लखनऊ में रहने वाली रेशमा का मायका श्रीनगर में है. रेशमा हर साल ईद में अपने मायके जरूर जाती थी. इस बार की ईद तालाबंदी में गुजरी. अक्तूबर माह से वह अपने मायके में है.

रेशमा कहती है, ‘श्रीनगर पहुंचने के बाद हमें समझ नहीं आ रहा था कि अपने घर कैसे जाएं? कश्मीर में सड़कें सूनी थीं. यातायात के साधन बेहद कम थे. घर से लेने आई कार से हम चले तो रास्ते पूरी तरह से वीरान नजर आ रहे थे. पता चला कि बिना प्रशासन की इजाजत के बाहर निकलना मना है.

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