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मुझे मेकअप की तकनीक बताएं ताकि चेहरे के दागधब्बे छिप जाएं और चेहरा चमकदार दिखे.

सवाल

मैं 35 वर्षीय महिला हूं. मेरी चेहरे की त्वचा पर बहुत अधिक दाग धब्बे हैं. मैं चेहरे पर कुछ भी लगाऊं चेहरा बेजान सा लगता है. मुझे मेकअप की तकनीक बताएं ताकि चेहरे के दागधब्बे छिप जाएं और चेहरा बेदाग व चमकदार दिखे?

जवाब

चेहरे के दागधब्बों को छिपाने के लिए कंसीलर का प्रयोग करें. और मेकअप ज्यादा देर तक टिका रहे, इस के लिए चेहरे पर फाउंडेशन लगाने से पहले प्राइमर लगाएं. प्राइमर मेकअप को त्वचा पर ज्यादा देर तक टिकाए रखने में मदद करता है. इस के अलावा अगर फाउंडेशन लगाते समय वह अधिक लग जाए तो पफ को गोलाकार घुमाते हुए अतिरिक्त फाउंडेशन हटा लें.

 

अगर आप भी इस समस्या पर अपने सुझाव देना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट करें और अपनी राय हमारे पाठकों तक पहुंचाएं.

फिर सामने आया अनुष्का के होठों की सर्जरी का विवाद

2014 में जब अनुष्का शर्मा, करण जौहर के चैट शो में नजर आयी थीं, तब पहली बार अनुष्का शर्मा द्वारा होठों की सर्जरी कराने का विवाद पैदा हुआ था. यह विवाद आज दो साल बाद भी उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है. उस वक्त भी अनुष्का शर्मा ने सफाई देते हुए कहा था-‘‘मैं इंसान हूं. एक इंसान में सब कुछ सही हो, यह जरुरी नहीं. मैने अपने होठों की सर्जरी नहीं करायी.’’

इस विवाद के उठने के बाद नंवबर 2014 में इसी मुद्दे पर हमसे बात करते हुए अनुष्का शर्मा ने कहा था-‘‘वह बहुत गलत खबर थी. लोगों ने खबर छापी थी कि मैंने अपने होठों की सर्जरी यानी कि ऑपरेशन करवाया है. सर्जरी बहुत बड़ी बात होती है. जबकि ऐसा कुछ नहीं किया था. मैंने एक टेम्पररेरी प्रोसेस का कुछ समय के लिए उपयोग किया था. यदि मैं उस वक्त अपनी इस बात को लेकर सफाई न देती, तो लोग कुछ भी बोलते रहते. बात का बतंगड़ ना बने, इसलिए मैंने स्पष्ट किया था कि मैंने कोई ऑपरेशन नहीं करवाया है. वास्तव में फिल्म ‘बॉम्बे वेलवेट’ के किरदार के लिए वह करना मेरे लिए जरूरी था. मैंने साफ साफ बताया कि मैंने अपने होठों को टैम्परेरी प्रोसेस से अलग अंदाज दिया है. जबकि दूसरे कलाकार इस बात को छिपा जाते हैं. फिल्म देखने के बाद हो सकता है कि लोग मेरी बात को समझ पाए या ना समझ पाएं. मैंने अपनी जिम्मेदारी पर टेम्पररेरी प्रोसेस का उपयोग किया. इसमें लैस लगाते हैं.’’

लेकिन यह मुद्दा आज भी उनका पीछा कर रहा है. अब हाल ही में इसी मुद्दे पर अनुष्का शर्मा ने कहा है-‘‘मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है. मैने फिल्म ‘‘बॉंबे वेल्वेट’’ के किरदार के लिए जो जरुरी था, वह किया था. उसे मैं कई बार स्पष्ट कर चुकी हूं. मैं कभी झूठ नहीं बोलती. मैने हमेशा अपने प्रशंसकों से कहा है कि मैं भी इंसान हूं. दूसरे इंसानो की तरह में भी परफैक्ट नहीं हो सकती.’’

पर जब कुछ दिन पहले ट्विटर पर अनुष्का शर्मा के होठों के आपरेशन का मुद्दा गरमाया, तो अब अनुष्का शर्मा ने बयान जारी कर कहा है-‘‘मैंने लंबे समय से मेकअप की जो तकनीक सीखी है, उसका उपयोग कर मैं एक टेम्पररेरी प्रोसेस का कुछ समय के लिए उपयोग किया, इसलिए लोगों को मेरे होठों में कुछ बदलाव नजर आता होगा. पर मैने आज तक अपने होठों की चीर फाड़ नहीं करायी है. मैने प्लास्टिक सर्जरी भी नहीं करायी है.’’

…तो ये है सलमान खान की शादी का असली सच

इन दिनों पूरे बौलीवुड के साथ साथ मीडिया में खबरे गर्म हैं कि बौलीवुड के कुंवारे सुपर स्टार सलमान खान इस साल अपने जन्मदिन पर अपनी रोमानियन प्रेमिका लूलिया वेंटूर के साथ शादी करने वाले हैं. जबकि अब तक इस खबर की पुष्टि  सलमान खान या उनके परिवार के सदस्यों या उनके करीबी मित्रों ने नहीं की है. जब ‘सरिता’ ने शादी को लेकर जांच पड़ताल की, तो पाया कि सलमान खान और लूलिया वेंटूर की शादी की संभावनाएं दूर दूर तक नजर नही आ रही हैं.

यदि कल को शादी की यह खबर महज ‘पब्लिसिटी स्टंट’ साबित हो जाए, तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए. सर्वविदित है कि ‘यशराज फिल्मस’ निर्मित व सलमान खान के अभिनय से सजी फिल्म ‘‘सुल्तान’’ जुलाई माह में रिलीज होने वाली है. ‘यशराज फिल्मस’ अपनी फिल्मों का प्रचार सिर्फ एक माह पहले ही शुरू करता है, पर सलमान खान खुद को सुर्खियों में बनाए रखने के लिए कुछ तो करेंगे ही….यदि सलमान खान के अति नजदीकी सूत्रों पर यकीन किया जाए, तो सलमान खान भी लूलिया के संग अपनी शादी की खबरों के माध्यम से सुर्खियों में रखना चाहते हैं.

बौलीवुड में सलमान खान और लूलिया वेंटूर की शादी करने व उनकी शादी की तारीखों को लेकर कई तरह की बातें की जा रही हैं, मगर सोचने वाली बात यह है कि यदि सलमान खान अपनी शादी के लिए हामी भर चुके हैं, तो इससे सबसे ज्यादा खुश सलमान खान के माता पिता और उनके भाई बहनों को होना चाहिए. पर यह सभी चुप हैं. इनके चेहरे पर इस बात की खुशी के कोई चिन्ह नजर नहीं आ रहे हैं.

मजेदार बात यह है कि फिल्म निर्माता, अभिनेता व सलमान खान के भाई अरबाज खान भी सलमान खान की शादी की तारीख की पुष्टि करने को तैयार नहीं है. जब एक संगीत के समारोह में अरबाज खान से सलमान की शादी को लेकर सवाल किया गया, तो अरबाज खान ने बड़ी मासूमियत से कहा-‘‘आप लोगों को लगता है कि मैं इस सवाल का जवाब इस प्लेटफार्म से दूंगा..’’ इतना कह कर अरबाज खान ने बातचीत का सिलसिला दूसरी तरफ मोड़ दिया. इससे यह सवाल उठना लाजमी है कि यदि सलमान खान शादी के लिए हामी भर चुके हैं, तो सलमान खान के भाई होने के नाते अरबाज खान किसी भी प्लेटफार्म पर खडे़ होकर इस खबर की पुष्टि तो कर ही सकते हैं, पर उन्होने चुप रहने का निर्णय लिया, अब इसके क्या मायने हुए..?

इतना ही नहीं इस मसले पर सलमान खान के पिता सलीम खान और बहन अलवीरा भी चुप्पी तोड़ने को तैयार नहीं हैं. जबकि सलीम खान और अलवीरा अब तक सलमान खान के कोर्ट केस से लेकर हर मसले पर अपनी राय खुलकर देते आए हैं. अलवीरा तो हर मसले पर बहुत जल्द ट्वीट करती हैं. पर यह सभी चुप हैं. उधर सगाई की खबर फैलने पर सबसे पहले ट्विटर पर इस खबर का खंडन करने वाली सलमान खान की बहन अर्पिता भी सलमान व लूलिया की शादी की खबरों को लेकर चुप हैं. इस बारे में सलमान खान के एक करीबी ने अपना नाम छिपाते हुए कहा-‘‘सलमान खान की इजाजत या जब तक सलमान खान न कहें, अर्पिता या अलवीरा एक शब्द नहीं कहती हैं. सलमान का ईशारा पाकर ही यह दोनो बहनें ट्वीट करती हैं. शादी के मसले पर अभी तक इन बहनों को सलमान खान की तरफ से अभी तक कोई संकेत नही मिले हैं.

बौलीवुड में चर्चाएं गर्म हैं कि सलमान खान अपनी रोमानियन प्रेमिका लूलिया वेंटूर के संग पिछले छह साल से संबंध बनाए हुए हैं. इस पर सलमान के अति नजदीक सूत्र का कहना है-‘‘माना कि पटियाला में फिल्म ‘सुल्तान’ की शूटिंग हो या पनवेल के सलमान खान के फार्म हाउस में पार्टी हो या एयरपोर्ट पर सलमान की मां के साथ लूलिया नजर आई हैं. पर इससे सलमान खान शादी करेंगे, इसकी पुष्टि नहीं होती है. क्या अतीत में सलमान खान की जिंदगी में इस तरह की चीजें नहीं हुई हैं?’’

यदि अतीत में जाएं तो सभी को याद होगा कि सलमान खान व संगीता बिजलानी की भी शादी होने वाली थी, पर बाद में संगीता बिजलानी ने मो.अजहरुद्दीन के साथ शादी की थी. क्या सोमी अली व सलमान खान के बीच गंभीर रिश्ते नहीं थे? सोमी अली और सलमान की शादी के कार्ड भी तैयार हो गए थे, पर यह शादी भी नहीं हुई थी. उसके बाद ऐश्वर्या राय के साथ सलमान के रिश्तों की बात जगजाहिर है, पर ऐश्वर्या राय की शादी सलमान से नही हुई. कटरीना कैफ तो लंबे समय तक सलमान खान के घर रही हैं. सलमान खान के परिवार का हर सदस्य कटरीना कैफ के साथ जुड़ गया था. सभी मानकर चल रहे थे कि  सलमान व कटरीना की शादी हो जाएगी, पर ऐसा नहीं हुआ. मगर सलमान खान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जिनके साथ भी उनका रिश्ता जुड़ा, उनमें से ऐश्वर्या राय को छोड़कर सभी के साथ आज भी उनके अच्छे दोस्ताना संबंध बने हुए हैं..

सलमान खान के अति नजदीकी सूत्र की माने तो जब तक सलमान खान किसी के साथ  ‘निकाह कबूल है’ न कह दें, तब तक उनकी शादी की खबर को ज्यादा तवज्जो नहीं दी जानी चाहिए. इसलिए सभी को तेल और तेल की धार पर चुपचाप नजर बनाए रखनी चाहिए.

अच्छे दिनों का बरगलावा

भारत में अच्छे दिनों की खुशी में कोई अगर झूम रहा है तो भूल जाए कि वह जागा है. देश का हाल बद से बदतर हो रहा है और चाहे जितना प्रधानमंत्री और अरुण जेटली बढ़ाचढ़ा कर कहते रहें, देश की युवापीढ़ी के सामने घनघोर अंधेरा है. आंकड़े साफ बता रहे हैं कि देश में नई नौकरियां नहीं निकल रही हैं और देश की 93त्न कामकाजी जनता कच्ची नौकरियों पर है. अगले 4-5 साल में कुछ सुधरेगा इस के आसार नहीं हैं. इस की एक वजह है कि हमारे लिए क्रिकेट माता की जय और भारत माता की जय ज्यादा मुख्य होती जा रही हैं.

जिस 7.2त्न या 6.9त्न की आर्थिक बढ़ोतरी पर अरुण जेटली रोजाना उपदेश झाड़ते हैं वह चींटी की चाल में तेजी है जबकि बाकी दुनिया मस्त घोड़ों की तरह दौड़ती नजर आती है. दूसरे देशों में हजार समस्याएं हैं, अर्थव्यस्था ढीली हो रही है, आतंकवाद का कहर बढ़ रहा है, नेताओं की क्वालिटी घट रही है पर भारत में भी कुछ अच्छा होता नहीं दिख रहा है. अच्छे दिन आएंगे, 15 लाख रुपए कालेधन वाले हर खाते में जमा हो जाएंगे जैसे जुमलों ने देश की युवापीढ़ी को 10 साल पीछे धकेल दिया है, इस उम्मीद में कि नई सरकार एक नई चमक लाएगी, युवापीढ़ी को इस बात पर भरोसा हुआ था पर अब व फीका पड़ गया है. जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली और हैदराबाद विश्वविद्यालय में जो हो रहा है वह तो मात्र नमूना है कि कल के दिन कैसे होंगे. छात्र बेचैन हैं और देश से सख्त नाराज हैं, क्योंकि उन्हें अब एहसास और विश्वास होने लगा है कि आज की सरकार और आज का समाज उन का कल नहीं सुधारेगा.

आर्थिक विकास नारों से नहीं आता. यह भाषणों से भी नहीं आता चाहे वे स्मृति ईरानी के हों या कन्हैया कुमार के. आर्थिक विकास के लिए ठोस काम करने के अवसर, काम के प्रति आदर, समाज में खुलापन, नए प्रयोग करने की ललक चाहिए होती है. हमारा सारा केंद्रबिंदु सरकारी नौकरी है ताकि एक जिंदगी पक्की नौकरी मिल जाए जिस में चाहे वेतन साधारण हो, रिश्वत के अवसर अपार हों. सरकारी नौकरी चाहे जिंदगी को पक्की जमीन दे दे पर पूरी जिंदगी एक बड़े पत्थर की तरह हो जाती है जो वहीं पड़ा रहता है. न कुछ करता है, न कहीं जाता है न कुछ खुद बनाता है. दुनिया भर में बहुत कुछ नया बन रहा है पर हमारे यहां वही पुराना रवैया चल रहा है. हम विदेशों से मशीनें, कलपुरजे, कारखाने, तकनीक ले आते हैं और जोड़तोड़ कर इस्तेमाल करते रहते हैं. युवाओं को न कुछ नया करने के लिए सिखाया जा रहा है, न उकसाया जा रहा है. नतीजा है कि हम बेहद आलसी और बंद दिमाग वाले हो गए हैं. उन करोड़ों युवाओं के लिए यहां कार्य के अवसर नहीं हैं जो पढ़ाई पूरी कर जौब मार्केट में आ रहे हैं.

यह कुंठा, हताशा, दूसरों पर निर्भरता और गुस्से को जन्म दे रही है और कल क्या होगा, कहा नहीं जा सकता. डर लगता है कि कहीं पश्चिम एशिया के सीरिया इराक, मिस्र की तरह यहां के युवा आत्मघाती जेहादी न बन जाएं. लठैत तो वे बन ही गए हैं और कभी गोमांस को ले कर, कभी आरक्षण को ले कर, कभी नेतागीरी के नाम पर उपद्रव करने लगे हैं. अफसोस तो यह है कि आज समाज सुधार, सामाजिक विकास जैसे शब्द गालियां बन गए हैं.

डिविलियर्स ने बनाया IPL में कैचों का ‘अनोखा’ रिकॉर्ड

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 9वें सीजन में बुधवार रात को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने किंग्स इलेवन पंजाब को डकवर्थ लुइस मेथड से 82 रनों से हराया. विराट कोहली ने 50 गेंद पर 113 रनों की शानदार पारी खेली और रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी. विराट के अलावा एबी डिविलियर्स ने भी आईपीएल में एक नया रिकॉर्ड बनाया है.

लेकिन यह रिकॉर्ड बल्लेबाजी का नहीं बल्कि फील्डिंग का है. डिविलियर्स ने इस मैच में तीन कैच लपके. इस तरह से वो इस सीजन में अभी तक 17 कैच लपक चुके हैं. आईपीएल के एक सीजन में अभी तक किसी क्रिकेटर ने इतने कैच नहीं लपके हैं.

तो विराट के साथ डिविलियर्स ने भी आईपीएल का नया रिकॉर्ड बना डाला.

ट्विटर पर जब सहवाग ने उड़ाया धौनी का मजाक…!

क्रिकेट दिग्गजों का सोशल मीडिया पर भिड़ना कोई नई बात नहीं है लेकिन इस बार कुछ ऐसा हुआ है, जो देखकर हर कोई हैरान है. महेंद्र सिंह धौनी का मजाक उड़ाती एक ट्वीट को पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने रीट्वीट किया.

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 9वें सीजन में नई टीम राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स की क्या हालत हुई वो किसी से छुपी नहीं. इसके बाद महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी को लेकर ट्विटर, फेसबुक पर खूब जोक्स भी बने.

धौनी का इरफान पठान को प्रति बर्ताव किसी को नहीं भाया. पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भी इसकी आलोचना की थी. फैन्स ने भी इस पर खूब जोक्स बनाए. ऐसा ही जोक था जिसमें धौनी अपनी बेटी के साथ नजर आ रहे हैं, और नीचे लिखा है, 'पापा इरफान पठान को एक चांस दे दो.'

आर अश्विन और इरफान पठान का समय पड़ने पर इस्तेमाल नहीं करने को लेकर धौनी की खूब आलोचना हुई है. और ऐसी ट्वीट पर रीट्वीट कर वीरू ने भी जता दिया कि वो भी इससे खुश नहीं थे.

ब्रैडमैन का सालों पुराना रिकॉर्ड तोड़ने वाले हैं कोहली

विराट कोहली की तारीफ पूरी दुनिया कर रही है. क्रिकेट की नई रनमशीन बन चुके कोहली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मौजूदा सीजन में सचिन तेंदुलकर, क्रिस गेल, सुरेश रैना जैसे दिग्गजों का रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं और जल्द ही सर डॉन ब्रैडमैन का भी सालों पुराना रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं.

आईपीएल-9 में अपने जीवन की सबसे बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे विराट इस टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने का वेस्टइंडीज के क्रिस गेल और ऑस्ट्रेलिया के माइकल हसी का 733 रन का रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं और अब उनके निशाने पर ब्रैडमैन के 1930 की एशेज सीरीज में 974 रन बनाने का रिकॉर्ड रहेगा.

ब्रैडमैन ने उस एशेज सीरीज में पांच मैचों में 139.14 के औसत और चार सेंचुरी की मदद से 974 रन बनाए थे. अगर वनडे सीरीज की बात की जाए तो ऑस्ट्रेलिया के ग्रेग चैपल ने 1981-82 की बेंसन एंड हेजेस वर्ल्ड सीरीज में 14 मैचों में 68.60 के औसत से 686 रन बनाए थे जिसमें एक सेंचुरी और पांच अर्धशतक शामिल हैं.

ब्रै़डमैन का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका

विराट मौजूदा आईपीएल टूर्नामेंट में 13 मैचों में 86.50 की औसत और 155.01 के स्ट्राइक रेट से 865 रन बना चुके हैं जिसमें रिकॉर्ड चार सेंचुरी और पांच हाफसेंचुरी शामिल हैं. विराट जिस गति के साथ इस टूर्नामेंट में खेल रहे हैं उसे देखते हुए अगर वह इस टूर्नामेंट में 1000 रनों का आंकड़ा छू लें तो किसी को हैरानी नहीं होगी.

उनके पास अभी एक ग्रुप मैच बाकी है और अगर उनकी टीम प्लेऑफ में पहुंचती है तो वह निश्चित ही ब्रैडमैन का रिकॉर्ड तोड़कर 1000 रन का आंकड़ा भी छू सकते हैं. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के कप्तान ने आईपीएल के इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है. उन्होंने किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ मात्र 50 गेंदों में 12 चौकों और आठ छक्कों की मदद से 113 रन की अविश्वसनीय पारी खेली थी.

IPL में सबसे ज्यादा रन

विराट ने इसके साथ ही आईपीएल में 4000 रन पूरे कर लिए और यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पहले बल्लेबाज बने गए. उन्होंने सुरेश रैना के 3985 के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. इस टूर्नामेंट में विराट के चार सेंचुरी किसी टी-20 टूर्नामेंट में सर्वाघिक शतक हैं. माइकल क्लिंगर ने 2015 के नेटवेस्ट ब्लास्ट टी-2० में तीन शतक बनाए थे.

आईपीएल में कुल शतक बनाने के मामले में विराट से आगे उनके टीम साथी क्रिस गेल हैं जिनके नाम पांच शतक हैं. दिलचस्प बात है कि विराट ने अपनी पहली 180 टी-20 पारियों में कोई शतक नहीं बनाया था लेकिन उसके बाद नौ पारियों में वह चार शतक ठोक चुके हैं.

IPL-9 में कुछ ऐसे चला है कोहली का बल्ला

विराट इस साल टी-20 में 75 या उससे ज्यादा के 11 स्कोर बना चुके हैं जो एक कैलेंडर साल में सबसे ज्यादा हैं. गेल ने 2011 और 2015 में दो बार एक कैलेंडर साल में 10 ऐसे स्कोर बनाए थे. विराट ने आईपीएल नौ के 13 मैचों में 75, 79, 33, 80, नॉटआउट 100, 14, 52 , नॉटआउट 108, 20, 07, 109, नॉटआउट 75 और 113 के स्कोर किए हैं.

रूपाली सूरी क्यों नहीं मना पा रही हैं जश्न

जब किसी कलाकार की पहली फिल्म अंतरराष्ट्रीय जगत में तालियों की गड़गड़ाहट और सुर्खियां बटोरती है, तो यह उस कलाकार के लिए खुशी के साथ साथ जश्न मनाने का अवसर होता है. मगर मशहूर मॉडल और टीवी कलाकार रूपाली सूरी की मुंबई और लंदन में फिल्मायी गयी पहली अंग्रेजी भाषा की फिल्म ‘‘डैड… होल्ड माई हैंड’’ को हाल ही में स्वीडन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में जबरदस्त शोहरत मिली. दर्शकों ने फिल्म का प्रदर्शन खत्म होने पर खड़े होकर रूपाली सूरी के अभिनय की तारीफ करते हुए तालियां बजाकर अभिनंदन किया.

मगर रूपाली सूरी ने इसका जश्न नहीं मनाया. ‘‘वेट ग्रास फिल्मस’’ और ‘‘बैड गर्ल फिल्मसश्यूके;; क्षरा निर्मित ओर अरूण फ्रेंक निर्देशित फिल्म ‘‘डैड ..होल्ड माई हैंड’’ में रूपाली सूरी के साथ रत्ना पाठक शाह, डेंजिल स्मिथ और जयेश कोडवानी ने अभिनय किया है. हाल ही में इस फिल्म का प्रदर्शन स्वीडन के स्टॉकहोम में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित फिल्म समारोह में किया गया, जहां दर्शकों की मांग पर कई शो किए गए. लोगो ने फिल्म मे मुख्य भूमिका निभाने वाली अदाकारा रूपाली सूरी के अभिनय की जमकर तारीफ की. मगर रूपाली सूरी ने इसका जश्न नहीं मनाया, तो लोगों को बड़ा आश्चर्य हुआ.

बहुत से लोगों के कुरेदे जाने पर दुःखी मन से रूपाली सूरी ने कहा- ‘‘आज जिस फिल्म की वजह से लोग मेरी तारीफों के पुल बांध रहे हैं, उस फिल्म के लेखक व निर्देशक अरूण फ्रैंक अब इस दुनिया में नही हैं. 17 मार्च 2016 को मुंबई में उनका देहांत हो चुका है. ऐसे में मैं जश्न कैसे मना सकती हूं. यह उनके लिए बहुत खास फिल्म थी. काश आज वह इस फिल्म को दर्शकों की तरफ से मिल रही प्रशंसा को देखने के लिए इस संसार में होते.’’ नब्बे के दशक में अरूण फ्रैंक ने तमाम सफलतम टीवी सीरियलों का निर्देशन किया था. उन्हे कई बालीवुड सितारों से पहली बार छोटे परदे पर अभिनय करवाने का श्रेय जाता है.

सरबजीतः दमदार परफार्मेंस से सजी असरदार फिल्म

बायोपिक फिल्म ‘‘मैरी कॉम’’ के बाद अब फिल्मकार उमंग कुमार पाकिस्तानी जेल में मारे गए भारतीय कैदी सरबजीत की जिंदगी पर बायोपिक फिल्म लेकर आए हैं. यूं तो मैरी कॉम के मुकाबले ‘सरबजीत’ ज्यादा बेहतर बनी है, मगर यथार्थ परोसने के नाम पर लगभग 132 मिनट की फिल्म ‘‘सरबजीत’’ इतनी बोझिल हो गयी है कि ऐश्वर्या राय बच्चन, रणदीप हुडा, रिचा चड्ढा और दर्शन कुमार की बेहतरीन परफार्मेंस के बावजूद यह फिल्म दर्शकों को सिनेमा घरों के अंदर खींचकर ला पाएगी, इसकी उम्मीद कम ही नजर आती है.

फिल्म में गाने अच्छे बने हैं, मगर यह गाने गलत जगह पिरोए गए हैं, जिनकी वजह से फिल्म का बोझिलपना को कम करने की बजाय जब यह गाने आते हैं, तो वह फिल्म को नुकसान पहुंचाते हैं. एक दो गाने न होते तो भी फिल्म को नुकसान न होता. यूं तो उमंग कुमार का दावा है  कि इस फिल्म की शूटिंग व एडीटिंग के दौरान वह कई बार रोए, मगर फिल्म में भावनाओं की कमी का अहसास होता है. फिल्म जैसे जैसे आगे बढ़ती है, वैसे वैसे यह फिल्म अहसास दिलाने लगती है कि फिल्म सरबजीत नहीं, बल्कि उसकी बहन दलबीर कौर की है. इसे फिल्म का सकारात्मक पक्ष नहीं माना जाना चाहिए.

फिल्म की कहानी 1990 में भारत पाक सीमा के नजदीक पंजाब के एक छोटे से गांव भिखिपिंड से शुरू होती है. जब दलबीर कौर (ऐश्वर्या राय बच्चन) कुछ लोगों के साथ अपने भाई सरबजीत (रणदीप हुडा) की तलाश कर रही है. सरबजीत नहीं मिलता. गांव की पंचायत में दलबीर पर ही ताना कस दिया जाता है. तब कहानी चार साल पीछे जाती है और पता चलता है कि गांव में सरबजीत अपनी पत्नी सुखप्रीत (रिचा चड्ढा) और अपनी दो छोटी बेटियों के साथ खुशहाल है. उसके साथ उसके पिता भी हैं. उसकी बहन दलबीर उसे जान से ज्यादा चाहती है. वह सरबजीत के लिए हर किसी से लड़ पड़ती है. दलबीर की शादी हो जाती है. लेकिन पहली संतान न बच पाने के बाद उसका पति (अंकुर भाटिया) उसे सूनी कोख कहने लगता है.

एक दिन अपने बीमार भाई सरबजीत की ही वजह से दलबीर अपने पति का घर हमेशा के लिए छोड़कर सरबजीत के साथ रहने आ जाती है. फिर कहानी 1990 में आ जाती है. दलबीर नौकरी कर रही है. सरबजीत उसे सुबह छोड़ने व शाम को लेने जाता है. एक दिन कुश्ती लड़ने के चक्कर में सरबजीत, दलबीर को लेने नहीं पहुंचता. तब दलबीर, सरबजीत को मजाक में सजा देने के लिए घर के बाहर रहने के लिए कह देती है. वह न घर का दरवाजा खोलती है और न ही सुखप्रीत को दरवाजा खोलने देती है. कुछ देर में सरबजीत का एक दोस्त शराब की बोतल लेकर आ जाता है और सरबजीत उसके साथ खेत में चला जाता है, जहां शराब पीने के बाद घर वापस आते समय बहक कर पाकिस्तानी सीमा में चला जाता है.

पाकिस्तानी पुलिस उसे गिरफ्तार कर पाक में बम विस्फोट करने वाले रणजीत सिंह मट्टू का गुनाह कबूल करने पर मजबूर कर देती है. अब वह पाक पुलिस व सरकार के लिए सरबजीत नहीं बल्कि रणजीत सिंह मट्टू है. एक दिन अदालत में एक भले इंसान की मदद से पत्र लिखकर सरबजीत अपने बारे में खबर अपने घर भेजता है. अब दलबीर अपने भाई सरबजीत को पाकिस्तान से छुड़ाने के लिए लड़ाई शुरू करती है. उसे कई तरह की कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है. उधर पाकिस्तानी जेल में सरबजीत को यातनाएं मिलती रहती हैं, इधर दलबीर कौर समाज सेवक व नेताओं से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक अपने भाई सरबजीत को छुड़वाने की गुजारिश करती रहती है. उसे मानवाधिकार संगठन से जुड़े एक वकील का सहारा मिलता है, जो कि पाकिस्तान में सरबजीत का मुकदमा लड़ना शुरू करता है.

सरबजीत के पाक जेल में बंद रहने के दौरान कारगिल युद्ध, भारतीय संसद पर आतंकवादी हमला, मुंबई में आतंकवादी हमला, अफजल गुरू व कसाब को फांसी की घटनाएं भी घटती हैं. कहानी कई उतार चढ़ाव से गुजरती है. अंत में पाकिस्तान की जेल के अदंर ही सरबजीत को मार दिया जाता है और उनका पार्थिव शरीर ही वापस भारत आता है.

पूरी फिल्म देखने के बाद इस बात का अहसास जरुर होता है कि हर देश की जेलों में बंद कैदियों के साथ किस तरह का अमानवीय व्यवहार होता है. फिल्म खत्म होते होते अहसास करा जाती है कि यह फिल्म तो दलबीर की गाथा कह रही है. दलबीर ने अपने भाई सरबजीत के लिए जो लड़ाई लड़ी, उसे कमतर नहीं आंका जा सकता, मगर ‘सरबजीत’ के मुद्दे पर ज्यादा बेहतर न्याय करने वाली फिल्म भी बन सकती थी. फिल्म में जिस तरह से भावनाओं का सैलाब बहना चाहिए था, वह नहीं बहता. पर कुछ सीन बहुत ज्यादा मेलोड्रामैटिक हो गए हैं. सरबजीत के किरदार को और अधिक गहराई के साथ पेश किया जाना चाहिए था. दो दशक के दौरान सरबजीत व पाक में बंद भारतीय कैदियों के मुद्दे पर भारत की अंदरूनी राजनीति पर यह फिल्म ठीक से रोशनी डालती, जबकि इस मुद्दे का देश की राजनीति से गहरा संबंध है. फिल्म जब अंत की तरफ बढ़ती है, तो फिल्म में ऐसे दृश्य रचे गए है, जिनसे सरबजीत को छुड़ाने का मुद्दा, जबरन किसी कैदी को छुड़ाने की मुहिम सा नजर आने लगता है. जबकि सरबजीत आतंकवादी या जासूस साबित ही नहीं हुआ था. कई सीन में फिल्म के संवाद अपना प्रभाव छोड़ने में असफल रहते हैं.

सरबजीत के किरदार में रणदीप हुड्डा ने कमाल की परफार्मेंस दी है. यदि एक दो मेलोड्रामैटिक सीनों को छोड़ दें, तो ऐश्वर्या राय बच्चन ने भी जबरदस्त परफार्मेंस दी है. रिचा चड्ढा ने भी बेहतरीन अभिनय किया है. पाकिस्तानी वकील की छोटी भूमिका में दर्शन कुमार अपनी छाप छोड़ जाते हैं.

गुलशन कुमार, पूजा इंटरटनमेंट एंड फिल्मस’ और ‘‘लीजेंड स्टूडियोज प्रा.लिमिटेड’’ प्रस्तुत फिल्म ‘‘सरबजीत’’ के निर्माता वासु भगनानी, जैकी भगनानी, दीपशिखा देशमुख, संदीप सिंह, उमंग कुमार, भूषण कुमार और किशन कुमार हैं. कैमरामैन किरण देवहंस, पटकथा लेखक उत्कर्षिणी वशिष्ठ और राजेश बेरी, संवाद लेखक उत्कर्षिणी वशिष्ठ, पार्श्च संगीत शैल व प्रीतेश, संगीतकार-जीत गांगुली, प्रीतम, अमान मलिक, शैल प्रीतेश तथा कलाकार- ऐश्वर्या राय बच्चन, रणदीप हुडा, रिचा चड्ढा और दर्शन कुमार.

सैल्फी का टशन

आज के समय में सोशल मीडिया पर सैल्फी का बोलबाला है. युवा, बच्चों के अलावा बढ़ती उम्र के लोग भी इस से अछूते नहीं हैं. फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर सैल्फी का ट्रैंड इन दिनों हौट बना हुआ है. चूंकि इस में आप खुद अपनी फोटो खींच रहे होते हैं, तो जाहिर है एंगल अजीबोगरीब आएंगे ही जो खासे फनी होते हैं और ये फनी एंगल ही सभी को बहुत लुभाते भी हैं. यही नहीं, बौलीवुड सैलिब्रिटीज भी इन दिनों इस ट्रैंड की दीवानी है.

कोई भी छोटा बड़ा मौका हो स्टार्स बिना सैल्फी लिए नहीं रहते. करीना कपूर तो इस में ज्यादा माहिर हैं. जी हां, करीना कपूर जितनी अच्छी सैल्फी लेती है उतनी अच्छी ही मास्टर वो पाउट देने में भी हैं. उन से अच्छा सैक्सी और क्यूट पाउट कोई दे ही नहीं सकता.

इस बार शाहिद कपूर भी सैल्फी क्लिक करने में अलग नजर आए. शाहिद ने अपने इंस्टाग्राम पर एक सैल्फी पोस्ट की, बिना कपड़ों की खींची गई शाहिद की यह सैल्फी वायरल हो गई. उन्होंने इस के साथ लिखा कमिंग सून. इस बोल्ड सैल्फी में शाहिद बड़े बालों में बेहद जुदा अंदाज में नजर आए.

फनी डिफरैंट एंगल पिक

फनी एंगल में अपनी फोटो खींचना और ऐसी फोटोज को कोलार्ज बना कर देखना और फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर और व्हाट्सऐप पर अपलोड करना बहुत ट्रैंडी माना जा रहा है. सैल्फी ट्रेंड में आने से अब अपनी फोटो पर एक्सपेरीमैंट करने का खूब मौका मिल जाता है. कभी इस एंगल से तो कभी उस एंगल से. जिस तरह से भी डालो, उस में अब ये नहीं लगता कि लोग या फ्रैंड क्या कहेंगे, खासतौर पर तो फेसबुक पर इन सैल्फी से काफी रौनक आ गई है. दरअसल, इन को देखना भी किसी फन से कम नहीं होता. इसलिए हर कोई इसे देखता भी खूब है.

लुक बनाए बैस्ट

मेकअप कैसा हो रखा है. यह देखने के लिए इन दिनों लोग सैल्फी का यूज खूब करने में लगे हैं. खासतौर पर अगर किसी पार्टी में जा रहे हैं तो वहां पर फोटोज और वीडियो के कैमरे पर आप कैसे नजर आएंगे. यह सब सैल्फी के कैमरे से वह अंदाजा लगा लेते हैं. यही नहीं अगर औफिस से सीधे कहीं जाना है, तो इस समय अपने लुक को देखने का सब से आसान तरीका भी लोगों के पास यही है.

ब्रिटेन में किए गए एक शोध के मुताबिक 6 में से 4 ब्रिटिश कहीं जाने से पहले अपने 6 से 7 एंगल फोटो लेते हैं और 2-3 फोटो देखने के बाद फिर से मेकअप करते हैं. वहां पर 81 फीसदी लोग ऐसे हैं, जो सैल्फी लेने से पहले अपने दोस्तों से पूछते हैं कि परफैक्ट फोटो लेने के लिए उन को क्या करना है.

हौलीवुड सैलिब्रिटीज माइली साइरस और किम कार्दशियन की हौलीडे से जुड़ी 5 फीसदी तो दूसरी जगहों की 24 फीसदी फोटो सैल्फी होती हैं.

ऐक्सप्रैशन दिखाए परफैक्ट

अगर आप को किसी को हैपी सरप्राइज और सैड होने के ऐक्सप्रेशन दिखाने वाली फोटो भेजनी है तो उस में सैल्फी आप की खूब मदद करती है सैल्फी में आप का हर ऐक्सप्रैशन दिखता है आप अपने को जो दिखाना चाहते हैं. वह इस में बखूबी कर सकते हैं.

सैल्फी दिखाए ग्लैमरस

सैल्फी आप को ज्यादा ग्लैमरस दिखाता है, बजाए सामने से फोटो खींचने में. सैल्फी में कैमरे की नजर ऊपर से नीचे की तरफ होती है. इस में आप की फोटो स्लिम आती है और आप अपनी उम्र से कम भी नजर आते हो.

प्राइवेसी को करें मैंटेन

सैल्फी लेते समय आप उन पलों को भी कैप्चर कर सकते हैं, जो आप दूसरों से शेयर न करना चाहते हो. इस में प्राइवेसी पूरी तरह से मैंटेन होती है और हर मूवमैंट को आप सहेज कर रख सकते हैं.

सैल्फी बनाएं परफैक्ट

अगर आप अपने स्मार्ट फोन से ली गई सैल्फी से संतुष्ट नहीं है और उसे और ज्यादा परफैक्ट बनाना चाहते है तो उस के लिए उन सैल्फी फोटोग्राफ ऐप से रूबरू होना जरूरी है. जिस में अच्छी सैल्फी तो ले ही सकते हैं साथ ही एडिट भी कर सकते हैं. एक स्मार्ट फोन एप आप की सैल्फी को पूरी तरह बदल सकते है.

कैसे बनाएं

अपने डिवाइस पर ही अपनी सैल्फी से अनचाहे धब्बे हटाने से ले कर स्किनटोन तक एडजेस्ट कर सकते हैं, अगर आप ऐसे ऐप की तलाश में हैं जिस से सैल्फी ले सके तो आज की तारीख में आप के पास कई औप्शन मौजूद हैं.

यूजर के लिए मुफ्त में उपलब्ध ऐसे बेहतरीन सैल्फी ऐप इंस्टाग्राम, फोटो एडिटर, बाय एवियरी, यू कैम परफैट, परफैक्ट 365, रेट्रिका, कैम मी, बीएससीओ कैम, फ्रंट बैक, फोटो ग्रिड, स्मार्ट सैल्फी… इस के अलावा इस में कोलाज, ग्रिड स्क्रैपबुक, मूवी के अलावा ऐप ने तस्वीर पर टेक्स्ट, स्टिकर भी अपलाई कर सकते हैं, कई शानदार फिल्टर से लैस कर सकते हैं.

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