तनाव आज के आधुनिक समय का एक हिस्सा बनता जा रहा है. तनाव बहुत ज्यादा मैंटल या इमोशनल प्रैशर की फीलिंग है. जब आप इस प्रैशर से निबट नहीं पाते, यह प्रैशर तनाव बन जाता है. स्ट्रैस या तनाव कहींकहीं मोटिवेशनल फैक्टर का भी काम करता है. पर यह भी ध्यान देने की बात है कि तनाव सिर्फ किसी मुश्किल स्थिति की बात नहीं है, इस का आप के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है. यदि आप लगातार तनाव में रहते हैं तो इस की कीमत आप के शरीर और मस्तिष्क को चुकानी पड़ती है.

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