Life After Divorce: अगर तलाक हुआ तो जिंदगी में क्या क्या और कैसे कैसे बदलाव तनाव और अवसाद की शक्ल में आएंगे और उन्हें कैसे मेनेज करना है इसकी ट्रेनिंग कहीं कोई नहीं देता. नतीजतन लाखों लोग हताशा और निराशा के गर्त में डूब जाते हैं. जबकि होना यह चाहिए कि तलाक को कलंक मानने की मानसिकता जो मूलतय धर्म के दुकानदारों की देन है को हर स्तर पर हतोत्साहित किया जाए. ताकि लोग तलाक के बाद भी खुशहाल जिंदगी जी पाएं.
अपने मरीजों को तनाव व डिप्रेशन से उबारने बाली और सटीक मनोवैज्ञानिक सलाह और इलाज देने बाली मनोचिकत्सक डाक्टर हेमिका अग्रवाल खुद को समझाने में नाकाम रहीं और इस तरह रहीं कि बीती 3 अगस्त की शाम उन्होंने सातवी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. गाजियाबाद में हेमिका और उनके पिता आरके चंद्रा जो खुद भी जानेमाने वरिष्ठ मनोचिकत्सक हैं को हर कोई जानता था.
लेकिन यह कम ही लोग जानते थे कि इस खूबसूरत युवा डाक्टर की जिन्दगी में विकट की उथल पुथल मची हुई है. जिसका इलाज किसी के पास नहीं. आम हैरान परेशान लोगों की तरह उपर से सामान्य दिखने बाली हेमिका बीते डेढ़ साल से न तो ढंग से खा पी पा रहीं थीं और न ही सुकून भरी नींद ले पा रहीं थीं.
गाजियाबाद एक्सटेंसन की आफीसर सिटी सोसाइटी में अभिजात्य और संभ्रांत लोग रहते हैं जो हेमिका की आत्महत्या की खबर सुनते ही हैरान और सकते की स्थिति में आ गए. लेकिन जब आरके चंद्रा ने मीडिया और पुलिस को दिए अपने बयान में यह बताया कि हेमिका का तलाक कोई डेढ़ साल पहले हुआ था और पिछले कुछ दिनों से वह भारी मानसिक तनाव से गुजर रही थी तो हर किसी को समझ आ गया कि हेमिका तलाक के बाद के अवसाद से जूझती खुद को और हालातों को मेनेज नहीं कर पा रहीं थीं.
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