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20 साल बाद फिर लौट रहा है ‘छम्मा-छम्मा’

कई सालों से पुराने गानों को नए अंदाज में पेश करने का ट्रेंड लगातार तेजी से जोर पकड़ता जा रहा है. बता दें कि चार फिल्मों में से एक फिल्म तो ऐसी जरूर ही होती है जिसमें किसी ना किसी पुराने गाने को नए अंदाज से परोस कर पेश किया जाता है.

इसी कड़ी में अब बौलीवुड एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर के एक गाने के साथ भी अब एक्सपेरिमेंट किया जा रहा है. खबर मिली है कि उर्मिला के हिट सौंग ‘छम्मा-छम्मा’ को रीक्रिएट करने की तैयारियां चल रही हैं. अब ये गाना एक बार फिर से सबकी जुबां पर होगा.

आपको बता दें कि साल 1998 में आई फिल्म ‘चाइना गेट’ का ये गाना अरशद वारसी की फिल्म ‘फ्रौड सइयां’ के लिए एक बार फिर से तैयार किया जाएगा. लेकिन गाने में इस बार उर्मिला मातोंडकर की जगह एली अबराम दिखाई देंगी.

ये टास्क एली के लिए काफी मुश्किल भरा होने वाला है क्योंकि इस गाने में उर्मिला मातोंडकर ने कमाल का ही काम किया था. खासतौर पर इस गाने से 90 के दशक में बड़े हुए दर्शकों और उर्मिला के फैन्स की कई सारी यादें जुड़ी होंगी.

जानकारी दें दे कि ‘फ्रांड सइयां’ के लिए इस सौंग की कंपोजिशन तनिष्क बागची करने वाले हैं. वहीं इस गाने को नेहा कक्कड़, रोमी और अरुण गाने वाले हैं. इसके साथ ही रैप का तड़का भी इस गाने में लगाया जाएगा. जिसकी जिम्मेदारी रैपर इक्का को दी गई है.

इसके अलावा बता दें इस गाने की कोरियोग्राफी आदिल शेख करने वाले हैं. अब जल्द ही इस गाने की शूटिंग भी शुरू होने जा रही है.

इस गाने को लेकर एली अबराम बहुत ही उत्साहित हैं. उन्होंने कहा कि ‘यह गाना मुझे बेहद पसंद है और उर्मिला मातोंडकर खासतौर पर. जब इस गाने के लिए मुझे अप्रोच किया गया तब मैं सातवें आसमान पर थी. यह एक एपिक नंबर है और मुझे उम्मीद है कि मैं इसके साथ इंसाफ कर पाउंगी.’

जानिए आपको सोशल मीडिया कि लत है या नहीं, ये हैं लक्षण और इलाज

हालिया दिनों में लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा हो चुका है मोबाइल फोन. मोबाइल पर लोग अपने दिन का बड़ा हिस्सा बिताते हैं. खास कर के सोशल साइटों ने लोगों के दिन भर के स्पेस का बड़ा हिस्सा घेर लिया है. फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्वीटर जैसी साइटों ने जैसे हमारी लाइफ को ओवरटेक कर लिया है. आलम ये है कि इसके अत्यधिक उपयोग से लोगों में कई मनोवैज्ञानिक विकार पैदा हो रहे हैं. जिससे लोगों का काफी नुकसान हो रहा है.

सुबह जागते ही सोशल मीडिया अकाउंट चेक करना, दिन भर उसके बारे में सोचना, रात में ज्यादा समय सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना ये सब आपके असमान्य मनोस्थिति के लक्षण हैं.

जिस तरह लोगों को शराब की लत लग जाती है, सोशल मीडिया की लत भी ऐसी ही होती है. नशे के आदी लोग यह जानते हैं कि यह सेहत के लिए अच्छा नहीं है, फिर भी नशा करते हैं, यही हालत सोशल मीडिया के साथ भी है, इंसान जानता है कि इसका मस्तिष्क और शरीर पर बुरा असर होता है, लेकिन वह इसे नहीं छोड़ता.

सोशल मीडिया के लत की ये हैं लक्षण

अगर आप सुबह में जागते ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट को चेक करते हैं, रात में भी सोने से पहले आप इसपर ज्यादा समय बिताते हैं तो हो जाइए सावधान, ये आपके लिए खतरनाक हो सकता है. आपको अपनी ये आदत सुधारने की जरूरत है.

सेल्फ एस्टीम डिफिकल्टी तो नहीं आपको?

addiction of social media and its remedies

आप अपनी तस्वीरें अत्यधिक एडिटिंग के बाद डालते हैं तो सावधान हो जाइए. इसका अर्थ ये हुआ कि आप खुद को ही नहीं स्वीकार कर पा रहे हैं. हो सकता है आप सेल्फ एस्टीम डिफिकल्टी से गुजर रहे हों.

नहीं हो रही आपकी नींद पूरी

अगर आपकी नींद पूरी नहीं हो पा रही है, अगर आपको तेज मूड स्विंग्स आ रहे हैं या आप मन लगा के काम नहीं कर पा रहे हैं तो इन सब परेशानियों का कारण सोसल मीडिया का अत्यधिक प्रयोग है.

रहा नहीं जाता फोन के बिना

अगर आप फोन के बिना नहीं रह पा रहे तो ये स्थिति आपके लिए बेहद खतरनाक है. आप पूरे दिन फोन पर लगे रहते हैं, लोगों की सारी एक्टिविटी ट्रैक करते हैं और जब आपके पास फोन ना हो तो आप परेशान हो उठते हैं. ये एक मुश्किल स्थिति है. आपको इससे निजात पाना होगा.

अगर ये आदते हैं आपमें तो आपको सावधान होने की जरूरत है. हम आपको बताएंगे कुछ उपाय जिससे आप इन आदतों से छुटकारा पा सकें.

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फोन से दूरी बनाएं

आप कोशिश करें की आप फोन से दूर रहें. फोन पास होते हुए भी आप उसका प्रयोग ना करें. पहले 15 मिनट फोन से दूर रहें. फिर 30 मिनट. ऐसे कर के आप खुद को फोन से दूर रखने में सफल होंगे.

सोने से पहले फोन का प्रयोग ना करें

एक शोध में पाया गया था कि अगर आप सोने से आधा घंटा पहले तक सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं तो यह आपके की नींद को प्रभावित करता है. ऐसे में कोशिश करें कि सोने से करीब आधा घंटा पहले ही अपने फोन से दूरी बना लें.

सोशल मीडिया पर अपने समय का हिसाब रखें

सोशल मीडिया पर जितना वक्त आप बिता रहे हैं उसका हिसाब जरूर रखें. इसका सबसे अच्छा उपाय है कि आप एक निश्चित समय तय कर लें कि इस इस समय में ही आपको सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना है.

ब्वॉयफ्रेंड की ये 5 बातें कभी नहीं भूलती लड़कियां

आपने अक्सर कई लड़कियों को देखा होगा कि वे अकेले में कुछ सोचते हुए मुस्कुराती रहती हैं, लेकिन क्या आप इसके पीछे का कारण जानते हैं. इसका कारण होता है उनका ब्वॉयफ्रेंड, जिसकी यादों में वे खोई हुई रहती हैं और उनकी बातें याद आते ही लड़कियों के चहरे पर मुस्कुराहट आ जाती हैं.

आज हम आपको ब्वॉयफ्रेंड की उन बातों और हरकतों के बारे में बताने जा रहे हैं जो लड़कियों को श्रम से लाल कर देती हैं और उनके चहरे पर मुस्कुराहट ले आती हैं. तो आइये जानते हैं उन बातों के बारे में.

हग

लड़कियां अक्सर अपनी पार्टनर से मिली पहली हग या किस को कभी नहीं भूल पाती. यह एक ऐसा पल होती है जिसे लड़कियां जिंदगीभर याद रखती हैं. जब वह उस समय को याद करती है तो उनका चेहरे पर एक अलग ही खुशी और लाली होती है.

boyfriend girlfriend relationship

प्रपोज

लड़कियां उस पल को भी कभी भूला नहीं पाती जब उसका पार्टनर उसे अपनी जिंदगी में आने के लिए प्रपोज करता है. शादी के बाद जब भी कोई लड़की अकेले में इस बारे में सोचती हैं तो वह शर्म से लाल हो जाती है. पहली बार ‘आई लव यू’ कहना ऐसा लगता है मानो कल की ही बात हो.

हाथ पकड़ना

सड़क पर चलते या अचनाक जब ब्वॉयफ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड के हाथ को पकड़ लेता है तो उस समय ऐसा लगता है कि आप भी किसी के बहुत महत्वपूर्ण हैं. अपने पार्टनर को पहली बार स्पर्श करने का वह अहसास आज भी आपके चेहरे को शर्म से लाल और दिल को फिर से बच्चा बना देगा.

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जब कोई ब्वॉयफ्रेंड के बारे में पूछे

जब भी लड़की से उसके पार्टनर के बारे में पूछा जाता है तो वह शर्म से लाल हो जाती है. वह कभी भी शर्माएं बिना अपने ब्वॉयफ्रेंड के बारे में नहीं बता पाती. क्योंकि उसको समझ ही नहीं आता की उसको क्या बोलना चाहिए.

शादी के लिए प्रपोज करना

हर लड़की का यह सपना होता है कि उसके सपनों का राजकुमार उसको शादी के लिए प्रपोज करें. जब वह समय आता है तो शर्म के मारे लाल हो जाती है. पार्टनर द्वारा शादी के लिए प्रपोज किए जाने वाले पल को लड़कियां कभी भूल नहीं पाती. इन पल की यादें उनके दिमाग में हमेशा ताजी रहती है माने जैसे कल की ही बात हो.

शादी के बाद इन 5 वजहों से होता है लड़कियों को पछतावा

शादी किसी भी लड़की की जिंदगी का बहुत महत्वपूर्ण फैसला होता हैं, जिसके बाद एक लड़की की जिंदगी पूरी तरह से बदल जाती हैं. शादी के बाद ऐसे कई मौके आते हैं जब एक लड़की को पछतावा होता है उसने शादी क्यों की.

जी हां, ऐसा हर लड़की के साथ होता हैं और वह यह सोचती है कि शादी नहीं करती तो ही अच्छा था. आज हम आपको एक शादीशुदा लड़की के उन्हीं मौकों के बारे में बताने जा रहे हैं जब लड़कियों को होता है पछतावा. तो आइये जानते है इन पलों के बारे में.

सेल्फ टाइम

शादी के बाद अक्सर लड़कियों को लगता है कि वह अपने लिए टाइम नहीं निकाल पा रही. वह घर और दफ्तर के कामों में ही उलझी रहती है, जिस वजह से वह अपनी तरफ ध्यान ही नहीं दें पाती. यही बात उनको सताती रहती है. उनके दिमाग में आता है कि काश मैंने शादी ना की होती. उनको शादी के फैंसले पर अफसोस होने लगता है.

life after marriage

पर्सनल स्पेस

लड़का हो या लड़की हर किसी की जिंदगी में पर्सनल स्पेस होना बहुत जरूरी होता है. मगर शादी के बाद लड़कियों की जिंदगी में पर्सनल लाइफ जैसा कुछ नहीं रहता. वह किसी को बिना बताए कोई काम नहीं कर पाती. छोटे से छोटा काम करने या फिर कोई भी डिसीजन लेने से पहले पति और घर के दूसरे सदस्यों से परमिशन मांगनी पड़ती है. तब उन्हें अफसोस होने लगता है कि शादी के बाद तो उनकी लाइफ में कुछ रहा ही नहीं.

खुद को बदलना

शादी के बाद लड़कियों को खुद में बहुत सारे बदलाव लाने पड़ते हैं. उन्हें हर परिस्थिति में खुद को साबित करना पड़ता है. कई बार इन सब के कारण वह इरिटेट फील करने लगती हैं. उन्हें खुद को बदलने को लेकर अफसोस करने लगती है.

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एक्स से तुलना

शादी के बाद वैसे तो कभी भी एक्स से अपने पति की तुलना नहीं करनी चाहिए. मगर शादी के बाद जब लड़कियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है तो उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने अपने ब्वॉयफ्रेंड से शादी की होती तो अच्छा होता.

बच्चे की जल्दबाजी

कुछ लड़के शादी होते ही अपनी पत्नी पर बच्चे के लिए दबाव बनाने लगते हैं. भले ही इसके लिए लड़की तैयार हो या ना हो. हर रोज बच्चे के लिए जबरदस्ती की बात सुनकर वह सोचने लगती हैं कि शादी ना की होती तो अच्छा होता.

बच्चों को दीजिए ऐसे गिफ्ट जो बढ़ाएं उनकी नौलेज

अक्सर देखा गया है कि माता-पिता अपने बच्चों को खुश करने या किसी खास मौके पर गिफ्ट देना पसंद करते हैं. माता-पिता के मन में यही ख्याल आता है कि बच्चे को कपडे या खिलौने गिफ्ट में दिया जाए, जबकि उन्हें कुछ ऐसा गिफ्ट दिया जाना चाहिए जो उन्हें पसंद तो आए ही साथ में उनकी नौलेज भी बढ़ाए.

जी हां, ऐसे कई गिफ्ट हैं, जो आप बच्चों को दे सकते हैं और उनका ज्ञान बढाने में उनकी मदद कर सकते हैं. तो आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ गिफ्ट्स के बारे में.

नौलेज बढ़ाने के लिए

अगर आप चाहते हैं बच्चों को कुछ अच्छा सीखने को मिले तो आप उनके लिए खिलौनों की बजाए म्यूजियम, साइंस एग्जिबिशन, एम्यूजमेंट पार्क आदि की टिकट खरीदें और उन्हें वहां ले जाकर वहां की नई चीजों के बारे में जानकारी दें. कुछ नया देखकर वे खुश भी होगें और उनकी नौलेज भी बढ़ेगी.

पौधे गिफ्ट करें

अगर आप बच्चों को पौधे गिफ्ट करेंगे तो वे पर्यावरण के प्रति जागरूक होगें. उन्हें यह पौधा घर के आंगन या बालकनी में खुद लगाने और उसकी देखरेख के लिए कहें. इसे बढ़ता देख कर उन्हें खुशी भी होगी.

शौक के अनुसार गिफ्ट दें

बच्चों को हमेशा उनके शौक के हिसाब से गिफ्ट दें. अगर उन्हें ड्रॉइंग-पेंटिंग या म्यूजिक का शौक है तो उन्हें खिलौने की जगह कलर बॉक्स, डॉइंग पेपर, उसका पसंदीदा गिटार, माउथ ऑर्गन आदि गिफ्ट करें. जिससे उनकी क्रिएटीविटी बढ़ेगी और उनकी आगे जाकर काम भी आएगी.

यादों को बनाएं रखने के लिए

इसकी बचपन की यादों को आगे जाकर तरोताजा रखने के लिए उन्हें एक एल्बम जरूर गिफ्ट करें. उन्हें इसमें अपनी नई-पुरानी फोटोज लगाने के लिए बोलें. जिसे उसे बड़ा होकर देख कर खुशी मिलेगी.

ब्रोंजर बनाये मेकअप को ब्राइट

हर महिला की यह कामना होती है कि सबसे सुंदर दिखे. इसके लिये वह मेकअप का सहारा लेती है. मेकअप को और ज्यादा खूबसूरत बनाने के लिये बाजार में नये नये तरह के उत्पाद आने लगे हैं. इन्ही में से एक ब्रोंजर भी होता है. जरूरत इस बात की होती है कि मेकअप के लिये ब्रोंजर को सही तरीके से इस्तेमाल किया जाये.

वर्गो हेयर स्किन एंड ब्यूटी स्टूडियो लखनऊ की मेकअप एक्सपर्ट कविता तिलारा का कहना है ‘ब्रोंजर को चेहरे के उस हिस्से पर ही लगाया जाना चाहिये, जहां पर सूरज की रोशनी सीधी पड़ती हो. तभी ब्रोंजर चेहरे पर चमक ला पाता है. ब्रोंजर को टी जोन, नेक और कंधे पर लगा सकते हैं. ब्रोजर लगाने से पहले हल्का मेकअप कराना चाहिये. क्योंकि ब्रोंजर से मेकअप और भी ज्यादा ब्राइट हो जाता है. ब्रोजर को दिन में केवल चेहरे पर ही लगाना चाहिये.

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रात की पार्टी में जाना हो तो बौडी ब्रोंजर का प्रयोग कर सकती हैं. इससे बेहद ग्लैमरस लुक आता है. ब्रोंजर का प्रयोग स्किन के हिसाब से ही करना चाहिये. ड्राई स्किन पर शिमर ब्रोंजर का ही प्रयोग करना ठीक रहता है. अगर चेहरे पर दाग ध्ब्बा हो तो पहले फाउंडेशन की सहायता से उसे ढक दें. उसके बाद ही ब्रोंजर लगाये.

स्किन एक सी नहीं होने से ब्रोंजर भी उबड़खाबड़ ही लगेगा. फेस ब्रोंजर को बौडी के दूसरे हिस्से पर नहीं लगाना चाहिये. फेस ओर बौडी के लिये अलग अलग ब्रोंजर बाजार में मिलते हैं. ब्रोंजर का प्रयोग सांवले रंग वालों के लिये ज्यादा सही रहता है.

अगर गोरे रंग वालों को ब्रोंजर लगाना हो तो हल्का गुलाबी रंग वाला ब्रोंजर ही प्रयोग करें. इससे फेस पर निखार आयेगा. ब्रोंजर लिक्वियड, क्रीम, जेल, पाउडर के रूप में आता है. मैट मेटेलिक टेक्सचर में इसको लोग ज्यादा पसंद करते हैं. टेक्सचर का चयन स्किन के हिसाब से ही करें. औयली स्किन पर पाउडर ब्रोंजर का ही प्रयोग करें. ड्राई स्किन पर क्रीम बोंजर का ही प्रयोग करें. होंठों व आंखों के आसपास ब्रोंजर का प्रयोग न करें. यहां लगाने पर यह पसीने जैसा लगता है.

ये आसान से उपाय आपकी छोटी आंखों को दिखाएंगे बड़ा

चेहरे को आकर्षक बनाने में आंखों की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं. आंखें ही है जो सभी का ध्यान अपनी ओर खींचती हैं. इसलिए लड़कियां अपनी आंखों को खूबसूरत बनाने के कई प्रयास करती हैं और उन्हें बड़ा और आकर्षक बनाती हैं.

छोटी आंखों को बड़ी और आकर्षक बनाने में आपकी मदद करता है मेकअप. जी हां, कुछ आसान से मेकअप ट्रिक्स की मदद से आपकी आंखें बड़ी और आकर्षक दिखने लगेंगी. तो आइये जानते हैं उन मेकअप ट्रिक्स के बारे में.

आई कंसीलर

सबसे पहले आंखों के आसपास प्राइमर और फाउंडेशन को लगा लें. इससे आंखों के नीचे के डार्क सर्कल और दाग-धब्बे छुप जाते हैं.

मस्कारा

मस्कारे का बिना आंखों के मेकअप अधूरा है. इसे लगाने से आंखें बड़ी और खूबसूरत नजर आने लगती हैं. पलकों को घुमाकर कर्व मस्कारा लगाने से आंखे बढ़ी दिखेंगी.

आईलाइनर

लम्बाई में लाइनर लगाने से आंखें बड़ी दिखती है. छोटी आंखें होने पर कभी भी आंखों के निचले हिस्से पर लाइनर न लगाएं.

आईशैडो

 

हमेशा आईशैडो को लाइनर और मस्कारा लगाने के बाद ही लगाएं. छोटी आंखो को बड़ा दिखाने के लिए आप हल्के रंग का आई शैडो इस्तेमाल करें और कपड़ों के साथ मौचिंग आइलाइनर ही लगाएं.

शिमरइस

चमकीला ड्राई पाउडर से आप अपनी आंखों में स्पार्कल इफेक्ट दे सकती है. आंखो को बड़ा दिखाने के लिए हल्के से शिमर का ही इस्तेमाल करें.

लोअर लिड पर न्यूड पेंसिल

अपनी आंखों पर काजल लगाने की बजाय न्यूड पेंसिल का इस्तेमाल करें. इसके अलावा आप व्हाइट पेंसिल का भी इस्तेमाल कर सकती हैं.

मेकअप में हुई ये 7 गलतियां बिगाड़ सकती हैं आपका वेडिंग लुक

हर लड़की की अपनी शादी से जुड़े कई ख्वाब होते हैं, जिसमें से एक उनके वेडिंग लुक से जुड़ा होता हैं. लड़कियां चाहती है कि उनक वेडिंग लुक काफी ग्लैमरस हो और उनकी खूबसूरती में निखार लेकर आए. इसके लिए लड़कियां मेकअप का सहारा लेती हैं. लेकिन मेकअप करते समय अक्सर वे कई गलतियां कर बैठती हैं, जो उनके वेडिंग लुक को बिगाड़ सकती है.

इसलिए आज हम आपको मेकअप से जुडी कुछ बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका ध्यान रखना बेहद जरूरी हैं. तो आइये जानते है इन मेकअप टिप्स के बारे में.

आर्टिफिशियल पलके

अगर आपकी पलके लंबी या घनी नहीं है तो नकली व प्लास्टिक की पलके न लगाएं. अपनी पलकों को मस्कारे के साथ नेचुरल लुक दें. अगर फेक लैशेज लगाना ही चाहती है तो मेकअप आर्टिस्ट से कहकर उन्हें ट्रिम करवा लें, ताकि वह नेचुरल लगे.

सही फाउंडेशन लगाएं

स्किन टोन से डार्क या लाइट फाउंडेशन शेड लगाने से दुल्हन की लुक काफी बेकार लगने लगती है. इसलिए बेहतर होगा कि मेकअप आर्टिस्ट से प्री-वेडिंग अपॉइंटमेंट ले और फाउंडेशन को टेस्ट करवाए, ताकि शादी के दिन आपकी फोटोग्राफ्स में बेस्ट लगे.

ओवर स्पार्कली शैडो

आंखों पर ढेर सारी चमक यानी स्पार्कली शैडो अप्लाई न करें. बेस्ट होगा कि शादी के दिन ड्रामेटिक आई-मेकअप को अवॉइड करें. मेकअप आर्टिस्ट से पहले ही आई शैडो कलर की बात करें.

लिपस्टिक की गलतियां

रूखे होंठों पर मैट लिपस्टिक लगाने से लुक खराब लगती है क्योंकि मैट लिपस्टिक लगाने से जगह-जगह पर पपड़ी जम जाती है. ऐसे में मॉश्चराइजर लिप्स और बढ़िया क्वालिटी की क्रीमी लिपस्टिक लगाएं.

आईब्रो को न करें इग्नोर

चेहरे को परफेक्ट लुक देने में आईब्रो की अहम भूमिका है. ये न तो ज्यादा घनी, पतली या शेपलेस होनी चाहिए. ब्यूटिशियन की सलाह से अपने चेहरे के हिसाब से आईब्रो को शेप दें. जरूर पड़े तो आईब्रो पेंसिल की मदद से फिल करें. पेंसिल ब्लेक नहीं, बल्कि डार्क ब्राउन यूज करें.

ड्रेस से मैचिंग मेकअप न करें

पिंक लिपस्टिक, पिंक ब्लश और सिल्वरी-पिंक आईशेडो, ये बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता. चेहरे पर इतने कलर के पैचेस लुक बेकार कर देते है. किसी भी फिचर पर फोकस लाने के लिए ब्राइट कलर का इस्तेमाल करें, जैसे आंखें या लिप्स. इसके अलावा बाकी चेहरे पर न्यूट्रल या स्टेबल कलर का इस्तेमाल करें.

हद से ज्यादा ड्रॉमेटिक आईज

दुल्हन का मतलब ये नहीं कि आप सारे मेकअप प्रॉडक्ट्स अपने पर थोप लें. कभी भी आंखों पर मोटा लाइनर या मोटा कोहल न लगाएं.

ये हैं दुनिया के सब से महंगे मोबाइल फोन, कीमत जान कर हैरान रह जाएंगे

विश्व की नामी मोबाइल कंपनियों ने बेहतरीन फीचर्स, आकर्षक लुक के साथ कई मोबाइल फोन बाजार में उतारे हैं, जिन की कीमत 1 लाख रूपए से शुरू हो कर 52 करोङ रूपए तक है.

अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर इन मोबाइल फोन की खासीयत क्या है जो करोङों रूपए कीमत की हैं, तो चलिए आप को कुछ ऐसे ही मोबाइल फोन से रूबरू कराते हैं :

Huawei mate-20 स्मार्टफोन :चीन की कंपनी Huawei ने हाल ही में Huawei mate-20 सीरीज पेश की है. इस सीरीज में कुल 4 स्मार्टफोन हैं, जिस में mate-20 rs porsche की कीमत लगभग 1.77 लाख के करीब हो सकती है.

डायमंड रोज iPhone :32 जीबी इंटरनल मैमोरी वाला यह फोन दुनिया का सब से महंगा मोबाइल फोन है. एप्पल ने इस फोन की कीमत लगभग 52 करोङ रूपए रखी है. इस फोन में महंगे हीरे लगे हुए हैं. गुलाबी रंग के 500 हीरों से जङा यह फोन लाजवाब दिखता है. इस मोबाइल के फ्रंट और बैक दोनों साइड महंगे हीरे लगे हैं.

गोल्ड स्टीकटर iPhone 3G : इस फोन को 2009 में लौंच किया गया था. 3.5″ डिस्प्ले स्क्रीन वाले इस फोन में 136 हीरे लगे हैं। फोन की कीमत 19.5 करोङ रूपए है.

किंग्स बटन iPhone 3G : 3.5″ स्क्रीन डिस्प्ले के साथ इस फोन में स्क्रीन प्रोटेक्शन कौर्निंग ग्लास लगा है. इस मोबाइल में 138 महंगे हीरे लगे हैं. फोन 32GB इंटरनल स्टोरेज है.

गोल्डविश ले मिलियन : साल 2006 में सब से महंगे फोन का अवार्ड पाने वाले इस मोबाइल में सोने और हीरे से नक्काशी की गई है. यह 18 कैरेट व्हाइट गोल्ड और 20 कैरेट डायमंड से बना है.

Vertu का सिग्नैचर कोबरा : 22 कैरेट गोल्ड से डिजाइन इस फोन की कीमत लगभग 2 करोङ रूपए है.

ब्लैक डायमंड vipin : यह पहला LED- टैक्नोलौजी फोन है. इस मोबाइल फोन में कैमरा, वाईफाई, एसडी कार्ड जैसे बेहतरीन ऐडवांस्ड फीचर्स हैं.

iPhone प्रिंसेज :32 GB इंटरनल मैमोरी वाला यह आईफोन आईओएस औपरेटिंग सिस्टम पर चलता है.

लोगों के दिमाग में ठुंसा हुआ है जाति का सवाल

जाति का सवाल किस तरह गहराई तक लोगों के दिमाग में ठुंसा हुआ है उस का एक नमूना दिखा जबलपुर, मध्य प्रदेश में जहां दुर्घटना में घायल 2 औरतों को इलाज कराने के लिए अस्पताल लाया गया तो मरीजों के रिश्तेदारों ने डाक्टर की पिटाई कर डाली क्योंकि वह शैड्यूल कास्ट था और मरीज ऊंची जाति का. मरीज ने कुछ कहा या नहीं, पर रिश्तेदारों को मरीजों की तकलीफ मंजूर है, नीची जाति का छुआ जाना मंजूर नहीं है.

जो लोग कहते हैं कि देश में जाति सिर्फ आरक्षण की वजह से बची है वे या तो अनजान हैं या जानबूझ कर अनजान बने रहना चाहते हैं. जाति का जहर इस तरह लोगों के दिमाग में भर दिया जा रहा है कि वे इसे जिंदगी से ज्यादा बड़ा मानने लगे हैं. यह पहले कम दिखता था क्योंकि तब ऊंची और नीची हर जाति के रास्ते ही अलग थे. समाज बुरी तरह बंटा हुआ था.

आज नीची जातियों को ऊंची जातियों के रास्तों पर चलने का हक है, बसों में बैठने का हक है, रेल, हवाईजहाज में बैठ सकते हैं, हाकिम की कुरसी पर भी बैठ सकते हैं. हजारों डाक्टर अपना तनमन लगा कर लोगों को ठीक कर रहे हैं.

लेकिन इस के बावजूद एक बड़ा तबका लगातार लगा हुआ है कि जाति को भुलाया न जाए. अमेरिका में गोरोंकालों को अलग से पहचाना जा सकता है. यहां शक्लसूरत से ऊंचेनीचे को पहचानना मुश्किल है और इसलिए तरहतरह के टोटके अपनाए जा रहे हैं कि जाति का पता चलना लगता रहे.

ऊंची जाति वालों को खास देवीदेवता दे दिए गए हैं और नीची जातियों के लोगों ने हंसहंस कर बेवकूफ बन कर उन्हीं देवताओं के दासों, बिगड़ैलों, पालतू पशुओं, नाजायज संतानों की पूजा करनी शुरू कर दी?है. कहीं उन ऊंचेनीचे देवताओं की गढ़ी हुई कहानियां सुनासुना कर जाति का जहर और ज्यादा गहरा कर दिया कि लोग अपनों को मरने देने को या मारने को तैयार हैं पर जाति पर धब्बा लगे, इस के लिए तैयार नहीं हैं.

असल में यह पंडेपुजारियों की रातदिन की मेहनत का नतीजा है. लाखों लोग मंदिरों के धंधों में लगे हैं और ऊंचीनीची जातियों के अलगअलग मंदिर, देवता, बाबा, पूजा के तौरतरीके बनवा कर इस के रंग को हर रोज गहराया जा रहा है. देश के हर कोने में मंदिर, जिन की मूर्ति का पौराणिक ग्रंथों में कहीं कोई जिक्र नहीं, खड़े हो रहे हैं और हरेक में एक पुजारी जम गया जो जाति को भुना कर अपने देवीदेवता को पुजवा रहा है.

यही लोग गलीगली में बिखरे इस अलगाव के लिए जिम्मेदार हैं. शहरी जिंदगी और नई तकनीक ने मजबूर कर दिया है कि ऊंचीनीची जातियों के रास्ते एक हों पर हर कोई बच कर निकले यह हुक्म मंदिर का पंडा दे देता है. जबलपुर के डाक्टर के खिलाफ यह गुस्सा नहीं था कि वह गलत इलाज कर रहा था, गुस्सा यह था कि वह था ही नीची जाति का. इस साल आल इंडिया मैडिकल साइंस के दाखिलों में 4,000 में से 5वां रैंक पाने वाली एक लड़की शैड्यूल कास्ट की है. पढ़ाई में किसी से कम नहीं पर जाति का बिल्ला लगा रहेगा.

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