यह थप्पड़ भी जानबूझकर सार्वजनिक रूप से मारा इसीलिए गया था कि इसकी गूंज दूर दूर तक सुनाई दे और समझने वाले यह समझ लें कि जो भी अपनी दम पर लोकप्रिय और कामयाब नेता बनेगा. उसे हतोत्साहित करने ऐसा भविष्य में भी किया जाता रहेगा. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मारे गए नए थप्पड़ में यह मैसेज भी चस्पा है कि यह सभ्यों और शिक्षितों का नहीं, बल्कि गंवारों और जाहिलों का समाज है. जिसमें लात घूंसे थप्पड़ जूतें और कड़वे बोल बेहद आम हैं और यही हमारी असल संस्कृति है.

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