चारों तरफ से पर्वतों से घिरे नाथुला दुर्ग को सूर्य की रश्मियां जैसे अलौकिक आभा प्रदान कर रही थीं. वहां पहुंचते ही सुमन का मन अभिभूत हो गया. चारों तरफ हरियाली और उस पर छिटके हुए रूई के फाहे के समान बर्फ को देखना काफी सुखद था. एक तरफ भारतीय तिरंगा लहरा रहा था. कांटों की बाड़ के दूसरी तरफ के दुर्ग पर चीन का लाल ध्वज लहरा रहा था. हवा काफी तेज थी. लग रहा था कि ध्वज काफी मजबूती से

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