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सफर होगा सुहाना, ‘तेजस’ के साथ

भारतीय रेलवे ने 'तेजस' ट्रेनों में यात्रा को आनंददायक और मनोरंजक बनाने का फैसला लिया है. तेजस ट्रेनों के कोचों को हाई टेक्नोलॉजी वाली एंटरटेनमेंट यूनिटों, वाई-फाई सुविधा और ब्रेल डिस्प्ले और कॉफी मशीन से लैस करते हुए तैयार किया जा रहा है, ताकि इसके यात्रियों को सफर को दौरान पूरा आनंद मिल सके.

पहली तेजस ट्रेन दो अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर चलने की संभावना है. रेलवे की कोशिश है कि इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों हो. एलएचबी फ्रेम पर निर्मित यह फुल एसी ट्रेन न सिर्फ शताब्दी से ज्यादा तेज रफ्तार से चलेगी, बल्कि अधिक आरामदेह और सुसज्जित भी होगी. करीब 130 किलोमीटर की रफ्तार वाली तेजस दिल्ली से मुंबई की दूरी को 10 घंटे में पूरा करेगी.

सुनहरे रंग के होंगे डिब्बे

तेजस के डिब्बे सुनहरे रंग के होंगे. वहीं, इसी साल आने वाली हमसफर के डिब्बों पर धरती और आकाश के रंगों वाली विनाइल शीट लगी होगी, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि यह आम आदमी का वाहन है.

लगेंगे 22 नए फीचर

तेजस के डिब्बों को निखारा तो जाएगा ही, साथ ही साथ में 22 नए फीचर भी लगाए जाएंगे. इन नए फीचर्स में हर यात्री के लिए मनोरंजन स्क्रीन और हैंड फोन सॉकेट के साथ-साथ सुरक्षा निर्देश देने वाले एलईडी बोर्ड भी शामिल होंगे.

जब कोच ने पकड़ा सहवाग का कॉलर

क्रिकेट फैन्स अपनी फेवरेट टीम और क्रिकेटर को मैदान पर खेलता देख पाते हैं, लेकिन मैदान में आने से पहले और जाने के बाद ड्रेसिंग रूम में भी ऐसा बहुत कुछ होता है जिसे जानना काफी इंटरेस्टिंग है. अक्सर यहां हुई बातें इंटरव्यू में ही सामने आती हैं. हम आपको ड्रेसिंग रूम के कुछ ऐसे ही किस्से बताने जा रहे हैं. इसमें कई बार खिलाड़ियों की मस्ती सामने आती है तो कई बार उनके झगड़े.

जब कोच ने पकड़ लिया था सहवाग का कॉलर…

– यह बात साल 2002 की है. नेटवेस्ट ट्रॉफी के दौरान इंडियन टीम के कोच जॉन राइट थे.

– तब सहवाग एक गलत शॉट खेलकर आउट होकर पवेलियन लौटे थे.

– गलत शॉट सिलेक्शन के चलते ड्रेसिंग रूम में उन्हें कोच से खूब डांट पड़ी थी.

– गुस्से में उन्होंने सहवाग का कॉलर पकड़कर उन पर चिल्लाते हुए कहा था अपना बोरिया-बिस्तर बांध लो.

– बाद में बाकी खिलाड़ियों ने दोनों को समझकर मामले को शांत किया.

जब तेंडुलकर हुए आग बबूला

– साल 2004 में मुल्तान टेस्ट के दौरान सचिन तेंडुलकर डबल सेंचुरी से महज 6 रन दूर थे.

– तभी कप्तान राहुल द्रविड़ ने पारी घोषित कर दी.

– इसके बाद सचिन काफी गुस्से में ड्रेसिंग रूम में पहुंचे और आग बबूला हो गए थे.

– वो सिर्फ द्रविड़ से चिल्लाते हुए बोले कि मुझे अकेला छोड़ दो.

– लेकिन इसके बाद राइट और द्रविड़ ने उनसे इसके लिए माफी मांगी.

धोनी के साथ होता था मजाक

– शुरुआती दिनों में धोनी को ड्रेसिंग रूम में साथी खिलाड़ी बिहारी कहकर पुकारते थे.

– युवराज सिंह अकसर मजाक में कहते थे कि चौके छक्के लगाने से कुछ नहीं होता, मैच जिताने वाली पारी खेलनी पड़ती है.

– लेकिन एक दिन धोनी ने उल्टा उन्हें जवाब दिया कि तुम हमेशा गुस्से में क्यों रहते हो.

– इसके बाद से दोनों हमेशा के लिए अच्छे दोस्त बन गए.

कोहली का पहला दिन

– जब पहली बार विराट कोहली ड्रेसिंग रूम में आए तो अन्य खिलाड़ियों ने उनके साथ प्रैंक का प्लान बनाया.

– उनसे कहा कि जो भी नया खिलाड़ी आता है वह सचिन तेंदुलकर के पैर छूता है.

– जब सचिन आए तो कोहली उनका पैर छूने के लिए आगे बढ़े.

– सचिन ने उन्हें रोकते हुए पूछा कुछ चाहिए क्या. बाद में पता चला कि उनके साथ मजाक हुआ है.

घबरा गए युवराज सिंह

– साल 2000 में जब युवराज सिंह टीम में शामिल किए गए तो सौरव गांगुली ने उनसे पूछा कि ओपनिंग करोगे?

– इस सवाल के बाद युवराज काफी घबरा गए थे, लेकिन किसी तरह उन्होंने खुद को संभालते हुए कहा था हां.

– हालांकि घबराए युवी को बाद में नींद की गोलियां तक खानी पड़ी थीं.

– लेकिन गांगुली ने उनसे कहा कि मैं मजाक कर रहा था.

पुर्तगाल ने दर्ज की ऐतिहासिक जीत

पुर्तगाल ने मेजबान फ्रांस को 1-0 से हराकर यूरो कप जीत लिया. एडर ने एक्स्ट्रा टाइम के दूसरे हाफ में खिताबी गोल किया. 1921 से इंटरनेशनल फुटबॉल खेल रहे पुर्तगाल का यह पहला बड़ा खिताब है. इसी के साथ 56 साल में पहली बार फ्रांस को मेजर टूर्नामेंट में अपनी जमीन पर हार मिली है. इससे पहले पुर्तगाल का बेस्ट 2004 यूरो कप के फाइनल में पहुंचना रहा था. लगातार 14 मैच नहीं हारी है पुर्तगाल.

पुर्तगाल की टीम सांतोस के कोच बनने के बाद 14 मैच लगातार नहीं हारी है.उसने टूर्नामेंट के अपने 7 मैच में 9 गोल किए. खिताब जीतने पर पुर्तगाल को 189 करोड़ रुपए मिले. उपविजेता फ्रांस को 174 करोड़ रुपए मिले.

दोनों टीमों ने खेला रफ गेम

दोनों टीमों ने शुरुआत में काफी रफ-टफ मैच खेला. दोनों टीमें विरोधी स्टार खिलाड़ी को घेरने की कोशिश कर रही थीं. मेजबान फ्रांस ने जहां पुर्तगाल के स्टार क्रिस्टियानो रोनाल्डो को निशाना बनाया. वहीं पुर्तगाल ने फ्रांस के एटोनी ग्रिजमैन को घेरने की कोशिश की. इसी कोशिश में रोनाल्डो पहले ही हाफ में घायल हुए. 25th मिनट में उन्हें स्ट्रेचर पर बाहर ले जाया गया. इसके बाद वे नहीं लौटे.

रोनाल्डो ने सेमीफाइनल में शानदार गोल करते हुए अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाया था, उस मैच में वेल्स के खिलाफ पहला गोल रोनाल्डो के बूट से ही आया था. जबकि दूसरे गोल में भी क्रास देने में उनका बड़ा रोल था.

फैक्ट फाइल

-यूरो कप के 56 साल के इतिहास में पहला फाइनल जिसमें 90 मिनट में गोल नहीं हुआ.

– फ्रांस पांचवीं बार किसी मेजर टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा. तीन बार जीता, दो बार हार का सामना करना पड़ा.

– पुर्तगाली कप्तान रोनाल्डो यूरो कप में सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड तोड़ नहीं सके. वे फ्रांस के प्लाटिनी (9 गोल) के साथ बराबरी पर रह गए.

– 41 साल बाद फ्रांस को हराने में पुर्तगाल कामयाब हुआ.

– 6 गोल दागने वाले ग्रिजमैन को गोल्डन बूट का अवॉर्ड मिला.

रियो के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई कृष्णा पूनिया

शीर्ष भारतीय चक्का फेंक एथलीट कृष्णा पूनिया रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में असफल रही. वह अमेरिका में प्रतियोगिता में क्वालीफाइंग मानक तक नहीं पहुंच सकी. राष्ट्रमंडल खेलों में ट्रैक एवं फील्ड में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय 34 वर्षीय पूनिया रविवार (10 जुलाई) को अमेरिका में अपने अंतिम टूर्नामेंट में 57.10 मीटर चक्का फेंककर पहले स्थान पर रहीं लेकिन वह रियो क्वालीफिकेशन मार्क से काफी नीचे रहा. ओलंपिक क्वालीफिकेशन मार्क 61 मीटर है और रियो ओलंपिक के लिए जगह बनाने की अंतिम तारीख सोमवार (11 जुलाई) तक ही है.

पिछले दो महीनों से पूनिया खेल मंत्रालय की ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम’ योजना (टीओपीएस) अमेरिका में ट्रेनिंग कर रही हैं और वहीं प्रतियोगिताओं में भाग ले रही हैं. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रयास 59.49 मीटर का रहा है. पूनिया का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ और राष्ट्रीय रिकॉर्ड 64.76 मीटर का है जो उन्होंने 2012 में बनाया था.

उन्होंने 61.51 मीटर के थ्रो से 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण पदक जीता था. पूनिया तीन ओलंपिक 2004, 2008 और 2012 में भाग ले चुकी हैं. वह भारत के उन ट्रैक एवं फील्ड एथलीटों में शामिल हैं जिन्होंने ओलंपिक में किसी स्पर्धा के फाइनल राउंड में क्वालीफाई किया है. वह 2012 लंदन ओलंपिक में छठे स्थान पर रही थीं.

पूनिया ने कहा, ‘मैंने रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया लेकिन अंत में मैं ऐसा नहीं कर सकी. मुझे लगता है कि पिछले साल घुटने की सर्जरी के बाद अपना सर्वश्रेष्ठ करने के लिये मुझे वापसी करने का काफी समय नहीं मिला.’ उन्होंने कहा, ‘मैं अब 2018 राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों पर ही ध्यान लगाऊंगी.’

पूनिया ने कहा, ‘मैं खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण को मेरा सहयोग करने के लिए शुक्रिया अदा करूंगी जिन्होंने अमेरिका में मुझे ट्रेनिंग करने और प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दी. मैं रियो ओलंपिक में भाग लेने वाले देश के सभी खिलाड़ियों के लिए सफलता की कामना करती हूं.’

देखिए, ‘हैप्‍पी भाग जाएगी’ का नया पोस्‍टर

फिल्म 'हैप्पी भाग जाएगी' का नया पोस्टर मेकर्स ने रिलीज किया है. यह पहला पोस्टर है, जिसमें अभय देओल नजर आए हैं. इस पोस्टर में अभय देओल बड़े स्टाइल से खड़े और एक लड़की भागती हुई नजर आ रही है.

मेकर्स ने यह पोस्टर अभय देओल के कैरेक्टर को इंट्रोड्यूस कराने के लिए रिलीज किया है. पोस्टर के साथ उन्होंने लिखा है, 'ये हैं हमारे बिलाल! इनसे मिलिए वरना हैप्पी भाग जाएगी.'

बता दें कि 'हैप्पी भाग जाएगी' अभय देओल की कमबैक फिल्म है. अभय साल 2014 की फिल्म 'वन बाय टू' के बाद अब परदे पर नजर नहीं आए हैं. वहीं होमी अदजानिया की 'कॉकटेल' के साथ सबका दिल जीतने वालीं डायना पेंटी भी लगभग चार साल बाद बॉलीवुड की किसी फिल्म में नजर आएंगी.

फिल्म को मुदस्सर अजीज डायरेक्ट कर रहे हैं, आनंद एल राय ने इसे प्रोड्यूस किया है. फिल्म में अली फजल और पाकिस्तानी एक्ट्रेस मोमल शेख भी हैं.

मुश्किल में ‘सुल्तान’

पिछले 6 जुलाई को रिलीज फिल्म सुल्तान की सक्सेस का जश्न मना रहे सलमान खान के लिए बुरी खबर है. सलमान, अनुष्का शर्मा और फिल्म के डायरेक्टर ए. अब्बास के खिलाफ एक मामला दर्ज हुआ है.

मुजफ्फरपुर के सीजेएम कोर्ट में दर्ज की गई शिकायत में मोहम्मद साबिर अंसारी उर्फ साबिर बाबा ने आरोप लगाया है कि फिल्म में उनकी जिंदगी की कहानी है. उसने फिल्म बनाकर 20 करोड़ रुपए की रॉयल्टी हड़पने का भी आरोप लगाया है.

मोहम्मद साबिर अंसारी उर्फ साबिर बाबा ने सलमान और दूसरे लोगों के खिलाफ यह शिकायत की गई है.

शिकायत में उन्होंने कहा है कि फिल्म 'सुल्तान' का निर्माण 2010 में शुरू हुआ था. डायरेक्टर ए. अब्बास ने 2010 में इस फिल्म की कहानी उनकी जिंदगी पर आधारित होने की वजह से 20 करोड़ रुपए रॉयल्टी देने की बात कही थी और उसपर सहमति बनी थी.

अमिताभ बने भोजपुरी बोलने वाले ‘दानव’

अंग्रेजी फिल्म ‘द बिग फ्रेंडली जायंट’ के हिन्दी डबिंग में जायंट की आवाज महानायक अमिताभ बच्चन की होगी. इसी फिल्म में एक 12 साल की बच्ची भी है, जिसकी आवाज की डबिंग परिणीति चोपड़ा ने की है. इन दोनों के साथ ही फिल्म में बैड मैन गुलशन ग्रोवर की आवाज भी सुनने को मिलेगी

परिणीति का यह पहला हॉलीवुड प्रोजेक्ट है. हिन्दी में इस फिल्म को ‘बड़े फरीशते जी’ के नाम से रिलीज किया जाएगा. फिल्म की कहानी एक अनाथ लड़की के इर्द गिर्द घूमती है, जिसे एक दानव किडनैप कर लेता है. दोनों में दोस्ती हो जाती है और वे कई एडवेंचर के लिए साथ में निकल पड़ते हैं.

यह फिल्म रोआल्ड डाल के उपन्यास पर आधारित है. फिल्म का हिन्दी ट्रेलर जारी किया गया है. और बिग बी ने यहां भी उम्मीद से दोगुना ही दिया है. इस फिल्म का निर्देशन स्टिवन स्पीलबर्ग ने किया है.

VIDEO: जब लिफ्ट में लड़की को छेड़ना पड़ा महंगा

लड़कियों के साथ छेड़खानी, बदसलूकी की कई घटनाएं आपने सुनी और पढ़ी होंगी. लिफ्ट में कई बार इस तरह की बदसलूकी से लड़कियों को गुजरना पड़ता है. लिफ्ट में अकेले पाकर मनचले लड़कियों के साथ छेड़खानी करने लगते हैं, लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद कोई भी लड़का लिफ्ट में लड़कियों को छोड़ने से पहले सौ बार सोचेगा.

इस लड़की की हिम्‍मत और बहादुरी देखकर आप हैरान रह जाएंगे. लड़की ने चलती लिफ्ट में छेड़छाड़ कर रहे एक लडके को ऐसा धमाकेदार सबक सिखाया कि वो किसी भी लड़की को छेड़ने की कोशिश नहीं करेगा.

आप भी देखिए ये वायरल वीडियो…

स्मार्टफोन के लिए एन्क्रिप्शन है जरूरी

स्मार्टफोन पर रहने वाला डेटा किसी के लिए भी बेशकीमती होता है. फेसबुक पर सभी की पर्सनल जानकारी, बैंक और खरीदारी के बारे में एसएमएस और न जाने कितनी तरह की और जानकारी मैसेज में छुपी होते हैं. इसीलिए सभी स्मार्टफोन पर डेटा को एन्क्रिप्ट किया जा सकता है.

किसी भी हैकर के लिए आपके बारे में जानकारी इकठ्ठा करना पहला कदम होता है. इसमें आपका नाम, जन्म की तारीख, ईमेल, दोस्त और सहकर्मियों के बारे में जानकारी होती है. ये कभी कभी बड़े आसानी से मिल जाती है.

इतनी जानकारी के बाद किसी का एक फेक प्रोफाइल बनाना बहुत आसान है. इसीलिए स्मार्टफोन पर डेटा को एन्क्रिप्ट करना किसी से जानकारी छुपाने की बात नहीं है. लेकिन ये सुरक्षा और उससे जुड़ी आदत की बात है.

अब ये बात कई बार साबित हो चुकी है कि फैक्ट्री रिसेट करने के बाद भी डेटा को किसी भी स्टोरेज डिवाइस से निकाला जा सकता है. अगर किसी को आपके बारे में जानकारी इकठ्ठा करनी है तो ऐसे डिवाइस से भी उसे ये जानकारी मिल सकती है. लेकिन एन्क्रिप्ट किए हुए स्मार्टफोन से ये जानकारी निकालने के लिए उसे पासवर्ड चाहिए और ये करना बहुत मुश्किल है.

अपने फोटो को सुरक्षित रख कर अपने आप को ही नहीं पर आपके दोस्तों को भी ऐसे हैकर की नजरों से आप सुरक्षित रख सकते हैं. फोटो अगर एन्क्रिप्ट नहीं किए हुए हों तो हैकरों के हाथ लग कर ये बेशकीमती होते हैं. तरह-तरह के ऐप इस्तेमाल करके आप फोटो तो शेयर कर सकते हैं. लेकिन उन्हें स्मार्टफोन, टैबलेट जैसे डिवाइस पर सुरक्षित रखने के लिए एन्क्रिप्शन सबसे आसान तरीका है.

कुछ ऐसे ऐप भी डाउनलोड किए जा सकते हैं, जो फोटो एक्सेस करने के पहले एक पिन मांगे हैं. किसी भी गलत हाथ में अगर आपका स्मार्टफोन पड़ जाए तो सुरक्षा के लिहाज से ये आपके और आपके परिवार के लिए बहुत बढ़िया हो सकता है.

VIDEO: ‘तहारुश’ यानि ‘रेप गेम’ खेल नहीं, औरत की आत्मा के साथ खिलवाड़ है

'तहारुश जमाई', इजिप्ट और बाक़ी अरब देशों का ये 'रेप गेम' उस वक़्त 'चर्चा' में आया था, जब अमेरिका की एक रिपोर्टर ने पूरी दुनिया के सामने इसका खुलासा किया. मिस्र और बाक़ी अरब देशों में एक बेहद घिनौना और आत्मा को चीर कर रख देने वाला खेल खेला जाता है, जिसमें आदमियों का पूरा झुंड एक औरत को घेरता है और उसके साथ बलात्कार करता है. ऐसे तीन घेरे होते हैं, अंदर से बाहर की तरफ़ का पहला घेरा औरत का रेप करता है. दूसरे घेरे के लोग दर्शक की तरह उस औरत की इज़्ज़त को तार-तार होते हुए देखते हैं. तीसरे घेरे का काम इस कुकर्म को बाक़ी लोगों से बचाने का होता है. और ये काम, भरे बाज़ार में होता है.

अगर ये पढ़ने के बाद भी आपकी रूह न कांपी, तो ये बता दें कि इस जघन्य अपराध को यहां 'खेल' का नाम दिया जाता है और कोई भी आदमी इसे ग़लत नहीं मानता. कहने को इन लोगों का निशाना 'वेस्टर्न ड्रेस' पहने बाहरी मूल की कोई महिला होती है, लेकिन इन दरिंदों को अपनी 'औरतों' के साथ ऐसे करने से भी कोई गुरेज़ नहीं. इजिप्ट और बाक़ी अरब देशों में औरतों पर हो रहे इस ज़ुल्म को विदेशी मीडिया कभी नहीं उठाती, अगर उनकी ख़ुद की रिपोर्टर दुनिया को अपनी आपबीती न सुनाती.

लॉरेन लोगन की वजह से सामने आया ये मामला

CBS की रिपोर्टर 'लॉरेन लोगन', होस्नी मुबारक़ की ख़िलाफ़ उठे अरब आंदोलन को कवर करने जब इजिप्ट पहुंची, तो 'तहरीर स्क्वायर’ पर लोगों की बेतहाशा भीड़ जमा थी. बदक़िस्मती से उस भीड़ में उनका साथ अपनी टीम के साथ छूट गया. बस उनका कैमरा मित्र था, जो उनका हाथ पकड़ कर उन्हें भीड़ से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था. लेकिन उसके अगले 25 मिनट जो लॉरेन के साथ हुआ, वो दिल दहला देने वाला था.

उन्होंने देखा कि पूरा हुज़ूम उनकी तरफ आ रहा है. किसी ने उनका स्वेटर फाड़ा, तो कोई उनके बाल नोच रहा था. एक एक करके उन सबने 25 मिनट तक उनका रेप किया, उन्हें जानवरों की तरह नोचा. लॉरेन को लग रहा था कि सब ख़त्म होने वाला है, लेकिन किसी तरह सिक्योरिटी फोर्सेस ने उन्हें बलात्कारी चक्रव्यूह से निकाला. अभी तक लॉरेन इस सदमे से उबरने की क़ोशिश कर रही हैं.

यूरोप में पैर पसार चुका है तहारुश

न जाने कितनी औरतों को इस तरह की ज़िल्लत झेलनी पड़ती होगी. सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात ये है कि 'तहारुश' का ये 'खेल' बंद न हो कर अब यूरोप पहुंच गया है. नए साल की शुरुआत में जर्मनी में कई महिलाओं ने झुंड में हुए इस तरह के बलात्कार की रिपोर्ट्स दर्ज की थी. कहा जा रहा है कि जर्मनी में भी ये मिडिल ईस्टर्न रेफ्यूजीस कर रहे हैं. जर्मनी के अलावा फ़िनलैंड, ऑस्ट्रिया, स्वीडन और स्विट्ज़रलैंड में भी 'तहारुश' की वारदातें सामने आई हैं.

हमारी सारी 'मॉडर्न' सोच धरी की धरी रह जाती है जब इस तरह की बातें सामने आती हैं. ये जहां भी हो रहा है, इसी वक़्त बंद हो जाना चाहिए क्योंकि ये मानवता के ख़िलाफ़ है. हम दो क़दम आगे चलते हैं और ऐसी घटनाओं से 100 क़दम पीछे हो जाते हैं.

चेतावनी: ये वीडियो आपको विचलित कर सकता है

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