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30 साल से बिना वेतन के ट्रैफिक संभाल रहा है ये शख्स

आप सोच रहे होंगे कौन हैं गंगाराम. … कभी दिल्ली के सीलमपुर के सबसे बिजी चौक पर जाएं, तो हैवी ट्रैफिक को ढीली ढाली वर्दी पहने, हाथ में डंडा लिए कंट्रोल करते नजर आएंगे गंगाराम. उनके हाथ के इशारे पर ट्रैफिक पूरी तरह अनुशासित तरीके से थमता चलता नजर आएगा. पिछले 30 साल से इसी चौक पर हर रोज सुबह 8 से रात 10 बजे तक गंगाराम ट्रैफिक पुलिस जैसी वर्दी पहने मुस्तैद हैं.

उम्र के इस पड़ाव पर अब तक रिटायर क्यों नहीं. क्योंकि वे असल में पुलिस वाले हैं ही नहीं. सवाल उठता है कि बुढ़ापे में मुफ्त की नौकरी क्यों. दरअसल, गंगाराम की जिंदगी हमेशा ऐसी नहीं थी. उन्हीं के मुताबिक, 30 साल पहले की बात है. मेरा भी अच्छा खुशहाल परिवार था. मेरी टीवी रिपेयरिंग की दुकान थी सीलमपुर के अंदर. वायरलेस वगैरह भी रिपेयर करता था. मेरा बेटा भी साथ में टीवी रिपेयर करता था. ट्रैफिक वालों ने मेरा फॉर्म भर दिया ट्रैफिक वार्डन का. फिर मैं ट्रैफिक वार्डन बन गया. मैं सवेरे व शाम को इसी चौक पर ट्रैफिक सेवा करता था. फिर 10 बजे दुकान खोलता था.

गंगाराम को जिंदगी का सबसे बड़ा झटका आठ साल पहले लगा. जब इकलौते जवान बेटे को इसी सीलमपुर रेड लाइट पर एक ट्रक ने कुचल दिया. उस दिन बेटा बाइक से जा रहा था. बेटे को याद कर रो पड़ते हैं गंगाराम. उनके मुताबिक, 6 महीने तक हमने गुरु तेगबहादुर अस्पताल के चक्कर लगाए. लेकिन बचा नहीं सके. बेटे की मौत के गम में कुछ दिन बाद उसकी मां भी गुजर गई. जिसके बाद मैं पूरी तरह अकेला हो गया. परिवार में अब बहू, एक पोती व एक पोता है. बहू को नर्स के काम में लगाया. अपनी तनख्वाह से वो परिवार का खर्च चला लेती है. मेरा जीवन यही वर्दी है. खुद धोता हूं, प्रेस करता हूं. मुस्तैद रहता हूं.

हर साल 15 अगस्त, 26 जनवरी को पुलिस महकमे व अन्य संगठनों की ओर से ढेरों रिवॉर्ड, मेडल, प्रशस्ति पत्र मिल चुके हैं. रिवॉर्ड मनी से भी मेरा खर्चा चल जाता है. मेरे पास कभी मोबाइल नहीं रहा. इसी 15 अगस्त को करावल नगर परिवहन समिति के तेज रावत ने प्रोग्राम में बतौर चीफ गेस्ट बुलाया. मोबाइल गिफ्ट दिया. सम्मानित किया. वहीं, सीएम साहब का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने 15 अगस्त को मुझे बुलाकर सम्मान दिया. पगड़ी पहनाई, चद्दर उड़ाई, फोटो खिंचाया. उन्होंने भी कहा बिना पैसों के आप बहुत मेहनत करते हो. ट्रैफिक की जॉइंट सीपी, डीसीपी ने एक बार चौक पर गाड़ी रोक ली. उतरकर अपनी कैप मेरे सिर पर पहना कर सैल्यूट किया. मुझे बहुत अच्छा लगा. ट्रैफिक का फंक्शन हुआ. मुझे साथ ले गए. तीन साल का आई कार्ड दिया.

दिन भर हॉर्न, गाड़ियों की आवाजों के में ट्रैफिक संभालना अच्छा लगता है. अगर चारपाई पर लेटा रहूं तो बीमार पड़ जाऊंगा. एक्टिव रहता हूं. 30 साल हो गए इस चौक पर. लाल बत्ती से गुजरने वाले हजारों लोगों ‘चचा’ कह के पुकारते हैं. बसें, स्कूटी बाइक, कारें, ऑटो व बाकी गाड़ियां. ये लोग रुक रुककर मेरे से हाथ मिलाते हैं,हालचाल पूछते हैं. सेल्फी खींचते हैं. भारी चौक है. मेरे हाथों के इशारे पर एक तरफ ट्रैफिक थम जाता है, दूसरी तरफ चालू. क्यों कि लोग मुझे बहुत प्यार देते हैं. कोई अनजान ही उल्लंघन करके निकलता है. ट्रैफिक स्टाफ का बहुत प्यार मिलता है.

असरदार उपाय : चंदन के तेल से गंजे सिर पर बाल उगेंगे

गंजापन शादी की राह में रोड़ा बन रहा है तो परेशान मत होइए. रोज रात चंदन के तेल से सिर की अच्छे से मालिश कीजिए. छह दिन में आपकी खोपड़ी पर नए बाल उगने लगेंगे. जर्मनी स्थित मोनास्टेरियम लैबोरेटरी का हालिया अध्ययन तो कुछ यही दावा करता है.

खुशबू का कमाल

शोधकर्ताओं के मुताबिक चंदन के तेल की खुशबू बालों की जड़ों में मौजूद ‘ओआर2एटी4′ नाम के ‘स्मेल रिसेप्टर’ को सक्रिय करती है. ये रिसेप्टर नए बाल उगाने में सक्षम ‘केराटिन’ प्रोटीन का उत्पादन बढ़ा देते हैं. इससे छह दिन के भीतर ही गंजे सिर पर नए बाल दिखने शुरू हो जाते हैं. नया अध्ययन गंजेपन के इलाज में ज्यादा असरदार दवाओं के निर्माण की उम्मीद जगाता है.

जख्म भरने में कारगर

अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता डेविड रीच ने कहा, इनसान और जानवर भले ही सिर्फ नाक से सूंघने की क्षमता रखते हैं, लेकिन उनके बाल की जड़ें, त्वचा, शुक्राणु और आंत भी चुनिंदा सुगंध में मौजूद रसायनों के संपर्क में आने पर सक्रिय हो जाती हैं. कुछ अध्ययनों में चंदन के तेल को त्वचा में मौजूद ‘केराटिन’ का उत्पादन बढ़ाने में कारगर करार दिया गया है, जिससे जख्म जल्दी भर पाते हैं.

ऐसा किया अध्ययन

रीच और उनके साथियों ने 38 से 69 साल के दर्जनों पुरुषों के सिर की त्वचा के ऊतक लिए. उन्हें छह दिन के लिए चंदन की खुशबू के संपर्क में रखा. इससे ऊतकों में ‘केराटिन’ प्रोटीन का स्तर बढ़ने लगा. साथ ही नए बाल के विकास में मददगार कई विटामिन और हार्मोन भी सक्रिय हो गए. अध्ययन के नतीजे ‘जर्नल नेचर कम्युनिकेशन्स’ के हालिया अंक में प्रकाशित किए गए हैं.

केराटिन को रखे सुरक्षित

अध्ययन में यह भी देखा गया कि चंदन का तेल ‘एपॉपटोसिस’ की क्रिया पर लगाम लगाता है. यह उन जीन की क्रिया को बाधित करता है, जो ‘केराटिन’ की कोशिकाओं को आत्महत्या करने के लिए उकसाते हैं.

औफिस में प्रमोशन के लिए आजमाएं ये तरीके

हर एम्प्लॉई की ख्वाहिश होती है कि वह कंपनी में जल्द से जल्द प्रमोट होकर ऊंचे पद पर पहुंच जाए. हालांकि यह ख्वाहिश कुछ ही लोगों की पूरी हो पाती है. यदि आप भी ऑफिस में एक ही तरह का काम करते-करते परेशान हो गए हैं और प्रमोशन चाहते हैं, हम आपको कुछ हिट फॉर्म्यूले के बारे में बता रहे हैं:

  • आपको जब भी और जो भी काम मिले,उसे तुरंत ही समय पर खत्म करें. कई बार हमें लगता है कि टाइम तो बहुत है, इसलिए इसे बाद में करेंगे. लेकिन जब बाद में करने बैठते हैं, तो उस समय का काम भी हमारे पास होता है जिससे कि काम का बोझ आ जाता है. इससे हमारे काम की क्वालिटी पर असर पड़ता है.
  • ऑफिस में आपका ऑलराउंडर होना जरूरी है. जो लोग ऑलराउंडर होते हैं,वे जल्दी पहचान और प्रमोशन पाते हैं. अगर आप यह सोच रहे हैं कि आपके पास काम ज्यादा है, ऐसे में ऑलराउंडर कैसे बना जाए/ तो इसके लिए अपने काम को थोड़ा ऑर्गेनाइज तरीके से करना शुरू कर दें. इससे आप कम समय में ज्यादा काम कर पाएंगे.
  • ऑफिस में सीनियर के साथ दोस्ती रखें. साथ ही उनसे ये जानने की कोशिश करें कि उन्होंने कैसे प्रमोशन मिला. यही नहीं,इस बात की भी जानकारी लें कि कंपनी का टॉप मैनेजमेंट किसी एम्प्लॉई में क्या-क्या चीजें तलाशता है. इस फीडबैक के अनुसार आप अपने लक्ष्यों को तय कर पाएंगे.
  • अपने अंदर हमेशा कुछ नया सीखने का जज्बा रखें. कुछ ऐसी स्किल्स सीखें जो कंपनी को आगे ले जाने में सहायक हों. इससे आप सीनियर्स की नजर में आते हैं और नौकरी में प्रमोशन के चांस बहुत ज्यादा हो जाते हैं.
  • ऑफिस में टीम वर्क के रूप में काम करें. दूसरे साथियों के काम में मदद करें. ऐसा करने से आप बॉस की नजरों में जल्दी आ जाते हैं और आपका नजरिया हेल्पफुल वाला बन जाता है. जो लोग एक साथ काम नहीं करते हैं उनकी वजह से खामियाजा पूरे डिपार्टमेंट को भुगतना पड़ता है. इसलिए हमेशा अपनी टीम के अहम सदस्य बने रहने के लिए कभी-कभार अपने साथियों का काम करने में कोई बुराई नहीं है.
  • किसी भी मीटिंग में अपना इंट्रोडक्शन खुलकर दें. जब भी आपसे आपके बारे में पूछा जाए तो अपने नाम के साथ अपनी वर्क प्रोफाइल और डेजिगनेशन के बारे में भी खुलकर बताएं. इससे मीटिंग में मौजूद सभी बड़े अधिकारियों पर आपका इंप्रेशन अच्छा पड़ेगा.

सोशल मीडिया की लग गई है लत तो ऐसे पाएं छुटकारा

फेसबुक-व्हॉट्सएप का नशा सिगरेट-शराब से कम खतरनाक नहीं. एक बार लग जाए तो इनसान की रातों की नींद उड़ जाती है. चैटिंग के आगे उसे न तो भूख-प्यास महसूस होती है और न ही काम में मन लगता है. दूसरों को घूमता-फिरता, पार्टी करता और महंगे कपड़े खरीदता देख व्यक्तिगत जीवन से असंतोष का भाव अलग पैदा होने लगता है. ब्रिटिश लेखिका कैथरीन ऑर्मेरोड ने इसी के मद्देनजर हाल ही में जारी अपनी किताब ‘व्हाई सोशल मीडिया इज रूनिंग योर लाइफ’ में सोशल मीडिया की लत से उबरने के उपाय सुझाए हैं.

बहस के डर से पीछे न हटें

सोशल मीडिया पर आमने-सामने की बातचीत नहीं होती. चैटिंग में कभी तनातनी हो भी जाए तो लोग पोस्ट को ‘लाइक’ करके या उस पर अच्छे ‘कमेंट’ देकर उसकी भरपाई कर लेते हैं. हालांकि रियल लाइफ में मिलने और बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ने पर मतभेद होने की संभावना बनी रहती है. कई लोग तो बहस के डर से ही ज्यादा बातचीत करने से हिचकिचाते हैं, जो गलत है. कैथरीन के अनुसार बातें रिश्तों में मिठास घोलती हैं. एक-दूसरे का नजरिया समझकर और छोटी-छोटी बातें नजरअंदाज करके लड़ाई आसानी से टाली जा सकती है. दोस्ती दुख-दर्द बांटने और तनाव दूर कर कुछ खुशनुमा पल हासिल करने का जरिया है.

‘फोन-फ्री’ जोन निर्धारित करें

बेडरूम और लिविंग रूम काम की व्यस्तता से बाहर निकलकर परिवार के साथ खुशनुमा पल बिताने का मौका देते हैं. इसलिए कैथरीन इन्हें ‘फोन-फ्री’ जोन बनाने की सलाह देती हैं. वह डाइनिंग रूम में भी फोन के इस्तेमाल से बचने को कहती हैं, ताकि घरवालों के साथ खाना खाने का भरपूर लुत्फ उठाया जा सके. उनका यह भी मानना है कि फोन के इस्तेमाल का समय निर्धारित करना चाहिए. दिन के दो घंटे पार्टनर और बच्चों के साथ बिताने चाहिए.

औफलाइन साथ पर जोर दें

कैथरीन के मुताबिक रिश्ते खुशियों की चाबी होते हैं. हालांकि अपनों से जुड़ाव सिर्फ ऑनलाइन दुनिया तक सीमित नहीं रहना चाहिए. समय-समय पर मिलने और फोन पर बात करने से दिल का रिश्ता मजबूत बनाने की कोशिश होनी चाहिए. लिहाजा फेसबुक-व्हॉट्सएप पर दोस्तों से मुलाकात के लिए वक्त निकालें. हफ्ते-दो हफ्ते में फोन पर बात करने का नियम बनाएं. अगर सामने वाला आपकी कोशिश में साथ न दे तो उससे दूरी बना लेने में ही आपकी भलाई है.

कल्पनाओं में न जिएं

प्यार जताने और सामनेवाले की अहमियत दर्शाने का हर इनसान का अलग तरीका होता है. इसलिए फेसबुक या व्हॉट्सएप पर कोई महिला अपने पति से महंगे तोहफे या सरप्राइज डिनर डेट मिलने की बात कहे तो खुद के पार्टनर से भी ऐसी उम्मीद न पालें.

तुलना से बचें

फेसबुक की दुनिया में चल रही हलचल को अपनी भावनाओं पर कभी हावी मत होने दें. न ही दूसरों की खुशियों से तुलना करें. मत भूलें कि वक्त बीतने के साथ घूमने-फिरने और अपनों के साथ जश्न मनाने के मौके सबके जीवन में आते हैं.

हमारे फैलाए कूड़े से प्लास्टिक लेकर हमारे खाने में मिला रहे हैं मच्छर

मच्छर अब हमारे फैलाए हुए कूड़े से प्लास्टिक उठाकर हमारे खाने में मिलाने लगे हैं. यह खुलासा बुधवार को हुआ है.

ब्रिटेन की रीडिंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बताया कि मच्छरों के लावां कूड़े में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक खा रहे हैं, जो हमारे फूड चेन में फैल रह्म है. यह मानव स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकते हैं. ये फूड चेन और दूषित पानी के जरिए फैल रहे हैं. माइक्रोप्लास्टिक दरअसल प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण हैं, जो इंसानों के फैलाए कूड़े से बनते हैं. इनमें सिंथेटिक कपड़े, टायर और कॉन्टैक्ट लैंस जैसी चीजें भी शामिल हैं. ये समुद्र में भी फैल रहे हैं और समुद्री जीवों को भी नुकसान पहुंच सकते हैं. इन्हें इकट्ठा करना बेहद मुश्किल है.

शोधकर्ताओं के मुताबिक उन्हें पहली बार इस बात के सबूत मिले हैं. कि माइक्रोप्लास्टिक मच्छर और अन्य कीड़ों के जरिए हमारे इकोसिस्टम में फैल सकते हैं. रिसर्च टीम ने पाया कि मच्छरों के लार्वा माइक्रोप्लास्टिक खा रहे हैं. और जो भी जीव उड़ने वाले कीड़ों को खा रहे हैं, वे प्लास्टिक भी खा रहे हैं. इस प्रयोग को करने के लिए रिसर्च टीम ने पानी में मिले 150 मच्छरों के लार्वा को माइक्रोप्लास्टिक मिले भोजन को खिलाया. इसके बाद इनमें से 30 को चुना गया जिनमें से 15 लार्वा और 15 वयस्क मच्छर थे. इनका परीक्षण किया गया तो पता चला कि इन सभी में माइक्रोप्लास्टिक मौजूद है.

इस अध्ययन की प्रमुख शोधकर्ता और रीडिंग यूनिवर्सिटी की वायोलॉजिकल साइंटिस्ट अमांडा कैलाधन बताती है, यह काफी बड़े पैमाने पर और व्यापक है. हम उदाहरण के तौर पर सिर्फ मच्छर को देख रहे थे, लेकिन पता चला कि पानी में कई किस्म के कीड़े रहते हैं जिनका जीवन चक्र मच्छरों के लार्वा के समान ही हैं. ये लार्वा पानी में पड़ी चीजें खाते हैं और वयस्क में तब्दील हो जाते हैं.’ उन्होंने बताया कि यह मूल रूप से प्रदूषण का एक नया तरीका या . रास्ता है, जो पहले कभी नहीं देखा गया. टीम ने लैव कंडीशन में इस स्थिति को देखा है, लेकिन इसकी संभावना भी बहुत है कि यह प्रक्रिया जंगल में पहले से चल रही हो. यह एक बड़ी समस्या है और पर्यावरण में पहले से मौजूद प्लास्टिक हमारे साथ बहुत लंबे समय तक रहेगी.

व्हाट्सऐप में जल्द मिलेगा स्वाइप टू रिप्लाई फीचर

2018 में व्हाट्सऐप ने तेजी से नए फीचर को लौन्च किया और उनकी टेस्टिंग की है. कंपनी इन दिनों व्हाट्सऐप एंड्रायड ऐप के लिए स्वाइप टू रिप्लाई फीचर देने के लिए काम कर रही है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्वाइप टू रिप्लाई फीचर पहले से iOS यानी आईफोन ऐप के लिए मौजूद है. यूजर्स की सहूलियत के लिए व्हाट्सऐप स्वाइप टू रिप्लाई फीचर को लाया जा रहा है. इस नए फीचर के आने के बाद आप स्वाइप राइट जेस्चर की मदद से किसी भी मैसेज का तेजी से रिप्लाई कर पाएंगे. इसका मतलब यह हुआ कि अब आपको रिप्लाई बटन के लिए मैसेज को दबाने और होल्ड करने की जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा कंपनी एक और नए फीचर पर भी काम कर रही है. यह नया फीचर डार्क मोड के नाम से जाना जाएगा.

WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी व्हाट्सऐप एंड्रायड ऐप के लिए स्वाइप टू रिप्लाई फीचर देने के लिए काम कर रही है. व्हाट्सऐप ने Google Play Beta Programme में नए अपडेट को सबमिट किया है. कंपनी के बीटा वर्जन 2.18.282 में स्वाइप टू रिप्लाई फीचर उपलब्ध है. रिपोर्ट में दावा किया गया कि तकनीकी वजहों के कारण यह फीचर अभी उपलब्ध नहीं है. कई सुधार करने के बाद ही एंड्रायड यूजर के लिए फीचर को जारी किया जाएगा. कहा जा रहा है कि आने वाले कुछ अपडेट्स में इस फीचर को रोल आउट किया जा सकता है. स्वाइप टू रिप्लाई फीचर आने के बाद आप दाहिने तरफ उस मैसेज को स्वाइप करें जिसको आपको रिप्लाई करना चाहते हैं. ऐसा करने के बाद व्हाट्सऐप अपने आप रिप्लाई बौक्स में उस मैसेज को लोड कर देगा.

कंपनी ऐप में डार्क मोड फीचर देने पर भी काम कर रही है. WABetaInfo द्वारा किए ट्वीट के मुताबिक, iOS और एंड्रायड ऐप में डार्क मोड फीचर देने के लिए व्हाट्सऐप ने काम शुरू कर दिया है. रिपोर्ट में फिलहाल इस बात का जिक्र नहीं है कि इस फीचर को आखिर कब तक जारी कर दिया जाएगा. नए फीचर के आने के बाद व्हाट्सऐप को रात में या फिर कम रोशनी में इस्तेमाल करने पर यूजर्स की आंखों को होने वाला तनाव कम हो जाएगा. केवल इतना ही नहीं, ओलेड डिस्प्ले वाले स्मार्टफोन की बैटरी को बचाने में भी यह फीचर मददगार साबित होगा.

भारत से हार के बाद पाकिस्तान का सोशल मीडिया पर उड़ रहा खूब मजाक

एशिया कप-2018 में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ग्रुप-ए के अपने दूसरे मैच में बुधवार को पाकिस्तान को 8 विकेट से हरा दिया.  भारत-पाकिस्तान का यह मैच टि्वटर ट्रेंड्स में छाया रहा. कई यूजर्स ने पाकिस्तान की खस्ता हालत का मजाक उड़ाया. आइए देखते हैं कैसे टि्वटर यूजर्स ने लिए पाकिस्तान के मजे…

गौरतलब है कि भारतीय टीम ने दुबई अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में टौस हारकर पहले गेंदबाजी करते हुए पाकिस्तान को 43.1 ओवर में 162 रन पर ढेर कर दिया. इसके बाद कप्तान रोहित शर्मा (52) और शिखर धवन (46) की बेहतरीन पारियों की बदौलत 29 ओवर में दो विकेट खोकर लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया. इसी के साथ भारत ग्रुप-ए में टौप पर पहुंच गया है. इससे पहले टीम इंडिया ने अपने पहले मैच में हौन्गकौन्ग को 26 रन से हराया था.

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान रोहित शर्मा और शिखर धवन ने धीमी शुरुआत दिलाई. 6 ओवर तक भारत का स्कोर सिर्फ 17 रन था, लेकिन मोहम्मद आमिर के 7वें ओवर में रोहित ने लगातार दो चौके लगाते हुए हाथ खोल दिए. इसके अगले ओवर में कप्तान ने उस्मान के ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाया. रोहित (52) और धवन (46) ने पहले विकेट के लिए 86 रनों की साझेदारी करते हुए जीत की आधारशिला रखी. बाकी का काम दिनेश कार्तिक (नाबाद 31 रन) और अंबाती रायडू (नाबाद 31 रन) ने पूरा कर दिया.

चैंपियंस लीग में मेसी का कारनामा, रोनाल्डो को पछाड़ा

यूएफा चैंपियंस लीग में भले ही सबसे ज्यादा 120 गोल करने का रेकॉर्ड पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो के नाम है लेकिन एक मामले में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी उनसे अब आगे निकल गए हैं. मेसी ने यूएफा चैंपियंस लीग की 2018/19 सीजन में स्पेनिश क्लब बार्सिलोना के लिए खेलते हुए नीदरलैंड्स के पीएसवी क्लब के खिलाफ हैटट्रिक बना दी जिससे 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने के बावजूद बार्सिलोना ने ग्रुप बी का यह मैच 4-0 से जीत लिया.

बार्सिलोना के सैमुअल उमटिटी को मैच के 79वें मिनट में मैच का दूसरा येलो कार्ड और फिर रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेजा गया. 31 बरस के मेसी ने 32वें, 77वें और 87वें मिनट में जबकि औस्माने डेंबेले ने 75वें मिनट में गोल दागा. मेसी ने चैंपियंस लीग में रेकॉर्ड आठवीं हैटट्रिक बनाई. इस लीग में हैटट्रिक दागने के मामले में अब मेसी पहले जबकि 33 बरस के रोनाल्डो (सात हैटट्रिक) दूसरे नंबर पर हैं.

ग्रुप बी के ही मैच में इटली के इंटर मिलान क्लब ने इंग्लैंड के टॉटेनहम क्लब को 2-1 से हराया. क्रिस्टियन एरिकसन ने 53वें मिनट में गोल दाग इंग्लिश क्लब को 1-0 से आगे किया था लेकिन मौरो इकार्डी ने 86वें और माटियास वेसिनो ने दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में गोल कर मिलान को रोमांचक जीत दिला दी.

फर्मिनो ने जिताया

यूएफा चैंपियंस लीग के ग्रुप सी के मैच में इंग्लैंड के लिवरपूल क्लब ने फ्रांस के पैरिस सेंट जर्मेन (पीएसजी) क्लब को बेहद रोमांचक मैच में 3-2 से हराया. लिवरपूल एक समय 2-0 से आगे था. उसके लिए डेनियल स्टरीज ने 30वें और जेम्स मिलनर ने 36वें मिनट में गोल दागे थे. पीएसजी के लिए थॉमस म्यूनियर ने 40वें और स्टार फॉरवर्ड किलियान एमबापे ने 83वें मिनट में गोल दाग स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया. जब मैच ड्रॉ की और बढ़ते दिख रहा था तब सब्सिटिट्यूट रॉबर्टो फर्मिनो ने दूसरे हाफ के इंजरी टाइम में लिवरपूल का तीसरा गोल दाग दिया. फर्मिनो 72वें मिनट में स्टरीज की जगह मैदान पर उतरे थे.

हाईटेक हुआ चुनाव आयोग, एक क्लिक पर लें जानकारी

देश में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी पार्टियां जहां वोटरों को लुभाने के लिए नए-नए तरीके अपना रही हैं, वहीं चुनाव आयोग ने इस बार हाईटेक चुनाव कराने के लिए कमर कस ली है. देश में पहली बार चुनाव के समय किसी भी पार्टी के किसी भी उम्मीदवार को सभाएं करने, रैली निकालने या फिर अन्य कार्यक्रमों की अनुमति के लिए कागज लेकर दफ्तर-दफ्तर नहीं दौड़ना पड़ेगा. पार्टी या उम्मीदवार को जिस दिन कार्यक्रम करना होगा, वह उससे ठीक 48 घंटे पहले ऑनलाइन आवेदन कर अनुमति भी ऑनलाइन ही ले सकेगा.

आयोग के मुताबिक इस बार के चुनाव आइटी एप्लीकेशन ‘समाधान, सुविधा और सुगम’ एप की मदद से कराए जाएंगे. ‘सुविधा’ एप के जरिये उम्मीदवारों को चुनाव अभियान के दौरान ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम’ के माध्यम से विभिन्न प्रकार की मंजूरी हासिल करने की 24 घंटे ऑनलाइन सुविधा मिलेगी. वहीं ‘सुगम’ एप के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया में शामिल सरकारी और किराए पर लिए गए वाहनों के प्रयोग की मंजूरी लेने के अलावा इनके इस्तेमाल पर निगरानी की जा सकेगी और‘समाधान’ एप आम वोटर को परेशानी होने पर मदद करेगा.

आयोग ने चुनाव पर नजर रखने के लिए सात तरह की एप डिजाइन कराए हैं. आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामलों की शिकायत अब कोई भी व्यक्ति ‘सी-विजिल’एप के माध्यम से फोटो या वीडियो भेजकर कर सकेगा. इन शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित कर शिकायतकर्ता को कारवाई की रिपोर्ट भी दी जाएगी. शिकायतकर्ता को एक तस्वीर क्लिक कर या अधिक से अधिक दो मिनट का वीडियो रिकॉर्ड कर अपलोड करना होगा. एप में लोकेशन खुद ब खुद ट्रेस हो जाएगी.

शिकायत दर्ज होते ही शिकायतकर्ता को एक यूनीक आइडी प्राप्त होगा, जिससे वह अपने मोबाइल पर आगे की कार्रवाई को जान सकेंगे. इसमें यह भी प्रावधान है कि यदि आप शक्तिशाली आदमी के खिलाफ शिकायत कर रहे हैं, तो एप में अपना मोबाइल नंबर छिपा सकते हैं.

वहीं आयोग ने ‘सीजीएस’ सिटीजन ग्रीवेंस सर्विस एप लांच किया है. इससे ऑनलाइन शिकायतें जैसे किसी व्यक्ति की मतदाता पर्ची न निकलना या दूसरे व्यक्ति द्वारा मतदान करके चले जाना आदि शिकायतें की जा सकती हैं.

जेनासेस एप का उपयोग उम्मीदवारों के फार्म भरने के लिए किया जाएगा. जैसी ही फार्म भरेगा उनके मोबाइल पर एक एसएसएस अलर्ट आएगा. गलती होने पर दोबारा फार्म भी भरा जा सकेगा. एप से फार्म भरने से लेकर परिणाम आने तक के एसएमएस उम्मीदवार को मिलेंगे. चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मिजोरम एवं राजस्थान के विधानसभा चुनावों में इन सभी एप इस्तेमाल की योजना बनाई है.

सेविंग अकाउंट खोलने से पहले बरतें ये सावधानी, मिलेगा फायदा

बैंक का सेविंग अकाउंट आम लोगों को सीधे तौर पर बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने का काम करता है. सेविंग अकाउंट लोगों में सेविंग की आदत विकसित करने का काम करता है. यह सबसे लोकप्रिय वित्तीय उत्पादों में से एक माना जाता है. इसमें आप जब चाहें पैसों की निकासी कर सकते हैं और अकाउंट में जमा राशि पर औसतन 3.5 से 6 फीसद तक का ब्याज भी मिल जाता है.

हालांकि सेविंग अकाउंट खुलवाने से पहले आप थोड़ी सावधानी बरतेंगे तो आपको थोड़ा ज्यादा फायदा होगा. अगर आप देश के किसी भी बैंक में सेविंग अकाउंट खुलवाने की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है. हम अपनी इस खबर के माध्यम से आपको जानकारी दे रहे हैं कि आपको सेविंग अकाउंट खुलवाने से पहले किन बातों का ख्याल रखना चाहिए.

क्या शुल्क वसूलते हैं बैंक ?

ये सबसे अहम पहलू होता है. बैंक अपनी ओर से दी जाने वाली सेवाओं जैसे कि औनलाइन पेमेंट ट्रासफर, चेक बुक की सुविधा, कैश डिपाजिट, डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड, फिजिकल अकाउंट स्टेटमेंट, पासबुक जारी करवाना और लाकर जैसी सुविधाओं के लिए अगल-अलग शुल्क वसूलते हैं. ऐसे में अगर आपको मामूली जरूरतों को पूरा करने के लिए ही सेविंग अकाउंट खुलवाना है जैसे कि सिर्फ पैसे जमा रखने के लिए और कभी कभी चेक के जरिए भुगतान के लिए तो रेगुलर सेविंग अकाउंट सबसे बेहतर विकल्प होगा. वहीं अगर आप बैंक के अन्य उत्पादों की सेवाओं का भी लाभ लेना चाहते हैं तो आप प्रीमियम एवं हाई एंड सेविंग अकाउंट का भी चयन कर सकते हैं. अगर आप इन चीजों की परख कर अकाउंट खुलवाते हैं तो आपका फायदा होगा.

कौन सा बैंक दे रहा है ज्यादा ब्याज ?

देश के अधिकांश बैंक सेविंग अकाउंट पर 3.5 फीसद से 6 फीसद तक का ब्याज देते हैं. सार्वजनिक क्षेत्र का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक औफ इंडिया 1 करोड़ रुपये तक की जमा पर 3.5 फीसद की दर से ब्याज देता है. वहीं देश के कुछ बैंक सेविंग अकाउंट पर 6 फीसद का ब्याज भी देते हैं. ऐसे में आपको कई बैंकों की तुलना कर यह फैसला लेना चाहिए कि आपको ज्यादा ब्याज कहां मिलेगा.

कहां मिलेगा ज्यादा फायदा यह भी परखें ?

जैसा कि देश में सार्वजनिक क्षेत्र एवं निजी क्षेत्र के काफी सारे बैंक उपलब्ध है लिहाजा आपको तुलनात्मक रुप से यह अध्ययन जरूर करना चाहिए कि आपको ज्यादा फायदा कौन सा बैंक दे रहा है. मसलन कौन से बैंक के सेविंग अकाउंट पर आपको 20 से 50 फीसद के डिस्काउंट के साथ लॉकर की भी सुविधा मिल रही है, कहां फ्री डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड और फ्री चेक बुक की सुविधा मिल रही है. ये सारी बुनियादी जरूरतें होती हैं. कुछ बैंकों के सेविंग अकाउंट के साथ ऐसे डेबिट और क्रेडिट कार्ड की सुविधा मिलती है जो कि डोमेस्टिक एवं इंटरनेशनल एयरपोर्ट लौन्ज में फ्री एसेस की सुविधा देते हैं. इस बातों का ध्यान रखकर सेविंग अकाउंट खुलवाने से फायदा होता है.

स्वीप इन फैसिलिटी की सुविधा

देश के अधिकांश बैंक स्वीप इन फैसिलिटी की सुविधा देते हैं. साधारण बचत खाते की रकम को बढ़ाने के लिए कई बैंक आटो स्वीप (स्वीप इन फैसिलिटी) या टू इन वन एफडी की सुविधा देते हैं. इसके तहत अगर आपके खाते में एक सीमा से अधिक धन जमा हो जाता है, तो बैंक खुद ही इस रकम को एफडी में बदल देता है. इस तरह आप अपनी रकम पर बचत खाते की तुलना में काफी ज्यादा ब्याज हासिल कर सकते हैं. इस सुविधा की जानकारी हासिल कर आप सेविंग अकाउंट खुलवाने के बारे में उचित फैसला ले सकते हैं.

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