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मेरे चेहरे पर बहुत सारे काले दाग हैं, जिन की वजह से मैं बहुत परेशान रहती हूं. कोई उपाय बताएं.

सवाल

मेरे चेहरे पर बहुत सारे काले दाग हैं, जिन की वजह से मैं बहुत परेशान रहती हूं. मैं ने कई उपाय कर लिए, किंतु कोई लाभ नहीं हुआ. चेहरे के दागों को हटाने का कोई उपाय बताएं?

जवाब

चेहरे पर दागधब्बे लंबे समय तक धूप में रहने की वजह, दिन भर प्रदूषण के संपर्क में आने से और कभीकभी हारमोनल बदलाव के कारण भी हो जाते हैं और फिर समय के साथ गहरे होते जाते हैं. लेकिन कुछ उपायों द्वारा इन्हें हलका किया जा सकता है. आप टमाटर के रस को रुई की सहायता से दागों पर लगाएं और फिर सूखने पर चेहरे को धो लें. इस के अलावा आलू के छिलकों का रस चेहरे के दागधब्बों पर लगाने से भी दाग हलके हो जाते हैं. आप चाहें तो दही व बेसन या फिर नीबू व शहद का पेस्ट भी चेहरे पर लगा सकती हैं. इस पेस्ट को चेहरे पर अच्छी तरह लगा लें. सूखने पर चेहरे को धो लें. इन उपायों को लगातार करते रहने से धब्बे जरूर हलके होंगे और त्वचा में निखार आ जाएगा.

 

अगर आप भी इस समस्या पर अपने सुझाव देना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट करें और अपनी राय हमारे पाठकों तक पहुंचाएं.

अब क्या होगा फिल्म ‘‘सर्कस’’ का

नृत्य निर्देशक से फिल्म निर्देशक बनने वालों के सितारे गर्दिश में ही चल रहे हैं. फिल्म निर्देशक बनने के चक्कर में यह कहीं के नहीं रहे. रेमो डिसूजा निर्देशित फिल्म ‘‘ए फ्लाइंग जट्ट’’ के बाक्स आफिस पर मात खाने के बाद नृत्य निर्देषशन से फिल्म निर्देशन की तरफ मुड़ने वालों पर सवालिया निशान लग गया है? इनकी फिल्में शुरू नहीं हो पा रही हैं.

वैसे भी गणेष आचार्य, फरहा खान, रेमो डिसूजा, अहमद खान, प्रभु देवा यह सभी बतौर नृत्य निर्देशक एक बड़ा मुकाम रखते हैं, मगर जब से यह फिल्म निर्देशक बने हैं, तब से इनके करियर पर ग्रहण लग गया है. बतौर फिल्म निर्देशक इनमें से किसी के भी पास कोई फिल्म नहीं है. प्रभु देवा भी बतौर निर्देशक नई फिल्म शुरू करना चाहते हैं, मगर इन्हे कलाकार नहीं मिल रहे हैं. तो वहीं ‘ए फ्लाइंग जट्ट’ की असफलता के चलते रेमो डिसूजा की सूरज पंचोली व अजय देवगन के साथ बनने वाली फिल्म बंद हो गयी.

यही हाल नृत्य निर्देशक बास्को मार्टिस का भी है. बास्को मार्टिस भी अब बतौर फिल्म निर्देशक फिल्म ‘‘सर्कस’’ बनाना चाहते हैं. जिसमें सुनील शेट्टी की मुख्य भूमिका है. इसमें सूरज पंचोली कुछ खतरनाक स्टंट सीन करने वाले हैं. यह फिल्म पिता पुत्री के रिश्ते के इर्द गिर्द घूमती है. मगर इस फिल्म में भी अभिनय करने के लिए कोई हीरोईन तैयार ही नहीं हो रही है.

बास्को मार्टिस ने सबसे पहले कंगना रानौट से बात की थी. लेकिन कंगना रानौट ने इस फिल्म से जुड़ने से साफ मना कर दिया. उसके बाद बास्को ने परिणीति चोपड़ा से बात की थी और परिणीत चोपड़ा का नाम लगभग तय हो चुका था. मगर अब सूत्रों के अनुसार परिणीत चोपड़ा ने भी बास्को मार्टिस की फिल्म ‘‘सर्कस’’ छोड़ दी है. सूत्रों के अनुसार फिल्म की पटकथा को लेकर दोनों के बीच कुछ अनबन हो गयी. जबकि एक अन्य सूत्र का दावा है कि परिणीति की नाराजगी इस बात को लेकर है कि उन्होने ‘सर्कस’ के लिए अग्रीमेंट साइन नहीं किया, सिर्फ कहानी पर चर्चा हुई थी और बास्को की टीम ने प्रचारित कर दिया कि परिणीति उनकी फिल्म कर रही हैं.

क्या सूरज पंचोली मनहूस हैं?

आदित्य पंचोली के बेटे सूरज पंचोली ने सुनील शेट्टी की बेटी आथिया शेट्टी के साथ अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘हीरो’ से की थी, जो कि सुभाष घई की फिल्म ‘हीरो’ की रीमेक थी. मगर इस फिल्म ने बाक्स आफिस पर कमाल नहीं किया. उसके बाद से सूरज पंचोली के साथ ही आथिया शेट्टी का भी करियर आगे नहीं बढ़ पाया. सूरज पंचोली की फिल्म ‘हीरो’ पूरे एक साल पहले प्रदर्शित हुई थी. उसके बाद से वह बिना काम के घूम रहे हैं. सूरज पंचोली को लेकर कई फिल्मों के शुरू होने की घोषणाएं जरुर हुई, पर एक एक कर वह बंद होती गयी.

मजेदार बात यह है कि जिस फिल्म के साथ भी सूरज पंचोली का नाम जुड़ता है, उस फिल्म के निर्देशक के करियर पर ग्रहण लग जाता है. नृत्य निर्देशक से निर्देशक बने रेमो डिसूजा का करियर सफल था. लेकिन रेमो ने सूरज पंचोली व अजय देवगन को लेकर फिल्म बनाने का निर्णय लिया. और उनके सितारे गर्दिश में पहुंच गए. वह सूरज पंचोली के साथ नई फिल्म की शूटिंग शुरू करते, उससे पहले ही उनकी फिल्म ‘‘ए फ्लाइंग जट्ट’’ असफल हो गयी और रेमो की यह फिल्म डिब्बे में चली गयी.

तो वहीं अब बास्को मार्टिस की फिल्म ‘सर्कस’ में भी सूरज पंचोली हैं. पर इस फिल्म के साथ जुड़ने के लिए कोई हीरोईन तैयार नहीं हो रही है. तो वहीं सूरज पंचोली अभी भी जिया खान मर्डर केस से बरी नहीं हो पाए हैं. इसी के चलते अब बौलीवुड में चर्चा होने लगी है कि क्या सूरज पंचोली मनहूस हैं?

रिलायंस जियो और बीएसएनएल में समझौता

रिलायंस जियो और बीएसएनएल ने 2जी और 4जी सेवाओं के लिए अपने सर्कलों के अंदर रोमिंग का समझौता किया है.

इस समझौते के लागू होने पर बीएसएनएल के ग्राहक रोमिंग में रिलायंस जियो की 4जी सेवाएं हासिल कर सकेंगे तथा रिलायंस जियो के ग्राहक फोन कॉल के लिए बीएसएनएल के 2जी नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकेंगे.

बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने बयान में कहा कि इस समझौते से दोनों कंपनियों को फायदा होगा और उन्हें दोनों के नेटवर्क का बाधारहित लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि बीएसएनएल अपने नेटवर्क को मजबूत कर रही है जिसमें 3 महीने लग सकते हैं. उसके बाद 4जी हैंडसेट रखने वाले बीएसएनएल के ग्राहक जियो की 4जी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे. इसके लिए दोनों कंपनियां दर अभी तय करने वाली हैं.

रिलायंस जियो के प्रबंध निदेशक संजय मश्रुवाला ने कहा कि उनकी कंपनी अपने स्तर पर बिल्कुल एक नए दौर का नेटवर्क स्थापित कर रही है. साथ ही इस तरह के समझौतों से हमारे ग्राहकों को रोमिंग के समय बराबर संपर्क में बने रहने की सुविधा होगी.

बीएसएनएल की ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति है और पूरे देश में ग्राहक संख्या के हिसाब से यह पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी है. देशभर में इसके 1,14,000 के करीब नेटवर्क साइट हैं.

अब के आसिफ की फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ पर नाटक

हाल ही में गुलजार ने अपनी दों फिल्मों को मिलाकर एक नया नाटक लिखा, जिसे सलीम आरिफ ने निर्देशित किया. शायद उसी से प्रेरित होकर रंगकर्मी व फिल्म निर्देशक फिरोज अब्बास खान ने के.आसिफ की 1960 में प्रदर्शित संगीत प्रधान प्रेम कहानी वाली फिल्म ‘‘मुगल ए आजम’’ पर आधारित नाटक तैयार किया है. ज्ञातब्य है कि इस फिल्म में दिलीप कुमार और मधुबाला की चर्चित जोड़ी थी.

यूं तो फिरोज अब्बास खान अनिल कपूर निर्मित फिल्म ‘‘गांधी माई फादर’’ भी निर्देशित कर चुके हैं. मगर थिएटर की दुनिया में उनकी तूती बोलती है. वह थिएटर पर ‘‘तुम्हारी अमृता’’, ‘‘सेल्समैन रामलाल’’, ‘‘महात्मा वर्सेस गांधी’’ जैसे कई सर्वाधिक सफल व चर्चित नाटकों का निर्देशन कर चुके हैं.

अब फिरोज अब्बास खान मौलिक फिल्म को ट्रिब्यूट देने के लिए ‘मुगल ए आजम’ पर एक ब्राडवे स्टाइल का नाटक करने जा रहे हैं. वह मुंबई के एनसीपीए में 21 अक्टूबर से नवंबर के पहले सप्ताह तक हर दिन इस नाटक का मंचन करेंगे. उसके बाद दिसंबर माह में दो सप्ताह के लिए सिरी फोर्ट आडीटोरियम में हर दिन इस नाटक का मंचन होगा.

इस नाटक में फिल्म के आठ गाने भी होंगे, जो कि कथा को आगे बढ़ाएंगे. नाटक जगत में यह अपने आप में एक अनूठा प्रयोग होगा. इस सिलसिले में जब फिरोज अब्बास खान से बात हुई, तो उन्होंने कहा- ‘‘फिल्म ‘मुगल ए आजम’ एक नाटक ‘अनारकली’ से प्रभावित होकर बनी थी. के.आफिस ने इस नाटक के कुछ संवाद भी फिल्म में पिरोए थे. यही लेखन प्रतिभा पर निर्भर करता है कि अब किस कथा को किस रूप में पेश करते हैं.’’ इस नाटक के लिए कास्ट्यूम  मनीष मल्होत्रा ने तैयार किए हैं. जबकि नृत्य निर्देशक मयूरी उपाध्याय हैं.

जब एसडी कार्ड दे धोखा, तो ऐसे रिकवर करें डेटा

लोगों की आदत होती है कि डिवाइस की प्रोसेसिंग पर बुरा असर न पड़े और जरा-सी चिप में कहीं भी अपना पूरा डेटा लेकर घूम सकें, इसके लिए वे एसडी कार्ड्स का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन एसडी कार्ड्स का क्या भरोसा? दगा दे दी तो? और उसके बारे में तो आप प्रेडिक्ट भी नहीं कर सकते कि वह छोटा-सा मेमरी चिप कब डैमेज या करप्ट हो जाएगा. आपकी हजारों-लाखों तस्वीरें, गाने, दर्जनों डॉक्युमेंट्स सब दांव पर लग सकते हैं. जब मेमरी कार्ड दे जाए धोखा, तो कैसे रिकवर करेंगे डेटा? जानिए..

1. सबसे पहले कार्ड का टाइप पता करें: सबसे पहले, अपने कार्ड का टाइप पता करें मसलन वह सामान्य एसडी कार्ड है या हाई कपैसिटी एसडी कार्ड है. यह जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि अलग-अलग तरह के कार्ड्स की मेमरी ऐलोकेशन फॉर्मैटिंग अलग-अलग होती है.

2. डिवाइस मैन्युफैक्चरर की साइट पर जाएं: अगर आपका डेटा SDHC कार्ड पर है, तो आपको इसे रीड करने के लिए SDHC डिवाइस की जरूरत होगी. कुछ डिवाइसों के लिए सॉफ्टवेयर डाउनलोड उपलब्ध होंगे जिनसे उसे अपग्रेड कर इन कार्ड्स को रीड किया जा सके. इसलिए, डिवाइस मैन्युफैक्चरर की वेबसाइट पर विजिट करें और देखें कि क्या वहां ऐसा कोई अपग्रेड उपलब्ध है?

3. रीडर में कार्ड लगाएं: अगर इस रीडर को कोई ड्राइव लेटर असाइन नहीं किया गया है तो कम्प्यूटर इसे रीड नहीं करेगा. कुछ केसों में रीडर को एक ड्राइव लेटर तो असाइन हो जाएगा, लेकिन जब आप उसे क्लिक करेंगे, तो आपको ड्राइव ई इन्सर्ट करने का इन्स्ट्रक्शन आएगा. यानी कार्ड रीड नहीं हो रहा है.

4. एसडी कार्ड को स्कैन करें: कई बार कार्ड स्कैन करने से समस्या सुलझ जाती है. जरूरी नहीं है कि इससे करप्ट फाइल ठीक हो जाए, लेकिन ट्राई किया जा सकता है. माई कमप्यूटर्स या विंडोज एक्सप्लोरर से कार्ड ढूंढ कर उसपर राइट-क्लिक करें. पॉप-अप मेन्यू से प्रॉपर्टीज पर जाएं. यहां आपको एक नया विंडो दिखाई देगा जिसमें पाई चार्ट बना होगा. अब टूल्स टैब को सिलेक्ट करें और फिर 'एरर चेकिंग' बटन पर क्लिक करें. फिक्सिंग फाइल सिस्टम एरर्स के चेक बॉक्स पर क्लिक करें.

5. अब भी इनैक्सेसिबल हो तो: संभव है कि डायरेक्ट्री फाइलों के नाम की लिस्ट बना ले, पर वे ऐक्सेस न हो पाएं. ऐसे केस में ड्राइव लेटर पर राइट क्लिक कर 'प्रॉपर्टीज' सिलेक्ट करें. पाई चार्ट में डिवाइस का यूज्ड स्पेस दिखाई देगा. अगर वह बिलकुल फ्री स्पेस दिखाता है तो या तो फाइलें डिलीट हो गई हैं, या फिर डायरेक्ट्री इरेज हो गई है. इस केस में फाइल रिकवरी या अनडिलीट प्रोग्राम फंक्शन से मदद मिल सकती है.

6. अगर फाइल न बचा पाएं: अगर आपका कार्ड ठीक से रीड हो पा रहा हो पर आप फाइल सेव न कर पाएं, तो कार्ड पर राइट प्रोटेक्शन हो सकता है. कार्ड के एज पर बने 'लॉक' पर जाएं और उस लॉक को खोलें. उसे तब सेव करें जब कार्ड अनलॉक्ड हो.

डाक सेवा संबंधित शिकायतों के लिए डॉयल करें 1924

अब आप डाक सेवाओं से संबंधित अपनी शिकायतें टॉल फ्री नंबर 1924 पर फोन कर के दर्ज करा सकते है. सरकार ने दूरसंचार एवं डाक संबंधी शिकायतों के लिए एक माह पहले ट्वीटर सेवा शुरू करने के बाद अब डाक संबंधी शिकायतें दर्ज कराने की यह सुविधा सोमवार को शुरू की.

यह सेवा शुरू में प्रत्येक कार्य दिवस में सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक चालू रहेगी. इसमें हिंदी, अंग्रेजी और मलयालम में शिकायत दर्ज करायी जा सकती है. तीन महीने में इस सुविधा का विस्तार अन्य भाषाओं में भी किया जाएगा. शिकायतें डाक भवन में एक कंप्यूटरीकृत ग्राहक सेवा केंद्र में आएंगी और शिकायतकर्ता को 11 अंक का शिकायत नंबर दिया जाएगा.

दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने इस सेवा का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी विभागों को लोक शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने का जो निर्देश दिया है उसके तहत दो अगस्त को ट्वीटर सेवा शुरू करने के बाद 1942 टोल फ्री नंबर की यह सेवा शुरू की गयी है. मंत्री ने कहा कि नीतिगत मसलों को छोड़ बाकी शिकायतों का निराकरण 24 घंटे के अंदर कर दिया जाएगा.

तिरुवनंतपुरम में होगी विश्व की तीसरी ‘ड्रॉप-इन’ क्रिकेट पिच

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बाद विश्व की तीसरी ड्रॉप-इन पिच तिरुवनंतपुरम के कारियावाटोम ग्रीनफील्ड स्टेडियम में लाई जाएगी. केरला स्पोर्ट्स फेसीलिटी लीमिटेड (केएसएफएल) के डायरेक्टर अनिल कुमार पानडाला ने कहा कि इसकी घोषणा केरल क्रिकेट संघ (केसीए) और केएसएपएल के बीच हुए समझौते के बाद की गई है. केएसएफएल स्टेडियम की देखरेख करती है और 180 दिनों तक इसे उपयोग में ले सकती है.

पानडाला ने कहा, “इसका खर्च हमें तकरीबन आठ से दस करोड़ का आएगा. हमें उम्मीद है कि यह अगले साल तक तैयार हो जाएगी. जब यह पूरी हो जाएगी तो यह तीसरा मैदान होगा जहां इस तरह की पिच का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे पहले मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) और न्यूजीलैंड के ईडन पार्क मैदान पर इसका इस्तेमाल किया जा चुका है. यह स्टेडियम तभी चल पाएगा जब हमें इस तरह की सुविधा मिलेगी.”

इस मैदान को 375 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. इस स्टेडियम की क्षमता 50,000 दर्शकों की है. इसे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और फुटबॉल की नियामक संस्था फीफा से मान्यता प्राप्त है.

केसीए के अध्यक्ष टी.सी. मैथ्यू ने कहा, “केसीए का यह अनुबंध अगले 11 साल के लिए है. हम इस स्टेडियम को साल में 180 दिनों तक उपयोग में ले सकते हैं. इससे पहले इस शहर में 1989 में अंतर्राष्ट्रीय मैच आयोजित किया गया था. हमें उम्मीद है कि हम इस साल अंतर्राष्ट्रीय मैच का आयोजन कर सकेंगे. यह अगले आईपीएल में आयोजन स्थल भी होगा.”

क्या होती है ड्रॉप-इन क्रिकेट पिच

ड्रॉप-इन क्रिकेट पिच वह होती हैं जिन्हें कहीं और बनाया जाता है और मैच से पहले एक निश्चित जगह पर लाया जाता है. इस सुविधा से मैदान में दूसरे अन्य खेल भी आयोजित किए जा सकते हैं.

खत्म होगी MRP पर दुकानदारों की मनमानी

महंगाई से निपटने के लिए खुदरा बाजार में दाल, दूध, चीनी, खाद्य तेल और दूसरी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को लेकर सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. खुले और पैक्ड आइटम्स की कीमत में भारी अंतर को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. यदि ऐसा होता है तो कोई भी दुकानदार तय की गई कीमत से अधिक में सामान नहीं बेच पाएगा.

पिछले दिनों दाल की कीमतों में भारी उछाल से सीख लेते हुए और खुले और पैक्ड दाल की कीमत में अंतर को देखते हुए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने पैक्ड सामान को लेकर नियमों में संशोधन किया है, ताकि सरकार खुदरा मूल्य तय कर सके.

7 सितंबर को जारी हुई अधिसूचना

बताया जाता है कि इस पर 7 सितंबर को अधिसूचना जारी की गई है. इसमें कहा गया है कि अगर सरकार कीमत तय करती है और मानक मात्रा 500 ग्राम, एक किलोग्राम या दो किलोग्राम तय करती है, तो खुदरा विक्रेता को इन नियमों का पालन करना होगा.

जुर्माना और सामान जब्त करने का कानून

अधिकारी बताते हैं कि नियमों और अधिसूचना की अनदेखी करने पर खुदरा विक्रेता पर 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. साथ ही उसके जमा माल को भी जब्त किया जा सकता है. इन नए नियमों के लागू होने से आवश्यक वस्तुओं के मामले में अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) की अवधारणा खत्म हो जाएगी.

अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि दाल की कीमतों में अबूझ उछाल और खुले और पैक्ड सामान की कीमत में भारी अंतर को देखते हुए सरकार ऐसे कदम उठाने पर मजबूर हुई है.

अब चैट सर्विस लाने की तैयारी में ट्विटर

ट्विटर पर डायरेक्ट मैसेज अब चैट जैसा काम करेगा. मेसेजिंग के बढ़ते बाजार को देखते हुए ट्विटर ने ऐसा किया है

मेसेजिंग के बढ़ते बाजार ने एक और कंपनी को अपनी ओर खींच लिया है. ट्विटर ने अपने डायरेक्ट मैसेज को अब चैट के रूप में पेश करने का सोचा है.

माना जा रहा है कि लोगों में अपने ऐप को और लोकप्रिय बनाने के लिए ट्विटर ने ऐसा किया है.

ट्विटर कि घोषणा के अनुसार जब भी कोई डायरेक्ट मैसेज भेजेगा तो उसके पढ़ने के बाद व्हाट्सऐप की तरह एक टिक मार्क दिखाई दे सकता है जिससे भेजने वाले को पता लग जाएगा कि उसका मैसेज पढ़ लिया गया है.

अगर कोई आपके लिए डायरेक्ट मैसेज टाइप कर रहा है तो वो भी आपको दिखाई दे सकता है.

जब ये फीचर ट्विटर पर शुरू हो जाएगा तो वो दूसरे चैट ऐप की तरह दिखने लगेगा जिनपर उससे ज्यादा फीचर हैं.

ऐसा माना जा रहा है कि डायरेक्ट मैसेज पर पढ़ने के बाद वो रिसीव दिखाई देगा तो लोगों को फॉलो करने वाले उन्हें और भी ज्यादा डायरेक्ट मैसेज भेज सकते हैं. इससे ट्विटर लोगों में और पसंद किया जा सकता है.

ट्विटर ने ये नहीं बताया कि ये बदलाव कब से लागू होंगे लेकिन माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों में ये शुरू हो सकता है.

मेसेजिंग ऐप दुनिया भर में लोगों में इतने ज्यादा पसंद किये जा रहे हैं कि लोग उनपर सोशल मीडिया से भी ज्यादा समय बिता रहे हैं.

सोशल मीडिया में सिर्फ एक ही ऐसा ऐप है जिसके 100 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं.

लेकिन फेसबुक के मैसेंजर और व्हाट्सऐप दो चैट ऐप हैं जिन्होंने 100 करोड़ ग्राहक का आंकड़ा पर कर लिया है. दूसरे चैट ऐप भी इससे कोई बहुत दूर नहीं हैं.

व्हाट्सऐप लोगों में इतना पसंद किया जाता है कि हर दिन उसके नेटवर्क पर 4200 करोड़ मैसेज भेजे जाते हैं, 1600 करोड़ फोटो शेयर होते हैं और करीब 100 करोड़ ग्रुप पर लोग एक दूसरे से बातें करते हैं.

दुनिया के सभी मोबाइल फोन पर हर दिन करीब इसके आधे एसएमएस भेजे जाते हैं.

लेकिन 2006 में लांच हुए ट्विटर को लोगों ने व्हाट्सऐप के जितना नहीं सराहा है.

2011 में 10 करोड़ सब्सक्राइबर का आंकड़ा पर करने के बाद ट्विटर ने 2014 तक बहुत बढ़िया बढ़त दिखाई और उसके सब्सक्राइबर की संख्या तेज़ी से बढ़ती रही.

इसके मुकाबले 2009 में लॉन्च हुए व्हाट्सऐप ने ट्विटर के मुकाबले अब तिगुने सब्सक्राइबर ढूंढ लिए हैं. पिछले डेढ़ साल में ट्विटर को सिर्फ 10-12 करोड़ नए सब्सक्राइबर मिले हैं.

इसके मुकाबले 2014 अप्रैल में 50 करोड़ ग्राहक की संख्या पर करने के बाद व्हाट्सऐप ने अपने ग्राहकों की संख्या दुगनी कर ली है.

इन आंकड़ों को देखते हुए ट्विटर में हो रहे बदलाव को समझना बहुत मुश्किल नहीं है.

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