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जब भूखे सोनू निगम को नाश्ता करने के लिए मुस्लिम युवक ने दिए थे 12 रुपये

बॉलीवुड सिंगर सोनू निगम ने बुधवार को तड़के सुबह एक विवादास्पद ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लाउडस्पीकर के जरिए सुबह अजान को लेकर सवाल उठाए. इसे लेकर सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई है.

कल सुबह सोनू निगम ने लिखा, ‘भगवान सभी को सलामत रखें. मैं मुस्लिम नहीं हूं लेकिन मुझे सुबह में अज़ान की आवाज सुनकर उठना पड़ता हैं. आखिर ये कब खत्म होगा?’ इसके बाद कई सारे ट्वीट्स के जरिए उन्होंने कहा कि ये ‘गुंडागर्दी है बस!’ इस मामले पर बड़े स्टार्स का रिएक्शन तो नहीं दिखा लेकिन एक्टर एजाज़ खान सहित कुछ राजनेताओं ने इस पर आपत्ति जताई.

बॉलीवुड एक्टर एजाज़ खान ने कहा, ‘सोनू निगम मेरा दोस्त है. जो आदमी मेरे धर्म के खिलाफ बोलेगा उसको मैं रिस्पेक्ट नहीं कर सकता. वो बड़ा सिंगर है लेकिन आज वो मेरी नज़र में जीरो है. सोनू जब हम छोटे थे तो पैरेंट्स ने सिखाया था ‘सुबह जल्दी उठना सेहत के लिए अच्छा होता है’, जो सुबह जल्दी उठते हैं उन्हें अल्लाह बहुत काम देता है. अरिजित सिंह सुबह 5 बजे उठता है और रियाज कर रहा है इसलिए सारे एक्टर्स के लिए वो गाने गा रहा है. मैंने आपसे ये उम्मीद नहीं की थी.’

समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी ने सोनू निगम के बयान की निंदा की और कहा कि 'सभी लोग अपने अपने धर्म के अनुसार कार्य करते है. उन पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. हिन्दू धर्म में भी रात-रात भर कीर्तन होते रहते हैं. सोनू निगम मीडिया की चर्चा में बनने के लिये और आरएसएस-बीजेपी के करीब जाने के लिये ये सब कर रहे हैं. वे भी रातभर डिस्को करते रहते हैं.'

सपा नेता आज़म खान ने कहा, 'ऐसे इलाके में सोनू निगम ना रहें जहां कानों में उनके लिए नागवार आवाज आती हो, ऐसे इलाको से दूर रहें. जाहिर है नाचने गाने वालों को तो ऐसी जगह रहना चाहिए जहां वो अच्छे से रियाज कर सके, सुकून की जिंदगी गुजार सकें. एनसीपी विधायक जितेंद्र आहवाड ने भी गायक सोनू निगम की निंदा की और कहा कि 'मुझे सोनू निगम पसंद नहीं है लेकिन उनके गाने हमे सुनाई देते रहते हैं. सोनू ये सब लोकप्रियता हासिल करने के लिये कर रहे हैं..'

अब इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार और वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने लाउडस्पीकर को जरुरी नहीं बताते हुए बड़ा बयान दिया है. अहमद पटेल ने ट्वीट कहा है, ‘’नमाज के लिए अजान महत्वपूर्ण है. आज के आधुनिक जमाने में लाउडस्पीकर जरूरी नहीं है.’’

गौरतलब है कि मस्जिद में लोगों को बुलाने के लिए अजान दी जाती है. अजान का मतलब होता है पुकारना या घोषणा करना. अजान दिन में पांच बार नमाज से पहले होती है. लेकिन लाउडस्पीकर की आवाज को लेकर पहले भी कोर्ट तक मामला जा चुका है. साल 2014 में नवी मुंबई में एक शख्स मस्जिदों में अजान के लिए लगे लाउडस्पीकर को लेकर कोर्ट चला गया. आरटीआई से पता लगा कि 49 में से 45 मस्जिदों में अवैध तरीके से लाउडस्पीकर का इस्तेमाल हो रहा था. हाईकोर्ट ने तब इन लाउडस्पीकर को हटाने का आदेश दिया था.

खैर अब बात कुछ और…

कुछ महीने पहले सोनू निगम ने एक सोशल एक्सपेरिमेंट किया था जहां उन्होंने भेष बदलकर सड़क पर हारमोनियम के साथ गाना गाया था. वो देखना यह चाहते थे की अगर कोई गरीब कलाकार सड़क पर गाने गाता है तो कितने लोग उसकी मदद करते हैं.

वैसे सोनू निगम को उम्मीद तो बहुत थी की उनकी आवाज़ सुनकर कोई तो उनकी मदद करेगा, लेकिन जब सोनू ने गाना गाना शुरू किया तब धीरे धीरे लोगों का मजमा लगना भी शुरू हो गया, लोग तमाशबीन बने अधपकी उम्र के व्यक्ति को सड़क पर गाते हुए देख रहे थे लेकिन जैसा की होता है लोगों ने गाना सुना और अपनी राह चल दिए. ऐसे में कोई भी सोनू की मदद को नहीं आया.

जब काफी देर हो गयी गाना गाते गाते तो सोनू निगम भी झुंझला से गये तभी एक युवक वहां पहुंचा जिसका नाम शाहबाज अली था, उसने सबसे पहले सोनू के गाने की तारीफ की, उसके बाद चुपके से सोनू के हाथ में 12 रुपए रख दिए. इस मदद को सोनू निगम अपना सबसे बड़ा अचीवेमेंट बताते हैं.

बाकी क्या हुआ उसके लिए ये वीडियो जरूर देखें –

जब एक पत्रकार से भिड़ गए सुशांत सिंह राजपूत

सिनेमा में आए बदलाव की वजह से कई प्रतिभाशाली कलाकारों को अब काम करने के बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं. मगर सिनेमा में आए बदलाव के साथ बॉलीवुड से कुछ ऐसी नई प्रतिभाएं जुड़ी हैं, जो  असहनशील व अति गुस्सैल हैं. इनमें धैर्य का नामोनिशान तक नजर नही आता. हमेशा बांउंसरो, अपनी पी आर टीम व मैनेजरों से घिरे रहने वाले नई पीढ़ी के यह चंद कलाकार कभी भी, किसी भी पत्रकार से भिड़ने पर आमादा रहते हैं. यह कलाकार, पत्रकार से तब तक ठीक से पेश आते हैं, जब तक सामने वाला पत्रकार उनकी हां में हां मिलाता रहे. अन्यथा इन कलाकारों के क्रोध से भगवान बचाए.

इसका नमूना सोमवार, 17 अप्रैल को मुंबई में फिल्म ‘‘राब्ता’’ के ट्रेलर लांच के अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता में देखने को मिली. जहां फिल्म ‘‘राब्ता’’ के हीरो का गुस्सा उबल पड़ा था. इस अवसर पर तमाम सेटेलाइट चैनलों के कैमरामैन, हिंदी व अंग्रेजी सहित दूसरी भाषाओं के पत्रकार भी मौजूद थे.

वास्तव में फिल्म के ट्रेलर लांच के बाद पत्रकार वार्ता शुरू हुई. इस पत्रकार वार्ता में पत्रकारों के सवाल जवाब देने के लिए फिल्म के निर्माता भूषण कुमार व दिनेश वीजन, निर्देशक दिनेश वीजन, फिल्म के हीरो सुशांत सिंह व हीरोईन कृति सैनन मौजूद थे. फिल्म के ट्रेलर की प्रशंसा आदि के बाद जब पत्रकारों ने दूसरे विषयों पर सवाल पूछने शुरू किए, तो एक सेटेलाइट न्यूज चैनल के पत्रकार ने सवाल पूछा कि “पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को फांसी देने का जो निर्णय लिया है, उस पर आप लोगों की क्या राय है.” उस पत्रकार ने कहा कि इस सवाल का जवाब ‘राब्ता’ की टीम से कोई भी दे सकता है. पत्रकार का सवाल खत्म होते ही कृति सैनन ने दिनेश वीजन के कान में कहा कि हमें इसका जवाब नहीं देना चाहिए. और पूरी टीम इस सवाल को नजरंदाज कर आगे बढ़ते हुए फिल्म उद्योग में भाई-भतीजावाद, फेअरनेस क्रीम आदि सवालों के जवाब देने लगी.

इस पर अंग्रेजी भाषा की वरिष्ठ महिला पत्रकार भारती प्रधान, जो कभी एक बहुत बड़ी अंग्रेजी की फिल्म पत्रिका की संपादक रह चुकी हैं और आज भी वह कई अंग्रेजी भाषा के अखबारों में स्वतंत्र पत्रकार के रूप कार्यरत हैं, ने खड़े होकर कहा कि कुलभूषण जाधव के सवाल को आप लोग नजरंदाज कर गए. इस पर आप लोग जवाब दे दें? तब सुशांत सिंह राजपूत ने कहा कि वह सिर्फ फिल्म ‘राब्ता’ से जुडे़ सवाल का ही जवाब देंगे. इस पर भारती प्रधान ने कहा कि आप सभी भारतीय हैं. आप अभी दूसरे सवालों का जवाब दे रहे थे, तो इस सवाल का जवाब देने में कोताही क्यों? इस पर सुशांत ने कहा कि उन्हें इस विषय के बारे में पूरी जानकारी नही है. इसलिए वह जवाब नहीं दे सकते.

तब भारती प्रधान ने सुशांत सिंह राजपूत से कहा कि आप भारतीय हैं. ऐसे में इस तरह के विषय के प्रति आपके अंदर सजगता होनी चाहिए. आपको अपना एक स्टैंड लेते हुए अपनी बात कहनी चाहिए? इतना सुनते ही सुशांत सिंह राजपूत का गुस्सा उनके सिर पर चढ़कर बोलने लगा. और बहुत गुस्से में सुशांत सिंह ने पत्रकार भारती प्रधान से कहा कि आप मेरी बात सुनिए और मेरे सवालों का जवाब दीजिए. सुशांत ने पूछा- ‘‘क्या आप हर राष्ट्रीय मुद्दे पर जानकारी रखती हैं? उसके बाद भी सुशांत सिंह कई सवाल करते रहे? सुशांत सिंह राजपूत के इस बदले रवैए को देखकर हर पत्रकार भौचक्का रह गया. पर किसी ने कुछ नहीं कहा. पत्रकार वार्ता खत्म कर दी गयी. यहां तक कि दिनेश वीजन व भूषण कुमार ने भी कुछ नहीं कहा. जबकि लोग अनुमान लगा रहे थे कि सुशांत सिंह का यह बदला हुआ व्यवहार दिनेश वीजन व भूषण कुमार को अच्छा नहीं लगा होगा. मगर अपनी फिल्म के हीरो के खिलाफ जाकर कुछ कहने की हिम्मत नहीं हुई. वैसे सोशल मीडिया पर सुशांत सिंह राजपूत की दिन भर थू-थू होती रही.

भूषण कुमार बॉलीवुड के लिए नए नहीं है. वह टीसीरीज कंपनी के मालिक है और कई फिल्में बना चुके है. वहीं दिनेश वीजन कुछ समय पहले तक अभिनेता सैफ अली खान के साथ मिलकर फिल्म प्रोडक्शन कंपनी ‘‘इलुमीनिटी” के तहत फिल्मों का निर्माण करते रहे हैं. अब दिनेश वीजन ने सैफ अली खान से अलग होकर पहली फिल्म ‘राब्ता’ का निर्माण व निर्देशन अपनी नई कंपनी ‘‘मडॉक फिल्मस” के तहत किया है.

शाम होते-होते इस मसले पर पत्रकार भारती प्रधान ने एक वेब साइट से कहा- ‘‘किसी ने भी ‘राब्ता’ की टीम के किसी भी सदस्य से निजी सवाल नहीं किया था. कुलभूषण जाधव पर किया गया सवाल निजी जिंदगी से जुड़ा सवाल नहीं था. पर सुशांत ने मेरी पूरी बात सुने बगैर पता नहीं क्या-क्या बोलता चला गया. अब तक मैं जानती थी कि सुशांत बेहतरीन कलाकार हैं, पर अब पता चला कि वह बहुत ही ‘रूड’ इंसान हैं. हम फवाद खान से उरी हमले पर सवाल कर सकते हैं. हम अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिंहा, शाहरुख खान सहित तमाम दिग्गज कलाकारों से देश से जुड़े किसी भी मुद्दे पर सवाल करते हैं और यह कलाकार बड़ी विनम्रता से जवाब देते हैं. मगर आप कृति सैनन व सुशांत सिंह राजपूत से राष्ट्र हित से जुड़ा सवाल नहीं कर सकते. पर क्यों’’

बहरहाल, यह बात साफ हो चुकी है कि आज ‘‘राब्ता’’ के ट्रेलर लांच की पत्रकार वार्ता में जो कुछ हुआ, उसके लिए सुशांत सिंह राजपूत दोषी हैं. पर साथ में कृति सैनन भी दोषी हैं, जिन्होंने दिनेश वीजन के कान में यह कहकर आग में घी डालने का काम किया कि, ‘हमें इस सवाल का जवाब नही देना चाहिए.’

सीटियों से बल्लेबाज का स्वागत करते थें सहवाग

वीरेन्द्र सहवाग जितने मस्तमौला अंदाज में बल्लेबाजी करते थे उतने ही मस्तमौला इंसान भी हैं. और इसका सबसे अच्छा उदाहरण है सोशल मीडिया पर उनके द्वारा खेली जा रही मजेदार पारियां. वह क्रिकेट से रिटायर हो चुके हैं लेकिन ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर उन्होंने नई पारी शुरू की है.

किसी को जन्मदिन की बधाई देनी हो या किसी बात का व्याख्यान करना हो उनका अंदाज सबसे अलग होता है. वह हमेशा ही मस्ति वाले मूड में रहते हैं. हाल ही में उन्होंने गांगुली की मुस्कान की तुलना रसगुल्ले से कर दी. अपनी सोशल मीडिया वाली इनिंग को लेकर वह हमेशा ही सुर्खियों में रहते हैं.

सहवाग ने अपने क्रिकेट करियर में बहुत से रिकॉर्ड बनाए हैं. सहवाग द्वारा बनाये गये इन रिकॉर्ड्स के बारे में तो उनके फैंस को पता ही होगा लेकिन उनके मस्तमौला अंदाज कुछ ही लोग देख या जान पाए हैं.

सहवाग ने एक इंटरव्यू में क्रिकेट के कुछ अनसुने किस्सों का खुलासा किया है. तो आइए हम आपको ले चलते है सहवाग की उस दुनिया में जहां सहवाग गेंदबाज को चौका मारने से पहले सीटी बजाते हैं तो कभी गाना गाते हैं.

सहवाग बल्लेबाजी के दौरान सीटियां बजाते थें. सहवाग की मानें तो वो ऐसा इसलिये करते थे क्योंकि नया बल्लेबाज जब विकेट पर आता है तो उस पर दबाव होता है. सहवाग कहते हैं कि अगर मैं उसको ये कहता हूं कि गेंद स्विंग कर रही है या सीम हो रही है तो वो और दबाव में आ जाता. नए बल्लेबाज के ऊपर दबाव ना बने इसलिए वो सीटियों से उसका स्वागत करते थे.

अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए यहां करें निवेश

कई माता पिता इन दिनों अपने बच्चों के लिए बीमा कंपनियों और फंड हाउस द्वारा दी जाने वाली यूनिट लिंक्ड बीमा योजनाओं और बचत योजनाओं में रूचि रखते हैं. ये योजनाएं एक तरह की सुरक्षा देने में और बच्चों की उच्च शिक्षा में कुछ मददगार जरूर होती हैं पर इनसे मिलने वाला मुनाफा कम ही होता है. असलियत में यदि आप इन योजनाओं के अनुसार अपने बच्चे पर होने वाले खर्चों को कम करते हैं तो इनमें मुनाफा भी कम होता जाता है.

यदि आप अपने बच्चे की शिक्षा का बीमा करवाना चाहते हैं, तो आपके आकस्मिक निधन के मामले में सभी खर्च एक वनीला अवधि बीमा योजना के तहत आ जाते हैं जिसमे हर तरह के खर्च का ख्याल रखा जाता है. बीमा योजना लेने के लिए आप निम्नलिखित विकल्पों में से कोई एक चुन सकते हैं, ताकि आपके बच्चे की शिक्षा के लिए एक ठोस रकम इक्कठी हो सके.

ये हैं कुछ बेहद लाभकारी बाल निवेश बचत योजनाएं जिनके बारें में आपको जानना चाहिए…

सुकन्या समृद्धि खाता

बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए और उनकी उच्च शिक्षा हेतु कोष निर्माण करने के लिए सुकन्या समृद्धि खाता एक बेहतरीन विकल्प है. पब्लिक प्रोविडेंट फंड की तरह, यह योजना भी 8.1 फीसदी की ब्याज दर के साथ पूरी तरह कर मुक्त है. ध्यान रखने योग्य बात है की यह योजना केवल बालिकाओं के लिए है, तो अगर आप अपनी बेटी की शादी या उसकी शिक्षा के लिए बचत करना चाहते हैं तो इस योजना का लाभ लें.

गोल्ड सेविंग

आप अपने बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए सोने में निवेश कर सकते हैं. लेकिन ऐसा भौतिक सोने के माध्यम से न करें. सबसे अच्छा विकल्प गोल्ड ईटीएफ होगा क्योंकि इसमें किसी तरह का कोई लॉकर या अन्य भंडारण शुल्क नहीं है. इसके अलावा, आप इलेक्ट्रॉनिक रूप में भी निवेश कर सकते हैं जहां चोरी की कोई चिंता नहीं है. आप प्रत्येक महीने छोटी मात्रा में निवेश कर सकते हैं और इस प्रकार धीरे धीरे एक बड़ा कोष जमा कर सकते हैं.

सोना लंबी अवधि में अन्य परिसंपत्ति वर्गों की तुलना में ज्यादा बेहतर मुनाफा देता है. तो, आम तौर पर 10-15 साल की अवधि में सोने से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. इस निवेश का एक नुकसान यह है की बेचते समय आपको पूंजीगत लाभ कर का भुगतान करना होगा जो कि अनिवार्य है.

इक्विटी म्यूचुअल फंड

इक्विटी म्यूचुअल फंड एक और विकल्प हो सकता है, जहां आप अच्छा पैसा बनाते हैं. ये म्यूचुअल फंड लंबी अवधि में मिलने वाले मुनाफे के मामले में अपनी उपयोगिता सिद्ध कर चुका है.

उदाहरण के लिए, कई इक्विटी म्युचुअल फंड बैंक में जमा राशि से प्राप्त होने वाले मुनाफे से कहीं अधिक लाभ देते हैं. तो, अगर आप एक लंबी अवधि के निवेशक हैं तो इनसे आपको अलग तरह का लाभ मिलेगा. अपने बच्चों की शिक्षा या अन्य ऐसी योजनाओं बचत करना चाहते हैं तो यह सबसे कारगर उपाय है.

डेब्ट म्यूचुअल फंड

कुछ ऋण म्यूचुअल फंड बैंक में जमा राशि की तुलना में बेहतर मुनाफा देते हैं . ये म्यूचुअल फण्ड कर लाभ भी देते हैं जो उन्हें बैंक में जमा राशि की तुलना में बेहतर विकल्प बनाता है , हालांकि यदि आप बच्चे के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं तो किसी भी विकल्प का सुरक्षित होना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है . यह विकल्प तभी चुने जब आप एक लंबी अवधि के लिए निवेश की योजना बना रहे हैं क्योंकि इनमे अच्छा मुनाफा एक बड़ी अवधि के बाद ही मिलता है.

इन योजनाओं में निवेश करने से पहले आपको पेशेवर से सलाह कर लेनी चाहिए क्योंकि ये निवेश थोड़ा जोखिम भरा भी हो सकता है. बैंक के जमा राशि यह शायद आपकी निवेश योजना का अंतिम दांव होना चाहिए क्योंकि यह विकल्प सबसे कम ब्याज दर देता है.

उदाहरण के लिए, यदि आप अभी इसमें निवेश करते हैं तो अगले 10 सालों तक आपको केवल 7 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा . इसके अलावा, एक बार आप यदि इसमें निवेश कर देते हैं, और ब्याज दरों में वृद्धि हो जाती है , तो आप बीच की अवधि में ही इस राशि को निकालकर दूसरी जगह जमा करेंगे जहां ब्याज दर ज्यादा है. इसमें आपका नुकसान हो सकता है, क्योंकि बैंकों से पूर्व परिपक्व राशि निकालने पर आपको कुछ भुगतान करना होता है. गौरतलब है कि वहां अपनी जमा राशि पर, आपको कर भुगतान करना होगा और यदि आप पहले से ही कर अदा कर रहे हैं तो यह आपका करदायित्व भी कम कर सकता है.

यहां करें निवेश

अगर साफ तौर पर देखा जाए तो बच्चों के लिए सबसे बेस्ट सेविंग प्लान सुकन्या समृद्धि और पीपीएफ जैसे आदि निवेश माध्यम हैं. ये न केवल अच्छा ब्याज देते हैं बल्कि इनसे मिलने वाला मुनाफा भी ‘कर मुक्त’ होता है.

अपनाए ये आसान टिप्स और पाएं अच्छा इन्क्रीमेंट

सैलरी क्‍लास के लिए मार्च या अप्रैल का महीना अप्रेजल के लिहाज से बेहद अहम होता है. कंपनियों में अप्रैल की प्रक्रिया शुरू हो गई होगी. अप्रैल का इन्‍क्रीमेंट, इंप्‍लाई की पूरे साल की परफार्मेंस के आधार पर होता है. इसके बावजूद इन्‍क्रीमेंट के ठीक पहले का समय भी बेहद अहम हो जाता है. कुछ ऐसे टिप्‍स भी हैं जो बेहतर इन्‍क्रीमेंट पाने में आपकी मदद कर सकते हैं.

वर्क और बिहेवियर अलर्ट

इन्‍क्रीमेंट आपके साल भर की परफार्मेंस और बिहेवियर के आधार पर बनाया जाता है. लेकिन आपको आखिरी समय तक अपने वर्क और बिहेवियर को लेकर अलर्ट रहना होगा. आखिरी समय में अगर आप काम के मोर्चे पर कोई बड़ी गलती कर देते हैं या किसी के साथ आपका बिहेवियर ठीक नहीं है तो यह आपके साल भर की परफार्मेंस पर भारी पड़ सकता है.

ऑफिस की पॉलिटिक्‍स

इन्‍क्रीमेंट का समय नजदीक आने के साथ ऑफिस में पॉलिटिक्‍स भी तेज हो जाती है. हर ऑफिस में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो इन्‍क्रीमेंट की प्रक्रिया पर सवाल उठा कर दूसरों को भड़काने का प्रयास करते हैं. ऐसे लोगों का प्रयास होता है कि वे दूसरों की इमेज भी खराब कर सकें. ऐसे में आपको खुद को ऑफिस की राजनीती से बच कर रहना होगा.

सकारात्‍मकता से फायदा

अगर आपको लगता है कि आपका पिछला इन्‍क्रीमेंट आपकी परफार्मेंस के अनुरूप नहीं रहा है तो भी आपको पहले से कोई राय नहीं बनानी चाहिए. आपको सकारात्‍मक सोच अपनानी चाहिए. अगर मैनेजमेंट के साथ बातचीत में आप पर पिछले इन्‍क्रीमेंट की नकारात्‍मक हावी रहती है तो इस इन्‍क्रीमेंट में भी आपको इसका नुकसान हो सकता है.

मैनेजमेंट के सामने परफार्मेंस को दे महत्व हाइलाइट

मैनेजमेंट को निश्चित तौर पर आपके साल भर के परफार्मेंस के बारे में जानकारी होगी. लेकिन इन्‍क्रीमेंट के लिए बातचीत के दौरान आपको मैनेजमेंट के सामने अपनी परफार्मेंस को जरूर हाइलाइट करना चाहिए. इसमें आप बता सकते हैं कि आप क्‍यों बेहतर इन्‍क्रीमेंट डिजर्व करते हैं.

अपने आपको रखें अपडेट

आपको खुद को जॉब मार्केट के बारे में भी अपडेट रखना चाहिए. आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि आपके रोल के लिए दूसरी कंपनियां कितना भुगतान कर रहीं हैं. इससे आपको मैनेजमेंट के समक्ष अपनी बात रखने में आसानी होगी. आप उस समय यह आसानी से साबित कर सकते हैं कि कंपनी से आपकी उम्‍मीदें बाजार के अनुरूप हैं.

महाभारत के भीष्म से प्रेरित है ‘‘बाहुबली 2’’ में कटप्पा का किरदार

फिल्मकार एस एस राजामौली ‘‘महाभारत’’ से काफी प्रेरित नजर आते हैं. तभी तो वह ‘महाभारत’ पर आमिर खान के साथ मिलकर फिल्म बनाने की योजना पर भी काम कर रहे हैं. तो वहीं अब धीरे धीरे यह बात उजागर हो गयी है कि फिल्मकार एस एस राजामौली की फिल्म ‘बाहुबली’ और ‘बाहुबली 2’ के कई पात्र ‘महाभारत’ के पात्रों से प्रेरित हैं. इतना ही नहीं, धीरे धीरे फिल्म के प्रदर्षन से पहले ही लोगों को उनके इस सवाल का जवाब मिल रहा है कि कटप्पा ने बहुबली को क्यों मारा?

फिल्म ‘‘बाहुबली’’ में  सत्यराज द्वारा निभाया गया कटप्पा का पात्र ‘महाभारत’ के भीष्म पितामह से प्रेरित है. ‘महाभारत’ में भीष्म पितामह ‘हस्तिनापुर’ राजसिंहासन से बंधे होते हैं. इसी तरह फिल्म ‘बाहुबली’ में कटप्पा महिष्मति राज सिंहासन से बंधे हुए हैं. कटप्पा ने शपथ ली है कि वह आजीवन महिष्मति के सिंहासन के प्रति वफादार रहेगें. महिष्मति राज सिंहासन से बंधे होने के ही कारण कटप्पा को अपने चहेते बाहुबली की हत्या करनी पड़ती है.

‘बाहुबली’ के पहले हिस्से में हम देख चुके हैं कि महिष्मति के सिंहासन पर राजमाता शिवागामी ने अमरेंद्र बाहुबली को बैठाया था और सेना की कमान अपने बेटे भल्लाल देव को सौंपी थी. दोनो भाईयों में प्रतिद्वंदिता नजर आती है. भल्लाल के पिता बिज्जल देव चाहते हैं कि उनका बेटा राजा बने.

सूत्रों के अनुसार राजमाता ने अमरेंद्र बाहुबली को राजा बना दिया था, मगर उसे देवसेना से विवाह करने के लिए कुछ नियमों के तहत राजगद्दी छोड़नी पड़ी. तब भल्लाल देव का राज तिलक हुआ, पर भल्लाल देव और राजमाता शिवागामी के बीच अनबन बनी रहती है. इस कारण भल्लाल देव अपने पिता बिज्जल देव के संग मिलकर राजमाता शिवागामी की हत्या की योजना बनाता है. यह बात अमरेंद्र बाहुबली को पता चलती है, तो वह भल्लाल देव को मारना चाहता है, पर कटप्पा का प्रण महिष्मति के राजसिंहासन के प्रति है. इस कारण कटप्पा अपने चहेते अमरेंद्र बाहुबली से युद्ध और उसकी हत्या करने से भी पीछे नहीं हटते. यानि कि राजमाता शिवागामी को बचाने में अमरेंद्र बाहुबली के प्राण गए.

इसी घटनाक्रम के बाद शिवागामी अपने व अमरेंद्र बाहुबली के बेटे की जिंदगी बचाने के लिए भागती है. अब अमरेंद्र बाहुबली का बेटा किस तरह भल्लाल देव से बदला लेता है, यह सब ‘बाहुबली 2’ यानि कि ‘‘बाहुबली : द कलक्लूजन’’ के क्लायमेक्स में नजर आएगा.

सूत्रों की मानें तो फिल्म ‘‘बाहुबली 2’’ में अभिनेता प्रभास ने एक नहीं बल्कि तीन-तीन किरदार निभाए हैं. सूत्रों के अनुसार प्रभास ने इस फिल्म मेंव माहेंद्र बाहुबली, उसके पिता अमरेंद्र बाहुबली और दादा का भी किरदार निभाया है. फिल्मकार एस एस राजामौली इन सारी चीजों को छिपाकर रख रहे हैं. इसके पीछे उनका मकसद दर्शकों को आश्चर्य चकित करना है.

आईपीएल 10 : बोल्ड होने के बाद भी नॉटआउट रहा यह खिलाड़ी

आईपीएल 10 में दिल्ली डेयरडेविल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच खेले गए मैच में ऐसी घटना घटी जिसे देख सब स्तब्ध रह गए. दिल्ली के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स के गेंदबाज नाथन कुल्टर नाइल के साथ एक ऐसी हैरान कर देने वाली घटना हो गई कि सब देखते रह गए.

फिरोजशाह कोटला मैदान पर दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ नाथन कुल्टर नाइल की एक मौके पर गेंद विकेट पर लगी लेकिन गिल्लियां नहीं गिरी जिसके चलते बल्लेबाज पैट कमिंस को आउट नहीं दिया गया.

दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ कुल्टर नाइल अपना 19वां ओवर फेंकने आए और उन्होंने पहली ही गेंद पर तेजी से बल्लेबाजी कर रहे ऋषभ पंत को पैवेलियन की राह दिखा दी. लेकिन इसके बाद कुल्टर नाइल के साथ जो हुआ वो काफी हैरान करने वाला था.

कुल्टर नाइल ने जब 19वें ओवर की आखिरी गेंद डाली तो उनकी गेंद पैट कमिंस को छकाते हुए लेग स्टंप पर लगी लेकिन गिल्लियां नहीं गिरी जिसके चलते पैट कमिंस नॉट आउट रहे.

इस मैच में केकेआर ने दिल्ली को 4 विकेट से हरा दिया. टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी का फैसला करने वाली दिल्ली की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 168 रन ही बना पाई.

दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ कूल्टर नाइल का प्रदर्शन खासा अच्छा रहा. उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 22 रन देकर 3 विकेट झटके. कुल्टर नाइल ने सैम बिलिंग्स, करुण नायर और ऋषभ पंत के विकेट चटकाए.

ये 6 तरकीबें बना देंगी आपके ‘डब्बा टीवी’ को स्मार्ट

अगर आप अभी लेटेस्ट फीचर वाला नया टीवी नहीं खरीदना चाहते हैं और कुछ पैसे बचाने के बारे में सोच रहे हैं, तो एक महंगा स्मार्ट टी.वी. खरीदने से बेहतर है कि आपके घर पर रखा 'डब्बा टीवी' ही स्मार्ट बन जाए और ये काम कुछ हजार रुपए खर्च करके ही हो जाएगा.

बस कुछ टिप्स की मदद से आप अपने टीवी को 'सुपर स्मार्ट' बना सकते हैं. तो आइये जानते हैं ऐसे कौन से डिवाइस हैं जो आपके टीवी को स्मार्ट बनाने में मदद करेंगे…

क्रोमफास्ट

इस डिवाइस का इस्तेमाल कर आप टैब, स्मार्टफोन से फिल्में, विडियो आदि चीजें टीवी पर देख सकते हैं. इसे और बेहतर बनाने के लिए ‘गूगल कास्ट एक्सटेंशन’ ऐप भी इंस्टाल कर सकते हैं.

टीवी2

इसे डिवाइस की मदद से आप इसकी ऐप डाउनलोड कर, इसके जरिए पर्सनली टीवी पर, वायरलेस यूट्यूब आदि अपने टीवी पर चला सकते हैं. इसके साथ आने वाला सॉफ्टवेयर आपको दिशा-निर्देश भी देता है कि इसे  कैसे इंस्टाल करना है.

डब्ल्यूडी (WD) टीवी लाइव

इसी श्रेणी में इस डिवाइस का भी अच्छा खासा नाम और काम है. इससे आप पर्सनल कंटेंट को टीवी पर अपनी इच्छा और सुविधानुसार देख सकते हैं. इस डिवाइस में किसी भी फॉर्मेट की फइल को सपोर्ट करने की बेहतर क्षमता होती है.

आइरिवो स्मार्ट टीवी

यह स्मार्ट पीसी आपकी टीवी की कमी तो पूरा करता ही है, साथ ही आपको ऐंड्रॉयड के साथ जोड़कर स्ट्रीमिंग की सुविधा भी देता है. इसमें आप अनगिनत ऐप्स आदि भी रख सकते हैं.

एस्ट्रम

एस्ट्रम होलडिंग्स नाम की कंपनी ने कुछ समय पहले ऐंड्रायड मैजिक स्टिक डिवाइस को बाजार में लाया है. इसकी मदद से आप अपने साधारण टीवी को स्मार्ट टीवी बना सकते हैं. इस आसान तकनीक से आपका टीवी सभी एंड्रायड सुविधाएं देने में सक्षम हो जाएगा और आप इसका बेहतर इस्तेमाल कर सकेंगे.

अमकेट्टी इवोटीवी

इस ऐंड्रॉयड आधारित बॉक्स है, इससे भी आप टीवी को स्मार्ट बनाकर अपने स्मार्टफोन, टैब की ही तरह आप अपने डब्बा टीवी को स्मार्ट बना सकते हैं.

ये तरीके बताएंगे इंटरनेट से कैसे कमाएं पैसा

वर्तमान समय इंटरनेट का दौर है. आजकल सभी इंटरनेट का इस्तेमाल करते ही हैं, खासकर युवा वर्ग इंटरनेट का सबसे ज्यादा उपयोग करता है. अगर आपके अंदर हुनर है और टेक्नॉलजी की थोड़ी-बहुत जानकारी है तो आप इंटरनेट से करोड़ों रुपए घर बैठे कमा सकते हैं. कुछ ऐसे ही तरीके, जो आपको घर बैठे मालामाल करह सकते हैं.

फेसबुक, ट्विटर या गूगल से बग ढूंढना

सोशल मीडिया से पैसा कमाने का यह सबसे नया तरीक है. अगर आपको कोडिंग का नॉलेज है तो आप फेसबुक, ट्विटर और गूगल की कोडिंग में कमी ढूंढकर लाखों रुपए एक ही बार में बग बाउंटी के तौर पर कमा सकते हैं. अभी हाल में ही फेसबुक के बग बाउंटी कार्यक्रम के जरिए भारतीय रिसर्चरों को 4.84 करोड़ रुपए दिए गए हैं. दुनिया के सबसे बड़े सोशल नेटवर्किंग प्लैटफॉर्म द्वारा यह अभी तक किया गया सबसे बड़ा पेमेंट है.

यूट्यूब स्टार बनें

तन्मय भट्ट, साहिल खट्टर और भुवन बाम का नाम तो आपने सुना ही होगा, ये वे लोग हैं जो यूट्यूब से करोड़ों की कमाई करते हैं. यूट्यूब कई लोगों के लिए कमाई का जरिया बन गया है. इसकी पहुंच के चलते ऐसा हो रहा है. यहां तक कि विडियो रिकॉर्ड करने के लिए आपको प्रफेशनल इक्विपमेंट्स या प्रॉपर सेट-अप तक की जरूरत नहीं पड़ती है. एक मिड-रेंज स्मार्टफोन आपका काम आसान बना देता है. आपको यूट्यूब चैनल क्रिएट करना होता है, जो ब्लॉग जैसे मॉडल पर काम करता है. आपके चैनल के मशहूर होने और सब्सक्राइबर्स की संख्या बढ़ने के साथ आपकी कमाई की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं. एक कैटिगरी या सब्जेक्ट चुनें, जिसके बारे में आप विडियो क्रिएट और शेयर करना चाहते हैं. एक बार आप फेमस हो जाएं तो ब्रांड्स आपको अपने प्रॉडक्ट्स के लिए पेमेंट करने लगते हैं.

सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे करें

कुछ लोग भले ही इस पर मुश्किल से भरोसा करें लेकिन आप फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसी सोशल मीडिया साइट्स से पैसे कमा सकते हैं. कई लोग और ग्रुप्स ने अभिव्यक्ति के लिए सोशल मीडिया को जरिया बनाया है. वे अलग-अलग सोशल नेटवर्क्स पर सिलेब्रिटी बन गए हैं.

आप किसी एक सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म को चुनकर शुरुआत कर सकते हैं. इसके बाद अन्य नेटवर्क्स से जुड़ सकते हैं. सोशल नेटवर्क्स पर कुछ पॉप्युलैरिटी और पहुंच हासिल करने के बाद आप स्पॉन्सर्ड पोस्ट्स के जरिए कमाई शुरू कर सकते हैं. याद रखिए कि इसमें काफी वक्त लगता है और आपको फैन्स की जरूरत होती है जो आपकी पोस्ट्स शेयर करें.

फ्रीलांसिंग करें

अगर आपके पास स्किल है तो फ्रीलांस काम हासिल करना आसान है. कई ऐसी वेबसाइट्स हैं, जो छोटे फ्रीलांस उपलब्ध कराती हैं. इनसे प्रति असाइनमेंट 5 डॉलर से 100 डॉलर तक की कमाई होती है. इन वेबसाइट्स पर टास्क अलग-अलग कैटिगरी के हिसाब से लिस्ट होते हैं. आप अपनी स्किल्स के हिसाब से टास्क के लिए अप्लाई कर सकते हैं. ध्यान रखिए कि आपको केवल तब कमाई होती है, जब आप टास्क पूरा करते हैं और वह अप्रूव हो जाता है.

आपको क्लाइंट की जरूरत के मुताबिक कई बार काम को रिवाइज करने की जरूरत भी पड़ सकती है. साथ ही वेबसाइट आपकी कमाई का एक हिस्सा कमिशन के तौर पर अपने पास रख सकती है, ऐसे में पेमेंट पॉलिसी को ध्यान से पढ़ें.

ब्लॉग शुरू करें

ब्लॉगिंग धीरे-धीरे देश में करियर बन रहा है. ऐसे कई फुल टाइम ब्लॉगर्स हैं, जो हर महीने लाखों रुपये कमाते हैं. ब्लॉगिंग से कमाई के लिए आपको मेहनत करनी पड़ती है और इसमें समय भी लगता है. लेकिन यह भी समझना जरूरी है कि आपका ब्लॉग तत्काल कमाई नहीं देता. इसमें एक साल से ज्यादा का वक्त लगता है और उसके बाद कमाई शुरू होती है. एक बार आपके ब्लॉग पर पर्याप्त संख्या में विजिटर्स आने लगते हैं तो आपको ऐडवर्टाइजमेंट, स्पॉन्सर्ड कॉन्टेंट और एफिलिएट मार्केटिंग से कमाई होने लगती है.

ब्लॉग शुरू करने के दो तरीके हैं या तो आप वर्डप्रेस या टंबलर जैसी वेबसाइट्स को फ्री ब्लॉग के लिए यूज करें या अपना सेल्फ-होस्टेड ब्लॉग शुरू करें.

वाइड गेंद पर बोल्ड हो गए युवी!

क्या कोई बल्लेबाज वाइड गेंद पर बोल्ड हो सकता है? सुनने में यह बात अटपटी सी लगती है. आप सोच रहे होंगे की वाइड गेंद पर किसी बल्लेबाज का आउट होना कैसे संभव है. लेकिन क्रिकेट मैदान पर यह घटना घट चुकी है.

साल 2000 में भारत-जिम्बाबवे के बीच खेला गया मैच इस बात का गवाह है. दरअसल इसी साल अक्टूबर में शारजाह में कोका-कोला कप आयोजित किया गया. इस मैच में भारतीय टीम के सिक्सर किंग युवराज सिंह के साथ ये अजीबोगरीब घटना घटी. लेकिन ये कैसे हुआ और कब हुआ? आपको हम इस पूरी कहानी से रूबरू कराते हैं.

इस मैच में टीम इंडिया अनिल कुंबले के बिना ही खेल रही थी. ऐसे में जिम्बाब्वे का पलड़ा थोड़ी भारी नजर आ रहा था. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही जब हीथ स्ट्रीक ने सचिन तेंदुलकर को 21 रनों पर आउट कर दिया.

इससे पहले कि टीम इंडिया संभलती विनोद कांबली भी 51 रनों के कुल योग पर ट्रेविस फ्रेंड का शिकार बने. इसके बाद राहुल द्रविड़ ने सौरव गांगुली के साथ तीसरे विकेट के लिए 42 रन जोड़े और गांगुली जब आउट हुए तब टीम का स्कोर 93 रन था और इस तरह टीम इंडिया पिछले कदमों में झिलती नजर आई.

लेकिन इसके बावजूद राहुल द्रविड़ ने धैर्य नहीं खोया और लगातार जिम्बाब्वे के गेंदबाजों का सामना किया. द्रविड़ का अब साथ निभाने के लिए युवराज सिंह आए. युवराज सिंह ने राहुल द्रविड़ के साथ चौथे विकेट के लिए 61 गेंदों में 54 रन जोड़े और इस दौरान उन्होंने 39 गेंदों 34 रन बनाते हुए 1 चौका और दो छक्के जड़ा.

इसी बीच गेंदबाज फ्रेंड ने एक गेंद डाली जो लेग साइड की ओर जाती हुई प्रतीत हुई और वह विकेटकीपर एंडी फ्लावर के दस्तानों में चली गई. अंपायर डेरेल हार्पर ने इस गेंद को वाइड करार दे दिया. लेकिन इसी बीच स्क्वेयर लेग पर खड़े अंपायर स्टीव डुने ने जो देखा उसकी क्रिकेट मैदान में किसी को भनक तक नहीं लगी थी.

अंपायर ने देखा कि गेंद ने तो युवराज के स्टंप्स की गिल्लियां गिरा दी हैं. वास्तव में गेंद से गिल्लियां गिर चुकी थीं. फौरन निर्णय को बदला गया और वाइड की जगह युवराज सिंह को आउट करार दिया गया.

इस तरह युवराज सिंह भारतीय टीम के कुल स्कोर 147 पर 5वें विकेट के रूप में आउट हुए. राहुल द्रविड़ ने इस मैच में भारतीय टीम की ओर से सर्वाधिक 85 रन बनाए. वहीं युवराज सिंह 34 रन के साथ दूसरे सर्वोच्च स्कोरर रहे. इस तरह भारतीय टीम ने 50 ओवरों में 8 विकेट पर 265 रन बनाए. जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे टीम ने 50 ओवरों में 6 विकेट पर 252 रन ही बना सकी और 13 रनों से मैच हार गई.

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