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अमित शाह ने कुबूल की कांग्रेसियों की दुआ, शिवराज को मिली राहत

कहां तो किसान आंदोलन के बाद से ही कहा जाने लगा था कि भाजपा आलाकमान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी भी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को चलता कर सकते हैं, क्योंकि मंदसौर में हुई पुलिस फायरिंग में 6 किसान मारे गए थे जिससे पार्टी की साख पर बट्टा लगा और असल इमेज नरेंद्र मोदी की बिगड़ी. खुद शिवराज सिंह इन अफवाहों और अटकलों से चिंतित थे, जिसे दूर करने जरूरी हो चला था कि वे ऐसा कोई नया कारनामा कर दिखाएं, जिससे न केवल कांग्रेसियों बल्कि पार्टी के अंदर बढ़ रहे उनके विरोधियों के मुंह भी अगले विधानसभा चुनाव तक बंद हो जाएं और मीडिया भी बेवजह हल्ला मचाना बंद कर दे.

18 से 20 अगस्त तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भोपाल दौरा हर लिहाज से शिवराज सिंह को सुकून देने वाला साबित हुआ, जिसके पहले ही दिन अमित शाह ने शिवराज सिंह को हटाये जाने वाली अटकलों को खारिज करते यह कहा कि अगला विधानसभा चुनाव शिवराज सिंह चौहान की अगुवाई में ही लड़ा जाएगा और वे एक कामयाब और लोकप्रिय मुख्यमंत्री हैं. एक तरह से उन्हें किसान आंदोलन के बाद का डेमेज, मेनेज करने का इनाम मिल गया. इस बाबत शिवराज सिंह को कितना पसीना बहाना पड़ा ये तो वही जानते हैं, लेकिन यह हर किसी ने देखा कि सरकारी पैसे को पूरी बेरहमी के साथ बहाया गया.

अमित शाह का भगवा बना दिये गए भोपाल में देवताओं और अवतारों सरीखा ऐसा स्वागत किया गया जिसके लिए भाजपा कभी कांग्रेस को बदनाम किया करती थी. पहले ही दिन उनकी राह में लाखों रुपये के गुलाब के फूल बिछा दिये गए. भाजपा का हबीबगंज स्थित दफ्तर दुल्हनों जैसा सजाया गया था, जिसमें अलग से एक कमरा खासतौर से तैयार करवाया गया था. अमित शाह के स्वागत के प्रचार प्रसार पर ही करोड़ों रुपये इश्तिहारों, बैनरों और होर्डिंग्स पर खर्चे गए, इसके अलावा तीन दिन चले सामूहिक भोजों के व्यंजनों और पकवानों पर भी दिल खोल कर खर्च किया गया. यह तामझाम और फिजूल खर्ची देख सहज ही लगा कि सूबे में गरीबी नाम की कोई चीज है या किसी को किसी भी तरह की कमी है.

किसान आंदोलन कांग्रेसियों की साजिश या फिर गुंडे बदमाशों की ही हरकत थी, यह न केवल जताने बल्कि साबित करने में भी शिवराज सिंह कामयाब रहे कि जिस राज्य में एक आदमी की खुशामद करने करोड़ो रुपये 72 घंटों में उड़ाए जा सकते हैं, वहां के अन्नदाता को तो कोई कमी हो ही नहीं सकती, फिर भला वे क्यों आंदोलन का रास्ता चुनेंगे. यह बात खुद अमित शाह को तीन दिन में तरह तरह से समझ आई कि जिस मुख्यमंत्री के एक इशारे पर पूरी प्रदेश भाजपा एकजुट होकर उनके पांवों में बिछी जा रही हो, वो कैसे अलोकप्रिय या किसान विरोधी हो सकता है. लिहाजा उन्हें किसान हत्याओं के आरोपों से बाइज्जत न केवल बरी कर दिया गया, बल्कि अगली बार भी मुख्यमंत्री बनाए जाने का आशीर्वाद दे दिया गया.

खर्चीले स्वागत सत्कार और अपनी जय जय कार के नारों में सुदबुध खो बैठे  अमित शाह यह स्वीकार करने मजबूर हो गए कि मध्य प्रदेश में जिस नेता की अगुवाई में भाजपा फिर से सत्ता तक पहुंच सकती है वे शिवराज सिंह चौहान ही हैं, दूसरे किसी नेता में इतना दम नहीं. गणेश की झांकियों के एक हफ्ते पहले ही शिवराज सिंह ने भोपाल में अमित शाह की ऐसी झांकी जमाई कि उनके जाने की बात सुनने की मंशा लिए बैठे उनके विरोधी तो दूर की बात हैं, अमित शाह से उनकी चुगली करने की सोचने वाले भाजपाई भी चुपचाप खिसक लिए या फिर खामोशी ओढ़े इस झांकी को निहारते रहे, जिसमें शिवराज सिंह ने नरेंद्र मोदी की तुलना भगवान से कर डाली.

अमित शाह ने तो नरेंद्र मोदी की तारीफों में कसीदे भर गढ़े थे, बाकी की कसर उन्हे शिवराज सिंह के मुंह से भगवान कहलवाकर यह संदेशा दे दिया गया कि जमाना या युग आज भी भक्ति का ही है, इसे जो ज्यादा करेगा उसकी झोली में उतना ही डाला जाएगा.  दिल्ली वाले  भगवान के यहां न तो देर है और न ही अंधेर है. ऐसे माहौल में, पार्टी में अंदरूनी लोकतन्त्र है जैसी चलताऊ बात सुनकर जरूर कुछ लोगों को अमित शाह पर शायद  तरस आया हो, लेकिन उसके कोई माने नहीं रह गए थे इसकी दूसरी वजह अमित शाह का सबसे पहले पंडित नरोत्तम मिश्रा के यहां खाना खाने जाने था, जो पेड़ न्यूज के मामले में कानूनी तौर पर उलझे हुये हैं.

तीन दिन अमित शाह शिवराज सिंह को बगल में लटकाए सत्ता और संगठन का नया पहाड़ा पढ़ाते रहे, जिसमे टू टू जा फोर होता है दो दूनी चार नहीं होता. अमित शाह की ब्रांडिंग के लिए पुराने लेकिन अचूक टोटकों का जी भर कर इस्तेमाल किया गया, साधू संतों को उनसे मिलवाया गया और फिर आखिरी दिन एक आदिवासी कमल ऊईके के घर उन्हें मालवा के मशहूर पकवान  दाल बाफले खिलाने ले जाया गया.  कोई किसी तरह का आरोप न लगा पाये इस बाबत मीडिया वालों को पहले ही इसकी इत्तला दे दी गई थी, जिससे वे दाल बाफले बनने का सीधा प्रसारण करते रहे. कोई नहीं कह पाया  कि ये दाल बाफले बाजार से मंगवाए गए थे या फिर गुपचुप किसी ऊंची जाति वाले से बनवाए गए थे.  आजकल नेताओं के दलित आदिवासियों के घर जाकर खाना खाने के फैशन के दौर में बाद तो दूर कभी कभी एडवांस में ही इस तरह के आरोप मढ़ दिये जाते हैं.

इसी दिन प्रदेश भर के कालेजों से छात्र छात्राएं ढो कर भोपाल लाये गए थे. मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना के तहत 25 हजार युवा शिवराज सिंह ने अमित शाह के सामने ला खड़े किए तो वे और हक्के बक्के रह गए कि शिवराज सिंह जितना जमीन के बाहर हैं उससे कहीं ज्यादा जमीन के अंदर भी हैं. इस जलसे में सरकार के तकरीवन 25 करोड़ रुपये खर्च हुये, लेकिन सवाल जब राजर्षि को प्रसन्न करने का था तो पैसा नाम के हाथ का मैल देखने की जहमत शिवराज सिंह चौहान ने नहीं उठाई, उल्टे यह जता दिया कि सरकार किसान आंदोलन के बाद किसानों की नाराजी से बचने अरबों रुपये की प्याज उनसे खरीदकर सड़ाने का सीना रखती है, तो सौ दो सौ करोड़ रुपये पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को खुश करने खर्च कर दिये तो कोई गुनाह नहीं कर रही.

अब सब खामोश हैं, चारों तरफ शिवराज सिंह चौहान की एक और फतह के चर्चे हैं, तो कुछ पुराने और तजुर्बेकार भाजपाइयों को दिग्विजय सिंह का अंजाम याद आ रहा है. ऐसे ही एक बुजुर्ग नेता ने नाम न छापने की गुजारिश पर आह भरते कहा, अब वाकई पार्टी का चरित्र, चाल और  चेहरा सब बदल चुका है, जिसमें प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं की नहीं बल्कि कांग्रेस की तरह चाटुकार नेताओं की तूती बोल रही है.  कांग्रेसी खेमा तो इसी बात की दुआ मांग रहा था कि भाजपा अगला चुनाव शिवराज सिंह की अगुवाई में ही लड़े, चिंता की बात तो यह है कि अमित शाह इस दुआ को कबूल कर गए.

नवाजुद्दीन सिद्दिकी को चाहिए अभिव्यक्ति की आजादी

नवाजुद्दीन सिद्दिकी इन दिनों ‘‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’’ से काफी खफा हैं. उनकी फिल्म ‘‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’’ को ‘‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’’ द्वारा 48 कट दिया जाना उन्हे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला लग रहा है. इसलिए जब हाल ही में मुलाकात होने पर हमने उनसे पूछा कि इन दिनों लोग शिकायत कर रहे हैं कि अभिव्यक्ति  की आजादी खत्म हो गई है. इस पर वह खुद क्या सोचते हैं.

इस पर नवाजुद्दीन सिद्दिकी ने कहा -‘‘हर क्षेत्र के जानकार अपने हिसाब से बात कर रहे हैं. मैं तो अपने क्षेत्र की बात कर सकता हूं. मसलन,हमारी फिल्म ‘‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’’ को सेंसर बोर्ड ने कट लगाए हैं. मैं सरकार से, सेंसर बोर्ड से कहता हूं कि हमें रचनात्मक आजादी दो. हमारी इस आजादी पर कट मत लगाइए. आप फिल्म को प्रमाणित करते हैं, तो फिल्म को एडल्ट प्रमाणपत्र दे दें. एडल्ट फिल्म का प्रमाणपत्र देने के बाद भी कट लगाएं, वह गलत है. हमें वह आजादी चाहिए. सच यह है कि हमारे साथ कई निर्माता खड़े हैं. हम सभी चाहते हैं कि सेंसर बोर्ड की गाइड लाइन्स बदली जाए. हम चाहते हैं कि श्याम बेनेगल कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार किया जाए. हमें उसका इंतजार है.’’

वीडियो : पहले वनडे में बेहद अनोखे अंदाज में रन आउट हुए रोहित शर्मा

टेस्ट सीरीज में श्रीलंका का 3-0 से सफाया करने के बाद भारतीय टीम ने वनडे में भी जीत के साथ आगाज किया है. दांबुला में खेले पहले वनडे में श्रीलंका को 9 विकेट से हरा दिया. टीम ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग सभी विभागों में शानदार प्रदर्शन किया. इसी के साथ ही भारत ने सीरीज में बनाई 1-0 की बढ़त बना ली है.

श्रीलंका की ओर से दिए गए 217 रनों के लक्ष्य को भारत ने 28.5 ओवर में हासिल कर लिया. भारत की ओर से शिखर धवन ने 132 जबकि विराट ने 82 रनों की पारी खेली. धवन ने वनडे करियर का 11वां शतक लगाया. धवन ने महज 71 गेंदो में शानदार शतक लगाया. श्रीलंका के खिलाफ किसी भारतीय बल्लेबाज का यह सबसे तेज शतक है.

श्रीलंका के खिलाफ पहले वनडे में 217 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और रोहित शर्मा के रूप में भारत को पहला झटका लगा. रोहित जिस तरह से आउट हुए उससे हर कोई हैरान रह गया. रोहित शर्मा रन आउट हुए लेकिन वो बेहद ही अटपटे तरीके से.

दरअसल, पांचवें ओवर में रोहित क्रीज पर थे और गेंदबाजी कर रहे थे लसिथ मलिंगा. उस ओवर की आखिरी गेंद को रोहित ने हल्के हाथों से खेला और तेजी से रन लेने के लिए दौड़ पड़े. इस दौरान फील्डर ने भी गेंद की तरफ तेजी से दौड़ लगा दी. फील्डर ने गेंद को उठाकर स्टंप्स की तरफ फेंका. रोहित लगभग अपनी क्रीज पर पहुंच गए थे, लेकिन क्रीज से पहले ही उनका बल्ला पिच पर लगकर गिर गया.

रोहित का पैर क्रीज पर आ तो चुका था लेकिन उनका पैर हवा में था और इसी दौरान गेंद स्टंप पर लग गई. मैदानी अंपायर ने थर्ड अंपायर की तरफ इशारा किया. रीप्ले में साफ देखा जा सकता था कि क्रीज पर पहुंचने से पहले ही रोहित का बल्ला पहले ही छूट चुका था. हालांकि उनका पैर क्रीज के अंदर तो था लेकिन वो इस दौरान हवा में था और गेंद स्टंप्स पर लग चुकी थी.

काफी देर तक देखने के बाद आखिरकार थर्ड अंपायर ने रोहित को आउट करार दे दिया. रोहित काफी दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हुए और उनके आउट होने के तरीके से हर कोई निराश नजर आ रहा था. रोहित ने आउट होने से पहले 13 गेंदों में 4 रन बनाए. रोहित जब आउट हुए तो उस समय भारत का स्कोर 23 रन था. हालांकि पहला विकेट गिर जाने के बाद शिखर धवन और विराट कोहली ने पारी को संभाल लिया.

..तो आउट नहीं होते रोहित

दरअसल, क्रिकेट के नियम तय करने वाली संस्था मैरिलबोर्न क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने क्रिकेट के नियमों में कई बदलाव किए हैं. रन आउट को लेकर भी एक बदलाव किया गया है. लेकिन बदले गए नियम 1 अक्टूबर 2017 से लागू होंगे. कुल मिलाकर एक अक्टूबर के बाद ऐसे कोई भी बल्लेबाज आउट नहीं हो सकता जिस तरह से रोहित शर्मा आउट हुए.

पहले के नियम

जब गेंद स्टंप में लगती है तब बल्लेबाज का बैट या बौडी, पौपिंग क्रीज में जमीन पर होनी चाहिए. यानी अगर बल्लेबाज पहले से क्रीज में अपने बैट या बौडी को अंदर कर चुका है लेकिन जब गेंद स्टंप पर लगी तब उसका बल्ला या बौडी हवा में है तो उसे आउट दिया जाता था.

नए नियम

नए नियम के तहत बल्ला और बौडी एक बार पौपिंग क्रीज क्रास कर लेता है तो बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जायेगा चाहे गेंद स्टंप में लगते वक्त उसका बल्‍ला हवा में ही क्‍यों न हो. यदि यह नियम अभी लागू होता तो रोहित शर्मा नाट आउट होते.

पहले भी कुछ ऐसे ही आउट हुए रोहित

यह पहली बार नहीं है जब नए नियम तय होने के बाद रोहित शर्मा इस तरह से आउट हुए हो. चैंपियंस ट्राफी में चार जून को पाकिस्तान के खिलाफ मैच में भी रोहित क्रीज में पहुंच गए थे, लेकिन बल्ला हवा में होने की वजह से अंपायर ने उन्हें आउट करार दिया था.

‘बिग बौस 11′ अक्टूबर से आ रहा है आपके घर

टीवी पर रिएलिटी शो की यूं तो भरमार है, लेकिन अपने हर सीजन में किसी न किसी वजह से सुर्खियां बटोरने वाला रिएलिटी शो ‘बिग बौस’ एक बार फिर अपना नया सीजन ‘बिग बौस 11’ लेकर आ रहा है.  सीजन 10 की तरह इस बार भी कौमनर्स को मशहूर हस्तियों के साथ भाग लेने और पुरस्कार जितने का मौका दिया जाएगा.

सलमान खान से अक्‍सर ही उनकी शादी से जुड़े सवाल किये जाते हैं, लेकिन ‘बिग बौस सीजन 11’ के प्रोमो में सलमान खुद अपनी शादी पर बात करते और पड़ोसन से मस्‍ती करते भी नजर आ रहे हैं.

ये शो फिर से एक बार चर्चा में है. हर बार की तरह इस बार भी शो में एक नया ट्विस्ट जुड़ रहा है. इस शो में सिर्फ सेलीब्रिटीज और इंडियावालों की ही नहीं बल्कि ‘पड़ोसियों’ की भी एंट्री होने वाली है. डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक शो के मेकर्स इस बार ऐसे कंटेस्टेंट लेकर आ रहे हैं जो एक ही फैमिली से हैं. ये कंटेस्टेंट और उनकी फैमिली बिग बौस के घर में आपस में भिड़ते नजर आएंगे. अब देखना ये है कि शो का ये नया तड़का कितनी टीआरपी बटोरेगा.

बिग बौस सीजन 11 के लिए कुछ टीवी हस्तियों से सम्पर्क किया गया है. संभावित प्रतियोगियों की सूची इस प्रकार है.

अभिषेक मालिक

अनमोल सिंह

अनरी वाजनी

अनुप्रिया कपूर

फलक नाज

मेलिका अमीना

मिष्टी (इन्द्राणी चक्रवर्ती )

मोहित मल्होत्रा

नदीश संधू

नवनीत कौर

रिया सेन

नतालिया के

पाउलामी दास

जोया अफरोज

बिग बौस का घर मुंबई के लोनावला में है. यह मुंबई का एक फेमस टूरिस्ट स्थान है. बिग बौस का घर हर नए सीजन के लिए नए तरीके से बनाया जाता है और इसे नए तरिके से डेकोरेट किया जाता है. खबरों के मुताबिक 15 अक्टूबर 2017 से कलर्स चैनल पर सोमवार से शुक्रवार रात 10:30 से 11:30 बजे तथा शनिवार –रविवार रात 9:00 से 10:00 बजे तक ‘बिग बौस सीजन 11’ प्रसारित किया जाएगा.

WWE के ये रेसलर्स हैं सबसे अमीर, जानिए इनकी कमाई

WWE का नाम तो सबने सुना हैं और आपको ये भी पता होगा की दुनिया भर के स्पोर्टस पर्सन्स को कितना मोटा पैसा मिलता है. तो  क्या आप जानना नही चाहेंगे की WWE के रेसलर्स को कितना पैसा मिलता है और उनकी कमाई कितनी है.

आपको बता दे की इनकी कमाई करोड़ो में है. आज हम इन्हीं सबसे अमीर रेसलर्स की लिस्ट लेकर आए हैं और आपको इनकी कमाई के बारे मे बताएंगे.

  1. द अंडरटेकर : इनकी नेटवर्थ 11 करोड़ रूपए है.

  1. क्रिस जेरिको की नेटवर्थ 11.55 करोड़ रूपए है.

  1. कर्ट एंगल की नेटवर्थ 12 करोड़ रूपए है.

  1. बिग शो की नेटवर्थ12.8 करोड़ रूपए है.

  1. हल्क होगन की कमाई 16 करोड़ रूपए है.

  1. ट्रिपल-एच की नेटवर्थ 20 करोड़ रूपए है.

  1. जौन सीना की नेटवर्थ 25 करोड़ रूपए है.

  1. स्टीव औस्टिन की नेटवर्थ 29 करोड़ रूपए है.

  1. द रौक की नेटवर्थ 802 करोड़ रूपए है.

  1. विंस मैकमेहन : नेटवर्थ 4812 करोड़ रूपए.

पड़ोस की भाभी से ये क्या कह गए सलमान खान

टीवी का सबसे बड़ा और पसंदीदा रियलिटी शो बिग बौस सीजन-11 जल्द ही छोटे पर्दे पर आने वाला है. लंबे इंतजार के बाद शो का पहला प्रोमो रिलीज कर दिया गया है. इस प्रोमो की सबसे खास बात ये है कि इसमें शो के होस्ट सलमान अपनी शादी के बारे में बात करते नजर आ रहे हैं.

प्रोमो में सलमान अपने पौधों को पानी दे रहे हैं तो नीचे रहने वाले अंकल उनपर भड़क गए. फिर पड़ोस की भाभी कहती हैं कि शादी कर लो. इसपर शर्मिले सलमान तपाक से जवाब देते हैं कि आपकी हो गई है वर्ना आपसे ही कर लेता.

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प्रोमो देखकर ही अंदाजा हो रहा है कि हर बार कुछ नई थीम लेकर आने वाले बिग बौस मेकर्स ने इस बार की थीम ‘पड़ोसी’ रखी है. अब थीम में नया क्या होगा ये तो शो टेलिकास्ट होने के बाद ही पता चलेगा. प्रोमो देखकर ऐसा लग रहा है कि बिग बौस सीजन-11 में ह्यूमर और सस्पेंस का जबरदस्त तड़का लगने वाला है.

45 सेकंड के इस प्रोमो में सलमान कहते हैं कि ‘पड़ोसी बजाने आ रहे हैं बारह’, यानी इस पड़ोसी थीम के साथ इस बार खूब खींचतान देखने को मिलने वाली है.

वैसे इस बार बिग बौस को दिलचस्प बनाने के लिए खूब तैयारी की गई है. ऐसे में ये नया फार्मेट देखने लायक होगा.

रिजर्व बैंक ने जारी किये 50 रुपये के नये नोट

बीते साल 8 नवंबर को प्रधानमंत्री ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करने की घोषणा की थी. इसके बाद रिजर्व बैंक ने 500 और 2000 के नए नोट जारी कर दिए.

हालांकि केंद्रीय बैंक ने इसके बाद दिसंबर में यह कहा था कि वह 50 रुपये और 20 रुपये के नोट जल्द लाएंगे. शुक्रवार की शाम भारतीय रिजर्व बैंक ने 50 रुपये के नए नोट की पहली तस्वीर जारी कर दी. यह जानकारी आरबीआई के ट्वीटर एकाउंट से दी गयी है.

इस नोट के अगर रंग की बात करे तो यह नीले रंग का है. 50 रुपये के नए नोट के पिछले हिस्से पर रथ के साथ हम्पी की आकृति है, जो देश की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगी. नोट पर आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल का हस्ताक्षर होगा.

इसके साथ ही आरबीआई की ओर से कहा गया है कि नए नोट आने की वजह से पुराने नोटो पर इसका कोई प्रभाव नही पड़ेगा. 50 रुपये के पुराने नोट चलन में बने रहेंगे.

क्या है नए नोट की खूबिंयां

नोट के बीच में महात्मा गांधी की तस्वीर है.

नोट के दाईं तरफ अशोक स्तंभ है

नोट के बाई तरफ देवनागरी में 50 रुपये लिखा हुआ है.

नोट के दाईं तरफ निचले हिस्से में 50 रुपये लिखा हुआ है.

नए नोट में अलग-अलग जगह छोटे शब्दों में RBI, भारत, INDIA और 50 रुपये लिखा है.

महात्मा गांधी की तस्वीर के पास गारंटी का वाक्य और गवर्नर के हस्ताक्षर हैं.

नए नोट का आकार  66 mm x 135mm होगा.

नोट के पिछले हिस्से में बाईं तरफ नोट छपने का तारीख लिखा है.

नोट के पिछले हिस्से में स्वच्छ भारत का नारा भी लिखा है.

पिछले हिस्से में हंपी की रथ के साथ तस्वीर है.

कुछ अलग होगा 50 रुपये का नया नोट, होंगी ये खूबियां

बीते साल नवंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद करने की घोषणा की थी. इसके बाद आरबीआई ने 500 रुपये और 2000 रुपये के नए नोट जारी कर दिए. हालांकि केंद्रीय बैंक ने इसके बाद दिसंबर में यह कहा था कि वह 50 रुपये और 20 रुपये के नोट जल्द लाएगा.

अब भारतीय रिजर्व बैंक ने 50 रुपये के नए नोट की पहली तस्वीर जारी कर दी है. 50 रुपये के नए नोट के पिछले हिस्से पर रथ के साथ हम्पी की आकृति भी होगी, जो देश की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगी. नोट पर आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल का हस्ताक्षर होगा. इसके साथ ही आरबीआई की ओर से कहा गया है कि इससे पहले जारी सभी सीरीज के 50 रुपये के पुराने नोट चलन में बने रहेंगे.

50 रुपये का नया नोट कई मायनों में बिल्कुल अलग होगा. जानें इसकी खूबियां.

– 50 रुपए के इस नोट की सबसे बड़ी खूबी उसका रंग होगा. इसका बेस कलर चमकीला नीला रखा गया है. इसका आकार 66 mm x 135 mm होगा.

– 50 संख्या देवनागरी में लिखी होगी. महात्मा गांधी की तस्वीर नोट के बीच में होगी. महात्मा गांधी की तस्वीर के पास ही गारंटी क्लाज, गवर्नर के हस्ताक्षर और आरबीआई का प्रतीक चिह्न है.

– अशोक स्तंभ नोट के दाहिनी तरफ है. नोट पर आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल का हस्ताक्षर है.

– नोट पर जगह-जगह माइक्रो लेटर्स (छोटे अक्षरों) में ‘RBI’, ‘भारत’, ‘INDIA’ और ‘50’ लिखा गया है. साथ ही सिक्यारिटी थ्रेड पर ‘भारत’ और ‘RBI’ लिखा है.

– नोट पर महात्मा गांधी की तस्वीर और 50 की संख्या वाटरमार्क के रूप में भी है. बाईं तरफ नोट छापने का वर्ष लिखा गया है.

– 50 रुपए के नए नोट के पिछले हिस्से पर रथ के साथ हम्पी की आकृति भी होगी, जो देश की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगी.

क्या है हम्पी

पचास रुपये के नए नोट में जिस विरासत का जिक्र किया गया है वह कर्नाटक स्थित हम्पी में है. उसे यूनेस्को ने विश्व विरासत स्थल घोषित कर रखा है. असल में यह मंदिरों और स्मारकों का शहर है. इसे विजयनगर साम्राज्य की राजधानी होने का गौरव प्राप्त है. दुनिया के सबसे विशाल और समृद्ध गांवों में इसकी गिनती होती थी.

संजू बाबा ने किया अजय देवगन को इग्नोर, आखिर क्या है माजरा

बौलीवुड में आए दिन ना जाने किस सुपरस्टार की लड़ाई किससे हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता. आए दिन स्टार्स के बीच झगड़े की खबरें आती रहती हैं. अब इसी लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया है.

इस लिस्ट में जो नाम जुड़ा है वो है संजय दत्त का. खबरों की माने तो इन दिनों संजय दत्त के रिश्ते अजय देवगन से खराब चल रहे है. एक रिपोर्ट के मुताबिक इन दिनों यानी अजय और संजय में अनबन चल रही है. हालांकि इनकी अनबन की वजह का पता नही चल पाया है. दरअसल रिपोर्ट में कहा गया कि जब संजय से अजय के बारे में सवाल किया गया तो वो उसे इग्नोर करते दिखे. बस यही से अंदाजा लगाया गया कि शायद इन दिनों दोनों के बीच सबकुछ ठीक नहीं है.

वैसे तो दोनों की दोस्ती जगजाहिर है दोनों अक्सर कई मौंकों पर साथ नजर आ चुके हैं. इसके अलवा दोनों ने एक साथ कई फिल्मों में काम भी किया है. वहीं जब संजय दत्त जेल से रिहा हुए तो खुद अजय ने उन्हें फोन कर बधाई दी थी.

हालांकि सलमान से संजय दत्त काफी खफा हैं क्योंकि जब वो जेल से बाहर आए थे. तब सलमान न तो उनसे मिले और ना ही उन्हें सलमान ने फोन किया. अब अजय और संजय की दोस्ती में शायद ही कोई तकरार है या फिर इसकी वजह कुछ और हो सकती है. बता दें कि इन दिनों संजय दत्त अपने आने वाली फिल्म भूमि को लेकर बिजी हैं. जो अगले महीने 22 सितंबर को रिलीज हो रही है.

लैपटाप की बैटरी लाइफ को बढ़ाने के ये हैं कुछ आसान उपाय

लैपटाप हमारी जिंदगी का एक जरूरी हिस्सा बन गया है. लैपटाप को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना काफी आसान होता है. इसके जरिए आप कहीं भी बैठकर अपने सारे काम आसानी से कर सकते हैं. ज्यादातर कंपनियां दावा करती हैं कि उनके लैपटाप 4 से 6 घंटे की बैटरी लाइफ देंगे. लेकिन वास्तव में, लैपटाप का बैकअप टाइम पूरी तरह से आपके इस्तेमाल पर निर्भर करता है. नया लैपटाप खरीदने के बाद एक बार चार्ज करने पर वह 2-3 घंटे काम करता है. लेकिन 6 से 12 महीनों के बाद ही इन लैपटाप की बैटरी लाइफ कम हो जाती हैं, और ये 30 मिनट की ही बैटरी लाइफ देते हैं. लैपटाप का बैकअप टाइम पूरी तरह से आपके इस्तेमाल पर निर्भर करता है.

बैटरी बैकअप कम होने के कारण

  1. लैपटाप की बैटरी 1-2 घंटे में चार्ज नहीं हो रही हैं तो जांच लें कि कहीं बैटरी ओवरहीट तो नहीं हो रही है. अगर ऐसा है तो ओवरहीट होने की समस्या को नजरअंदाज न करें क्योंकि यह मुख्य कारण होता है आपके डिवाइस की बैटरी लाइफ के कम होने का.
  2. अगर आपके लैपटाप की बैटरी ज्यादा हिट हो रही हैं तो उसे तुरंत लैपटाप से निकाल के ठंडे स्थान पर रखें. बैटरी का रोज हिट होना सही नहीं है, हो सकता है कि आपकी बैटरी या चार्जर खराब हो.
  3. लैपटाप को ओवरचार्ज करना भी बैटरी के लाइफ को कम कर देता है. जैसे-जैसे इसकी बैटरी पुरानी होती जाती है, बार-बार पावर प्लग इस्तेमाल करने की जरूरत भी बढ़ती जाती है.
  4. बैटरी की उम्र को ध्यान में रखते हुए लैपटाप को अपग्रेड करने से बेहतर बैटरी बदलना होता है.

आज हम आपको आपके लैपटाप की बैटरी लाइफ को बढ़ाने के कुछ आसान उपाय बताएंगे.

तापमान का रखें ध्यान

ज्यादा तापमान और बढ़ती उम्र धीरे-धीरे बैटरी की परफार्मेंस को कम कर देते हैं. कम तापमान (30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर न हो) में डिवाइस का इस्तेमाल करने से उसकी लाइफ साइकल बेहतर होगी. आप अपने डिवाइस को गर्मी से बचाने की कोशिश करें. स्मार्टफोन के ज्यादा गर्म होने की समस्या से परेशान होना वाजिब है, लैपटाप में इस बात का ध्यान रखें कि आप कूलिंग पैड का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि सीपीयू वेंट से गर्म हवा आसानी से निकल जाए. धूल के कारण अक्सर लैपटाप का वेंट बंद होने लगता है जिस कारण से उसमें बने पंखों को ज्यादा काम करना पड़ता है. इसलिए सफाई रखें, खासकर धूल को ज़रूर हटाएं.

मुफ्त ऐप से बचें

विज्ञापन के साथ आने वाले ऐप्स आपके डिवाइस की बैटरी लाइफ औसतन 2.5 से 2.1 घंटे तक कम कर सकते हैं. ऐसा नहीं है कि सभी फ्री ऐप्स आपकी बैटरी पर असर डालते हैं, लेकिन अगर आपको उस पर कोई विज्ञापन नजर आए तो समझ लीजिए कि यह बैंडविथ और प्रोसेसर पर असर डालेगा ही. अगर आप इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं तो वाई-फाई का कनेक्शन औफ कर दें.

लोकेशन ट्रैकिंग बंद कर दें

हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फेसबुक ऐप डिवाइस की बैटरी को जल्दी खत्म करता है क्योंकि यह बार-बार जीपीएस मौड्यूल का इस्तेमाल करके यूजर की लोकेशन जानता रहता है. ऐसे में जिन ऐप को आपके लोकेशन की जरूरत नहीं है, उनके लोकेशन ट्रैकिंग को औफ कर देने से जरूर मदद मिलेगी.

पूरी तरह चार्ज से बेहतर है थोड़ा-थोड़ा चार्ज करें

बैटरी को 100 फीसदी से सीधे ले जाकर शून्य पर खत्म करने से बेहतर है कि आप इसे 50 फीसदी तक ही डिस्चार्ज होने दें. 30 से 80 फीसदी के बीच का क्रम बनाए रखें. ऐसा करने से आपके बैटरी की लाइफ तीन गुना बढ़ जाएगी. बैटरी को कई साल तक इस्तेमाल करने योग्य बनाने कि लिए लेनेवो का सुझाव है कि आप चार्जिंग का पैटर्न 40 फीसदी से शुरुआत और 50 फीसदी पर बंद, तय कर दें.

डिस्प्ले की ब्राइटनेस कम रखें

यह सुझाव लैपटाप और मोबाइल डिवाइस पर लागू होता है. डिवाइस के इनएक्टिव रहने पर आपका डिस्प्ले कितनी देर तक आन रहे, यह कम करके और डिस्प्ले की ब्राइटनेस कम करके भी आप थोड़ी बैटरी बचा सकते हैं.

बैटरी चार्ज करते वक्त या वाई-फाई पर ऐप अपडेट करें

आमतौर पर कोई भी एक्शन जिससे प्रोसेसर या बैंडविथ पर दबाव पड़ता है, वह ज्यादा ही सीपीयू पावर लेगा. ऐसे मे बेहतर यह होगा कि एक्शन आम तौर पर स्थिर रहे और आप मोबाइल डेटा इंटरनेट के बजाय वाई-फाई का इस्तेमाल करे. आप अपने ऐप्स अपडेट को वाई-फाई पर शेड्यूल करें. अगर आपके डिवाइस में विकल्प मौजूद है तो सिर्फ चार्ज होते वक्त इसे शेड्यूल कर बैटरी लाइफ को बढा सकते है.

फ्लाइट मोड का इस्तेमाल करें

अगर आप ऐसी जगह पर हैं जहां कोई नेटवर्क नहीं है तो बेहतर होगा कि आप फोन में एयरप्लेन मोड (फ्लाइट मोड) को आन कर दें क्योंकि आपका फोन ऐसी जगहों पर बार-बार नेटवर्क तलाश करेगा जिसका असर बैटरी लाइफ पर पड़ेगा.

लैपटाप से एक्सटर्नल ड्राइव को अलग रखें

अक्सर देखने में आता है कि लैपटाप यूजर्स USB डिवाइसेस जैसे पेन ड्राइव, एक्सटर्नल हार्ड डिस्क को लगातार अटैच करते है और अटैच ही रखते हैं. ये डिवाइसेस बैटरी के पावर को लगातार पावर को कम करती हैं. ऐसे में जब भी एक्सटर्नल डिवाइसेस का काम पूरा हो जाए तो उन्हें फौरन लैपटाप से रिमूव कर दें.

इन सुझावों का इस्तेमाल कर आप अपने फोन को पहले की तुलना में ज्यादा बेहतर बैटरी लाइफ दे सकते है.

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