सीमा का जब शहर के नामचीन  स्कूल में अध्यापिका के रूप में नियुक्ति हुई तो वह बेहद खुश थी. साफसुथरा स्कूल, करीने से सजा हुआ स्टाफरूम और चमचमाती कक्षाएं. पर सीमा की यह खुशी जल्द ही काफूर हो गई जब उस ने स्कूल के टौयलेट में कदम रखा.

टौयलेट में लगातार पानी रिस रहा था. चारों तरफ जालों का अंबार लगा हुआ था. गंदगी देख कर सीमा को उबकाई आने लगी और भाग कर वह बाहर निकल गई.

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