No-Confidence Motion Against Om Birla : पौराणिक कथाएं राजा और पति दोनों को भगवान मानती हैं. पौराणिक राज में इन के आगे कोई तर्क माने नहीं जाते. इस कारण ही सरकार हो या पति, दोनों ही विपक्ष और पत्नी को बोलने का अधिकार नहीं देना चाहते हैं.

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई, मुख्य सचेतक के सुरेश, सचेतक मोहम्मद जावेद के साथ द्रमुक, सपा, शिवसेना यूबीटी जैसे विपक्षी सांसदों ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाए जाने की मांग करते हुए नोटिस दिया. 3 पेज के इस अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस पर विपक्षी पार्टियों के करीब 120 लोकसभा सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे. इस में तृणमूल कांग्रेस को छोड़ इंडिया ब्लौक के सभी दल शामिल थे.

ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में विपक्षी सासंदों ने इस के 4 कारण गिनाए हैं. इस का पहला कारण 2 फरवरी, 2026 को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राष्ट्रपति अभिभाषण धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने नहीं दिया गया. लोकसभा स्पीकर सदन का खुलेआम एकतरफा ढंग से संचालन करते हैं. कई मौकों पर विपक्षी दलों के नेताओं को बोलने नहीं दिया गया जो संसद में उन का बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार है.
इस का दूसरा कारण 3 फरवरी, 2026 को 8 विपक्षी सांसदों को बजट सत्र से मनमाने तरीके से निलंबन की सजा सुना दी गई. इन सदस्यों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करने के लिए सजा दी गई.

इस का तीसरा कारण 4 फरवरी, 2026 को भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे द्वारा 2 पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक निजी हमले करने की अनुमति लोकसभा स्पीकर द्वारा देने का कृत्य किया गया. सांसद द्वारा संसदीय परंपराओं तथा मर्यादा के नियमों की धज्जियां उड़ाने के लिए लोकसभा स्पीकर ने एक बार भी सांसद को फटकार नहीं लगाई गई. भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को ऐसी छूट पर गंभीर आपत्ति करते हुए विपक्ष ने आरोप लगाया है कि हमारे आग्रह के बावजूद इस खास सांसद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई जो आदतन अपराधी है.

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