इन्तकाम

‘देखो बेटा, ऐसे रिश्ते बार-बार नहीं आते... और तुम अपने पापा का स्वभाव भी अच्छी तरह जानते हो, उन्होंने अगर रिश्ते को मंजूरी दे दी है, तो बस अब उनकी बात टल नहीं सकती.'

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