भाग-7

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धारावाहिक के छठे भाग में आपने पढ़ा कि होटल ताज में मशहूर गायिका निक्की खान के रूप में निकहत को सामने देखकर संजीव की हालत खराब हो गयी. वह प्रोग्राम बीच में छोड़ कर घर भाग आया, लेकिन दूसरे दिन निकहत से मिलने की तमन्ना लेकर वह फिर होटल ताज पहुंच गया, जहां निकहत से मुलाकात के बाद दोनों के बीच पुराना प्यार फिर जी उठा और संजीव निकहत के साथ मुम्बई जाने को तैयार हो गया… अब आगे.

निकहत के साथ मुम्बई चलने का औफर पाकर संजीव बेहद खुश था. नयी निकहत की चमक-दमक और प्रेमाकर्षण ने उसे बुरी जकड़ लिया था. दूसरे दिन मोनिका को बिजनेस सम्बन्धी जरूरी काम बताकर वह नियत समय पर सामान सहित एयरपोर्ट पर मौजूद था. मोनिका को तो वैसे भी पति से ज्यादा फिक्र अपने दोस्तों और पार्टियों की हुआ करती थी, सो उसकी सेहत पर कोई फर्क न पड़ा.

संजीव निकहत के साथ मुम्बई आ गया. निकहत का शानदार बंगला, कीमती फर्नीचर, नये मौडल की कारें, नौकर-चाकर, जेवर-कपड़े, बैंक-बैलेंस देखकर उसे अपनी आंखों पर विश्वास ही नहीं हो रहा था. बड़े-बड़े म्यूजिक डायरेक्टर निकहत के बंगले पर सलाम बजाने आते थे. घण्टों उसके इंतजार में बैठे रहते थे. रुपयों की गड्डियां और चेक उसके सेक्रेटरी को थमा कर जाते थे. इतनी अमीरी और शानो-शौकत की तो संजीव ने कल्पना भी नहीं की थी. वह ज्यादा से ज्यादा समय निकहत के करीब रहने की कोशिश करता. निकहत भी विभिन्न पार्टियों में उसके साथ बेतकल्लुफी से आती-जाती थी. उसकी और संजीव की इसकदर नजदीकियां कुछ लोगों के दिलों में जलन पैदा कर रही थी, तो कुछ अपनी किस्मत को कोस रहे थे. प्रोग्राम-पार्टियों इत्यादि में डांस फ्लोर पर उसका पार्टनर सिर्फ, और सिर्फ संजीव ही हुआ करता. दूसरों के निमन्त्रण को वह शालीनता से ठुकरा देती थी. प्रेसवालों के लिए तो यह बहुत जोरदार खबर थी. उन्हें तो वैसे भी मशहूर लोगों के प्राइवेट मामलों में ज्यादा दिलचस्पी होती है. निकहत और संजीव की नजदीकियों की चटखारेदार खबरों से जहां फिल्मी पत्रिकाओं की बिक्री बढ़ रही थी, वहीं टीवी चैनल वालों की टीआरपी भी. पत्र-पत्रिकाओं में दोनों के रोमांस के चर्चे जोर-शोर से नमक-मिर्च लगकर छपने लगे – ‘मशहूर पौप सिंगर निक्की खान का दिल आया भी, तो शादीशुदा बिजनेसमैन संजीव पर’. बात चारों तरफ फैल चुकी थी.

संजीव को मुम्बई आये काफी वक्त गुजर गया था. वह निकहत से अब जुदा नहीं होना चाहता था, बल्कि जल्द से जल्द उससे शादी कर लेने की फिराक में था. निकहत की खूबसूरती और उसकी दौलत को पा लेने की लालसा मन में लिये वह कई बार उसके सामने शादी का प्रस्ताव रख चुका था, मगर निकहत हर बार हंस कर टाल जाती थी.

आज भी चाय पीते वक्त चल रही बातों का रुख वह इसी ओर मोड़ता हुआ बोला…

‘अब हमें और देर नहीं करनी चाहिए निकहत…’

‘किस मामले में…?’ निकहत ने अनजान बनते हुए पूछा, हालांकि वह उसकी बात अच्छी तरह समझ रही थी.

‘शादी के मामले में…’ वह उसकी आंखों में झांकता हुआ बोला.

‘देखो संजीव…’ दो क्षण की चुप्पी के बाद निकहत बोली, ‘मैं कोई खतरा मोल लेना नहीं चाहती. तुम पहले ही शादीशुदा हो और हिन्दू लौ के अनुसार अपनी पत्नी के रहते तुम दूसरी शादी नहीं कर सकते… फिर मेरा करियर काफी ऊंचाई पर है… दुनिया मुझे जानती है, मुझे चाहती है… मैं किसी कानूनी पचड़े में पड़ कर अपना करियर बर्बाद नहीं करना चाहती…’ उसने साफ शब्दों में दिल की बात कह दी, ‘संजीव, मैं कोई भी गैर-कानूनी काम नहीं करूंगी.’

‘अगर मैं मोनिका से तलाक ले लूं, तब तो तुम राजी हो…?’ संजीव व्यग्रता से बोला.

‘हां, तब कोई अड़चन नहीं है…’ वह खुश हो गयी, ‘मैं खुद तुम्हारे बिना नहीं जी सकती संजीव…’ उसने करीब आकर प्यार से उसके गले में अपनी बाहें डाल दीं, ‘आई लव यू संजीव…’

‘निकहत…’ संजीव ने उसे कस कर बाहों में भर लिया.

‘मैं कल ही वापस जाकर वकील से मिलता हूं, अब ये दूरी और बर्दाश्त नहीं होती है, निकहत…’ वह उसके कानों में फुसफुसाया.

‘ओ…संजीव… तुम कितने अच्छे हो…’ निकहत उससे बुरी तरह लिपट गयी.

(धारावाहिक के आठवें और अंतिम भाग में पढ़िये कि अपने शहर वापस जाकर संजीव ने मोनिका से तलाक तो ले लिया, लेकिन क्या वह निकहत का हो पाया…?)

इस कहानी के पहले भाग को पढ़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें:

धारावाहिक कहानी: इन्तकाम भाग-1

धारावाहिक कहानी: इन्तकाम भाग-2

धारावाहिक कहानी: इन्तकाम भाग-3

धारावाहिक कहानी: इन्तकाम भाग-4

धारावाहिक कहानी: इन्तकाम भाग-5

धारावाहिक कहानी: इन्तकाम भाग-6

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