमूव कर सकते हैं.
इन्क्रिप्शन का उपयोग
इन्क्रिप्शन भी तीसरा और एक महत्वपूर्ण कदम है. इसलिए किसी भी निजी, गोपनीय या संवेदनशील जानकारी को इन्क्रिप्ट करना न भूलें. हां ये जरूर है कि इन्क्रिप्शन अभेद्य नहीं होता है, लेकिन ये भी है कि डाटा को सुरक्षित रखने के बेहतरीन तरीकों में से ये एक है. इन्क्रिप्शन के इस्तेमाल की वजह से चुराया गया डाटा अपठनीय और बेकार हो जाता है. नेटवर्क के विभिन्न बिंदुओं पर इन्क्रिप्शन का इस्तेमाल, डाटा के स्थानांतरण और आदान-प्रदान के दौरान होने वाले डाटा लास से आपकी जानकारियों को सुरक्षित कर देता है.
पहुंच और गतिविधियों की निगरानी
डाटा को सुरक्षित रखने के लिए अगला कदम होता है, उसकी पहुंच और गतिविधियों की निगरानी. इसमें हम अपने व्यवसाय से जुड़ी निजी जानकारियों के बारे में एक रियल-टाइम तस्वीर के बारे में पता लगा सकते हैं. इसे डाटा एक्टिविटी मानिटरिंग (डैम) कहते हैं. इसके उपयोग से अनधिकृत कार्यों का पता लगाया जा सकता है.
VIDEO : फंकी लेपर्ड नेल आर्ट
ऐसे ही वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक कर SUBSCRIBE करें गृहशोभा का YouTubeचैनल.
एटीएम से लेन-देन करने और चेक व कार्ड्स सरीखी सेवाओं पर बैंक जल्द ही खाता धारकों से शुल्क वसूलेंगे. आयकर विभाग ने इस संबंध में देश के प्रमुख बैंकों को उन सेवाओं पर टैक्स चुकाने के लिए कहा है, जो वे अपने उपभोक्ताओं को न्यूनतम राशि रखने के दौरान मुफ्त में मुहैया कराते हैं. विभाग ने जिन बैंकों को यह आदेश दिया है, उनमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैक के नाम शामिल हैं.
डायरेक्टरेट जनरल औफ गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स इंटेलिजेंस (डीजीजीएसटी) ने इस बाबत शो कौज नोटिस भी जारी किया है, जो आने वाले समय में अन्य बैंकों पर भी लागू होगा. आयकर विभाग के आदेशानुसार बैंकों पर बीते पांच सालों का टैक्स लागू होगा. एक रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक खातों में न्यूनतम राशि न रखने वाले उपभोक्ताओं से वसूली जाने वाली रकम पर भी टैक्स वसूली जाएगी. ऐसे में बैंकों के सिर पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. नोटिस पाने वाले बैंक फिलहाल यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर वे टैक्स की रकम कैसे अदा करेंगे.
जानकारों का मानना है कि अगर यह टैक्स लागू किया गया तो इसका सीधा-सीधा असर बैंक उपभोक्ताओं पर पड़ेगा. हालांकि, बैंक इस मामले में डीजीजीएसटी के दावे को चुनौती भी दे सकते हैं. एक अधिकारी ने बताया कि कुछ नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि कुछ अभी होने हैं. फिलहाल इन बैंकों में से किसी ने भी अभी तक ई-मेल का जवाब नहीं दिया है.
बैंकों पर तकरीबन छह हजार करोड़ रुपए के आसपास की टैक्स की देनदारी बनती है. मगर बैंकों को आशंका है कि यह रकम और भी बढ़ सकती है. ऐसे में डीजीजीएसटी बैकों की ओर से उपभोक्ताओं को मुहैया कराई जाने वाली सेवाओं की जांच-पड़ताल कर रहा रही है. पीडब्ल्यूसी में इनडायरेक्ट टैक्स लीडर प्रतीक जैन ने बताया कि अगर बैकों को पिछले कुछ सालों का भी सर्विस टैक्स चुकाना पड़ा तब उपभोक्ताओं पर भी उस स्थिति की मार पड़ेगी.
फोर्ड इंडिया ने कौम्पैक्ट यूटिलिटी वाहन फ्रीस्टाइल पेश किया है. इसकी शोरूम कीमत 5.09 लाख रुपये से शुरू होती है. इसका पेट्रोल संस्करण 5.09 लाख रुपये से 6.94 लाख रुपये तक और डीजल संस्करण 6.09 लाख रुपये से 7.89 लाख रुपये तक में उपलब्ध है.
फोर्ड फ्रीस्टाइल, फोर्ड की यह नयी कार मारुति सुजुकी ब्रेजा, इग्निस, टोयोटा इटिऔस क्रौस, ह्यूंदैई i20 ऐक्टिव जैसी गाड़ियों को टक्कर देगी. फ्रीस्टाइल के पेट्रोल और डीजल मौडल एंबिएंट, ट्रैंड, टाइटेनियम और टाइटेनियम प्लस वेरिएंट्स में मिलेंगे.
फोर्ड फ्रीस्टाइल में 4 स्पोक वाले 15 इंच व्हील्स और हाई डेफिनेशन टचस्क्रीन सिस्टम दिया गया है. एसयूवी स्टायलिंग के अलावा इस वाहन में 6.5 इंच स्क्रीन वाला इंफोटेनमेंट सिस्टम भी दिया गया है जो ऐप्पल कारप्ले और एंड्रौयड औटो को सपोर्ट करता है.
कार की सेफ्टी की बात करें तो इसमें एंटीलौक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) के साथ ट्रैक्शन कंट्रोल और डुअल एयरबैग्स दिया गया है. फोर्ड ने अपनी इस फ्रीस्टाइल कार में नया पेट्रोल इंजन दिया है.
इस बार कंपनी ने ड्रैगन मौडल का 1.2 लीटर इंजन दिया है, जो पेट्रोल पर 19 किमी/लीटर का माइलेज देता है. वहीं, डीजल वाला इंजन 1.5 लीटर का है, जो 99 bhp पावर और 215 Nm पीक टौर्क जनरेट करता है और इसका माइलेज 24.4 किमी/लीटर होगा.
कंपनी के प्रबंध निदेशक अनुराग मेहरोत्रा ने यहां संवाददाताओं से कहा, फोर्ड ने कौम्पैक्ट यूटिलिटी वाहन की नयी श्रेणी शुरू की है. यह हमारे मौजूदा स्पोर्ट्स यूटिलिटी वाहनों (एसयूवी) इकोस्पोर्ट और एंडेवर के पोर्टफोलियो को समृद्ध करेगा.
मेहरोत्रा ने कहा कि इसे उसके साणंद संयंत्र में बनाया जायेगा और यूरोप और पश्चिम एशिया समेत मुख्य बाजारों को निर्यात किया जायेगा. फोर्ड अभी भारत से करीब 50 देशों को कारों का निर्यात करती है.
पिछले छह मैचों में से पांच गंवा चुकी दिल्ली डेयरडेविल्स नये कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ आज कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ उतरेगी तो उसकी नजरें आईपीएल के मौजूदा सत्र में जीत की राह पर लौटने पर लगी होंगी. टूर्नामेंट में अभी तक दिल्ली के ना तो बल्लेबाज चल सके हैं और ना ही गेंदबाजी में धार नजर आई है.
अभी तक उसे एकमात्र जीत मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली है, जबकि बाकी 5 मैचों में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा है . लगातार हार से तंग आकर कप्तान गौतम गंभीर ने न सिर्फ कप्तानी छोड़ दी बल्कि खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए वेतन नहीं लेने का भी फैसला किया. अब उनकी जगह श्रेयस अय्यर को कमान सौंपी गई है, लिहाजा आज नए कप्तान के साथ मेजबान को भाग्य बदलने की भी उम्मीद होगी .
गंभीर का खराब फार्म दिल्ली की चिंता का सबब रहा है जो छह मैचों में 17 की खराब औसत से 85 रन ही बना सके हैं. रिषभ पंत ने छह मैचों में 227 और अय्यर ने 151 रन बनाये हैं जिसमें किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ पिछले मैच में 45 गेंद में 57 रन की पारी शामिल है लेकिन जासन रे, ग्लेन मैक्सवेल और क्रिस मौरिस जैसे विदेशी सितारों ने निराश किया.
गेंदबाजी में लियाम प्लंकेट ने पंजाब के खिलाफ मौजूदा सत्र का पहला मैच खेलते हुए तीन विकेट लिये जबकि ट्रेंट बोल्ट छह मैचों में नौ विकेट ले चुके हैं. लेग स्पिनर राहुल तेवातिया ने छह मैचों में छह विकेट लिये जबकि निजी समस्याओं से जूझ रहे तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी चार ही मैच खेल सके जिनमें तीन विकेट उनकी झोली में गिरे.
केकेआर के बल्लेबाजों के सामने दिल्ली को अपने गेंदबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी. दूसरी ओर केकेआर की स्पिन तिकड़ी वेस्टइंडीज के सुनील नारायण (आठ विकेट), कुलदीप यादव (छह विकेट) और पीयूष चावला (पांच विकेट) ने अभी तक बेहतरीन प्रदर्शन किया है. तेज गेंदबाजों में आस्ट्रेलिया के मिशेल जानसन प्रभावी रहे हैं हालांकि दूसरे छोर से उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका.
बल्लेबाजों में कप्तान दिनेश कार्तिक ने मोर्चे से अगुवाई करते हुए छह मैचों में 194 रन बनाये जबकि क्रिस लिन 181 रन बना चुके हैं. शाहरूख खान की टीम को पिछले मैच में डकवर्थ लुईस प्रणाली के आधार पर पंजाब ने हराया हालांकि इससे पहले उसने लगातार दो मैच जीते हैं. छह मैचों में छह अंक लेकर केकेआर अभी अंकतालिका में चौथे स्थान पर है और कल जीत के साथ शीर्ष तीन में पहुंचना चाहेगी .