Download App

किसने कहा श्रद्धा कपूर से आई लव यू…

टाइगर श्रॉफ का पहला प्यार शक्ति कपूर की बेटी श्रद्धा कपूर है. इसका खुलासा उन्होंने एक साक्षात्कार में किया है. टाइगर वाकई में श्रद्धा कपूर से प्यार करते हैं या महज सुर्खियां बटोरने के लिये उन्होंने ऐसा कहा है यह वे ही जाने. आखिर उनके दिल की बात तो उन्हें ही मालूम है या श्रद्धा कपूर को जिसे वे प्यार करते हैं. टाइगर ने यह नहीं बताया कि उन्होंने कभी अपने प्यार का इजहार श्रद्दा कपूर से किया भी है या नहीं. ‘हीरोपंती’ के जरिए सुर्खिया और शोहरत बटोर चुके जैकी श्रॉफ के प्रतिभाशाली बेटे, टाइगर श्रॉफ ने खुलासा किया है कि आगामी फिल्म ‘बागी: ए रेबल फॉर लव’ में उनकी अभिनेत्री श्रद्धा कपूर उनका पहला प्यार रही हैं.

अपनी दूसरी फिल्म ‘बागी..’ को लेकर उत्साहित टाइगर कहते हैं, ‘बागी रॉनी और सिया की प्रेम कहानी है. अपने प्यार को पाने के लिए दो लोग किस तरह बागी हो जाते हैं, यह फिल्म यही बताती है. इस फिल्म की कहानी ने मुझे बहुत प्रभावित किया है. यह फिल्म आपको अंदर तक झकझोर देने के लिए काफी है.’ फिल्म की अपनी अभिनेत्री श्रद्धा कपूर के बारे में पूछे जाने पर टाइगर ने कहा, ‘अरे! श्रद्धा के बारे में क्या कहूं, वह तो मेरा पहला प्यार थीं.’

एक्शन हीरो के टैग पर टाइगर कहते हैं, 'ऐसा नहीं है कि मैं सिर्फ एक्शन फिल्में ही करना चाहता हूं. मेरी अगली फिल्म ‘ए फ्लाइंग जट’ में एक्शन के साथ-साथ भरपूर कॉमेडी भी है.'

हाल ही में टाइगर श्रॉफ ने कुंगफू को भारत की देन कहा था लेकिन बातचीत में टाइगर ने इसका खंडन करते हुए कहा, ‘मैंने यह नहीं कहा कि कुंगफू भारत की देन हैं. कुंगफू एक कला है. ‘कल्लारी पयाटू’ भारत की देन है. कल्लारी से ही कुंगफू, कराटे, ताइक्वांडो और अन्य मार्शल आर्ट निकले हैं.’

मल्टीस्टारर फिल्मों के दौर में टाइगर पहले खुद को सोलो हीरो के रूप में साबित करना चाहते हैं, इसलिए मल्टीस्टारर फिल्म में काम करने से वह परहेज करते हैं.

टाइगर को इंडस्ट्री की खान तिकड़ी पर गर्व है लेकिन उनके साथ वह काम करने के इच्छुक नहीं है क्योंकि वह कहते हैं कि अगर में खान तिकड़ी के साथ काम करूंगा तो मुझे कौन देखेगा?

आतंकी के नाम पर क्रिकेट टूर्नामेंट में लगा आजादी का नारा

जम्‍मू कश्‍मीर के त्राल में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी के नाम पर क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया. इस टूर्नामेंट में शामिल हुई 16 टीमों में से 3 के नाम आतंकियों के नाम पर थे. यह प्रतियोगिता हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान मुजफ्फर वानी के भाई खालिद की याद में आयोजित की गई. खालिद पिछले साल पुलवामा के जंगलों में मारा गया था. सेना का कहना था कि खालिद आतंकी था और मुठभेड़ में वह मारा गया.

किन आतंकियों से इन्सपायर्ड होकर रखे गए नाम….

– बुरहान लायंस, आबिद खान कलंदर्स और खालिद आर्यन्स, इन तीन टीमों के नाम हिज्बुल आतंकियों के नाम पर रखे गए थे.

– एक ऑर्गनाइजर का कहना है कि टूर्नामेंट खालिद मुज्जफ्फर वानी की याद में ऑर्गनाइज किया गया था. खालिद हिज्बुल का आतंकी था. आर्मी ने उसे पिछले साल पुलवामा में एनकाउंटर के दौरान मार गिराया था.

– खालिद तब मारा गया था जब वह अपने भाई से मिलने जंगल में आया था.

पाकिस्तान सुपर लीग से भी इन्सपिरेशन

– टूर्नामेंट में शिरकत करने वाली कुछ टीमों के नाम आईपीएल और पीएसएल की टीमों पर रखे गए थे. पीएसएल यानी पाकिस्तान सुपर लीग को आईपीएल का जवाब बताया जाता है.

– पीएसएल पहली बार इसी साल हुआ था. हालांकि इसे फ्लॉप शो माना गया.

– बुरहान लायंस का नाम बुरहान नाम के आतंकी के इन्सपायर होकर रखा गया. बुरहान हेडमास्टर का बेटा है. उसने 2010 में घर छोड़कर हिज्बुल ज्वाइन कर लिया था.

– इसी तरह आबिद खान कलंदर टीम का नाम हिज्बुल कमांडर आबिद खान से इन्सपायर होकर रखा गया. आबिद एनकाउंटर के दौरान 2014 में मारा गया था. इसी एनकाउंटर में आर्मी का एक कर्नल भी शहीद हुआ था.

– इस टूर्नामेंट को खालिद आर्यन्स टीम ने जीता.

ओपनिंग सेरेमनी में लगे आजादी के नारे

– एक ऑर्गनाइजर ने कहा यह पहली बार है जब टीमों के नाम आतंकियों के नाम पर रखे गए.     -22 फरवरी को ओपनिंग सेरेमनी में कश्मीर की आजादी के नारे लगे.

– फाइनल में खालिद के पिता को चीफ गेस्ट के तौर पर इनवाइट किया गया था.

– इस ऑर्गनाइजर का कहना है कि आतंकियों के नाम पर टीमों के नाम रखना अब यहां जैसे नॉर्मल बात होती जा रही है.

– वैसे तो इस टूर्नामेंट को अप्रैल के दूसरे हफ्ते में ही खत्म होना था लेकिन हंदवाड़ा की घटना के बाद इसमें देर हो गई.

क्यों फूट-फूटकर रोने लगे थे मास्टर ब्लास्टर

महानतम बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर की सफलता के पीछे संघर्ष की कई मिसालें हैं. उनसे जुड़ा एक ऐसा वाकया है, जिसे सुनकर आप कहेंगे कि क्या सचिन भी ऐसा कर सकते हैं. दरअसल भारत रत्न सचिन तेंदुलकर एक मैच के बाद इतने भावुक हो गए थे कि ड्रेसिंग रूम में ही फूट-फूटकर रोने लगे. उस वक्त उनको टीम इंडिया की जर्सी नहीं मिली थी और वह सिर्फ 12 साल के थे. यह सचिन का मुंबई के लिए पहला मैच था, जो पुणे में मैच खेला गया था. इतना ही नहीं उनके पास टैक्सी के लिए पैसे भी नहीं थे.

हो गई बारिश और…

मुंबई में मंगलवार को एक कार्यक्रम में सचिन ने बताया, "मैं सिर्फ 12 साल का था, जब मुंबई के लिए मेरा चयन हुआ था, वह मेरा पहला दौरा था. मैं काफी उत्सुक था और कुछ पैसे लेकर हम तीन मैच के लिए पुणे गए थे, लेकिन जैसे ही मैच शुरू हुआ बारिश होने लगी, हम उम्मीद कर रहे थे कि बारिश रुके तो हम थोड़ा क्रिकेट खेल पाएंगे. जब मेरा मौका आया तो मैं 4 रन पर रनआउट हो गया. मैं सिर्फ 12 साल का था, ठीक से विकेट के बीच दौड़ नहीं पाया, मैं निराश था लौटकर ड्रेसिंग रूम में ख़ूब रोया. इसके बाद मुझे दोबारा बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला.'

फिल्म देखी, खाया-पिया और पैसे हो गए खत्म

उन्होंने कहा, "क्योंकि बरसात हो रही थी और पूरे दिन हमने कुछ नहीं किया और बिना यह जाने कि पैसे कैसे खत्म करने हैं फिल्म देखी, खाया पिया."

सचिन ने कहा, "मैंने सारे पैसे खत्म कर दिए थे और जब मैं मुंबई वापस लौटा तो मेरी जेब में एक भी पैसा नहीं था. मेरे पास दो बैग थे. हम दादर स्टेशन पर उतरे और वहां से मुझे शिवाजी पार्क तक पैदल जाना पड़ा क्योंकि मेरे पास पैसे नहीं थे."

अंजलि से मिलने के लिए लौटता था वापस

अंजलि से शादी से पहले मेल-जोल में कितनी मुश्किल आती थी इस बारे में सचिन ने बताया, "मैं बांद्रा से जेजे तक ड्राइव करके जाता था, लेकिन वहां जाकर पता चलता था कि अंजलि किसी मरीज़ को देखने में व्यस्त हैं और वह नहीं आ सकतीं. मैं थोड़ी देर परेशान होता था फिर वापस लौटकर आता था फोन लगाता था, अंजलि के बारे में पता करता था, यह कहने के लिए कि मैं 45-50 मिनट में वापस आ रहा हूं."

…तो ऐसे बनाएं अपने स्मार्टफोन को सुपर फास्ट

फोन लेने के कुछ वक्त बाद ही अक्सर लोगों को फोन हैंग और स्लो होने जैसी समस्याओं से दो चार होना पड़ता है. और फिर ऐसे में फोन में कुछ भी सेव करना हो तो और मुश्किल. एक से ज्यादा काम करने पर बार-बार फोन या तो स्लो पड़ जाता है या हैंग हो जाता है. इस पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसी एप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको इस परेशानी से बचाएंगी:

स्मार्टफोन को करें बूस्ट

स्मार्टफोन हैंग करना या स्लो होना आम बात है. कई बार महंगे फोन के हैंग होने की वजह से दूसरों के सामने बेइज्जत तक होना पड़ता है. इन दिनों हर काम के लिए एप डेवलप हो रहे हैं ऐसे में फोन में भी आपको ज्यादा से ज्यादा एप रखने होते हैं. कई एप्स बग से भरे होते हैं तो कई एप आपके मोबाइल को हैंग करने में अहम रोल प्ले करते हैं.

मोबाइल को स्लो करने वाले दूसरे सबसे बड़े कारण वो एप्स हैं जो बंद करने के बाद भी चलते रहते हैं.

गूगल प्ले स्टोर में ऐसे एप्स की भरमार है जो स्मार्टफोन को बूस्ट करने का दावा तो करते हैं, लेकिन असलियत यह है कि वो खुद आपके मोबाइल को हैंग कराने में सहायक होते हैं. पर यहाँ हम आपको कुछ ऐसे एप्स के बारे में बताते हैं जो आपके मोबाइल को बूस्ट करेंगे.

DU Speed Booster

यह एप एंड्रॉयड प्ले स्टोर से सबसे ज्यादा डाउनलोड किए जाने वाले बूस्टर एप्स में एक है. यह फोन के बैकग्राउंड में काम करता है और सिस्टम्स के गैर जरूरी फाइल्स को डिलीट करता है. इसके अलावा यह ऑटो स्टार्ट होने वाले एप्स को भी रोक कर बैट्री सेविंग करता है.

Greenify

अपने नाम की ही तरह यह एप आपके स्मार्टफोन को हरा भरा रखेगा. यानी यह मोबाइल के बैकग्राउंड प्रोसेस को हाइबरनेट पर रखता है ताकि वो मोबाइल स्लो ना करें. बैट्री बचाने और परफॉर्मेंस बूस्ट करने में यह माहिर एप माना जाता है.

Andorid Assistant

यह एप देखने में आपको पुराने तरीके का लग सकता है. लेकिन यह आपके एंड्रॉयड में एक्सपर्ट की तरह काम करता है. इसके जरिए आप मोबाइल के फाइल्स, सीपीयू, रैम, रोम, माइक्रो एसडी कार्ड और बैट्री को मॉनिटर और कंट्रोल कर सकते हैं. यह मोबाइल के प्रोसेसर को मैनेज करता है और कैशे क्लियर करके डिवाइस को बूस्ट करता है. इसमें एक वन क्लिक बूस्ट फीचर है जिसके जरिए महज एक क्लिक करके मोबाइल की स्पीड में इंप्रूवमेंट की जा सकती है.

आखिर क्यों छोड़ रहे रैना गुजरात लायंस का साथ!

आठ सालों तक चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में खेलने वाले विस्फोटक बल्लेबाज रैना जब आईपीएल नौ में नई टीम गुजरात लायंस के कप्तान बने तो उसके बाद से उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है. आईपीएल के इतिहास में रैना ही अकेले बल्लेबाज हैं जिन्होंने इस टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाए हैं.

बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अब तक एक भी आईपीएल मैच नहीं छोड़ा है लेकिन इस सीजन में उन्हें कुछ मैच छोड़ना पड़ सकता है क्योंकि उन्हें अपने पहले बच्चे के जन्म के समय अपनी पत्नी के पास होने के लिए हॉलैंड जाना होगा.

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 9वें सीजन में नई टीम गुजरात लायंस ने अपने प्रदर्शन से सबको हैरान किया है. कैप्टन रैना ने अपनी सफलता का श्रेय पत्नी प्रियंका चौधरी को दिया है.

रैना ने कहा, 'मेरी पत्नी ने मुझे शांत रहने और अपनी जिम्मेदारी निभाने में काफी मदद की है. मुझे लगता है कि शादी के बाद मेरे अंदर काफी सुधार हुआ है. अब मैं शांत रहने और जिम्मेदारी को समझने वाला बन गया हूं.'  रैना ने पिछले साल अप्रैल में अपने बचपन की दोस्त प्रियंका से शादी की थी.

शांत, दबाव झेलने वाले कप्तान हैं रैना

न्यूजीलैंड के सबसे अधिक सफल कप्तान रह चुके उनके टीम के साथी और विस्फोटक बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्कलम ने रैना की कप्तानी की तारीफ की है. मैक्कलम ने कहा, 'वह एक शांत, दबाव को झेलने वाले और सख्त निर्णय लेने वाले कप्तान हैं.'

बीवी की समझ और समर्थन से मिला फायदा

आईपीएल में सबसे अधिक रन बनाने वाले रैना ने कहा कि गुजरात लायंस टीम के खिलाड़ियों के साथ अधिक समय बिताने से उनकी पत्नी को कोई समस्या नहीं है और वह भी इस बात को समझती है साथ ही उनका समर्थन करती हैं. रैना ने कहा, 'टीम के खिलाड़ियों के साथ अधिक समय तक रहने के लिए वह खुद ही मुझे प्रेरित करती रहती है क्योंकि वह भी इस बात को जानती है कि इससे टीम का ही भला होगा. मेरी पत्नी की समझ और समर्थन से मुझे टीम के लिए अच्छा करने का मौका देता है.'

धोनी से फील्ड पर सवाल पूछता रहता था

उन्होंने कहा कि धोनी के साथ अधिक समय बिताने के कारण उन्हें कप्तानी के काफी गुण सीखने को मिला है. रैना ने कहा, 'पिछले 10-15 सालों में मैंने धौनी के साथ काफी समय बिताया है और मुझे पता है कि खेल से पहले एक कप्तान के रूप में उनका क्या-क्या काम होता है. मैदान पर भी मैं हमेशा उनसे कुछ न कुछ पूछता रहता था और दबाव से निकलने के बारे में बात करता रहता था.' रैना ने कहा कि उन्होंने राहुल द्रविड़ और मोहम्मद कैफ से भी काफी कुछ सीखा है.

वॉट्सएप के 10 ऐसे फीचर्स जिनसे आप हैं बेखबर

पॉपुलर इंस्‍टैंट मैसेजिंग एप व्‍हॉट्सएप ने लोगों के बीच अपनी खासी पैठ बना ली है. क्या बूढ़े क्या बच्चे हर कोई इसमें रमा हुआ है. इसके बावजूद कई ऐसे फीचर्स हैं जिसके बारे में लोगों को जानकारी नहीं है. ऐसे ही कुछ फीचर्स के बारे में हम यहां बता रहे हैं-

1. आप अपने चैट को आर्काइव कर सकते हैं और बाद में जब चाहें उसे पढ़ सकते हैं. जिस चैट को आप अर्काइव करना चाहते हैं उस पर टैप कीजिए और उसके बाद आर्काइव चैट को चुन लीजिये. अगर आप चाहें तो सभी चैट को भी आर्काइव कर सकते हैं. बस चैट सेटिंग्स पर टैप कीजिये और उसके बाद 'आर्काइव आल चैट्स' चुन लीजिये. इसका इस्तेमाल करने से आपके एसडी कार्ड पर चैट बैकअप नहीं होता है और न ही डिलीट होता है.

2. चैट हेल्पर एंड्रायड स्मार्टफोन के लिए एक विजेट है जो आपकी स्क्रीन पर वॉट्सएप के स्क्रीन को फ्लोट करने में मदद करता है. यानी वॉट्सएप मैसेज अब पूरी स्क्रीन पर नहीं दिखाई देगा पर एक विजेट, जिसे आप स्क्रीन पर किसी भी हिस्से में रख सकते हैं, उस पर दिखाई देगा. एप को इनेबल करने के बाद विजेट स्मार्टफोन की स्क्रीन पर आ जाएगा. गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करके इसे स्मार्टफोन पर इनस्टॉल कर लीजिए.

3. स्क्रीन पर जो ब्लू टिक आता है उसका मतलब है जिसको आपने मैसेज भेजा है उसने मैसेज पढ़ लिया. कई बार ऐसा होता है कि मैसेज डिलीवर हो जाता है लेकिन अगला उसे पढ़ता नहीं है. अगर आप जानना चाहते हैं कि मैसेज कब पढ़ा गया तो जो मैसेज आपने भेजा है उसे थोड़ी देर के लिए प्रेस कीजिए. उससे आपको पता लग जाएगा कि मैसेज पढ़ा कब गया था.

4. वॉट्सएप 2.12.535 वर्जन पर एंड्रॉयड यूजर्स टेक्‍स्ट मैसेज का प्रारूप (format) भी सेट कर सकते हैं. यानी ई-मेल की तरह टेक्‍स्ट को बोल्ड या इटैलिक बनाया जा सकता है. बोल्ड या इटैलिक मैसेज टाइप करने के लिए किसी भी टेक्‍स्ट से पहले और बाद में स्टार (*) और अंडरस्कोर (_) का इस्तेमाल होगा. उदाहरण के लिए बोल्ड लिखने के लिए *HI*  और इटैलिक ‌लिखने के लिए _How's it going_

5. ये जानना हमेशा बढ़िया होता है कि मोबाइल डेटा को आटोमैटिक डाउनलोड पर नहीं रखना चाहिए. सेटिंग्स के बाद चैट सेटिंग्स और उसके बाद मीडिया ऑटो डाउनलोड में जाकर आप बॉक्स से टिक मार्क हटा दें तो ये बंद हो जाएगा. अगर आप चाहें तो ये सिर्फ वाई-फाई जोन में रहने पर ही डाउनलोड होगा.

6. अगर आप किसी व्यक्ति को अपना असली नंबर दिए बिना चैट करना चाहते हैं तो यह भी मुमकिन है. वॉट्सएप की 'सेटिंग्स' में और 'अकाउंट' में 'चेंज नंबर' के ऑप्शन पर क्लिक करें. यहां नया नंबर डालकर वेरिफाई कर दीजिए. वेरिफिकेशन कोड आपके मौजूद नंबर पर भेजा जाएगा. दरअसल वॉट्सएप का नंबर सिर्फ डिस्प्ले का नंबर है. आप चाहें तो वॉट्सएप के लिए एक बंद नंबर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

7. अगर आप हिंदी और अंग्रेजी दोनों मिलाकर लिखना चाहते हैं जैसा कि आजकल युवाओं की पसंद है, तो वह भी करना संभव है. एंड्रॉयड 4.0 या उसके बाद के वर्जन इस्तेमाल करने वालों के लिए इंडिक स्क्रिप्ट गूगल प्ले से डाउनलोड किया जा सकता है. इसका इस्तेमाल आप वॉट्सएप चैटिंग के दौरान भी कर सकते हैं.

8. अगर किसी वॉट्सएप ग्रुप के मैसेज आपको परेशान कर रहे हैं तो आप थोड़े समय के लिए उस ग्रुप के मैसेज के रिंगटोन को म्यूट कर सकते हैं. कितनी देर के लिए म्यूट करना है, वो आप तय कर सकते हैं. बस मेनू बटन पर क्लिक कीजिये और म्यूट चुन लीजिए. जितने समय के लिए आप ग्रुप को म्यूट करना चाहते हैं वो भी चुन लीजिए.

9. वॉट्सएप इस्तेमाल करने वाले यूजर्स दूसरे यूजर को दिखने वाली 'लास्ट सीन' (Last seen) नोटिफिकेशन छिपा सकते हैं यानी अब अगर यूजर चाहे तो किसी को पता नहीं चलेगा कि उसने पिछली बार वॉट्सएप कब खोला था. ये फीचर नए अपडेट वॉट्सएप में प्राइवेसी सेटिंग्स में मिलेगा.

10. यदि किसी से आप हमेशा चैट करते हैं तो उसे अपने स्मार्टफोन के होम स्क्रीन पर ला सकते हैं. उस चैट पर थोड़ी देर के लिए प्रेस कीजिए, उसके बाद आपके सामने होम स्क्रीन पर ऐड करने का विकल्प आएगा.

पाकिस्तान में कबीर खान से बदसलूकी, दिखाया जूता

बॉलीवुड डायरेक्टर कबीर खान को कराची एयरपोर्ट पर नारेबाजी का सामना करना पड़ा. वे एक सेमिनार अटैंड करने के बाद फ्लाइट पकड़ने एयरपोर्ट पहुंचे थे. कबीर एयरपोर्ट के बाहर जैसे ही कार से उतरे, लोगों ने उन्हें घेर लिया. वे भारत के विरोध में और पाकिस्तान के सपोर्ट में नारे लगाने लगे. वे पिछले साल रिलीज हुई फिल्म 'फैंटम' के लिए कबीर का विरोध कर रहे थे.

कबीर से हुआ सवाल- रॉ को लेकर क्यों नहीं बनाते फिल्म…

कबीर खान जैसे ही कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे, दूसरे पैसेंजर्स ने उन्हें घेर लिया. 'शेम-शेम' और 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाते हुए लोगों ने कबीर से पूछा कि वे इंडियन इंटेलिजेंस एजेंसी रॉ को लेकर ऐसी फिल्म क्यों नहीं बनाते? एक प्रोटेस्टर ने पूछा, "रॉ ने जाधव नाम के जासूस को यहां भेजा और यहां सैकड़ों लोगों को मरवा दिया. आप इस पर फिल्म क्यों नहीं बनाते?"

एक अन्य प्रोटेस्टर ने जूता हाथ में लेकर कबीर का लाउंज तक पीछा किया. उसने वॉर्निंग दी कि भारत, पाकिस्तान आर्मी के खिलाफ कॉन्स्पिरेसी करना बंद करे.हालांकि, कबीर ने किसी भी प्रोटेस्टर का जवाब नहीं दिया और वे चेक-इन प्रोसेस के लिए अंदर चले गए.

फैंटम के किस डायलॉग्स पर था पाकिस्तानियों को एतराज…

कबीर खान की 'बजरंगी भाईजान' मूवी को पाकिस्तान में काफी अच्छा रिस्पॉंन्स मिला था. लेकिन, एंटी-पाकिस्तान कंटेंट के कारण 'फैंटम' और 'काबुल एक्सप्रेस' का काफी विरोध हुआ था. 'फैंटम' के डायलॉग 'घर में घुस के मारेंगे' को लेकर भी पाकिस्तान ने कड़ी आपत्ति जताई थी.

मुंबई हमलों पर बेस्ड है फिल्म

'फैंटम' एस. हुसैन जैदी के नॉवेल 'मुंबई एवेंजर्स' पर बेस्ड है. लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा के चीफ हाफिज मोहम्मद सईद की पिटीशन के बाद लाहौर हाईकोर्ट ने पाकिस्तान में इसकी रिलीज पर बैन लगा दिया था.

सैफ अली खान और कैटरीना कैफ स्टारर 'फैंटम' का सब्जेक्ट मुंबई हमलों पर बेस्ड है. फिल्म में एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर पाकिस्तान जाकर हमले के मास्टरमाइंड को मार डालता है. इस कैरेक्टर को मूवी में हाफिज सईद की तरह दिखाया गया है.

क्या थी हाफिज की दलील?

मूवी ट्रेलर रिलीज होने पर हाफिज ने कहा था, ''फैंटम में एंटी-पाकिस्तानी कंटेंट है इसलिए इस पर बैन लगे.'' अपनी पिटीशन में हाफिज ने फिल्म को पाकिस्तान के खिलाफ 'प्रोपेगैंडा' करार दिया था. हाफिज के एडवोकेट एके डोगरा ने सईद की ओर से पिटीशन दायर करते हुए इसे 'पाकिस्तान और जेयूडी के खिलाफ जहरीला' करार दिया. आरोप है, ''यह फिल्म 2008 मुंबई हमलों को लेकर है और इसमें जेयूडी को विश्व में आतंकी संगठन के रूप में पेश करने की कोशिश हो रही है.''

अब मुसीबत में नो टेंशन! पैनिक बटन के बिना नहीं बिकेगा कोई मोबाइल

अगर आप किसी मुसीबत में फंस जाएं तो टेंशन लेने की जरूरत नहीं क्योंकि अब बिना पैनिक बटन के मोबाइल फोन नहीं बिकेंगे. टेलिकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है, इसके तहत किसी भी परेशानी में फंसने पर यूजर्स पैनिक बटन का इस्तेमाल कर सकेंगे और इसलिए अगले साल 1 जनवरी 2017 से प्रत्येक मोबाइल फोन में पैनिक बटन जरूरी कर दिया जाएगा. यूजर्स अपने स्मार्टफोन में '5' या '9' नंबर को दबाकर संकट की स्थिति में मदद ले सकेंगे. अगर फोन में यह सुविधा नहीं है तो पावर बटन तीन बार दबाकर भी इमरजेंसी में कॉल की जा सकेगी.

गौरतलब है देश में चर्चित निर्भया गैंगरेप केस के बाद स्मार्टफोन में इस प्रकार की किसी सुविधा को लाने की कवायद की जा रही थी.

ऐसे करेगा पैनिक बटन काम

1. आपके पास स्मार्टफोन है और आप किसी परेशानी में फंस गए तो सबसे पहले इमरजेंसी बटन दबाना होगा.

2. अगर फोन में इमरजेंसी बटन नहीं है तो पावर बटन को तीन बार प्रेस करके इसका इस्तेमाल कर सकते है.

3. यूजर को स्मार्टफोन कीपैड पर '5' या '9' नंबर के बटन को दबाकर कॉल करनी होगी.

क्यों जरूरी बनाया गया पैनिक बटन को

1. पैनिक बटन को लाने का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं की सिक्योरिटी है.

2. मोबाइल में पैनिक बटन जरूर होना चाहिए, यह बात इंडियन वायरलेस टेलिग्राफी एक्ट 1993 के तहत यह बात कही गई है.

3. बतौर टेलिकॉम मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद "टेक्नोलोजी का अर्थ है जिंदगी सुविधाजनक और बेहतर बनें और इसका बेहतर उपयोग हम तभी कर सकेंगे जब महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसका इस्तेमाल हो"

4. रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा हमने निर्णय लिया है कि 1 जनवरी 2017 से कोई फोन बिना पैनिक बटन के नहीं बिकेगा.

इस बाबत इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन के नेशनल प्रेसिडेंट पंकज महेंद्रू ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा देने के सरकार के फैसले पर पूरी टेलिकॉम इंडस्ट्री और स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां व सर्विस प्रोवाइडर पूरी तरह से सरकार के साथ है.

 

‘सहारा’ को अब एसबीआई, एचडीएफसी का सहारा

सहारा समहू की बड़ी मात्रा में नहीं बिक रही परी सम्पतियो को राहत मिली है. इस कठिन काम को पूरा करने के लिए भारतीय प्रतिभूत एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) को अब एचडीएफसी रियलिटी और एसबीआई कैपिटल से मदद मिलने वाली है.

सूत्रों ने बताया है कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार एचडीएफसी रीयल्टी और एसबीआई कैपिटल बाजार नियामक की मूल्यांकन पर चुनी गई संपत्तियों की बिक्री प्रक्रिया में मदद करेंगी. जबकि इस बारे में कोई भी आधिकारिक तौर पर घोषणा नही हुई है. पिछले महीने उच्चतम न्यायालय ने सेबी से उन संपत्तियों की बिक्री की प्रक्रिया शुरू करने को कहा था जिनका बैनामा सहारा द्वारा पहले ही जमा करा दिया गया है.

सेबी को उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायधीश न्यायमूर्ति बीएन अग्रवाल के विचार-विमर्श और निगरानी में बिक्री की एक उचित प्रणाली बनाने को कहा गया था. और नियामक को इस मसले पर जरूरी होने पर विशेषज्ञों या विशेषज्ञ एजेंसियों की मदद लेने को भी कहा गया था.

 

5 साल की उम्र से ही लड़कियों को किस देता था ये एक्टर

बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख हाल ही में इंडिया टीवी के शो आपकी अदालत में गए. शो में शाहरुख ने बचपन से जुड़े कई राज खोले. उन्‍होंने बताया कि वह स्‍कूल में बहुत शरारती थे. उनकी स्‍कूल में रोज पिटाई होती थी.

शाहरुख ने बताया कि मेरी टीचर मुझसे कहती थीं कि मेरी शैतानी स्‍माइल है. अगर मैं स्‍माइल देता था तो वो मुझे माफ कर देती थीं. शाहरुख खान ने बताया था कि स्‍कूल में उन्‍होंने एक बार कैमिस्‍ट्री लैब में कुछ चीजें फाड़ दी थीं. जब टीचर पकड़ती थीं तो वह रो जाते थे और कहते थे कि मेरे घर में मेरे मां-बाप बुरी तरह पेश आते हैं… आप ही मेरी मां जैसी हैं.

शाहरुख का कहना था कि वो जब पांच साल के थे तो दीवार पर बैठकर लड़कियों को फ्लाइंग किस देते थे. एक बार एक लड़की उनके पिता के पास आई और कहा कि ये मुझे देखकर सीटी बजाता है, ताली बजाता है. लेकिन शाहरुख के पिता ने कहा कि मेरा बेटा तो बस पांच साल का है. इस पर लड़की ने भी यकीन कर लिया. इसी दौरान शाहरुख भागते हुए आ गए और लड़की को देखकर बोले हाय स्‍वीटहार्ट.

शाहरुख ने बताया कि उनके बच्‍चे कहते हैं कि पापा अब आप बड़े हो चुके हो, आपको ऐसा नॉटी बिहेव नहीं करना चाहिए… तो मैं ये कहता हूं कि तुम्‍हारी उम्र हो गई होगी, मेरी नहीं हुई है.

वह गोल मार्केट में धर्मेंद्र हेयर कट और अमिताभ बच्‍चन हेयर कट कराते थे. उन्‍होंने बताया कि स्‍कूल में वह लंबे बाल रखते थे तो उनके टीचर उन्‍हें स्‍कूल निकाल देते थे कि हेयर कट कराकर आओ तो शाहरुख गोल मार्केट में हेयर कट कराने जाते थे. शाहरुख ने बताया कि एक्टिंग के बारे में उन्‍होंने बाद में सोचा लेकिन पहले वह इंडिया के लिए हॉकी खेलना चाहते थे. फिर उन्‍हें चोट लग गई, जिसके बाद उन्‍होंने हॉकी खेलना छोड़ दिया.

जब वह खेल से दूर हो गए तो उनके पेरेंट्स ने कहा कि लेडी श्रीराम कॉलेज में प्‍ले चल रहा है. तो शाहरुख वहां से चले गए और वहीं से उनका एक्टिंग करियर शुरू हो गया. शाहरुख को यकीन नहीं था कि वह बॉलीवुड में सफल हो जाएंगे. शाहरुख खान ने कहा कि शुरुआत में उनके दोस्‍तों ने कहा था कि तुम एक्‍टर नहीं बन सकते हो. तुम बहुत अगली हो, तुम्‍हारी शक्‍ल जो है बहुत अच्‍छी नहीं हैं.

कयामत से कयामत तक बनाने वाले मंसूर खान ने उनसे कहा था कि यार तुम बड़े इंट्रेस्टिंग एक्‍टर हो. तुम इतने अगली हो, मैं तुम्‍हें किसी भी रोल में डाल सकता हूं. शाहरुख ने बताया कि उनकी मां के अलावा कोई यकीन नहीं करता था कि वह एक्‍टर बनेंगे.

शाहरुख खान ने कहा कि उन्‍हें इस बात का दुख है कि उनकी मां कभी उन्‍हें पर्दे पर नहीं देख पाईं. उन्‍होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि मैं इतना बड़ा स्‍टार बन जाऊं कि मेरी मां मुझे हैवन से बैठकर देख सकें.

जब वह छोटे थे तब नेशनल स्‍कूल ऑफ ड्रामा में बैठे रहते थे, जहां उनके पापा कैंटीन चलाते थे. उन्‍होंने बताया कि वह राज बब्‍बर को बब्‍बर शेर अंकल बोलते थे. उन्‍होंने एक बार राज बब्‍बर से पूछा था कि अंकल आप प्‍ले में सच में किस करते हो तो वह कहते थे जाके आंटी से पूछ लेते हैं.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें