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अब 24 नवंबर तक चलेंगे पुराने नोट

नोटबंदी के चलते आम लोगों को हो रही भारी परेशानी के मद्देनजर सरकार ने 1000-500 के पुराने नोटों को जरूरी सेवाओं के लिए इस्तेमाल किए जाने की सीमा 14 नवंबर से बढ़ाकर 24 नवंबर कर दी है. प्रधानमंत्री आवास पर रविवार रात नोटबंदी को लेकर हुए मीटिंग में देश में नोटबैन के बाद पैसों की कमी की वजह से लोगों में पनप रहे अधैर्य और गुस्से के बारे में चर्चा की गई.

पीएम मोदी ने इस मीटिंग में उन स्टेप्स के बारे में विस्तार से बात की जो कैश की सप्लाई को सुधारने के लिए उठाए गए हैं. 500 और 1000 के पुराने नोट जरूरी सेवाओं में स्वीकार किए जाने की सीमा 14 नवंबर से बढ़ाकर 24 नवंबर की मध्यरात्रि तक कर दी गई है. बैंकों को कम से कम 50 हजार रुपये तक कैश लिमिट बढ़ाने की सलाह दी गई है.

वहीं एटीएम के रेकैलिब्रेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए रणनीति बनाने को कहा गया ताकि लोग नई मुद्रा को जल्द से जल्द प्राप्त कर सकें. अधिक आबादी वाले इलाकों में माइक्रो एटीएम की संख्या बढ़ाई जाएगी. साथ ही बैंकों में सीनियर सिटिजन्स और दिव्यांगों के लिए अलग से लाइन लगाए जाएगी. इसके अलावा उन लोगों की अलग लाइन लगाई जाएगी जो पुराने नोटों को बदलने के लिए बैंक आ रहे हैं.

 

बौलीवुड पर नोट बंद होने के साइड इफेक्ट्स

बौलीवुड में अरशद वारसी को छोड़कर हर शख्स खुलेआम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 रूपए के नोट बंद करने का स्वागत कर रहा है. मगर ‘चेहरे पर चूना’ पोतने यानी कि हमेशा मेकअप कर काम करने वाले यह लोग इस मसले पर अपनी व्यथा कह नहीं पा रहे हैं. सूत्रों की माने तो तो सभी की दाढ़ी में तिनका अटका हुआ है. यह एक कटु सत्य है.

बौलीवुड के अंदरूनी जानकार मानते हैं कि इस निर्णय के बहुत बड़े साइड इफेक्ट्स बौलीवुड को लंबे समय तक झेलने पड़ सकते हैं. 500 और 1000 के नोट बंद होने का पहला असर हर फिल्म की बॉक्स ऑफिस की कमाई पर पड़ रहा है. इसका पहला और सबसे ज्यादा खतरनाक साइड इफेक्ट तो अजय देवगन पर पड़ा है. उनकी फिल्म ‘शिवाय’ पहले से ही बॉक्स ऑफिस पर घिसट घिसट कर आगे बढ़ रही थी, पर अब इन बड़े नोट के बंद होने से ‘शिवाय’ की कमाई पर बुरा असर पड़ा है.

पिछले बुधवार यानी कि 9 नवंबर से ‘शिवाय’ सहित अन्य सभी फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में जबरदस्त गिरावट आयी है. यूं भी बहुत बड़े बजट की फिल्म ‘शिवाय’ किसी भी सूरत में अपना घाटा पूरा नहीं करने वाली थी. इस वजह से अजय देवगन के करियर पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे थे. बौलीवुड में लोग मानकर चल रहे हैं कि अब दोबारा बतौर निर्देषक अजय देवगन कोई फिल्म नहीं बनाएंगे. लेकिन बडे़ नोटों के बंद होने के बाद जिस तरह से ‘शिवाय’ के बॉक्स ऑफिस कलेक्षन पर असर पड़ा है, उससे अजय देवगन को बहुत बड़ी मार पड़ने वाली है.

तो दूसरी तरफ इस सप्ताह रिलीज हुई ‘रॉक ऑन 2’, ‘इश्क जुनून’, ‘डोंगरी का राजा’ और ‘चार साहिबजादे’ फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर तो ऐसी मार पड़ी है कि अब इस फिल्म के निर्माता सोच रहे हैं कि उन्होंने इस हफ्ते अपनी फिल्म रिलीज क्यों की? इसकी एक वजह यह है भी है यह वह फिल्में हैं, जिन्हें सामान्य स्थिति में भी बक्स ऑफिस पर अच्छे परिणाम नहीं मिलने थे.

यह तो वह साइड इफेक्ट्स हैं, जो सामने नजर आ रहे हैं और जिसका रोना सभी रो रहे हैं. मुकेश भट्ट जैसे कुछ फिल्मकारों ने उन छोटे मोटे साइड इफेक्ट्स पर आवाज उठायी है, जिनसे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. लेकिन बौलीवुड की कार्यशैली को अंदर से जानने वालों की माने तो बड़े नोटों के बंद होने का जो सबसे बड़ा साइड इफेक्ट् है, उस पर बौलीवुड का कोई भी फिल्मकार, कोई भी एसोसिएशन कुछ नहीं कह पा रहा है, सभी के मुंह पर ताले पड़ गए हैं.

बौलीवुड के जानकार मानते हैं कि अब अचानक कई फिल्मों की शूटिंग के बंद हो गयी है. नयी फिल्मों के शुरू होने पर सवालिया निशान लग गया है. और इस आग में घी का काम किया है फिल्म ‘बाहुबली’ के निर्माता के आफिस में पडे़ आयकर छापे ने. बौलीवुड के अंदरूनी जानकार मानते हैं कि अब बौलीवुड का हर निर्माता अपनी बड़े बजट की घोषणा करने से पहले दस बार सोचेगा. इतना ही नही बड़े बजट की फिल्मों की शूटिंग पर भी ही इसका असर पड़ा है.

अच्छा तो यह है कि पिछले कुछ वर्षों से मीडिया को इस बात की जानकारी न के बराबर ही मिलती आयी है कि किस फिल्म की शूटिंग कहां हो रही है. इसलिए अब यह बात जग जाहिर नहीं हो पाएगी कि किन किन फिल्मों की शूटिंग रोक दी गयी है. बहरहाल, हमारी नजर इस बात पर रहेगी कि बडे़ नोट के बंद होने के साइड इफेक्ट्स से बौलीवुड किस तरह उबरता है.

दीपिका ने अपने पापा को दिया 40 करोड़ का गिफ्ट

इन दिनों दीपिका पादुकोण के पिता प्रकाश पादुकोण एक ही गीत गा रहे हैं. वह गीत है, ‘‘बेटी हो तो दीपिका जैसी.’’ जी हां! ऐसा गाते हुए वह काफी खुश हैं.

सूत्रों की मानें तो प्रकाश पादुकोण के इस तरह का गीत गाने की वजह यह है कि दीपिका पादुकोण ने अपने पापा को उपहार में देने के लिए मुंबई के प्रभा देवी इलाके के उसी टावर के तीसवें महले पर फ्लैट नंबर 3001 बुक किया है, जिसमें दीपिका पादुकोण ने कुछ वर्ष पहले स्वयं के लिए सोलह करोड़ रूपए में चार बेडरूम हाल का फ्लैट खरीदा था.

सूत्र दावा कर रहे हैं कि फ्लैट नंबर 3001 के लिए दीपिका पादुकोण ने 40 करोड़ रूपए चुकाए हैं. जबकि वह खुद अभी भी दक्षिण मुंबई के आलीशान मकान में रह रही हैं. सूत्रों की मानें तो अब जब भी दीपिका पादुकोण के माता पिता मुंबई आएंगे, तो वह इसी फ्लैट में ठहरा करेंगे.

5 घंटे में 51 लोकगीत

लोकगीत अब गांव की परिधि से बाहर निकल कर शहर और देश विदेश तक पंसद किये जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के मशहूर अवधी लोकगीतों को देश विदेश में लोकप्रिय करने की चाहत रखने वाली लोकगायिका कुसुम वर्मा ने 5 घंटे में 51 लोकगीत पेश किये.

इसे मार्वल्स रिकार्ड बुक ऑफ इंडिया में जगह दी गई. इंटर कालेज की शिक्षिका कुसुम वर्मा ने अवधी लोकगीतों को देश विदेश तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है. वह श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, नेपाल और मॉरीशस में इन गीतो की प्रस्तुति कर चुकी हैं.

घरपरिवार, बच्चों और शिक्षण कार्य के साथ इतना काम करना सरल नहीं होता. कुसुम वर्मा कहती हैं, पति और परिवार ने पूरा साथ दिया. उनके सहयोग से ही यह संभव हो सका है.

मार्वल्स रिकार्ड बुक ऑफ इंडिया में दर्ज कार्यक्रम लखनऊ के राय उमानाथ बली परिक्षागृह में पेश किया गया. कुसुम वर्मा ने अपनी गायकी से लोगों का दिल जीत लिया तो गीतों पर अभिनय करके ओम कुमारी सिंह, तेजस्विनी, रूबीराज सिन्हा, आरती सिंह ने अपने अभिनय से दर्शकों को पूरे समय तक बठने के लिये मजबूर कर दिया.

51 लोकगीतों में पूरे साल पड़ने वाले त्योहारों के गीतों को पेश किया गया. सबसे अधिक होली और विवाह गीतों ने श्रोताओं को आकर्षित किया. गीतो को सुदंर संगीत देने का काम अरविंद वर्मा, ज्योति प्रकाश, शोभराज और टिवंकल ने दिया.

कुसुम वर्मा कहती हैं, मेरा लक्ष्य अवधी लोकगीतों को एक अच्छे मुकाम तक पहुचाना है. ज्यादातर लोग लोकगीतों अश्लील और देहाती मानते हैं. हम यह दिखाना चाहते है कि अवधी लोकगीत सुनने में अच्छे लगते हैं और इनका प्रयोग अब टीवी सीरियल और फिल्मों में भी किया जाने लगा है. विदेशों में रहने वाले लोग इन गीतों को सुनकर प्रसन्न होते हैं और इनपर झूमते हैं तो यह देखकर सच में बहुत खुशी होती है.’  

                   

अपनी ही बेटी का करियर बर्बाद करना चाहती हैं अमृता

बौलीवुड में पिछले कुछ दिनों से खबरें आ रही हैं कि अमृता सिंह और सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान बौलीवुड में अपना अभिनय करियर शुरू करने वाली हैं. यहां तक कि करण जौहर ने अपनी फिल्म ‘स्टूडेंट आफ द ईअर- 2’ में अभिनय करने के लिए सारा अली खान को अनुबंधित कर लिया था. मगर अचानक अमृता सिंह ने खुद ही बयान दे डाला कि करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट आफ द ईअर- 2’ में उनकी बेटी सारा अली खान अभिनय नही कर रही हैं.

इतना ही नहीं 2 माह बाद अमृता सिंह ने घोषणा की कि उनकी बेटी सारा ने करण जौहर के बैनर की दूसरी फिल्म भी छोड़ दी है. क्योंकि वह नही चाहती कि उनकी बेटी के करियर को संभालने का काम करण जौहर की पसंद की कंपनी को दिया जाए. बहरहाल, पिछले 4 दिन से हर जगह खबर छप रही थी कि जोया अख्तर के निर्देशन में बन रही फिल्म ‘गली ब्वॉय’ में रणवीर सिंह के साथ अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान हीरोईन बनकर आएंगी. लेकिन अब एक बार फिर अमृता सिंह ने ही आगे बढ़कर ऐलान कर दिया है कि झूठी खबरें फैलायी जा रही हैं. अमृता सिंह ने ऐलान किया है कि उनकी बेटी सारा ने जोया अख्तर की फिल्म करने के लिए हामी नहीं भरी है.

अमृता सिंह के इस बयान के आते ही अब जोया अख्तर कह रही हैं कि किसी को गलतफहमी हो गयी है. जोया अख्तर ने बताया कि उनकी फिल्म ‘गली ब्वॉय’ में रणवीर सिंह के साथ आलिया भट्ट हीरोईन हैं. मजेदार बात यह है कि फिल्म न करने की घोषणाएं सारा अली खान की मां अमृता सिंह ही कर रही हैं. पर सारा अली खान ने अब तक कुछ नहीं कहा है. तो क्या सारा अली खान अपनी मां के इतना दबाव में हैं कि वह मीडिया में आकर सच बयां नहीं कर पा रही हैं? बौलीवुड के कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या अमृता सिंह अपनी बेटी का करियर बर्बाद करना चाहती हैं?

नोट बंदी पर दबाव में केन्द्र सरकार

500 और 1000 के नोट बंद कर कालेधन के खिलाफ लड़ाई का एलान करने वाली भाजपा की केन्द्र सरकार आम जनता की परेशानियों को देखते हुये दबाव में आ गई है. पहले 3 दिन तक 500 और 1000 के नोट स्वीकार करने की बात करने वाली केन्द्र सरकार ने अब यह समय सीमा बढाकर 14 नवम्बर तक कर दी है.

8 नवंबर की रात को 500 और 1000 के नोट बंद होने की घोषणा के बाद पूरे देश में अफरातफरी मच गई. केन्द्र सरकार को यकीन था कि 2-3 दिन में सब व्यवस्था पटरी पर आ जायेगी.

बैंक की एटीएम व्यवस्था फेल होने के बाद बैंको पर उमड़ी भीड को संभाल पाना मुश्किल हो गया. जिससे जनता का गुस्सा सरकार पर भड़कने लगा. माहौल को अपने खिलाफ देखते हुये केन्द्र सरकार ने 500 और 1000 के पुराने नोटों का सरकारी संस्थानों पर संचालन के लिये 2 दिन का और समय दे दिया.

असल में केन्द्र सरकार का यह लगा था कि यह नोट बंद होने से बड़े पैमाने पर कालाधन सामने आ जायेगा. कालाधन तो पीछे रह गया बचत के रूप में बड़े नोट रखने वाले लोग परेशान होकर सड़को पर उतर आये. बचत के रूप में लोगों ने अपने पास बड़े नोट रखे थे. अब यह लोग नोट के बंद होने से परेशान होकर बैंको की लाइन में खड़े हो गये.

ऐसे लोगो की जितनी संख्या दिख रही है उससे कही अधिक लोग घरो में परेशान हैं. सबसे अधिक परेशान वह गरीब तबका है जिसके पास बैंक खाता नहीं है. पढ़ा लिखा नहीं है. ऐसे लोग शोषण का शिकार हो रहे हैं. यह लोग अपने बड़े नोट बट्टे पर चलाने को मजबूर हैं. ऐसे लोगों में मजदूर, करीगर, गांव में रहने वाले लोग सभी शामिल है. एक बड़ा तबका ऐसी महिलाओं का है जो अपनी जरूरत के लिये पैसे घर वालों से छिपा कर रखती थी. सरकार ने ऐसे लोगों की जरूरतों का पहले कोई ख्याल नहीं रखा.

देश में अभी भी बैंको की पहुंच बहुत सारे लोगों तक नहीं है. गांवों में रहने वाले और गरीब लोगों तक बैंक की पहुंच नहीं है. कस्बे में रहने वाली एक महिला के परिवार में डेयरी उद्योग चलता था. उस घर की बूढी महिला ने कई सालों में 10 लाख रूपये जुटा लिये. उसने नोट अपने पास घर वालों से छिपा कर रखे थे. अब मोदी सरकार के फैसले के बाद औरत परेशान है. उसके छिपे नोट घर में लोगों की नजर में आ गये.

इसी तरह से एक मजदूर महिला के पास 60 हजार रूपये के बड़े नोट रखे थे. अब केन्द्र सरकार ने नोट बंद कर दिये तो वह परेशान है. अब उसे दूसरो के जरीये नोट बदलवाने पड़ेंगे. जिसमें उसको नुकसान होगा. ऐसे लोगों की तादाद बड़ी है.

सरकार कालाधन के नाम पर केवल टैक्स भुगतान करने वालों के लिये सुविधायें देने की बात कर रही है. देश में कर भुगतान करने वालों के अलावा देश में बहुत सारे गरीब लोग भी है. सरकार इनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है.

देश के इन लोगों की आवाज राजनीतिक दलो ने उठानी शुरू की. इनमें राहुल गांधी, ममता बनर्जी, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और मायावती जैसे लोग शामिल हैं. विरोधी दलों और जनता की परेशानियो को देखते हुये भाजपा को लग रहा है कि कालेधन के खिलाफ जनता की लड़ाई कहीं भाजपा पर ही भारी न पड़ जाये. ऐसे में अब केन्द्र सरकार नई राहत देने की योजना में नये कदम उठा रही है.

अब चिल्लाकर करें अपने फोन चार्ज

स्‍मार्टफोन कितनी भी हाई बैट्री कैपेसिटी का हो, लेकिन उसकी बैट्री खत्‍म हो ही जाती है. कई बार तो बैट्री में इतनी भी दम नहीं रह जाती है कि जरूरत पड़ने पर आप एक कॉल भी कर सकें.

अगर किसी दिन आप ऐसी मुश्किल में पड़ जाएं और आपके पास चार्जर भी न हो, तो आप कुछ स्‍पेशल तरीकों से अपने फोन को काम भर का चार्ज कर सकते हैं.

ये तरीके आपको सुनने में अटपटे और सनक भरे लग सकते हैं लेकिन ये कारगर होते हैं. आपका काम बन जाएगा, आप जरूरत भर की बात भी कर पाएंगे. चलिए जानते हैं कि आप बिना चार्जर के किस प्रकार अपना फोन चार्ज कर सकते हैं:

फोन चार्ज करने के लिए चिल्‍लाएं

अजीब सी बात है, लेकिन ये काफी हद तक सच भी है. चिल्‍लाने से दो लचीली इलेक्‍ट्रोड्स के बीच में जिंक ऑक्‍साइड केबल्‍स के द्वारा कम्‍पन होता है जिससे ऊर्जा बनती है और इससे फोन की बैट्री बूस्‍ट हो जाती है. तो जनाब, फोन चार्ज करना हो, तो जोर-जोर से चिल्‍लाना शुरू कर दें.

क्रैंक केस से करें अपना फोन चार्ज

क्रैंक केस से आप अपने फोन की बैट्री को चार्ज कर सकते हैं. यह डिवाइस, एलईडी चार्ज इंडीकेटर्स युक्‍त होती है जो बैट्री लाइफ को इंगित करती है. इससे आप इतनी बैट्री तो चार्ज कर ही सकते हैं कि किसी को कॉल करके दो-चार मिनट बात कर लें या से मैसेज कर लें.

पवन ऊर्जा से करें फोन को चार्ज

हर कोई जानता है कि पवन ऊर्जा बहुत शक्तिशाली होती है. आप इसके माध्‍यम से फोन की बैट्री को भी चार्ज कर सकते हैं. इसके लिए आपको अपने फोन को आईफैन के सामने रखना होगा या बाइक अथवा साइकिल राइट पर कम से कम छ: घंटे के लिए रखना होगा, इससे आपका फोन पूरी तरह से चार्ज हो जाएगा.

बॉडी की गर्मी से करें फोन को रिचार्ज

आपके शरीर में इतनी हीट होती है कि आप फोन को आसानी से चार्ज कर सकते हैं. पॉकेट पॉवर का उपयोग करते हुए आप फोन को आसानी से चार्ज कर सकते हैं. इसके लिए आपको फोन को डेनिम के अंदर 8 घंटे के लिए रखना होगा. इससे आपका फोन फुल चार्ज हो जाएगा या इतना चार्ज हो जाएगा कि आप 24 मिनट लगातार बात कर लें.

फलों और सब्जियों से करें चार्ज

आपके फोन को फलों और सब्जियों से भी चार्ज किया जा सकता है. इनके बीच में फोन को रखने से इनमें सर्किट में 20 एमएएच का इलेक्ट्रिक करंट उत्‍पन्‍न होगा और इससे फोन काम भर का चार्ज हो जाएगा.

यूएसबी से करें एचआईवी टेस्ट

वैज्ञानिकों ने एक ऐसी यूएसबी स्टिक विकसित की है जिसमें खून डालकर एचआईवी का पता लगाया जा सकता है. यह मेडिकल डिवाइस लंदन के इम्पीरियल कॉलेज और डीएननए इलेक्ट्रॉनिक्स के वैज्ञानिकों ने मिलकर तैयार की है. इस USB में सिर्फ खून की बूंद डालनी होगी जिसके बाद इसे किसी कंप्यूटर या लैपटॉप में लगाकर HIV-1 लेवल का पता लगाया जा सकेगा. यह डिवाइस HIV के मरीजों को खुद के उपचार में काफी लाभदायत साबित हो सकती है.

सायंटिफिक रिपोर्ट नाम के जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार USB से की गई जांच बेहद सटीक आती है और जांच करने में केवल आधे घंटे लगते हैं. अभी HIV टेस्ट करने के लिए जो तकनीक है उसमें लैब से रिपोर्ट आने में करीब तीन दिन लग जाते हैं. नवीनतम अनुसंधान में USB स्टिक से 991 ब्लड सैंपलों को टेस्ट किया गया जिसमें 95 फीसदी नतीजे सटीक निकले. टेस्ट करने का औसत समय 21 मिनट रहा.

इस USB स्टिक में खून की कुछ बूंदें डाली जाती हैं. स्टिक में लगी मोबाइल चिप लैपटॉप या कंप्यूटर से जुड़कर इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल पैदा करती है और फिर स्टिक HIV वायरस का पता लगाती हैं. इस USB स्टिक से मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में क्रांति आ सकती है. कई दूरदराज व दुर्गम इलाकों में जहां मेडिकल लैब की सुविधा नहीं होती वहां के मरीजों को इससे काफी आसानी हो जाएगी. अभी यह टेक्नॉलजी प्रारंभिक अवस्था में है लेकिन इससे शुगर का स्तर भी जाना जा सकेगा.

ऐसे सुरक्षित करें अपना भविष्य

हम फ्यूचर की चिंता तो करते हैं, लेकिन वे अपने भविष्‍य को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए समय से फाइनेंशियल प्लानिंग नहीं करते हैं. खर्च से पहले बचत की आदत नहीं डालते हैं. इसके परिणामस्‍वरूप 30-35 साल नौकरी या बिजनेस करने के बावजूद अधिकांश लोगों के पास रिटायरमेंट के समय उतने पैसे नहीं होते हैं. इसका कारण है कि हम आमतौर पर अपने करियर के शुरुआती सालों में सेविंग व इन्वेस्टमेंट पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं. फाइनेंशियल प्लानिंग के नजरिए से देखें तो इससे हम आसान सेविंग के सुनहरे साल खो देते हैं.

इनकम का 10 फीसदी जरूर बचाएं

रिटायरमेंट प्लानिंग का पहला रूल है कि आप अपनी मासिक इनकम का 10 फीसदी जरूरी बचाएं. अगर आप नौकरी करते हैं तो आपके प्रोविडेंट फंड में इतनी रकम जाती है. आज आपको यह रकम थोड़ी लग सकती है लेकिन लांग टर्म में कंपाउंडिंग की पावर इसे बड़ी रकम में तब्दील कर देगी. अगर आप नौकरी नहीं करते हैं और बिजनेस करते हैं तो आप अपनी इनकम का 10 फीसदी लांग टर्म के लिए म्यूचुअल फंड में लगा सकते हैं.

आय बढ़ने के साथ निवेश बढ़ाएं

लोग इनकम बढ़ने के साथ इन्वेस्टमेंट में इजाफा करना जरूरी नहीं समझते. लेकिन ऐसा करना जरूरी है. आप अपनी इनकम में हुई हाइक के अनुसार हर साल अगर अपना इन्वेस्टमेंट बढ़ाते हैं तो आप बढ़ती हुई महंगाई से अपने कॉपर्स को सुरक्षित रखेंगे और रिटायरमेंट के लिए एक बड़ी रकम भी बच सकेंगे.

पीएफ फंड से बीच में न निकालें पैसा

आप जब भी नौकरी बदलते हैं तो आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग दांव पर होती है. इस समय आपके पास पीएफ निकालने या पीएफ ट्रांसफर कराने का विकल्प होता है. ऐसे में कई बार लोग तात्कालिक जरूरतों के लिए पीएफ निकाल लेते हैं. ऐसा करना अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग को दांव पर लगाना हता है. अगर कोई आपात स्थिति न हो तो पीएफ निकालने से बचना चाहिए.

बच्चों की शिक्षा के लिए लें कर्ज

भारत में माता-पिता अपने बच्चों की एजुकेशन और मैरिज के लिए खास तौर पर सेविंग करते हैं. इससे उनकी रिटायरमेंट सेविंग प्रभावित होती है. आजकल बैंक आसानी से एजुकेशन लोन देते हैं. ऐस में आप बच्चों की एजुकेशन के लिए कर्ज ले सकते हैं. इससे आपकी रिटायरमेंट सेविंग में कोई बाधा नहीं आएगी.

बुरे समय के लिए इमरजेंसी फंड बनाएं

अगर आप चाहते हैं कि आपकी रिटायरमेंट की प्लानिंग पर कोई आंच न आए तो आप एक इमरजेंसी फंड जरूर बनाएं. इमरजेंसी फंड आपकी मासिक आय का पांच गुना तक होना चाहिए. अगर शॉर्ट नोटिस पर आपकी नौकरी चली जाती है तो कुछ माह के लिए आप आसानी से अपने खर्चे को मैनेज कर सकते हैं और आपकी रिटायमेंट प्लानिंग पर भी इसका खास असर नहीं होगा. 

फोन में डाटा सेव करना पड़ सकता है महंगा

स्मार्टफोन अपने डाटा को सुरक्षित रखने का एक आसान जरिया है. आप भी अपने फोन में अपनी पर्सनल डिटेल्स या फोटो/वीडियो रखते ही होंगे. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है?

दरअसल, जो भी डाटा आप अपने फोन मे सेव करते हैं, उसके सार्वजनिक होने की संभावना बनी रहती है. कई लोग सोचते है कि फोन में डाटा सुरक्षित रहता है लेकिन ऐसा नहीं है. इस डाटा को कभी भी रिस्टोर किया जा सकता है. याद रखिए कि जब भी आप अपने फोन को बदलते हैं या उसे बेचते हैं, तो मेमोरी कार्ड में सेव डाटा तो सुरक्षित रहता है, लेकिन फोन के डाटा को कोई भी आसानी से निकाल सकता है.

आपको बता दें कि रिकवरी सॉफ्टवेयर के जरिए फोन का डाटा रिकवर किया जा सकता है. ऐसे में अगर आपका फोन किसी गलत हाथ में लग जाए तो आपके पर्सनल डाटा को चोरी कर उसका गलत इस्तेमाल कर सकता है. जो आपके लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है.

कई बार ऐसी स्थिति देखी गई है जहां यूजर को पता ही नहीं होता और उसकी फोटो या कोई और जानकारी कैसे वायरल हो जाती है. जिसके बाद यूजर को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ता है.

ऐसे में ये जरुरी है कि आप अपनी व्यक्तिगत/गोपनीय जानकारी कभी भी फोन की मेमोरी में सेव न करें. उसे हमेशा एक्सर्टनल मेमोरी कार्ड पर सेव करें, जिससे अगर जब आप फोन सुधरने के लिए देते हैं तो कोई आपकी पर्सनल फोटोज और जानकारी का दुरुपयोग न कर पाए.

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