Download App

स्नैपचैट ‘मेमोरी’ से रखें अपनी यादें जिंदा

मैसेज एप स्नैपचैट ने एक नया फीचर 'मेमोरी' शुरु किया है जिससे यूजर्स अपनी पुरानी तस्वीरें स्टोर कर सकेंगे. इस फीचर की मदद से आप अपने पसंदीदा पलों को आप अपने स्मार्टफोन में कैमरे के नीचे सेव कर सकते हैं.

स्नैपचैट ने बताया कि मेमोरी की मदद से आप अपने स्नैप्स से नई स्टोरी बना सकते हैं या फिर कई स्टोरी को जोड़कर बड़ी स्टोरी भी बना सकते हैं. 

स्नैपचैट इस वजह से लोकप्रिय है क्योंकि इसमें यूजर्स के मैसेज देखने के बाद ही मैसेज अपने आप गायब हो जाता है.

स्नैपचैट ने 'माई आइज ओनली' के नाम से एक टैग भी शुरु किया है जिससे दोस्तों की वो तस्वीरें जिसे आप दूसरों के सामने नहीं लाना चाहते, वो किसी को नहीं दिखेंगी.

100 मिलियन लोग इस एप का इस्तेमाल करते हैं

इस फीचर के बाद स्नैपचैट मुख्यधारा के मैसेजिंग एप जो फेसबुक और गूगल की कंपनियों ने शुरु किया है, उनकी कतार में खड़ा हो गया है. ये एप्स पहले ही अपने यूजर्स को अपनी पुरानी तस्वीरें देखने की सहुलियत देते हैं.

स्नैपचैट ने इस साल 100 मिलियन लोगों के इससे जुड़ने का अनुमान लगाया है. उनका कहना है कि 100 मिलियन लोग स्नैपचैट के माध्यम से वीडियो, टेक्सट मैसेज और तस्वीरें भेजते हैं जो यूजर्स के देखने के बाद तुरंत गायब हो जाते हैं. उनकी रिपोर्ट के मुताबिक स्नैपचैट पर रोज 10 बिलियन वीडियो देखे जाते हैं.

अनुष्का शर्मा को अर्जुन कपूर ने दिया झटका

सफलता के मद में चूर इंसान को लगता है कि वह जो कुछ सोच रहा है, वही अंतिम सच है. इसी तरह सफलता के पायदान पर तेजी से आगे बढ़ रही अनुष्का शर्मा इन दिनों अपने आपको लक्की मान रही हैं. उन्हें लगता है कि वह जो सोचती हैं, वही सच है. उनके इस आत्मविश्वास को फिल्म ‘‘सुल्तान’’ की सफलता ने कुछ ज्यादा ही बढ़ा दिया है. एक तरफ बतौर अदाकारा उनकी फिल्में सफल हो रही हैं, तो दूसरी तरफ बतौर निर्माता उनकी पहली फिल्म ‘‘एनएच 10’’ भी बाक्स आफिस पर कमायी करने के साथ साथ पुरस्कार भी बटोर चुकी है.

इसी के चलते अनुष्का शर्मा ने अपने होम प्रोडक्शन के बैनर ‘‘क्लीन स्लेट फिल्मस’’ के तहत दूसरी फिल्म ‘‘फिलौरी’’ का निर्माण शुरू किया. जिसमें उन्होंने मेहरीन पीरजादा व पंजाबी कलाकार दिलजीत दोसांज को अपने साथ जोड़ा. फिल्म ‘‘फिलौरी’’ की शूटिंग खत्म होते होते दिलजीत दोसांज पंजाब में सुपर स्टार बन गए. तो वहीं ‘‘उड़ता पंजाब’’ ने दिलजीत को हिंदी भाषी दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया. इससे उत्साहित होकर फिल्म ‘‘फिलौरी’’ की रिलीज की प्रतीक्षा किए बगैर ही अनुष्का शर्मा ने अपने होम प्रोडक्शन के बैनर ‘क्लीन स्लेट फिल्मस’ के तहत तीसरी फिल्म ‘‘कनेडा’’ की घोषणा कर दी. अब उन्होंने यह भी ऐलान किया कि फिल्म ‘‘कनेडा’’ में उनके साथ अर्जुन कपूर अभिनय करेंगे.

सूत्रों की माने तो अनुष्का शर्मा को यकीन था कि अर्जुन कपूर का करियर गड़बड़ स्थिति में है. अर्जुन की पिछली फिल्म ‘‘की एंड का’’ करीना कपूर का साथ होने के बावजूद बाक्स आफिस पर सफल नही हुई थी. अब अर्जुन कपूर के पास ‘‘हाफ गर्लफ्रेंड’’ के अलावा कोई दूसरी फिल्म नहीं है. तो अर्जुन कपूर उनकी जैसी सफल अदाकारा के साथ फिल्म करने के लिए हाथ पैर धोकर तैयार हो जाएंगे. मगर पता नहीं कहां क्या खिचड़ी पकी कि अनुष्का शर्मा के ऐलान के दो दिन बाद अर्जुन कपूर ने मीडिया को बता दिया है कि वह अनुष्का शर्मा की फिल्म ‘‘कनेडा’’ नहीं कर रहे हैं. अर्जुन कपूर का दावा है कि वह सिर्फ एक फिल्म ‘‘हाफ गर्लफ्रेंड’’ कर रहे हैं. उनका सारा ध्यान इसी फिल्म पर है.

बालीवुड में चर्चाएं गर्म हैं कि तीनोंखान कलाकारों के साथ काम करने और यशराज बैनर के साथ फिल्में करने के बवजूद अनुष्का शर्मा को अर्जुन कपूर ने यह बड़ी मात दी है. देखना यह है कि क्या वह इस मात को पचा पाएंगी?

सलमान बनें ‘रावलपिंडी एक्सप्रेस’

‘रावलपिंडी एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने कहा कि उनके जीवन पर फिल्म बनाने का फैसला उनके सर्मथक और फिल्म निर्माताओं के ऊपर निर्भर है. लेकिन उन्होंने कहा है कि अगर उनके जीवन पर फिल्म बनती है तो उनका किरदार सुपरस्टार सलमान खान निभाएं.

भाग मिल्खा भाग से लेकर मैरी कॉम और फिर सुल्तान से लेकर अजहर तक, बॉलीवुड में खिलाड़ियों के जीवन पर आधारित फिल्में बनने का चलन शुरू हो गया है. आने वाले हास्य कार्यक्रम इंडियन मजाक लीग में जज की भूमिका दिखने वाले अख्तर इससे सहमत दिखे.

अख्तर ने कहा, “मैं जानता हूं कि इसका चलन है, लेकिन इस मामले में फैसला करने वाला मैं कोई नहीं होता. अगर लोगों को लगता है कि मेरा जीवन रोचक और प्रेरणादायक है तो वह फिल्म बना सकते हैं, अगर नहीं तो कोई बात नहीं. यह प्रशंसक और फिल्म निर्माता तय करेंगे.”

अख्तर ने कहा, “लेकिन अगर ऐसा होता है तो मैं सलमान को अपना किरदार निभाते देखना चाहूंगा.”

अभी वह भारत के ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह के साथ एक हास्य कार्यक्रम में नजर आएंगे.

इस कार्यक्रम का प्रसारण लाइफ ओके चैनल पर किया जाएगा.

दूं कि न दूं: 4 मिनट की ये फिल्म बताएगी कि जब एक लड़की के साथ…

महिलाओं को आए दिन छेड़छाड़ जैसी समस्याओं को सामना करना पड़ता है, आखिर क्यों? अगर कोई पुरुष किसी महिला को पसंद करने लगता है तो ये उसकी गलती है, न कि उस महिला की. उसने तो किसी पुरुष को नहीं कहा कि वो उसे चाहने लगे. इन एक तरफ़ा प्रमियों की दिक्कत ये होती है कि ये अपनी दिल की बात उस लड़की से कहने में डरते हैं जिसे वो चाहने लगते हैं.

ज़ाहिर सी बात है आप जिसे चाहते हैं, तो उसे अपने दिल की बात बता दें. अगर वो लड़की भी आपको पसंद करती होगी तो वो आपको अपना लेगी. अगर नहीं, तो वो आपको मना कर देगी. जिस प्रकार चुनने का अधिकार आपको है, वैसे  उस लड़की को भी है. पर कुछ लोग इतने ‘कूड़ दिमाग’ होते हैं कि अगर लड़की उनकी न हो सकी, तो वे उसे किसी और की भी नहीं होने देते.

ज़रा सोचिए जैसी हरकतें आप दूसरी लड़कियों के साथ करते हैं, अगर उसी तरह की हरकतें कोई आपकी बहन या दोस्त से करे तो आपको कैसा लगेगा?

ये ‘शॉर्ट फ़िल्म’ बताती है कि बहुत से लोग प्यार का सही अर्थ नहीं समझ पाते. और अपने प्यार को नहीं पाने के चलते वो किसी भी हद तक गिर सकते हैं, यहां तक कि वो उस लड़की ज़िंदगी भी तबाह कर सकते हैं. ऐसी घटिया मानसिकता रखने वालों को इस बारे में थोड़ा सोचना चाहिए, अगर उनके पास रत्ती भर दिमाग है तो!

आप भी देखिए 4 मिनट की ये शॉर्ट फिल्म…

रेलवे का ईद पर बड़ा तोहफा

रेलवे शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों में यात्राओं को और सुखद बनाने के लिए लोकल ट्रेनों में एसी डिब्बे लगाएगा. रेलवे ने ईएमयू ट्रेनों के लिए वातानुकूलित डिब्बे तैयार किए हैं. अभी तक लोकल ट्रेनों में सिर्फ गैर-वातानुकूलित डिब्बे ही होते हैं. एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि जल्दी ही ईएमयू ट्रेनों में एसी डिब्बे लगाए जाएंगे. विज्ञप्ति में कहा गया है कि वर्तमान आठ डिब्बों की ईएमयू ट्रेनों में से दो कोच वातानुकूलित होंगे. इन डिब्बों को चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में किया गया है.

इंटीग्रल कोच फैक्टरी ने चार ईएमयू रेलगाड़ियां चलाने की योजना बनाई है, जिनमें से प्रत्येक में दो-दो वातानुकूलित डिब्बे होंगे. ऐसी रेलगाड़ियां भविष्य में और बनाई जाएं या नहीं, यह उपयोगकर्ताओं से मिलने वाले फीडबैक पर निर्भर करेगा. इन वातानुकूलित डिब्बों में पांच आरामदायक चेयर्स का प्रावधान होगा और एक डिब्बे में 73 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी.

इन वातानुकूलित डिब्बों की आंतरिक सज्जा इंटरसिटी एसी एक्सप्रेस रेलगाड़ी के डिब्बों की तरह होगी. सभी वातानुकूलित डिब्बे पर्यावरण अनुकूल जैव शौचालयों से युक्त होंगे. भारतीय रेल वर्तमान में तीन प्रकार की ईएमयू रेलगाड़ियों का संचालन करती है, जिनमें 700 हॉर्स पावर वाले इंजन के साथ लगी छह डिब्बों की ईएमयू रेलगाड़ियां, 1400 हॉर्स पावर वाला इंजन लगा आठ डिब्बों की ईएमयू रेलगाड़ियां एवं 1600 हॉर्स पावर वाले इंजन लगा 10 डिब्बों की ईएमयू रेलगाड़ियां शामिल हैं.

 

वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को हरा फ्रांस यूरो फाइनल में

फ्रांस यूरो 2016 के फाइनल में पहुंच गया है. दूसरे सेमीफाइनल में वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को 2-0 से हरा फ्रांस पुर्तगाल के बाद फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बनी. फ्रांस के लिए दोनों गोल एंटोनी ग्रिजमैन ने किए. फ्रांस अब फाइनल में 10 जुलाई को पुर्तगाल से भिड़ेगा.

मैच में हॉफ टाइम के ठीक पहले फ्रांस की टीम को पेनल्‍टी शूटआउट का मौका मिला. उसे ग्रिजमैन ने शानदार गोल में बदल दिया और इस तरह पहले हाफ के अंत में फ्रांस को एक शून्य से बढ़त हासिल हुई. जबकि ग्रिजमैन ने ही मैच के 72 वें मिनट में दूसरा गोल किया. जर्मनी की टीम आखिर तक कोई भी गोल नहीं कर पाई.

फ्रांस की टीम दो बार यूरो कप जीत चुकी है, जबकि पुर्तगाल का अभी तक यूरो कप नहीं जीत पाया है. ऐसे में पलड़ा फ्रांस का भारी रहेगा.

फ्रांस ने उस हार का बदला ले लिया है, जो कि 2014 विश्व कप के क्वार्टर फाइनल जर्मनी से से उसे मिली थी. इससे पहले 1982 विश्व कप सेमीफाइनल में भी जर्मनी ने फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में हराया था.

आईटी ने ढूंढे काले धन के हजारों संदिग्ध

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने देशभर में ब्लैक मनी रखनेवाले संदिग्ध लोगों का एक डेटाबैंक तैयार किया है. इसमें उन लोगों के नाम हैं जिन्होंने पिछले कुछ सालों में बैंकिंग चैनल्स के जरिए अनअकाउंटैड कैश में से बड़े अमाउंट को लीगल बनाने के लिए एंट्री ऑपरेटर्स की मदद ली थी.

ये एंट्री ऑपरेटर्स वैसे चार्टर्ड अकाउंटैंट्स या मिडलमैन हैं जो कई बैंक अकाउंट्स के जरिए क्लायंट की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग करते हैं. मनी लॉन्ड्रिंग के ये मध्यस्थ अनअकाउंटेड कैश को लीगल टेंडर में बदलने के लिए बेनिफिशरीज को चेक्स देते हैं. ये चेक्स ऑपरेटर्स के अकाउंट्स में कैश डिपॉजिट करने के बदले में दिए जाते हैं और ऑपरेटर्स बाद में 1 से 2 प्रतिशत का कमिशन लेकर नकली बिल बना देते हैं.

पिछले दो सालों में एंट्री ऑपरेटरों पर इनकम टैक्स यूनिट के छापों के दौरान मिली सूचनाओं के आधार पर नया डेटाबैंक तैयार हुआ है. छापों में शामिल एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी. डेटाबैंक से इनकम टैक्स अधिकारियों को हजारों संदिग्ध टैक्स चोरों और कंपनियों के नाम मिले हैं जिनपर ब्लैक मनी की लेन-देन में शामिल होने का संदेह है.

इस डेटा लिस्ट में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन, संदिग्ध बैंकिंग ट्रांजैक्शंज और विदेशी बैंकों के अकाउंट जैसे दूसरे स्रोतों से प्राप्त सूचनाएं भी शामिल हैं और टैक्स चोरों की पहचान उनके पैन नंबर एवं उनके निवास स्थल की जानकारी के साथ की गई है.

फेसबुक के बाद अब वॉट्सऐप पर फैली अफवाह

फेसबुक पर प्रिवेसी नोटिस वाली अफवाह फैलने के बाद अब वॉट्सऐप पर भी इसी तरह का फर्जी मेसेज सर्कुलेट हो रहा है. लोग बिना जांचे-परखे इस मेसेज पर यकीन कर रहे हैं और फॉरवर्ड करके अफवाह को फैलाने में भूमिका अदा कर रहे हैं.

इस वॉट्सऐप मेसेज में कहा जा रहा है कि तुरंत वॉट्सऐप से अपनी प्रोफाइल पिक्चर हटा दें, वरना आईएसआईएस हैकर्स की मदद से इन पिक्चर्स को चुराकर आतंकी गतिविधियों के लिए मिसयूज कर सकता है. मेसेज के मुताबिक वॉट्सऐप के सीईओ ने सभी से, खासकर लड़कियों से अपील की है कि 20-25 दिनों के अंदर अपनी पिक्चर हटा दें और इस मेसेज को सभी को फॉरवर्ड कर दें.

मेसेज के आखिर में 'आईपीएस ए.के. मित्तल' का नाम लिखा हुआ है और एक फोन नंबर भी दिया हुआ है. दावा किया गया है कि यह मेसेज दिल्ली के कमिश्नर की तरफ से जारी है. मगर ट्रूकॉलर पर चेक करने पर पता चला कि यह नंबर अरशद अली नाम के किसी शख्स का है और बहुत से लोगों ने इसे स्पैम मार्क किया हुआ है.

यह मेसेज अफवाह के अलावा कुछ भी नहीं है. कई बार वॉट्सऐप पर इस तरह के मेसेज सर्कुलेट होने लगते हैं. पहले भी लोग ऐसे ही एक मेसेज को सर्कुलेट कर रहे थे, जिसमें वॉट्सऐप के सीईओ के हवाले से एक वॉर्निंग दी गई थी. उसमें कहा गया था कि जो लोग इस मेसेज को फॉरवर्ड नहीं करेंगे, उनके अकाउंट को वॉट्सऐप निष्क्रिय समझकर डिलीट कर देगा.

खास बात यह है कि आजकल स्पैमर इस तरह के किसी भी फर्जी मेसेज के नीचे कोई नंबर लिख देते हैं. इससे बहुत से लोगों को लगता है कि अगर मेसेज फर्जी होता तो कोई नंबर क्यों देता. वे खुद उस नंबर पर कॉल करके वेरिफाई इसलिए नहीं करते, क्योंकि उन्हें लगता है कि किसी ने तो किया ही होगा. मगर हकीकत यह है कि बहुत से लोग ऐसा करने की जहमत नहीं उठाते.

न सिर्फ वह मेसेज, बल्कि इस तरह के सभी मेसेज फर्जी होते हैं. पहली बात तो यह कि कंपनियों को पता होता है कि कौन सा यूजर कितना ऐक्टिव है और कौन सा इनऐक्टिव. फिर भी अगर कंपनी को किसी तरह का ऐलान करना हो तो वह खुद ही यूजर्स को नोटिफिकेशन या मेसेज भेजने में सक्षम है. उसे इस तरह से फॉरवर्ड करने का खेल खेलने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

इसलिए अगर आपको कभी भी ऐसा कोई मेसेज आए, उसे तुरंत डिलीट कर दीजिए. जो दोस्त आपको ऐसा मेसेज भेजे, उसे बता दें कि यह फर्जी है और बाकी लोगों को इसे फॉरवर्ड न करे.

भारतीय कंपनियां ईमानदारी के मामले में आगे

शेक्सपियर ने एक बार कहा था, 'ईमानदारी से बढ़कर कोई विरासत नहीं है.' भारत की कुछ कंपनियों ने इस बात को साबित कर दिखाया है. भारत की दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस, टीसीएस और जापानी कंपनी मदरसन सुमी एवं मारुति सुजुकी को सबसे ज्यादा सम्मानित कंपनियों में शुमार किया गया है. कंपनियों को यह रैंकिंग इंस्टिट्यूशनल इनवेस्टर्स ऑल एशिया एग्जिक्यूटिव टीम रैंकिंग्स 2016 के तहत जारी की गई. ऑल एशिया एग्जिक्यूटिव टीम के सर्वे में 582 फाइनैंशल इंस्टिट्यूशंस के 1,394 इनवेस्टमेंट प्रफेशनल्स की राय को शामिल किया गया है.

ईमानदारी के फायदे

इन कंपनियों ने ईमानदारी और पारदर्शिता को बनाए रखा है. इन कंपनियों की ओर से स्थापित की गई परंपरा के चलते निवेशकों का भरोसा स्थापित हुआ है और उन्हें बड़ा रिटर्न हासिल हुआ है. बीते पांच सालों में मदरसन सुमी, मारुति, माइंडट्री और भारत में अन्य टॉप 10 कंपनियों ने 1500 प्रतिशत की बढ़ोतरी हासिल की है. 2011 के बाद से मदरसन सुमी की संपत्ति में 15 गुना इजाफा हुआ. इस दौरान कंपनी ऑटो और ऑटो पार्ट्स सेगमेंट में लीडिंग कंपनी बनकर उभरी है.

क्यों उड़ी ‘राजश्री’ परिवार में बिखराव की खबरें..?

ताराचंद बड़जात्या ने 15 अगस्त 1947 के दिन बडे़ जतन के साथ ‘‘राजश्री प्रोडक्शन’ की शुरुआत की थी. उन्होंने अपने इस बैनर के तहत फिल्मों का निर्माण व वितरण किया. उनकी मौजूदगी में ही उनके बेटे राजकुमार बड़जात्या, कमल कुमार बड़जात्या, अजीत कुमार बड़जात्या भी इस कंपनी के साथ फिल्म बिजनेस में लग गए. फिर ताराचंद बड़जात्या के पोते व पोतियां भी इसी कंपनी के साथ जुड़ गए. ताराचंद बड़जात्या का यह पूरा परिवार अभी तक संयुक्त रूप से ही ‘‘राजश्री प्रोडक्शन’’ के ही तहत फिल्म व सीरियलों के निर्माण, फिल्म वितरण व अन्य फिल्म संबंधित व्यापार करता आ रहा है.

ताराचंद बड़जात्या के पोते और राज कुमार बड़जात्या के बेटे सूरज बड़जात्या ने ‘‘मैने प्यार किया’’ से ‘‘प्रेम रतन धन पायो’’ तक कुछ फिल्मों का निर्माण व निर्देशन किया. तो वहीं ताराचंद बड़जात्या की पोती और कमल कुमार बड़जात्या की बेटी कविता बड़जात्या ने भी एक फिल्म ‘‘सम्राट एंड कंपनी’’ के अलावा कुछ सीरियलों का निर्माण ‘राजश्री प्रोडक्शन’ के ही बैनर तले किया. अब तक फिल्म हो या सीरियल का निर्माण हो, पूरा परिवार एक साथ नजर आता था. लेकिन इन दिनों बौलीवुड में इस परिवार के अंदर विघटन की शुरूआत की खबरें काफी गर्म हैं.

सूत्रों के अनुसार सूरज बड़जात्या और कविता बड़जात्या के बीच रचनात्मक मतभेद इस कदर बढ़ चुके हैं कि दोनों ने अलग अलग राह पकड़ ली है. सूत्रों की माने तो कविता बड़जात्या को अपने चचेरे भाई सूरज बड़जात्या की दखलंदाजी बिलकुल रास नहीं आ रही है. इसी के चलते उन्होंने अपनी एक अलग प्रोडक्शन कंपनी ‘‘कविता बड़जात्या प्रोडक्शंस’’ की शुरुआत करते हुए  नए सीरियल ‘‘एक रिश्ता साझेदारी का’’ का निर्माण अपनी इस नई कंपनी के तहत कर रही हैं, जिसका प्रसारण बहुत जल्द शुरू होने वाला है.

इतना ही नहीं अब तक कविता बड़जात्या प्रोडक्शन का सारा काम ‘‘राजश्री प्रोडक्शन’’ के मुंबई में प्रभादेवी इलाके में स्थित आफिस से ही किया करती थी. लेकिन अब उन्होंने अपनी कंपनी के लिए मुंबई के उपनगर कांदीवली में आफिस खोलकर वहीं से सारा काम शुरू कर दिया है. अब वह प्रभादेवी स्थित ‘राजश्री प्रोडक्शन’ के आफिस भी नहीं जाती हैं. इसी के चलते बौलीवुड में चर्चाएं गर्म हैं कि ‘राजश्री’ परिवार में विघटन शुरू हो गया है.

मगर खुद कविता बड़जात्या इन खबरों का खंडन करते हुए एक वेबसाइट से बातचीत करते हुए कहा है-‘‘मुझे नई चीजें करने की चुनौती स्वीकार करने में आनंद आता है. इसलिए मैने अपनी नई कंपनी शुरू की है. उसी नई कपंनी के तहत मैं अपना नया सीरियल बना रही हूं. मगर यह कहना गलत है कि मेरे व सूरज जी के बीच मतभेद हैं. हम भाई बहनों के बीच कोई मतभेद, गलतफहमी नहीं है. हम सब एक हैं. हमारा पूरा परिवार एक साथ है. मैं अभी भी ‘राजश्री प्रोडक्शन’’ के निदेशकों में से एक निदेशक हूं.’’

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें