राजनेता चिराग पासवान को ले कर बिहार चुनाव में जो हल्ला मचाया गया उस की मंशा का अनावरण 10 नवंबर के बाद होगा, लेकिन यह जरूर उजागर हो गया कि नरेंद्र मोदी, बहैसियत राम, जिन के दिलों में रहते हैं उन में से एक युवा चिराग भी हैं. इस नाते चिराग के दिमाग में भी कर्मकांडों का कूड़ाकरकट पाया जाना निहायत ही स्वाभाविक है. चिराग ने अपने पिता के अंतिम संस्कार में मुंडन करा कर बाद के पाखंड भी पूरे विधिविधान से किए और श्राद्ध में खीर, मेवे और तर घी की पूरियों वाला ब्रह्मभोज दिया जिस में पवित्रता के मद्देनजर शूद्रों के फटकने की सख्त मुमानियत रहती है.

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