उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मरने वालों की संख्या में कमी नहीं आ रही. जो षहर कभी अपनी मुस्कराहट के लिये मशहूर था आज मौत के खौफ से दो चार हो रहा है. श्मशान से लेकर अस्पताल तक किसी का कोई पुरसाहाल नहीं है. श्मशान में लकडियों के लिये वेटिंग है तो अस्पताल में बेड और आक्सीजन के इंतजार में जान जा रही है. मरने वालों को चार लोगों का कंधा तक मुश्किल से नसीब हो रहा है. शहर को डर इस बात का है कि अगर हालात और बिगडे तो हालात क्या होगे ? अंतिम संस्कार के लिये लोग अब नये श्मशान स्थलों की  खोज करने लगे है. गुरूवार को गुलाला घाट और बैकुंठ धाम पर 173 लोगों का दाह संस्कार हुआ. जिसमें 60 शव कोविड पॉजिटिव थे.

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