सत्येंद्र और सारिका एकदूसरे को दिलोजान से चाहते थे, सत्येंद्र के पिता सारिका को अपनी बहू बनाने के लिए तैयार हो गए थे. लेकिन सारिका के पिता राकेश लोध नहीं माने.

उस दिन मई 2019 की 17 तारीख थी. आसमान पर काले बादल छाए थे और सुबह से ही बूंदाबांदी हो रही थी. उन्नाव के अतरी गांव का रहने वाला अरविंद खराब मौसम की परवाह किए बगैर अपने खेत पर खरबूजे तोड़ने पहुंच गया. दरअसल अरविंद ताजे खरबूजे खेत से तोड़ता फिर झल्ली में रख कर साइकिल से गांवगांव में फेरी लगाने निकल जाता था.

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