Cyber Fraud in India : साइबर फ्रौड को रोकने के लिए सरकार ने तमाम तरह के उपाय किए हैं लेकिन इस तरह की ठगी रुक नहीं रही है. लोगों को मनी लांडरिंग, ड्रग्स या अश्लील साइट्स देखने का आरोप लगा कर डिजिटल ठगी की जाती है. एक लाख या दो लाख ठगे जाने पर तो कई लोग रिपोर्ट भी दर्ज नहीं करवाते. कई लाख या करोड़ की ठगी हो तभी यह मामले सुर्खियों में आते हैं.

दिल्ली में एक बुजुर्ग एनआरआई डाक्टर दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर ठगों ने 17 दिन तक फंसा कर रखा और उन से 14.85 करोड़ रुपए ठग लिए. 81 साल के बुजुर्ग डा. ओम तनेजा और 77 साल की उन की पत्नी डा. इंदिरा तनेजा दोनों डाक्टर हैं. इस बुजुर्ग जोड़ी ने अमेरिका में करीब 48 साल बिताए और वे संयुक्त राष्ट्र यूएन से भी जुड़े रहे. 2015 में रिटायरमैंट के बाद वे भारत लौट आए और ग्रेटर कैलाश में रहने लगे.

ठगी 24 दिसंबर 2025 को शुरू हुई जब ठगों ने फोन पर खुद को TRAI टेलीकाम रेगुलेटरी अथौरिटी औफ इंडिया और ED और पुलिस अधिकारी बता कर संपर्क किया. फर्जी अफसरों ने कहा कि दोनों के फोन से आपत्तिजनक कौल्स और मैसेजेस डिटेक्ट हुए हैं जिस के आधार पर मनी लौन्ड्रिंग और नेशनल सिक्योरिटी का गंभीर मामला बनता है इस जुर्म के तहत अफसरों के पास दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी है.

24 दिसंबर 2025 से 9-10 जनवरी 2026 करीब 17 दिन तक दोनों बुजुर्गों को वीडियो कौल पर लगातार निगरानी में रखा गया. फोन चार्ज रखने, किसी से बात न करने, घर से बाहर न जाने की सख्त हिदायत दी गई. डा. इंदिरा को बारबार बैंक जा कर पैसे ट्रांसफर करने को मजबूर किया गया. ठग स्क्रिप्ट देते थे कि बैंक वाले पूछें तो क्या जवाब देना है. कुल 14.85 करोड़ रुपए 8 अलगअलग बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर करवाए गए. रकम 1.99 करोड़ से 2.2 करोड़ के ट्रांजैक्शन में बंटी थी, जो गुजरात, दिल्ली, मुंबई, UP, कोलकाता और असम के अलगअलग बैंक अकाउंट्स में गई.

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