वेंकैया का काव्य

लोग न जाने कैसे कैसे फुर्सत का यह वक्त जो काट खाने को दौड़ रहा है काट रहे हैं शुरुआती  2-3 दिन तो कागज पत्तर जमाने और एलबम के पुराने फोटो देखने जैसे मध्यमवर्गीय टोटकों में गुजर गए लेकिन अब क्या करें , यह सवाल वेताल के सवालों जैसा मुंह बाए खड़ा है . देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू कवितायें लिखते वक्त काट रहे हैं . उन्होने अपनी लिखी कुछ कवितायें ट्वीट भी की हैं जो बाबा ब्लेक शी ..... और ट्विंकल ट्विंकल लिटल स्टार..... से उन्नीस नहीं कहीं जा सकतीं . इन्हें अगले सत्र से नर्सरी राइम्स में शामिल करने प्रकाश जावडेकर को विचार करना चाहिए .

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