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अब वोडाफोन एम पैसा से मिलेगा कैश

देश में कम नगदी की अर्थव्यवस्था बनाने के सरकार के प्रयासों को समर्थन देते हुए वोडाफोन इण्डिया ने अपने एम पैसा उपभोक्ताओं के लिए अपने डिजिटल वालेट का इस्तेमाल कर 120,000 से अधिक वोडोफोन एम पैसा आउटलेटस से नकद राशि निकालने की नयी सुविधा देने की घोषणा की है.

वोडाफोन एम पैसा के बिजनेस हैड सुरेश सेठी ने कहा वोडाफोन एम पैसा के उपभोक्ताओं को अब नकदी के इंतजार में अपनी बैंक शाखा या एटीएम के बाहर लंबी कतारों खडे़ नहीं रहना पडे़गा . हमने देश भर में 120,000 से अधिक एम पैसा आउटलेटस है जो बैंकों के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क में स्थापित शाखाओं की संख्या के बराबर है. इनमें से 56 फीसदी से अधिक आउटलेट ग्रामीण भारत में स्थित है.

सेठी ने कहा कि इन वालेट को क्रेडिट, डेबिट कार्ड या नेट वैंकिंग के जरिए आसानी से लोड किया जा सकता है. इसके अलावा वोडाफोन एम पैसा वालेट का इस्तेमाल आनलाईन शापिंग, बिलों के भुगतान तथा परिवारजनों या दोस्तों को पैसा भेजने के लिए भी किया जा सकता है.

बीसीसीआई के खिलाफ कारवाई करेगा पीसीबी!

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष शहरयार खान ने कहा है कि सितंबर-अक्टूबर में दुबई में महिला सीरीज नहीं होने को लेकर उठे विवाद पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आइसीसी) के पाकिस्तान के पक्ष में फैसला देने के बाद वह कानूनी कार्रवाई कर बीसीसीआई से मुआवजे की मांग कर सकते हैं.

शहरयार खान ने कहा, ‘‘आईसीसी ने बीसीसीआई से कहा कि वह अपने विदेश मंत्रालय से मिले पत्रों या कोई अन्य दस्तावेज साक्ष्य के रूप में पेश करे जिससे यह पुष्टि हो सके कि उसने अपनी सरकार की सलाह पर पाकिस्तान के खिलाफ आईसीसी महिला चैंपियन्स लीग में खेलने के लिए अपनी टीम यूएई नहीं भेजी.’’

उन्होंने कहा, ‘‘आईसीसी तकनीकी समिति ने यह माना कि भारत ने यह सीरीज गंवा दी और उसने हमारी महिला टीम को अंक दे दिये क्योंकि बीसीसीआई ऐसा कोई दस्तावेज नहीं दिखा पया जिससे यह पुष्टि होती कि उनकी सरकार ने उन्हें सीरीज खेलने से रोका था.’’

शहरयार का कहना है कि दोनों बोर्डों के बीच 2015 से 2022 तक छह सीरीज खेलने के लिए 2014 में समझौता हुआ था. हम अपनी घरेलू सीरीज पिछले साल जनवरी में श्रीलंका में आयोजित करने को तैयार थे, लेकिन भारत ने कहा कि उसे अपने विदेश मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिली है.

पीसीबी प्रमुख ने कहा कि बोर्ड की कानूनी टीम को दस्तावेज तैयार करने को कहा गया है, जिन्हें पाकिस्तान दुबई में जनवरी में होने वाली आइसीसी बैठक में सौंपेगा. हम उन सभी सीरीज के लिए उचित मुआवजे की मांग करेंगे जो भारत ने हमारे साथ नहीं खेली और जिनके कारण हमें भारी नुकसान हुआ.

भारत ने 2007 के बाद पाकिस्तान के साथ पूर्णकालिक द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है. शहरयार ने कहा कि यदि बीसीसीआई अगले साल जून में इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी ग्रुप चरण में भी उसके साथ खेलने से इन्कार करता है तो आइसीसी के पास अब उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कानूनी पक्ष है. 

अघोषित आय धारकों के लिए सरकार का ‘तोहफा’

नोटबंदी के बाद बैंकों में बड़े पैमाने पर अघोषित धन जमा कराने वाले लोगों के लिए मोदी सरकार एक बार फिर से डिसक्लोजर स्कीम लॉन्च कर सकती है. इस योजना के तहत अघोषित आय रखने वाले लोगों के धन पर 50% का टैक्स लगेगा और उन्हें अपनी राशि को 4 साल के लिए भूलना होगा. इस स्कीम को न मानने वाले लोगों पर 60% से अधिक तक की पेनल्टी लगाई जा सकती है. इसके अलावा अगले सप्ताह केंद्र सरकार इनकम टैक्स ऐक्ट में संशोधन भी कर सकती है.

केंद्र सरकार की ओर से यह योजना कैबिनेट की ओर से टैक्स कानूनों को मंजूर किए जाने के एक दिन बाद सामने आई है. बता दें कि देश भर में 8 नवंबर की रात से 1000 और 500 रुपये के नोट महज 'कागज का टुकड़े' रह गए हैं.

मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, अघोषित आय के बारे में सरकार को सूचित नहीं किए जाने वाले मामलों में संबंधित संपत्ति के प्रयोग पर रोक की अवधि ज्यादा होगी. इस पर भी सरकार की सिफारिश पर अदालत निर्णय करेगी. सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने इस संशोधन को तत्काल कानूनी जामा पहनाने के लिए वित्त विधेयक संसद में पेश करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से अभी तक मंजूरी नहीं मिली है.

सरकार के सूत्रों के मुताबिक उम्मीद है कि अगले सप्ताह से इस संशोधन को पहले राष्ट्रपति की ओर से मंजूरी मिल जाएगी और संशोधन विधेयक को लोकसभा में पेश कर दिया जाएगा. इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन तय करेगीं कि संबंधित संशोधन को वित्त विधेयक के तौर पर स्वीकार किया जाएगा या नहीं.

एआईबीए के लीजेंड अवॉर्ड से सम्मानित होंगी मैरी कॉम

एमेच्योर अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) ने लंदन ओलंपिक 2012 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली एम.सी मैरी कॉम को अपनी 70वीं वर्षगांठ पर लीजेंड अवॉर्ड से सम्मानित किया है. पांच बार विश्व चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम करने वाली मैरी कॉम को यह पुरस्कार स्विट्जरलैंड के लुसाने में 20 दिसंबर को एक सम्मान समारोह में दिया जाएगा.

एआईबीए ने एक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है. एआईबीए की इस घोषणा पर मैरी कॉम ने कहा, “मैं एआईबीए अध्यक्ष और अधिकारियों का इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिये आभार व्यक्त करना चाहती हूं. एआईबीए के इस सम्मान से हमारे देश के युवा मुक्केबाज कड़ी मेहनत करने के लिये प्रेरित होंगे. यह मेरे लिये बहुत भावनात्मक और साथ ही प्रेरणादायी दिन है.”

मैरी कॉम ने कहा, “यह मेरे लिए भावनात्मक और प्ररेणादायी दिन है. कई सालों के बाद भी अगर लोग आपको और आपकी उपलब्धि को याद करते हैं तो यह उनकी मेरे प्रति उदारता और प्यार को दर्शाता है. आप सभी का इसके लिए शुक्रिया. मैं इस पल को हमेशा याद रखूंगी.”

..तो आपके ऑनलाइन फोटोज और वीडियो रहेंगे सेफ

आज के डिजिटल युग में प्राइवेसी को बनाए रखना बेहद कठिन काम बन चुका है. अगर बात हो आपकी ऐसी तस्वीरों और वीडियो की जिसे आपने किसी ऑनलाइन मीडियम में रखा हो, तो उसके कॉपी होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है.

इनविजिबल वाटरमार्क तकनीक

अब एक ऐसी तकनीक आ गई है, जिससे आपके फोटो और वीडियो को गैरकानूनी तरीके से कोई भी कॉपी नहीं कर सकेगा. इस तकनीक को बनाने वाले वैज्ञानिकों ने एक इनविजिबल वाटरमार्क विकसित किया है जिसे आप फोटो और वीडियो पर लगा सकते हैं.

ऑप्टिकल वाटरमार्किंग

चीन की चाइनीज अकादमी ऑफ साइंसेस के वैज्ञानिक यिशि शी ने बताया कि इस इनविजिबल तकनीक में लाइट और डिफ्रैक्शन का कॉम्लिक यक्स पैटर्न उपयोग किया गया है, जो वाटरमार्क के रूप में एम्बेड किया जाता है. इससे आपका कंटेंट कॉपी होने पर पता चल जाएगा. इसे ऑप्टिकल वाटरमार्किंग भी कहा जा सकता है.

मिस्त्री से छिनी टाटा स्टील के चेयरमैन की कुर्सी

टाटा संस के पूर्व हेड सायरस मिस्त्री को टाटा स्टील के चेयरमैन के पद से हटा दिया गया है. टाटा संस के चेयरमैन के पद से हटाए जाने के बाद भी वह टाटा स्टील के चेयरमैन बने हुए थे. मुंबई में हुई कंपनी की बोर्ड मीटिंग में मिस्त्री को हटाने के अलावा ओपी भट्ट को स्वतंत्र निदेशक बनाने का फैसला लिया गया. ओपी भट्ट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन रह चुके हैं.

इससे पहले स्टील क्षेत्र की इस प्रमुख कंपनी ने 11 नवंबर को कहा था कि उसके निदेशक मंडल ने टाटा संस में नेतृत्व में बदलाव पर संज्ञान लिया है और उसे प्रवर्तक तथा प्रमुख शेयरधारक से साइरस मिस्त्री तथा नुस्ली वाडिया को कंपनी के निदेशक पद से हटाने के लिए असाधारण आमसभा (एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग) बुलाने को कहा है.

कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सायरस मिस्त्री और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नुस्ली वाडिया को हटाने के लिए ईजीएम(एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग) बुलाई गई है. इस एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग का आयोजन 21 दिसंबर को होगा. पिछले महीने रतन टाटा ने अचानक सायरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन पद से बर्खास्त कर दिया था.

इसके बाद से ही रतन टाटा और सायरस मिस्त्री के खेमों के बीच जुबानी जंग चल रही थी. टाटा समूह के चेयरमैन के पद से हटाए जाने के बाद भी सायरस मिस्त्री टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों के चेयरमैन बने हुए थे.

शेयर बाजारों को अलग से भेजी सूचना में कंपनी ने कहा है कि उसके निदेशक मंडल ने 21 दिसंबर को असाधारण आम बैठक बुलाई है, जिसमें मिस्त्री और नुस्ली वाडिया को निदेशक से हटाने पर विचार किया जाएगा. टाटा संस की टाटा स्टील में 29.75 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

कोशी बनीं अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ की अध्यक्ष

नरेंद्र ध्रुव बत्रा के अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (आईएफएच) का अध्यक्ष बन जाने के बाद हॉकी इंडिया ने उनकी जगह मरियम्मा कोशी को अपना नया अध्यक्ष चुन लिया है.

हॉकी इंडिया ने अपने कार्यकारी बोर्ड की 41वीं बैठक में कोशी को नया अध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा की. कोशी आज से ही हॉकी इंडिया अध्यक्ष बन गई हैं. हॉकी इंडिया के महासचिव मोहम्मद मुश्ताक अहमद हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के संचालन बोर्ड के अध्यक्ष बन गए हैं.

डा. नरेन्द्र ध्रुव बत्रा के हाल में एफआईएच का नया अध्यक्ष बनने के बाद हॉकी इंडिया को ये परिवर्तन करने पड़े हैं. बत्रा ने एफआईएच अध्यक्ष बनने के बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि वह अपने चार पदों से इस्तीफा देंगे जिनमें हॉकी इंडिया और एचआईएल का अध्यक्ष पद शामिल है. इन फैसलों को हॉकी इंडिया कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी. कांग्रेस का आयोजन जल्द ही किया जाएगा.

शिओमी ने पेश किया वाईफाई स्पीकर

चीन की दिग्गज स्मार्टफोन निर्माता कंपनी ने अब एक नया प्रोडक्ट पेश किया है यह है Mi WiFi स्पीकर. स्मार्टफोन के मामले में बजट रेंज में कंपनी ने कब्जा कर रखा है. वही अब कंपनी ने नया स्पीकर लांच किया है जिसकी कीमत 399 युआन (लगभग 4,000 रुपए) बताई गई है. आपको बता दें कि यह आम स्पीकर नहीं है, बल्कि इसमें इंटरनेट की मदद से गाने चलाए जा सकते हैं. जल्द ही भारत में लांच किया जायेगा.

इस स्पीकर के डिटेल्स को देखे तो इसमें 4 स्पीकर्स दिए गए हैं और एक्स्ट्रा बॉस देने के लिए इसमें दो 2.5 इंच साइज के सब बूफर लगाए गए हैं जो गानों को प्ले करते समय बेहतरीन म्यूजिक देने में मदद करते हैं. यह इन्टरनेट की मदद से गाना तो प्ले करता ही है साथ ही इसमें 8GB की इनबिल्ट स्टोरेज दी गई है यानी इंटरनेट के बिना भी आप इसमें स्टोर किए गए गानों को सुन सकते हैं. वाईफाई 802.11ac के साथ कनेक्टिविटी के लिए इसमें ब्लूटूथ भी मौजूद है.

बिना इंटरनेट कर सकेंगे कोई भी वेबसाइट ब्राउज

इंटरनेट ब्राउजिंग करते समय हम सभी को फास्ट इंटरनेट स्पीड चाहिए होती है. स्लो इंटरनेट कनेक्शन के चलते न तो ब्राउज हो पाता है और न ही कुछ डाउनलोड हो पाता है. ऐसे में अगर हम आपसे कहें कि आप बिना इंटरनेट के भी ब्राउजिंग कर सकते हैं तो क्या आप मानेंगे? नहीं न, लेकिन ये पूरी तरह से संभव है. आप बिना इंटरनेट के भी ब्राउज कर सकते हैं. ये एक एंड्रायड एप द्वारा संभव है. इस एप के जरिए आप वेब पेज को डाउनलोड कर सकते हैं और उसे पूरे दिन पढ़े सकते हैं, चाहें आपके पास इंटरनेट कनेक्शन हो या न हो. इसके साथ ही आप इंटरनेट ब्राउजिंग भी कर सकते हैं. तो चलिए आपको इसका तरीका बता देते हैं.

कैसे करें बिना इंटरनेट के ब्राउजिंग?

1. इसके लिए आपको सबसे पहले अपने एंड्रायड स्मार्टफोन पर Offline browser एप डाउनलोड कर इंस्टॉल करन है.

2. एप इंस्टॉल होने के बाद इसे ओपन करें. आपके सामने एक स्क्रीन दिखाई देगी. इसमें आपको + आईकन पर क्लिक करना है.

3. अगले पेज पर आपको वो लिंक डालना है जिसे आप डाउनलोड करना चाहते हैं. इसके बाद डाउनलोड पर क्लिक कर दें.

4. इसके बाद आपको कुछ देर इंतजार करना होगा जब तक ब्राउजर उस लिंक को डाउनलोड न करें.

5. डाउनलोड होने के बाद आप इन लिंक्स को बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी ओपन कर सकते हैं.

6. बस इसके बाद आपने जो भी वेब पेज सेव किए हैं उन्हें ब्राउज कर पाएंगे और डाउनलोड किए गए लिंक भी ओपन कर पाएंगे.

बुआ बनाम बबुआ: आपसी रिश्तों से दांव पर राजनीति

जब आपसी रिश्ते राजनीति पर भारी पड़ते हैं तो राजनीति और समाज दोनों प्रभावित होते है. उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी इसका सबसे बड़ा उदाहरण है.

दलित और पिछड़ों की अगुवाई करने वाले जिन दलों को आपस में मिलकर अगड़ो से लड़ना चाहिये था वह अब आपस में लड़ रहे हैं. जिसके चलते भाजपा के खिलाफ उत्तर प्रदेश में बिहार जैसे महागठबंधन की कल्पना भी नहीं की जा सकती.

एक समय था जब सपा-बसपा ने मिलकर सरकार बनाई थी और नारा दिया था मिले मुलायम कांशीराम हवा मे उड़ गये जय श्रीराम’. सपा बसपा के अलग होने के बाद इनके आपसी गंठबंधन की कल्पना तक संभव नहीं दिखती.

यह बात सच है कि अगर उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा का गठबंधन हो जाये तो भाजपा ही नहीं किसी भी दल की हार तय है. बड़े से बड़े राजनीतिक पंडित भी इन दलों के अपसी समीकरण की कल्पना नहीं कर सकते. जिस भाजपा को मनुवादी कह कर बसपा आलोचना करती थी उसके साथ तीन बार मिलकर सरकार बना ली. पर सपा के साथ समझौता टूटा तो फिर लोग आपसी तालमेल का बस सपना ही देखते रह गये. दोनों दलों के बीच बनी दूरी का कोई राजनीतिक या सामाजिक आधार नहीं है. केवल दोनों दलों के मुखिया के आपसी संबंध बिगड़ने से ही यह दूरी बढ़ गई है.

यह दूरी और दुश्मनी भरे संबंध एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में जा रहे हैं. मायावती को यह पंसद नहीं है कि सपा नेता अखिलेश यादव उनको बुआकहे. मायावती का मानना है कि अखिलेश के पिता मुलायम सिंह यादव ने ही गेस्ट हाउस कांड में उनपर जानलेवा हमला कराया था. ऐसे में वह उनको बुआन कहें. इसके बाद अखिलेश यादव ने उनको बुआ कहने से परहेज किया. अखिलेश उनको पत्थरों वाली सरकार कह कर संबोधित करने लगे. बाद में अखिलेश ने उनको बीबीसी यानि बुआ ब्राडकास्टिंग कॉरपोरेशन कहना शुरू किया. खुद मायावती ने अखिलेश को सपा मुखिया का बबुआकहा.

बबुआएक तरह का खिलौना होता है जिससे गांव में बच्चे खेलते है. असल में मायावती ने बुआशब्द से चिढ़ कर अखिलेश के लिये बबुआशब्द का प्रयोग शुरू किया है. यह केवल अखिलेश और मायावती के बीच की बात नहीं है. राहुल गांधी को पप्पूतो केजरीवाल को कई नाम से पुकारा जाता है.

एक तरह से यह राजनीति के गिरते स्तर को दिखाता है. जहां पर विचारों क मतभेद की जगह आपसी मतभेद को तबज्जो दी जाती है. इस वजह से समाज और राजनीति दोनों का नुकसान हो रहा है. अब नेताओं के गठबंधन जनता के नहीं अपने हित से लिये होते है.

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