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ज्यादा प्यार न बन जाए सिरदर्द

पति पत्नी का रिश्ता प्यार, विश्वास और समर्पण से जुड़ा होता है. जैसेजैसे समय बीतता जाता है यह रिश्ता और भी अधिक मजबूत होता जाता है. इस रिश्ते में किसी कारणवश आई खटास जहां रिश्ते में जहर घोल देती है, वहीं हद से ज्यादा प्यार भी दोनों के लिए नुकसानदाई साबित हो सकता है.

दरअसल, जब पार्टनर आप से ज्यादा प्यार करता है, तो वह भी आप से बेइंतहा प्यार की उम्मीद करता है. लेकिन समस्या उस वक्त आती है जब आप की बातों को आप का पार्टनर समझ नहीं पाता. ऐसे में आप का रिश्ता मुश्किल में पड़ जाता है.

ऐसी स्थिति में दोनों ही एकदूसरे के लिए गलत सोच रखने लगते हैं. एक को लगता है कि उस के प्यार की कोई अहमियत नहीं, तो दूसरा सोचता है कि उस का पार्टनर उस की पूरी आजादी छीन रहा है. ऐसे में दोनों के बीच दूरी आने लगती है. नौबत यहां तक आ जाती है कि एकदूसरे से अलग होना पड़ जाता है.

यह नौबत आप के सामने न आए, इस के लिए इन सुझावों पर गौर फरमाएं:

हमेशा नजर न रखें: अकसर देखने में आता है कि जब हम किसी से प्यार करते हैं, तो हम सोचते हैं कि उस का हर तरह से ध्यान रखें. लेकिन हद तब होती है जब आप हद से ज्यादा अपने पार्टनर पर नजर रखने लगते हैं. बहुत ज्यादा प्यार की वजह से पार्टनर में खीज पैदा होती है, क्योंकि आप हर समय उस के खानेपीने, सोने, उठने, आनेजाने पर ध्यान रखने लगते हैं. ऐसे में उसे अपनी आजादी छिनती नजर आने लगती है. वह खुद को एक बंधन में बंधा सा महसूस करने लगता है.

स्पेस दें: रिश्ता चाहे कोई भी हो, उस में स्पेस बेहद जरूरी है वरना उस रिश्ते का ज्यादा दिन टिक पाना मुश्किल है. स्पेस न देने से प्यार कम हो जाता है और लड़ाईझगड़े बढ़ते जाते हैं, जिस से नजदीकियों के बजाय रिश्ते में दूरियां पैदा होती जाती हैं.

हक न जताएं: जब प्यार में स्पेस खत्म होती जाती है तो पार्टनर अपने व्यक्तित्व को खो देता है, साथ ही उस का मानसिक संतुलन भी बिगड़ता दिखता है. उसे बातबात पर गुस्सा आने लगता है, जिस की वजह से स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है. छोटीछोटी बात पर बहस आम बात बन जाती है. साथी पर हर वक्त हक जताना उसे गुस्सैल बना देता है.

हमेशा पार्टनर के साथ रहना: ज्यादा प्यार करने वालों की यही कोशिश रहती है कि उन का पार्टनर हर जगह उन के साथ रहे, लेकिन यह भी हो सकता है कि पार्टनर का कभी दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ जाने का मन हो. ऐसे में आप का प्यार उस के लिए सजा भी बन सकता है.

उम्मीद की हो सीमा: कई बार हम अपने पार्टनर से हद से ज्यादा उम्मीद करने लगते हैं कि वह यदि मुझ से प्यार करता है तो मेरी हर उम्मीद पर खरा उतरेगा. जितना आप उस से प्यार करते हैं उतना ही वह भी आप से प्यार करे, यह आप के पार्टनर को बंधन में होने जैसा लगने लगता है. वह खुद को इस से निकालने की कोशिश में लग जाता है.

शक न करें: जरूरी नहीं कि आप का पार्टनर हर छोटी से छोटी बात भी आप से पूछ कर करे. लेकिन आप उस से उम्मीद करने लगते हैं कि वह कोई भी कार्य आप से पूछ कर ही करे. आप के द्वारा हर समय फोन करते रहना कि आप का पार्टनर क्या कर रहा है, उस पर शक करते रहना, उस की हर छोटीबड़ी बात की खबर रखना आप के पार्टनर को चिड़चिड़ा बना देता है.

नजदीकियां हों सीमित: हद से ज्यादा नजदीकी होने पर एकदूसरे के साथ तकरार होने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है, क्योंकि हक जताना कभीकभी आदेश देने में बदल जाता है. इसलिए अपने पार्टनर को प्यार दें न कि अधिक प्यार. उसे खुद समझने दें कि आप की और आप के रिश्ते की क्या अहमियत है.

यदि आप चाहते हैं कि आप का प्यार कहीं आप दोनों के लिए सिरदर्द न बन जाए, तो रखें इन बातों का खयाल:

– यदि आप अपने पार्टनर से हद से ज्यादा प्यार करते हैं, तो आप अपना प्यार उस पर थोपें नहीं न ही जबरदस्ती करने का प्रयास करें.

– आप को लगता है कि जितना प्यार और ध्यान आप अपने पार्टनर का रखते हैं उतना ही वह आप का रखे, तो हमेशा किसी से प्यार या उस का ध्यान हम इस उम्मीद से नहीं रखते कि वह भी वैसा ही करे.

– हमेशा अपने पार्टनर के साथ चिपके न रहें. अपने प्यार को हद तक सीमित रखें.

– जब आप को लगने लगता है कि आप का पार्टनर आप पर ज्यादा दबाव बना रहा है, तो उस से अलग होना ही इस का हल न निकालें. उसे थोड़ा समय दें. किसी दबाव तले दोनों का रिश्ता ज्यादा दिन नहीं ठहर सकता.

– अगर आप अपने पार्टनर से जितना प्यार करते हैं उतना प्यार वह नहीं कर पा रहा है या आप के मनमुताबिक प्रतिक्रिया नहीं दे पा रहा है, तो धैर्य रखें और पार्टनर से बात करें.

– रिश्ते में दिनप्रतिदिन बदलाव आते रहते हैं. वक्त के साथ सब कुछ बदल जाता है. लेकिन प्यार के लिए उम्मीदें पहले की तरह जिंदा रहती हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप रिश्ते में आ रहे बदलावों पर बात करते रहें.

– हमेशा रोकटोक और नोकझोंक से रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चलता. पार्टनर पर हमेशा नजर रखने में आप का प्यार नहीं है वरन अपने पार्टनर के प्रति अविश्वास नजर आता है.     

जब खरीदें किचन चिमनी

भारतीय व्यंजनों में तड़के का ज्यादा इस्तेमाल होता है. इस के अलावा फ्राई करना, ग्रिल करना, खाने में मसालों का प्रयोग भी होता रहता है. ऐसी स्थिति में एक सही चिमनी ही रसोई से धुआं और गंध आसानी से निकाल सकती है.

आजकल बाजार में कई तरह की चिमनियां बिकती हैं, जिन में से सही चिमनी का चयन करना मुश्किल होता है. इस बारे में मुंबई की ‘मेग्लियो’ शौप के चिमनी डीलर लक्ष्मण पुरोहित, जो एक दशक से भी अधिक समय से चिमनी बेच रहे हैं, का कहना है कि चिमनी की बनावट में पहले से काफी सुधार आया है. इस के 2 विकल्प ग्राहकों को ज्यादा आकर्षित करते हैं. इन विकल्पों की खूबियां इस प्रकार हैं:

– पहले विकल्प में धुआं बाहर फेंकने के लिए पाइप का प्रयोग किया जाता है.

– दूसरे में चिमनी को डक्ट से जोड़ने की जरूरत नहीं होती. इस के अंदर लगा कार्बन फिल्टर धुआं, तेल और गंध सोख लेता है और शुद्ध हवा को वापस रसोईघर में छोड़ता है. इस में समस्या यह आती है कि कार्बन में तेल जल्दी चिपक जाता है और इसे जल्दीजल्दी साफ करना पड़ता है.

दोनों तरह की चिमनियां प्रयोग में लाई जा सकती हैं, लेकिन डक्ट वाली चिमनी ज्यादा अच्छी होती है. इस में भी अगर डक्ट की पाइप ज्यादा मुड़ी या काफी लंबी हो, तो चिमनी से हवा बाहर निकलने में समय लगता है. डक्ट के लिए जगह की जरूरत होती है, इसलिए अगर आप के किचन में जगह है, तो डक्ट वाली चिमनी लगाएं. जगह की कमी हो, तो कार्बन फिल्टर वाली चिमनी सही रहेगी.

आधुनिक चिमनी

पहले चिमनी का आकार अलग होता था. ज्यादातर चिमनियां पुश बटन और डाइरैक्ट बटन द्वारा चलती थीं. आजकल बाजार में डिजिटल गैस सैंसर वाली चिमनी भी आने लगी है, जिस में यदि गैस किसी कारणवश लीक करती है, तो चिमनी औटोमैटिक चालू हो जाती है और गैस के निकल जाने के बाद बंद भी हो जाती है. यह चिमनी आजकल ज्यादा प्रयोग में लाई जा रही है.

इस के अलावा चिमनी की सक्शन पावर का भी ध्यान रखें, क्योंकि यह जितना ज्यादा होती है, रसोई उतनी ही गंध और धुएं रहित होती है. यह क्षमता चिमनी में 500 मीटर क्यूबिक प्रति घंटा से 1,200 मीटर क्यूबिक प्रति घंटा होती है. इस में 900 मीटर क्यूबिक प्रति घंटा से 1,000 मीटर प्रति घंटा सक्शन पावर वाली चिमनी है.

चिमनी लगाने की प्रक्रिया में किचन के आकार की बड़ी भूमिका है. यदि किचन बड़ा है, तो ज्यादा सक्शन पावर वाली चिमनी लगाना ठीक रहता है. एक अनुमान के अनुसार किचन की चिमनी को 1 घंटे में 10 गुना शुद्ध हवा से भरने की जरूरत होती है. इसलिए चिमनी चुनने से पहले किचन की वौल्यूम को 10 से गुणा करने के बाद जो क्षेत्रफल आए, उतनी ही सक्शन पावर वाली चिमनी किचन में लगाना सही होता है. इसे गैस चूल्हे से ढाई फीट की ऊंचाई पर लगाना ठीक रहता है.

यह भी ध्यान रखें

1 साल से 5 साल के अलावा लाइफटाइम गारंटी वाली चिमनी भी मिलती है. चिमनी की कीमत भी उस की वारंटी पर निर्भर होती है. चिमनी की कीमत कुछ हजार से ले कर लाखों तक होती है, जिसे ग्राहक अपने बजट के हिसाब से खरीदता है. एक अच्छी चिमनी 10 से 15 साल आसानी से काम कर सकती है.

चिमनी की देखभाल

– वैसे तो चिमनी की सफाई उस की उपयोगिता के आधार पर की जाती है, लेकिन यदि आप साधारण खाना बनाती हैं, तो 15 दिन बाद उस के फिल्टर को डिटर्जैंट मिले गरम पानी से अच्छी तरह धो कर, सुखा कर लगा दें. इस से फिल्टर की जाली साफ हो जाती है.

– चिमनी अगर अधिक चिपचिपी हो गई है और डिटर्जैंट पानी से साफ नहीं हो रही है, तो सोडियम हाइड्रो औक्साइड या कास्टिक सोडे से धोएं.

– कुछ फिल्टर ऐसे भी होते है जिन्हें धोया नहीं जा सकता. ऐसे में 4 से 5 महीने बाद उसे बदलना पड़ता है.

– कभी भी हार्श डिटर्जैंट से फिल्टर को न धोएं.

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आज है वो दिन जब लॉर्डस में गांगुली ने शर्ट उतारकर मनाया था जीत का जश्न

जीत किसे याद नहीं रहती. फिर चाहे वह खेल में हो, पढाई में हो या किसी और प्रतिस्पर्धा में. क्रिकेट के खेल में कुछ ऐसे जीत हैं जो सिर्फ खिलाड़ी के दिलो दिमाग में ही नहीं बल्कि दर्शकों के जहन में भी बसा हुआ है. ऐसी ही थी वो 2002 की जीत, भारतीय वनडे इतिहास की सबसे यादगार जीत. आज ही के दिन 15 साल पहले वो जीत मिली थी हमें.

आज बेशक 15 साल बीत गए लेकिन जिसने भी लॉर्ड्स के मैदान पर उस मैच को देखा वो शायद ही उस यादगार दिन को भूल पाएगा. दरअसल भारत, श्रीलंका और मेजबान इंग्लैंड की टीमें वनडे ट्राई सीरीज खेलने मैदान पर उतरी थीं. भारत और इंग्लैंड ने उस सीरीज के फाइनल में जगह बनाई थी और 13 जुलाई को क्रिकेट का मक्का माने जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर दोनों टीमें खिताबी भिड़ंत के लिए उतरीं.

मैच में मेजबान इंग्लिश टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. मार्कस ट्रेस्कॉथिक (109) और कप्तान नासिर हुसैन (115) के शतकों के दम पर इंग्लैंड ने 50 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 325 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया.

जवाब देने उतरी टीम इंडिया लाजवाब शुरुआत की. सहवाग और गांगुली ने पहले विकेट के लिए 106 रनों की साझेदारी की. तभी अचानक 15वें ओवर में दादा (60) बोल्ड हो गए. इसके बाद देखते-देखते टीम के दिग्गज बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग, दिनेश मोंगिया, राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर अगले 40 रनों के अंदर पवेलियन लौट गए. भारत का स्कोर 5 विकेट पर 146 रन हो गया था और भारतीय पवेलियन में सबके चेहरे मायूसी से लटक गए थे. जीत अचानक दूर लगने लगी.

इसके बाद पिच पर उतरे युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ. इन दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रनों की उस साझेदारी को अंजाम दिया जिसने मैच का रुख एक बार फिर पलट दिया. भारतीय फैंस और खिलाड़ियों के चेहरे पर उत्सुकता और मुस्कान लौट आई. युवराज सिंह 63 गेंदों पर 69 रनों की पारी खेलकर आउट हुए लेकिन वो अपना काम कर गएं.

इसके बाद टीम इंडिया 314 के स्कोर पर पहुंची. लेकिन 48वें ओवर में भज्जी और कुंबले दोनों आउट हो गए. भारत के 8 विकेट गिर चुके थे. पिच पर कैफ के साथ थें जहीर खान. अंतिम दो ओवरों में 11 रनों की जरूरत थी और ये दो ओवर करने वाले थे इंग्लैंड के अनुभवी पेसर डेरेन गफ और एंड्रयू फ्लिंटॉफ.

पहले गफ का ओवर आया और इस ओवर की पांचवीं गेंद तक कैफ-जहीर ने पांच रन बटोर लिए जबकि अंतिम गेंद पर कैफ ने चौका जड़ दिया. यानी अब अंतिम ओवर में सिर्फ दो रनों की जरूरत थी. फ्लिंटॉफ के इस अंतिम ओवर की पहली दो गेंदों तो खाली गईं लेकिन तीसरी गेंद पर जहीर ने दो रन लिए और भारत ने 2 विकेट से एतिहासिक जीत दर्ज की. कैफ ने 75 गेंदों पर नाबाद 87 रनों की यादगार पारी खेली.

एक तरफ कैमरा मैदान पर कैफ और जहीर के जश्न को दिखा रहा था वहीं दूसरी तरफ एक नजारा लॉर्ड्स की एतिहासिक बालकनी पर भी दिख रहा था. वही बालकनी जहां 1983 में कपिल देव ने भारत की पहली विश्व कप जीत का जश्न मनाया था. इस बार नजारा थोड़ा अलग व अनोखा था, कप्तान गांगुली अपनी शर्ट निकालकर उसे पूरे जोश के साथ चिल्लाते हुए हवा में घुमा रहे थें.

उनको कोई फिक्र नहीं थी कि इस हरकत के लिए उन पर कार्रवाई की जाएगी. इसके बाद गांगुली नीचे मैदान पर आए और कूद लगाकर सीधे कैफ से लिपट गए, कैफ जमीन पर थे और गांगुली का ये जश्न पूरी दुनिया देख रही थी.

कटरीना कैफ की जगह इस फिल्म में होंगी परिणीति चेापड़ा

2007 की सफल फिल्म ‘‘नमस्ते लंदन’’ की सिक्वल फिल्म ‘‘नमस्ते इंग्लैंड’’ को लेकर कई तरह की चर्चाएं गर्म हैं. फिल्म ‘‘नमस्ते लंदन’’ में कटरीना कैफ और अक्षय कुमार की जोड़ी थी. मगर इस फिल्म के सिक्वल में अब यह दोनों नहीं होंगे. इस फिल्म के साथ जुड़ने के लिए कई कलाकारों के नामों पर बात होती रही है.

मगर अब इस फिल्म के लिए अक्षय कुमार की जगह अर्जुन कपूर का नाम तय हो चुका है. दो दिन पहले तक चर्चा थी कि अर्जुन कपूर के साथ कटरीना कैफ की बजाय सोनाक्षी सिन्हा की जोड़ी होगी. मगर अब सूत्रों की माने तो कटरीना कैफ या सोनाक्षी सिन्हा की बजाय इस फिल्म में अर्जुन कपूर के साथ परिणीति चोपड़ा नजर आएंगी. अर्जुन कपूर और परिणीत चोपड़ा इससे पहले फिल्म ‘इश्कजादे’ में काम कर चुके हैं.

वास्तव में ‘नमस्ते लंदन’ की सिक्वअल फिल्म के लिए अर्जुन कपूर के साथ सोनाक्षी सिन्हा का नाम तय माना जा रहा था. अर्जुन कपूर और सोनाक्षी सिन्हा भी एक साथ असफल फिल्म ‘‘तेवर’’ कर चुके हैं. मगर अचानक सोनाक्षी सिन्हा की बजाय परिणीति चोपड़ा को जोड़ा गया, इसके पीछे क्या वजह रही, इसका खुलासा अब तक नहीं हुआ है.

ये है टेलीविजन सितारों की एक शो की कमाई

बॉलीवुड के बड़े बड़े सितारों के बारे में ज्यादातर लोग जानते ही हैं और जानकारी रखते हैं, कि वो किसी फिल्म के लिए या इवेंट के कितने पैसे लेते हैं. लेकिन क्या आप छोटे परदे यानि कि टेलाविजन पर काम करने वाले सितारों के बारे में शायद ही ये जानते होंगे कि वे कि किस चीज के लिए, कितना चार्ज करते हैं.

टीवी पर काम करने वाले एक्टर्स एक्टिंग के साथ-साथ, समय समय पर कई शोज में एंकरिंग करते भी देखे जा सकते हैं. न केवल रियलिटी शोज, बल्कि पर्सनल इवेंट्स में भी उन्हें बतौर एक होस्ट देखा जा सकता है.

क्या कभी आपने सोचा है कि इन प्राइवेट शोज के लिए टेलीविजन के ये सितारे कितनी फीस लेते हैं. आज यहां हम बताते हैं कि टीवी स्टार्स प्राइवेट शोज से कितने पैसे कमाते हैं.

1. कृष्णा अभिषेक

5 से 6 लाख रूपए प्रति शो : कृष्णा अभिषेक 'कॉमेडी नाइट्स लाइव' शो के मेन होस्ट हैं. अगर हम प्राइवेट शोज की बाते करें तो कृष्णा 5 से 6 लाख प्रति शो चार्ज करते हैं.

2. भारती सिंह

7 से 8 लाख रूपए प्रति शो : भारती सिंह भी कृष्णा अभिषेक के साथ 'कॉमेडी नाइट्स लाइव' शो होस्ट करती हैं. आपको जानकार हैरानी होगी कि भारती कृष्णा से ज्यादा फीस लेती हैं.

3. मनीष पॉल

6 से 8 लाख रूपए प्रति शो : मनीष पॉल सब टीवी के कॉमेडी शो 'खटमल ए इश्क' में लीड रोल कर रहे हैं. वे रियलिटी शोज 'झलक दिखला जा' सीजन 5,6,7,8 और 9 के होस्ट रहे हैं.

4. गौहर खान

3.5 से 5 लाख रूपए प्रति शो : गौहर खान ने टीवी पर सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियाज रॉ स्टार' को होस्ट किया है. 2016 में उन्होंने बतौर लीड एक्ट्रेस फिल्म 'फीवर' से बॉलीवुड डेब्यू किया है.

5. सुनील ग्रोवर

5 से 7 लाख रूपए प्रति शो : सुनील ग्रोवर 'द कपिल शर्मा शो' में डॉ. मशहूर गुलाटी का रोल कर रहे हैं. बतौर लीड एक्टर उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म 'कॉफी विद डी' भी इस साल रिलीज होने वाली है.

6. ऋत्विक धंजानी

3.4 से 5 लाख रूपए प्रति शो : ऋत्विक टीवी पर 'नच बलिए', 'इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज' और 'सुपर डांसर' जैसे शोज को होस्ट कर चुके हैं.

7. जय भानुशाली

4 लाख रूपए प्रति शो : 'हेट स्टोरी 2', 'देसी कट्टे' और 'एक पहेली लीला' जैसी फिल्मों में नजर आए जय ने 'डांस के सुपरकिड्स', 'डांस इंडिया डांस' और 'द वॉइस इंडिया किड्स' जैसे रियलिटी शोज को होस्ट किया है.

8. सुगंधा मिश्रा

1 से 2.5 लाख रूपए प्रति शो : सुगंधा मिश्रा इन दिनों 'द कपिल शर्मा शो' में नजर आ रही हैं. वे टीवी पर 'द वॉइस इंडिया' और 'द वॉइस इंडिया किड्स' जैसे रियलिटी शोज होस्ट कर चुकी हैं.

9. करण वाही

2.5 से 4 लाख रूपए प्रति शो : करण वाही इन दिनों 'इंडियन आइडल 7' को होस्ट कर रहे हैं. उन्हें कृष्णा अभिषेक के शो 'कॉमेडी नाइट्स बचाओ' में देखा जा चुका है. वे फिल्म 'दावत ए इश्क' में भी छोटा सा रोल कर चुके हैं.

10. अली असगर

3.5 से 4 लाख रूपए प्रति शो : अली असगर इन दिनों 'द कपिल शर्मा शो' में नानी का रोल कर रहे हैं. उन्हें 'FIR' और 'जीनी और जूजु' जैसे शोज में भी देखा जा चुका है.

11. राजीव ठाकुर

50 हजार रूपए से 1 लाख रूपए प्रति शो : राजीव ठाकुर कपिल शर्मा के खास दोस्तों में से एक हैं. उन्हें टीवी पर 'सजन रे झूठ मत बोलो' और 'दिलसेविल प्यारसेव्यार' में देखा जा चुका है.

12. सौम्या टंडन

2 लाख रूपए प्रति शो : सौम्या इन दिनों 'भाबीजी घर पर हैं' में अनिता विभूति नारायण मिश्र का रोल कर रही हैं. उन्होंने फिल्म 'जब वी मेट' में करीना कपूर की बहन का किरदार निभाया है.

महिला क्रिकेट में इतिहास रचने वाली मिताली राज के नाम हैं कई रिकॉर्ड्स

टीम इंडिया की कप्तान मिताली राज ने महिला वनडे क्रिकेट में इतिहास रच दिया है. 2017 महिला विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 34वां रन बनाते ही 34 वर्षीया मिताली महिला क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं. मिताली ने 69 रनों की पारी खेली और 114 गेंदों की इस पारी में उन्होंने चार चौके व एक छक्का जमाया.

मिताली राज ने इंग्लैंड की पूर्व कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स को पीछे छोड़ा, जिन्होंने 191 मैचों में 23 बार नाबाद रहते हुए 5992 रन बनाए थे. मिताली वहीं मिताली ने सिर्फ 183 वन-डे की 162 पारियों में 48 बार नाबाद रहते हुए 6028 रन बना लिए हैं.

इसके साथ-साथ मिताली वनडे क्रिकेट में 6000 रन पूरे करने वाली पहली महिला क्रिकेटर भी बन गईं हैं. मिताली ने अपनी 164वीं वनडे पारी में अपने 6000 रन पूरे किए.

भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो मिताली राज ने एम एस धोनी और सचिन तेंदुलकर से तेजी से 6000 रनों का आंकड़ा छुआ है. धोनी ने 167 और सचिन तेंदुलकर ने 170 पारियों में वनडे में 6000 रन पूरे किए थे.

मिताली राज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार अर्धशतकीय पारी खेली. मिताली राज का ये वनडे में 49वां अर्धशतक है. वहीं वर्ल्ड कप में मिताली राज ने 10वां अर्धशतक जमाया. वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा अर्धशतक जमाने की लिस्ट में मिताली अब तीसरे नंबर पर आ गई हैं.

आइए एक नजर डालते हैं मितली राज के रिकार्ड्स पर.

लगातार 7 अर्ध शतक का रिकॉर्ड

मिताली ने महिला वर्ल्डककप 2017 टूर्नामेंट के दौरान लगातार सात वनडे में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. इस वर्ल्ड कप से पहले खेले गए 6 लगातार मैचों में मिताली ने 70*, 64, 73*, 51*, 54 और 62* की पारी खेली थी. जिसके बाद उनकी 7वीं अर्धशतकीय पारी इंग्लैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप के पहले मैच में आई थी. जब उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 71 रनों की पारी खेली थी.

183 वनडे में कुल 6028 रन

मिताली राज ने अब तक 183 वनडे मुकाबले में 51.52 की औसत से 6028 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 5 शतक और 49 अर्धशतक जड़े. वनडे में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 114 रन है.

सबसे अच्छा औसत

मिताली दुनिया की उन महिला क्रिकेटरों में से हैं, जिनका वनडे में औसत 50 से भी अधिक का है. 100 से अधिक वनडे खेलने वालीं क्रिकेटर्स में दुनिया में सबसे अच्छा औसत 51.81 मिताली का है.

शतकीय पारी में रहीं नॉट आउट

मिताली ने वनडे क्रिकेट में अब तक पांच शतक जड़े हैं और इन सभी पारियों में वो नॉट आउट रही हैं.

पहले ही वनडे में जड़ा शतक

अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय वनडे में मिताली ने शतक बनाने का कारनामा किया था. 1999 में उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ नाबाद 114 रनों की पारी खेली. वो अपने पहले ही वनडे में शतक लगाने वाली पांच महिला क्रिकेटरों में से एक हैं.

सबसे कम उम्र में ठोका शतक

6. मिताली के नाम सबसे कम उम्र में वनडे में शतक लगाने का भी रिकॉर्ड है. 16 साल 205 दिनों की उम्र में मिताली का बनाया गया यह रिकॉर्ड आज भी कायम है.

चौथी बार वर्ल्ड कप में शामिल

मिताली राज बतौर खिलाड़ी चौथी बार वर्ल्ड कप में शामिल हो रही हैं. मिताली की कप्तानी में 2005 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम फाइनल तक पहुंची जहां उन्हें ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा.

मिताली के नाम है टेस्ट क्रिकेट का दूसरा सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर

मिताली राज ने अब तक कुल 10 टेस्ट मैचों में 51 की औसत से 663 रन बनाए हैं. इसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं. जबकि उनका सर्वाधिक स्कोर 214 रन रहा. यह टेस्ट क्रिकेट में दूसरा सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड भी है.

कप्तानी में भी बनाया रिकॉर्ड

2004 में मिताली 21 साल की उम्र में भारतीय महिला टीम की सबसे युवा कप्तान बनी थीं. तब से अब तक वो 100 मैचों में भारत की कप्तानी कर चुकी हैं. जो कि भारत में किसी भी महिला क्रिकेट कप्तान के लिए रिकॉर्ड है. साल 2006 में मिताली की ही कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड को उसी की धरती पर टेस्ट सीरीज में मात दी थी.

एशिया कप में मिली जीत

मिताली के नेतृत्व में भारतीय टीम ने 2005 से 2008 के बीच 3 एशिया कप में जीत हासिल की. मिताली के नेतृत्व में ही 2005 वनडे वर्ल्ड कप में भारत ने अब तक का श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया था.

सर्वकालीन श्रेष्ठ खिलाड़ी का अवॉर्ड

मिताली का नाम विजडन ने 'क्रिकेट की 5 सर्वकालीन श्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक' के तौर पर शुमार किया है. क्रिकेट में हर सुनहरा पल देख चुकीं मिताली का बस एक ही सपना अब तक अधूरा है. वो है महिला क्रिकेट में भारत को पहला वर्ल्ड कप दिलाना.

फोन खुद बताएगा कि आप उसे कहां भूल गए हैं

हम सब के साथ एक न एक बार ऐसा जरूर होता है. आपको साथ भी हुआ ही होगा कि आप फोन कहीं रखकर भूल गए और उसके बाद काफी देर तक उस ढूंढ़ते रह जाते हैं.

अगर गलती से भी आप फोन कहीं रखकर भूल जाएं तो, आपके अनुसार इसका क्या इलाज ढूंढ़ा जा सकता है. यदि हम आपसे कहें कि, अगर हमेशा फोन आपको खुद कॉल कर करके ये बताता रहे कि आप उसे कहां रखा हुआ भूल गए हैं तो, शायद आपको उसे ढूंढ़ना थोड़ा आसान हो जाएगा.

कुछ लोगों ने आईफोन के लिए मार्को पोलो नाम का ऐप बनाया है, लेकिन ये फोन की बैटरी का दुश्मन बन गया है. ये जितना काम नहीं देता उससे ज्यादा आपके फोन की बैटरी खत्म कर देता है. हम आपको इससे बेहतर कुछ उपाय बता रहे हैं. अब आईफोन यानि कि iOS और एंड्रॉयड के लिए बटरफिंगर्स Butterfingerz नाम का एक ऐप, आपके लिए इस समस्या का सही इलाज ले कर आया है.

अगर घर में आपको अपना फोन नहीं मिल रहा है. आपने उसे कही रख दिया है औफ अब याद नहीं आ रहा है तो , तो फोन, खुद आपको हर घंटे कॉल कर सकता है. फिर आप फोन रिंग होने की आवाज सुनकर उसे ढूंढ सकते हैं. बस आपको उसकी सेटिंग को वैसे ही तय करना होगा. इसकी सेटिंग को अपनी जरुरत के लिए तय करना बहुत आसान है.

इसके लिए आपको…

– ये ऐप डाउनलोड और इनस्टॉल करने के बाद इसकी सेटिंग में जाइये और साउंड टैब चुन लीजिये.

– उसके बाद आप तय कर सकते हैं कि अगर डिवाइस को गलती से गिरा दें तो क्या मैसेज आ सकता है.

– यहां पर ये भी तय कर सकते हैं कि कितनी देर में ऐप आपको फोन करे ताकि उसको आप भूल न जाएं. दो कॉल के बीच ज्यादा  से ज्यादा  एक घंटे का फर्क हो सकता है.

– ऐप आपके लिए कुछ ऐसा भी समय चुन लेता है जब आपको वो कॉल नहीं करेगा क्योंकि आप ऑफिस के काम में व्यस्त हो सकते हैं.

नौकरी बदलने पर परेशानी से बच सकते हैं आप

आज की तारीख में ज्यादातर सरकारी काम ऑनलाइन होते हैं. आरटीआई फाइल करना हो, पासपोर्ट के लिए अर्जी देना हो, पैनकार्ड के लिए अप्लाई करना हो या फिर आधार कार्ड की कॉपी डाउनलोड करनी हो, ये सारे काम घर बैठे माउस क्लिक करके पूरे किए जा सकते हैं. इसलिए हमारा मानना है कि आप सभी को इसके सारे इस्तेमाल का तरीका मालूम होना चाहिए.

हर नौकरीपेशा शख्स ने कभी न कभी नौकरी जरूर बदली होगी. नौकरी बदलने से पैसे तो बढ़ते ही हैं, पर साथ में आता है पेपरवर्क का प्रेशर. कुछ लोगों के लिए यह किसी सिरदर्द से कम नहीं. सबसे मुश्किल पेपरवर्क तो आपकी सैलेरी से कटने वाले एक अहम हिस्से से जुड़ा है. हम बात कर रहे हैं कर्मचारी भविष्य निधि यानि कि Employee Provident Fund की. बोलचाल की भाषा में हम इसके लिए पीएफ शब्द का भी इस्तेमाल करते हैं. हममें से ज्यादातर लोग नौकरी में रहते शायद ही कभी ईपीएफ अकाउंट नंबर और कंपनी कोड की परवाह करते हैं. जब नई नौकरी में इनकी जरूरत पड़ती है तो तुरंत ही परेशान हो जाते हैं. दरअसल, ईपीएफ को नई कंपनी में ट्रांसफर करने के लिए इन जानकारियों की जरूरत होती है. वैसे आपको परेशान होने की कोई जरूरत नहीं, आप नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करके अपने इसे ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं.

1. सबसे पहले यह जांच लें कि आपका ईपीएफ अकाउंट ट्रांसफर हो सकता है या नहीं. ऐसा करने के लिए आपको ईपीएफO की वेबसाइट पर जाना होगा.

2. वेबसाइट का इस्तेमाल करने के लिए आपको कई डिटेल की जरूरत पड़ेगी, जैसे कि आपकी नई और पुरानी कंपनी ने आपके पीएफ अकाउंट को किस राज्य में रजिस्टर कराया है. इसके अलावा यह अकाउंट किस पीएफ ऑफिस में आता है. आपको ये सारे डिटेल ड्रॉप-डाउन मेन्यू में सेलेक्ट करने होंगे.

3. इसके अलावा आपको अपनी नई व पुरानी कंपनी के रीजन, ऑफिस और इस्टेब्लिशमेंट कोड की भी जरूरत पड़ेगी. सबसे अहम यह है कि आप पीएफ नंबर भी खोज लें. ये सारी जानकारियां कंपनी के अकाउंट डिपार्टमेंट से हासिल की जा सकती हैं.

4. एक बार जब आपने सारी जानकारी जुटा ली है, तो चेक पर क्लिक करें.

5. इसके बाद एक पॉप के जरिए पता चलेगा कि आपका अकाउंट ट्रांसफर के लिए मान्य है या नहीं. अगर आपका अकाउंट पीएफ ट्रांसफर के लिए मान्य है, तो ईपीएफO की वेबसाइट पर अकाउंट बनाएं.

6. साइन इन करने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे किसी फोटो आईडी की जरूरत होगी. यहां पर आईडी नंबर लिखकर साइन इन करें. साइनअप प्रोसेस में आपके नंबर पर वेरिफिकेशन कोड भेजा जाना भी शामिल है. इसलिए सारे डिटेल भरें और पिन हासिल करें.

7. स्क्रीन के निचले हिस्से में दिख रहे बॉक्स में PIN डालें और सब्मिट (Submit) पर क्लिक करें.

8. अगले पेज पर आपको कंफर्मेशन मैसेज मिलेगा. इसके बाद Please click here to continue further पर क्लिक करें.

9. अब ईपीएफ O Member Claims Portal पर जाएं और लॉग इन करें. बायीं तरफ आप लॉग इन बॉक्स देख पाएंगे. इसके बाद डॉक्यूमेंट टाइप चुनें (रजिस्ट्रेशन के दौरान इस्तेमाल किए आईडी को चुनें), फिर अपना आईडी और मोबाइल नंबर डालें.

10. साइन इन (Sign In) पर क्लिक करें. इसके बाद एक पेज लोड होगा, जिसमें सारे विकल्प मौजूद होंगे.

11. टॉप बार पर बने क्लेम (Claim) लिंक पर माउस को ले जाएं. इसके बाद रिक्वेस्ट फॉर ट्रांसफर ऑफ अकाउंट (Request for transfer of account) पर क्लिक करें.

12. अब आपको पीएफ ट्रांसफर फॉर्म को भरना होगा. यह तीन हिस्सों में बंटा हुआ है.

इसके पहले हिस्से में आपकी व्यक्तिगत जानकारियां शामिल हैं. आपके नाम और ईमेल आईडी के अलावा आपको अपना बैंक अकाउंट नंबर डालने की जरूरत पड़ेगी, साथ में बैंक का IFSC कोड भी.

दूसरे हिस्से में आपसे पिछले पीएफ अकाउंट नंबर का डिटेल मांगा जाएगा. अगर आपको इसकी पूरी जानकारी नहीं है, तो आप पीएफ नंबर के बगल में बने फील्ड के डिटेल जानने के लिए 'Click here' पर क्लिक कर सकते हैं.

तीसरे हिस्से में आपके मौजूदा पीएफ अकाउंट नंबर के डिटेल की जरूरत पड़ेगी. एक बार फिर अगर आपको इसकी जानकारी नहीं है, तो आप पीएफ नंबर के बगल में बने फील्ड के डिटेल जानने के लिए 'Click here' पर क्लिक कर सकते हैं.

– इसके बाद कुछ जरुरी बातें जिनका आपको ध्यान रखना होगा :

1. आपको अपने क्लेम को पुरानी या नई कंपनी से अटेस्ट करवाना होगा. अपनी सुविधा के अनुसार फॉर्म के निचले हिस्से में पुरानी कंपनी या नई कंपनी चुनें. वैसे पुरानी कंपनी से अटेस्ट करवाने पर ट्रांसफर का निपटारा तेजी से होता है. याद रहे कि अटेस्टेशन अनिवार्य है.

2. आपने फॉर्म पूरा भर दिया है, अब प्रिव्यू  पर क्लिक करें.

3. आपने जो भी जानकारी मुहैया कराई है, उसका प्रिव्यू देख पाएंगे. कोई जानकारी गलत न हो, इसलिए फॉर्म को दोबारा जांच लें. अगर आपको कुछ बदलना है तो To change information पर क्लिक करें. ऐसा करने से आप एक बार फिर पुराने पेज पर चले जाएंगे.

4. अगर आप आश्वस्त हैं कि आपकी द्वारा दी गई जानकारियां पूरी तरह से सही हैं, तो कैप्चा कोड भर दें. इसके बाद फॉर्म के निचले हिस्से में लिखे गेट पिन पर क्लिक करें.

5. फिर I Agree को चेक करें.

6. आपको एसएमएस के जरिए PIN मिलेगा. इसके बाद I Agree के नीचे बने बॉक्स में पिन डालें, फिर सब्मिट पर क्लिक कर दें.

7. बधाई हो! आपने पीएफ ट्रांसफर क्लेम कर दिया है. आप यहां पर क्लिक करके अपने क्लेम का स्टेटस जान सकते हैं.

ऐसे बनाएं अपने खुद के इमोजी

आज कल लोग अपने मूड को शब्दों से ज्यादा इमोजी के जरिए बयां करते हैं. व्हाट्सऐप हो, स्नैपचैट हो या इंस्टाग्राम या फिर सबका प्यारा फेसबुक, हर जगह आपको ढेरों तरह के इमोजी मिलेंगे. ये इमोजी इतने ट्रेंड में हैं कि हर दिन इन सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर आपको कुछ न कुछ नया देखने को मिल जाएगा.

इमोजी देखने में जितने मजेदार होते हैं उतने ही शानदार इन्हें इस्तेमाल करने के तरीके. आपके हर मूड के लिए एक इमोजी है, हर भाव को आप इस इमोजी के जरिए व्यक्त कर सकते हैं. चाहे वो गुस्सा हो, ख़ुशी हो या कुछ और, लेकिन क्या आपने सोचा है कि यदि ये इमोजी आपके अपने हों?

आपने अब तक कई तरह के इमोजी देखे होंगे. व्हाट्सऐप पर रजनी कांत के इमोजी हैं, इसी तरह कई अन्य सेलेबस ने भी अपने इमोजी जारी किए हैं जो अलग प्लेटफ़ॉर्म पर मिलते हैं. ऐसे ही आप अपने इमोजी भी बना सकते हैं. चलिए जानते हैं कैसे.

बोब्ब्ल कीबोर्ड

सबसे पहले अपने एंड्रायड फोन में बोब्ब्ल कीबोर्ड नाम की इस ऐप को डाउनलोड कर लें. इसके बाद इस ऐप को फोन में इंस्टॉल करें. इस ऐप में इमोजी बनाना बेहद आसान है. यह ऐप एकदम फ्री उपलब्ध है.

ऐसे बनेगा आपका इमोजी

इसे इस्तेमाल करना आसान है, बस आपको अपनी सेल्फी लेनी होगी. जिसके बाद यह ऐप उसे इमोजी में बदलेगी. यह इमोजी एक कार्टून जैसे दिखने वाली इमोजी होगी.

कई सारी इमोजी बनेंगी

जब आप अपनी सेल्फी लेंगे तो यह ऐप उसे कई सारी इमोजी में बदलेगा. जिसके बाद आपको उसमें से एक को चुनकर शेयर और सेव करना है.

पहले से हैं कई इमोजी

इसके अलावा इस ऐप में में पहले से भी कई इमोजी मौजूद हैं. जिन्हें आप चैटिंग में इस्तेंल कर सकते हैं अपनी खुद की इमोजी के साथ.

कूल फ़ॉन्ट्स

बोब्ब्ल कीबोर्ड में आपको कई तरह के शानदार और कूल फ़ॉन्ट्स भी मिलते हैं. जिन्हें आप इस्तेमाल कर सकते हैं. तो अब आप कूल फ़ॉन्ट्स और अपने खास इमोजी के लिए इंतजार मत कीजिए और डाउनलोड करें यह ऐप.

16 रुपए में अनलिमिटेड डाटा दे रही है ये कंपनी

रिलायंस जियो के आने के बाद से दूसरी टेलीकॉम कंपनियां आए दिन कोई न कोई नया ऑफर लेकर आ रही हैं. शायद ही कोई ऐसी टेलीकॉम कंपनी हो जिसने अपने प्‍लान के जरिए रिलायंस जियो को टक्‍कर देने की कोशिश न की हो. सभी कंपनियां जियो के प्‍लान्‍स को टक्कर देने के लिए कम कीमत में ज्यादा से ज्यादा बेनिफिट देने कोशिश में लगी हुई हैं. जियो के आने के बाद से यूजर्स को फ्री वॉयस कॉलिंग और डाटा का फायदा मिला है.

इसी क्रम में अब आइडिया ने भी अपने ग्राहकों को बांधे रखने के लिए 16 रुपए में अनलिमिटेड डाटा प्लान पेश किया है. आइडिया ने 16 रुपए का जो नया डाटा प्‍लान पेश किया है उसके तहत यूजर्स को एक घंटे के लिए अनलिमिटेड इंटरनेट के इस्‍तेमाल की अनुमति होगी. इसमें डाटा की कोई सीमा नहीं है. आइडिया ने यह प्‍लान नए और पुराने दोनों तरह के ग्राहकों के लिए पेश किया है. फिलहाल, कंपनी ने ये ऑफर सिर्फ दिल्‍ली-एनसीआर के 3G प्री-पेड यूजर्स के लिए पेश किया है.

उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले आइडिया ने 396 रुपए का रीचार्ज पैक पेश किया था. इसके तहत ग्राहकों को 70 दिनों के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा दी जा रही थी. लेकिन, यह सुविधा सिर्फ आइडिया से आइडिया नेटवर्क के लिए ही थी. वहीं, अन्य नेटवर्क पर लोकल या एसटीडी कॉल करने के लिए 3000 मिनट दिए जा रहे थे. इसमें से ग्राहक एक दिन में अधिकतम 300 मिनट और हफ्ते में 1200 मिनट बातचीत कर सकते हैं.

इसके अलावा मुफ्त डाटा की रेस में RCOM ने 239 रुपए वाला प्लान पेश किया था, जिसमें 6GB डाटा (यानी 39 रुपए प्रति 1GB) के साथ किसी भी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉलिंग, रोमिंग में फ्री इनकमिंग और 100 एसएमएस दिए जा रहे थे.

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