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अच्छे दिन तो आए नहीं, अब ये बुरे दिन कब जाएंगे : कांग्रेस

सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने दावा किया है कि अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब होती जा रही है. सरकार इसकी वजह नहीं समझ पा रही है. पी चिदंबरम ने यशवंत सिन्हा के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने सच बोलने की हिम्मत दिखाई है. कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को उठाती रही है.

पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने कहा आम लोग इस सरकार की नीतियों से परेशान हो गए हैं. वह यह कहने लगे हैं कि अच्छे दिन तो आए नहीं, ये बुरे दिन कब जाएंगे. अब वक्त आ गया है कि अर्थव्यवस्था को समझने वाले लोग और उद्योगपति डर छोड़ सच्चाई बताएं. उन्होंने कहा, दबी जुबान में भाजपा के नेता व सांसद यह बात कहते रहे हैं, पर खुलकर विरोध करने की हिम्मत नहीं दिखा पाते.

अब करिश्मे का इंतजार

पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने कहा कि सरकार दूसरी तिमाही में 5.7 जीडीपी का दावा कर रही है. पर इस विकास दर के साथ रोजगार के अवसर पैदा नहीं किए जा सकते. उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए कम से आठ फीसदी की दर से विकास करना बेहद जरूरी है.

मुश्किल में देश की अर्थव्यवस्था: राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा किया कि देश की अर्थव्यवस्था मुश्किल में है, क्योंकि भाजपा सरकार आम लोगों की बात नहीं सुनती है. गुजरात के सुंदरनगर जिले में जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल ने भाजपा नेता यशवंत सिन्हा के एक आलेख का भी हवाला दिया, जिसमें ने सिन्हा कहा कि सरकार ने अर्थव्यवस्था का विनाश कर दिया. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों, युवाओं, श्रमिकों, कारोबारियों और महिलाओं की कभी सुनी ही नहीं, जो इस देश को चलाते हैं.

खुशखबरी: अब एसबीआई ग्राहकों की मदद करेगा एसआईए रोबोट

ग्राहकों की मदद के लिए एसबीआई ने सिया यानी एसआईए (स्टेट बैंक इंटेलीजेंट असिस्टेंट) रोबोट लांच किया है. जो एक आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस से लैस चैट बोट है. हो सकता है कि अगली बार अगर आप स्टेट बैंक के बैंकिंग प्रतिनिधि या कस्टमर केयर की मदद ले रहे हों तो आपकी मदद कोई व्यक्ति नहीं बल्कि रोबोट सिया कर रहा हो.

आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस बैंकिंग प्लेटफार्म पेजो ने यह चैटबोट पेश किया है. सिया आम बैंकिंग प्रतिनिधियों की तरह ग्राहकों की मदद करेगा और साथ ही ग्राहकों की समस्याओं के हल के साथ बेहद तेजी से सवालों का जवाब भी देगा. इससे बैंकिंग संवाद सेवा पर बढ़ते बोझ को कम किया जा सकेगा. सिया वैश्विक बैंकिंग सिस्टम में मौजूद अन्य चैटबोट से काफी उन्नत है.

पेजो के सीईओ श्रीनिवास जय ने बताया कि एसआईए रोबोट बैंकिंग उद्योग में एक क्रांति है. यह बैंक व ग्राहकों के बीच संवाद को नई दिशा देने का काम करेगा. यह एक दिन में करीब 8.64 करोड़ सवालों का जवाब देने में सक्षम है.

एसबीआई के मुख्य तकनीकी अधिकारी शिव कुमार भसीन ने कहा कि सिया एक ऐसा चैटबोट है जिसके जरिये ग्राहक और बैंक के बीच विभिन्न प्लेटफार्मो पर संपर्क करना बेहद ही आसान होगा. इससे बैंक की संचालन लागत में भी कमी आएगी. फिलहाल यह बैंक से जुड़े उत्पादों और सेवाओं की जानकारी देने का काम करेगा और बाद में इसका विस्तार होगा.

क्या है चैटबोट

इसे 11 नवंबर 2016 को सिटी यूनियन बैंक ने चेन्नई में लांच किया था, जो आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस से लैस भारत का पहला ’बैंक सहायक’ के रूप में कास करेगा. आपको बता दें कि चैटबोट आवाज या लिखित भाषा में संवाद करने वाला कंप्यूटर प्रोग्राम है. यह बैंकिंग, बीमा या किसी अन्य विषय में प्रशिक्षित विशेषज्ञ की तरह ग्राहकों की समस्याओं और सवालों का जवाब देता है. एआई यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लैस होने के कारण यह अपनी गलतियों से सीखता भी है.

आखिर क्या काम करेगा सिया

सिया एक दिन में 8.64 करोड़ जवाब देने के साथ यह 10 हजार इनक्वायरी प्रति सेकेंड का जवाब देगा. खाते में रकम, होम लोन पर ब्याज दर जैसे सवाल और यह खातों में लेनदेन के इतिहास की सूचना भी आपको देगा. बता दें कि यह 25 प्रतिशत गूगल की सर्च रिजल्ट के बराबर काम करेगा.

इसके द्वारा आपको हिंदी, अंग्रेजी समेत कई भाषाओं में जानकारी मिलेगी. संवेदनशील जानकारी सिर्फ स्क्रीन पर आएगी.

बिग बौस के एक एपिसोड के लिए इतने करोड़ लेते हैं बौलीवुड के दबंग खान

बिग बौस टीवी जगत का एक ऐसा शो है, जो लोगों को बेहद पसंद है. यही वजह है कि लोग साल भर इसका इंतजार करते हैं.

इसकी टीआरपी बढ़ने का एक और भी कारण है और वह है शो के होस्ट सलमान खान. हाल ही में उन्होंने बिग बौस के नए सीजन के लौंच इवेंट में मीडिया से बातचीत की, जिसमें उन्होंने बिग बौस से जुड़े हुए कई राज खोले.

उन्होंने इस मौके पर कहा कि वे हर बार शो होस्ट करने से मना करते हैं, लेकिन उन्हें वापस आना पड़ता है. उन्होंने ये भी कहा कि शो की टीआरपी के लिए उनका आना जरूरी है. इन दिनों बिग बौस को लेकर खबरें आ रही हैं कि सलमान खान शो के एक एपिसोड के लिए 11 करोड़ रूपए लेते हैं. इस सवाल पर कलर्स के सीईओ राज नायक ने कहा कि सलमान इतने कम पैसों में नहीं आते. वहीं सलमान ने इसका जवाब नहीं दिया.

इस मौके पर सलमान से सवाल किया गया कि उनका बेस्ट पड़ोसी कौन है? जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता नीचे वाले फ्लैट में रहते हैं और उनसे अच्छा पड़ोसी और कोई नहीं हो सकता, वही मेरे बेस्ट पड़ोसी हैं.

सलमान ने बिग बौस को टीवी का सबसे अच्छा और एंटरटेनिंग शो बताया और कहा कि उन्हें इस शो का कौन्सेप्ट बेहद पसंद है. बिग बौस का नया एपिसोड 1 अक्टूबर से रिले किया जाएगा. अब देखना ये है कि इस साल ये शो कितनी टीआरपी बटोरता है.

जल्दी करें, ये ई-कौमर्स साइट दे रही है हर प्रोडक्ट पर भारी डिस्काउंट

औनलाइन मार्केट में औफर्स की भरमार चल रही है. अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी वेबसाइट अच्छे खासे औफर्स दे रही हैं, लेकिन इस बीच आदित्य बिड़ला ग्रुप की तरफ से एक बुरी खबर आ रही है. आदित्य बिड़ला ग्रुप की औनलाइन शौपिंग वेबसाइट abof.com बंद होने जा रही है. इस वेबसाइट पर प्रोडक्ट्स पर अच्छे खासे डिस्काउंट दिए जा रहे हैं.

कंपनी की ओर से जारी किए गए बयान के मुताबिक साइट पर 15 नवंबर तक की आर्डर लिया जाएगा. इसके साथ ही कंपनी की ओर से अपील की गई है कि अगर किसी के भी पास कोई वाउचर या बैलेंस है तो उसका तुरंत इस्तेमाल कर लिया जाए.

कंपनी की ओर से साइट बंद करने के फैसले के पीछे की वजह भी बताई गई है जिसमें कहा गया है कि ई-कामर्स बाजार की बड़ी कंपनियां फ्लिफकार्ट और अमेजन की ओर से दिए जा रहे भारी डिस्काउंट की वजह से abof.com ग्राहकों के बीच अपनी पैठ नहीं बना पा रही है. माना जा रहा है कि अब तक कंपनी की नुकसान का सामना करना पड़ा है.

वहीं कंपनी की ओर से बयान में यह भी दावा किया गया है कि इस साइट में काम कर रहे 240 कर्मचारियों को ग्रुप के दूसरे में कामों में समायोजित किया जाएगा और अगर कोई कंपनी छोड़ता चाहता है तो उसे मुआवजे के तौर पर साढ़े चार महीने की सैलरी दी जाएगी.

ग्रुप ने पिछले साल इन्हीं कारणों के चलते Trendin.com को बंद कर दिया था. ग्रुप ने abof.com के शुभारंभ करते समय कहा था कि साइट डिस्काउंट की पेशकश नहीं करेगी, इसके बजाय अधिक फैशनेबल रेंज बेचेगी, लेकिन एक साल में ही पोर्टल पर लगभग 70% प्रोडक्ट्स डिस्काउंट के साथ उपलब्ध थे.

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में ई-कामर्स डिस्काउंट पर प्रोडक्ट्स की पेशकश का पर्याय बन गया है. जो दिवाली आने के पहले ही दिखाई दे रहा है. जहां फ्लिपकार्ट, अमेजन, पेटीएम, स्नैपडील और शौपक्ल्यूज जैसी कंपनियां मोबाइल से लेकर हर सामान पर भारी डिस्काउंट के साथ उपभोक्ताओं को लुभा रही हैं. इन सबके बीच अगर कोई और वेबसाइट डिस्काउंट या दूसरे औफर नहीं देगी तो उसका मार्केट में सर्वाइव करना मुश्किल है.

टी-20 में एकबार फिर अपना जलवा बिखेरेंगे एंड्रयू टाई

आस्ट्रेलिया ने भारत के साथ होने वाले अगले तीन टी-20 मैचों की सीरीज के लिए अपनी टीम में एक बदलाव किया है. बता दें कि पिछले हफ्ते आस्ट्रेलिया ने एशेज सीरीज को ध्यान में रखते हुए पैट कमिंस को वापस बुला लिया था. ऐसे में अब कमिंस की जगह पर टीम में बिग बैश और आईपीएल में अपनी शानदार गेंजबाजी से सबको प्रभावित करने वाले एंड्रयू टाई को शामिल किया गया है. यह टाई के लिए काभी बड़ा मौका है.

बताते चलें कि अगला टी-20 मैच 7 अक्टूबर को भारत और आस्ट्रेलिया के बीच टी-20 सीरीज का पहला मैच रांची में खेला जाएगा. दूसरा गुवाहाटी में और तीसरा मैच हैदराबाद में खेला जाएगा.

टाई की सबसे बड़ी खासियत है उनकी नुक्कल गेंद, जिसके इस्तेमाल से उन्होंने ज्यादातर विकेट लिए हैं. इस गेंद का इस्तेमाल स्पिनर्स करते हैं लेकिन तेज गेंदबाजी में इसका इस्तेमाल कर टाई बल्लेबाजों को बैकफुट पर ला देते हैं.

आपको बता दें कि एंड्रयू टाई ने फरवरी में आस्ट्रेलिया के लिए आखिरी बार टी-20 मैच खेला था. आईपीएल में खेलते हुए उनके कंधे में तकलीफ होने की वजह से वह क्रिकेट से दूर रहे हैं. बिग बैश लीग में पर्थ के लिए खेलते हुए उन्होंने 18 रन देकर 4 विकेट लिए, इसके अलावा आईपीएल में उन्होंने हैट्रिक लेकर सभी को अपना कमाल दिखा कर चौका दिया था. दो सीजन बेंच पर बैठने के बाद उनको गुजरात के लिए खेलने का मौका मिला और टाई ने हैट्रिक लेकर अपनी काबलियत साबित की.

जब पहली बार सचिन तेंदुलकर को करना पड़ा था स्लेजिंग का सामना

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर सचिन तेंदुलकर ने महज 16 साल की उम्र में कदम रख तो दिया था मगर इस दौरान उन्हें स्लेजिंग का भी शिकार होना पड़ा. ये उनका डेब्यू मैच था, जो टीम इंडिया अपने चिर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान के खिलाफ खेल रहा था. सचिन जब मैदान पर उतरे तो पाकिस्तानी टीम ने उन्हें हल्के में लिया. पड़ोसी मुल्क को लगा कि ये बच्चा क्या कर पाएगा. मगर सचिन ने जो किया उसे पूरा विश्व कभी भुला नहीं सकता.

पेशावर में 1989 को खेले गए उस डेब्यू मैच में युवा सचिन का पाकिस्तानी फैंस ने मजाक बनाया. कुछ दर्शकों ने पोस्टर में ये लिखकर सचिन का मजाक उड़ाया, ‘दूध पीता बच्चा घर जाकर दूध पी’. मगर सचिन इन सबसे जरा भी विचलित नहीं हुए. सचिन ने मुश्ताक अहमद के ओवर में दो छ्क्के लगाए. छोटे से बच्चे की ऐसी शानदार बल्लेबाजी देखकर टीम के सीनियर खिलाड़ी अब्दुल कादिर गुस्से से लाल पीला हो गए.

अब्दुल कादिर सचिन के पास गए और बोले ‘बच्चों को क्यों मार रहे हो, हमें भी मार कर दिखाओ.’ सचिन ने कादिर की इस बात का मुंह से कोई जवाब नहीं दिया. कादिर जब गेंदबाजी करने आए तो सचिन ने उनके ओवर में तीन छक्के ठोक दिए और साबित कर दिया कि बचकाना खिलाड़ी कौन है. कादिर को अब तक अपनी गलती का एहसास हो चुका था. उन्होंने सचिन की बल्लेबाजी देखकर ताली बजाई और सचिन के सामने हाथ तक जोड़ लिए.

इस मामले पर एक टीवी चैनल को दिए एक इंटरव्यू में अब्दुल कादिर ने कहा था, ‘मुझे एक ही ओवर में इससे पहले किसी ने तीन छक्के नहीं मारे थे. यकीन मानिए मैंने अपने पूरे तजुर्बे के साथ गेंद डाली. लेकिन इस लड़के ने मेरी ही धुनाई कर दी.’

बता दें कि सचिन ने 463 वनडे खेलने वाले सचिन तेंदुलकर ने इस फौर्मेट में 86.23 की स्ट्राइक के साथ 18,426 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने 49 शतक समेत 96 अर्धशतक भी जमाए. वहीं बात अगर टेस्ट की करें तो 200 मैचों में इस खिलाड़ी ने 51 शतक और 68 अर्धशतक की मदद से 15,921 रन बनाएं. इस दौरान उनका औसत 53.78 रहा, टेस्ट क्रिकेट में सचिन 2 हजार से ज्यादा चौके लगाने वाले इकलौते खिलाड़ी हैं, उन्होंने टेस्ट मैचों में 2058 चौके जड़े.

एक ही स्विमिंग पूल में क्या कर रहे हैं दिशा और टाइगर

दिशा पटानी और टाइगर श्राफ कई बार साथ-साथ देखे जा चुके हैं. उनके रिलेशन में होने की खबरें आए दिन छपती रहती हैं. उनके फैन्स भी उन्हें साथ देखना बेहद पसंद करते हैं. अब जल्द ही दोनों को साथ देखने का मौका लोगों को एक बार फिर मिलने वाला है. जैसा कि आप जानते हैं दिशा और टाइगर जल्द ही ‘बागी 2’ में दिखाई देने वाले हैं. वैसे तो फिल्म की रिलीज में अभी काफी समय बचा है, लेकिन दोनों ने साथ-साथ फिल्म के पहले शेड्यूल की शूटिंग पूरी कर ली है और कहा जा रहा है कि जल्द ही फिल्म का दूसरा शेड्यूल भी पूरा हो जाएगा.

लेकिन अपने फैन्स को ज्यादा इंतजार न करवाते हुए टाइगर ने फिल्म से जुड़ी एक तस्वीर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की है. ये तस्वीर फिल्म के सेट से ली गई है. तस्वीर में दिशा और टाइगर स्विमिंग पूल में एक साथ खड़े हुए दिखाई दे रहे हैं, हालांकि दोनों का चेहरा इस तस्वीर में दिखाई नहीं दे रहा है.

And its a wrap schedule 1! #baaghi2 #sajidnadiadwala @khan_ahmedasas @dishapatani @nadiadwalagrandson @wardakhannadiadwala

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साबिर खान की पहली फिल्म ‘बागी’ सुपरहिट हुई थी, जिसके बाद वे ‘बागी 2’ लेकर आ रहे हैं. ‘बागी’ रोमैंस और एक्शन से भरपूर थी, जिसमें श्रद्धा कपूर भी एक्शन सीन में नजर आई थीं. अब उम्मीद की जा रही है कि टाइगर श्राफ के साथ दिशा पटानी भी लात-घूंसे बरसाती हुई नजर आएंगी.

फिल्म की शूटिंग 18 सितंबर से शुरू हो चुकी है और जल्द ही ये सिनेमाघरों में दर्शकों का मनोरंजन करती हुई दिखाई देगी.

पेट्रोल-डीजल अभी और कर सकते हैं आपकी जेब को खाली

पेट्रोल और डीजल खरीदने के लिए आने वाले दिनों में आपको जेब और खाली करनी पड़ सकती है. भारतीय करेंसी रुपए में गिरावट बनी हुई है और इस वजह से विदेशों से कच्चा तेल आयात करने के लिए औयल मार्केटिंग कंपनियों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे, और इसका बोझ वह उपभोक्ताओं पर डाल सकती हैं. इसके अलावा विदेशी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार बढ़ोतरी देखी जा रही है जिस वजह से भी औयल मार्केटिंग कंपनियों की लागत बढ़ेगी.

मंगलवार को अमेरिकी करेंसी डौलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपया करीब 6 महीने के निचले स्तर तक लुढ़क गया. डौलर का भाव बढ़कर 65.22 रुपए तक पहंच गया जो मार्च 2017 के बाद सबसे अधिक भाव है. आज रुपये में करीब 23 पैसे की गिरावट दर्ज की गई है.

दूसरी ओर विदेशी बाजार में कच्चे तेल का भाव बढ़कर 52.43 डौलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है जो करीब 4 महीने में सबसे अधिक भाव है. विदेशी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई बढ़ोतरी की वजह से भारतीय औयल कंपनियों को भी कच्चा तेल खरीदने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे और इसका बोझ भी ग्राहकों पर ट्रांसफर हो सकता है.

दरअसल भारतीय तेल कंपनियों को विदेशों से कच्चा तेल खरीदने के लिए डौलर में भुगतान करना पड़ता है. भारतीय रुपया कमजोर होने की वजह से तेल का भुगतान करने के लिए बाजार से जो डौलर खरीदना पड़ेगा उसके लिए पहले के मुकाबले अब ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे, ऊपर से विदेशी बाजार में तेल का दाम पहले ही बढ़ने लग गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी होने की आशंका भी बढ़ गई है.

एनर्जी मार्केट के एक एक्सपर्ट ने एक निजी समाचार चैनल पर बताया कि घरेलू और वैश्विक स्तर पर तेल की मांग में लगातार इजाफा हो रहा है जिस वजह से आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हो सकता है. उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले दिनों में भारतीय ग्राहकों को पेट्रोल डीजल खरीदने के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं.

पेट्रोल और डीजल का भाव अब भी ऊपरी स्तर पर बना हुआ है और ऐसे में इसके और महंगा होने से उपभोक्ताओं पर मार पड़ेगी. मंगलवार को देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का दाम 70.41 रुपए, कोलकाता में 73.15 रुपए, मुंबई में 79.52 रुपए और चेन्नई में 72.99 रुपए प्रति लीटर दर्ज किया गया है.

भूल गयें हैं अपने फोन का पैटर्न तो ऐसे करें अनलौक

हम में से कई लोग अपने स्मार्टफोन को अनजान लोगों से बचाने के लिए फोन को लौक करके रखते हैं. इसके लिए हम फोन को पैर्टन लौक या पासवर्ड से सेफ रखते हैं. ताकि कोई तीसरा हमारे प्राइवेट मैसेज, कौन्टैक्ट या फोटो को देख ना सके.

ऐसे में कभी कभी होता है कि हम अपने फोन का पासवर्ड या लौक पैटर्न भूल जाते हैं. इसके साथ ही अगर किसी ने आपसे छुपकर आपका पासवर्ड या पैटर्न लौक बदल दिया तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं. ऐसे में आप अपना ही डाटा एक्सेस नहीं कर पाएंगे. यहां हम आपकी इसी समस्या का समाधान लेकर आए हैं. इस ट्रिक से आप फोन का पैटर्न लौक या पासवर्ड भूल जाने पर उसे आसानी से रिकवर कर सकते हैं.

कैसे करें अनलौक

  • सबसे पहले फोन को स्विच औफ कर दें.
  • ध्यान रहे कि अगर आप फोन का पैटर्न लौक भूल गए हैं तो फोन की बैटरी को बाहर निकाल के स्विच औफ करें.
  • अगर आपके फोन की बैटरी नौन रिमूवेबल है तो फोन के वौल्यूम बटन (डाउन) और पावर बटन को 10 सेकेंड तक प्रेस करे इससे फोन रिस्टार्ट हो जाएगा.
  • फोन औन होने के बाद डिवाइस के वौल्यूम बटन के ऊपरी हिस्से को, फोन के होम और पावर बटन को एक साथ दबाएं.
  • फोन को इस स्थिति में तब तक रखें जब तक आपका फोन रिकवरी मोड में ना चला जाएं.
  • फोन के रिकवरी मोड में जाने के बाद आपको एंड्रौयड का लोगो दिखाई देगा. इसके बाद फोन के पावर बटन को दबाएं.
  • अब आपको data/factory reset, wipe cache partition का विकल्प दिखाई देगा.
  • अब आप wipe data/factory reset पर क्लिक करें. जिसके बाद आपको कुछ औप्शन दिखेंगे.
  • आपको Confirm wipe of all user data का विकल्प दिखेगा. इसमें से आपको Yes > Erase Everything पर क्लिक करना होगा.
  • अब आपको Yes-Delete all user का विकल्प मिलेगा. इस पर क्लिक करते ही आपके फोन का लौक खुल जाएगा.

आपको बता दें कि इस प्रक्रिया से आपके फोन में मौजूद सभी प्रकार का डाटा डिलीट हो जाएगा.

अपने टीनऐजर बच्चों के बनें बैस्ट फ्रैंड

कल शाम अपनी पड़ोसिन नविता गुप्ता से मिलने गई तो उन के चेहरे पर परेशानी और झुंझलाहट साफ झलक रही थी. पूछने पर बेचारगी से बोलीं, ‘‘निकिता (उन की 13 वर्षीय बेटी) पिछले कुछ दिनों से खोईखोई, गुमसुम सी रहती है. न पहले की तरह चहकती है, न ही सहेलियों के साथ घूमने जाती है. पूछने पर कोई ढंग का जवाब भी नहीं देती.’’

आजकल ज्यादातर मांएं अपने टीनऐजर बच्चों को ले कर परेशान नजर आती हैं कि दोस्तों से घंटों गप्पें मारेंगे, इंटरनैट पर चैटिंग करते रहेंगे पर हमारे पूछने पर कुछ नहीं मम्मी कह कर चुप्पी साध लेंगे. मुझे अच्छी तरह याद है, अपने जमाने में कालेज के दिनों में मेरी मां मेरी सब से अच्छी दोस्त होती थीं. भलेबुरे का ज्ञान मां ही कराती थीं और मेरी सहेलियों के घर आने पर मम्मी उन से भी खूब घुलमिल कर हर विषय पर बातें करती थीं. इसीलिए आज की पीढ़ी का अपने मांबाप के साथ व्यवहार देख कर मुझे बेहद हैरानी होती है.

क्या है वजह

सचाई की तह तक पहुंचने के लिए मैं ने कुछ किशोरकिशोरियों से चर्चा की.

14 साल की नेहा छूटते ही बोली, ‘‘आंटी, मम्मी एक काम तो बहुत अच्छी तरह करती हैं और वह है टोकाटाकी कि यह न करो, वहां न जाओ, किचन का काम सीखो.’’

10वीं कक्षा की छात्रा स्वाति वैसे तो अपनी मम्मी की पूरी इज्जत करती है पर सारी बातें मम्मी के साथ शेयर करना पसंद नहीं करती.

17 साल की शैली को मलाल है कि मम्मी ने भाई को तो रात 9 बजे तक घर आने की छूट दे रखी है पर मुझ से कहेंगी कि लड़की हो, टाइम पर घर आ जाया करो. कहीं नाक न कटवा देना वगैरह.

कोई व्यक्तिगत समस्या या स्कूल की कोई समस्या आ जाने पर किस से डिस्कस करना पसंद करती हो, पूछने पर 17 वर्षीय मुक्ता बोली, ‘‘बीमार होने पर, अपसैट होने पर या कोई और बड़ी समस्या आने पर सब से पहले मां की याद आती है. वे न केवल बड़े धीरज से सुनती हैं, बल्कि कई बार तो मिनटों में समस्या हल कर के टैंशन फ्री कर देती हैं. मम्मी जैसा तो कोई हो ही नहीं सकता.’’

इन सभी टीनऐजर्स से बातचीत करने पर यह साफ हो जाता है कि खेलने, फिल्म देखने, गपशप करने या मौजमस्ती के लिए भले टीनऐजर दोस्तों को ढूंढ़ें, किंतु जब किसी तरह की समस्या उन के समक्ष आती है, तो वे बेहिचक जिस तरह अपनी मां के पास जा सकते हैं, उस तरह पापा, बहन, भाई या फिर पक्के दोस्त के पास नहीं. ऐसे में मां ही उन की गाइड होती है और बैस्ट फ्रैंड भी.

तो फिर ज्यादातर किशोरकिशोरियां अपनी मां से दोस्ताना रिश्ता कायम क्यों नहीं कर पाते? सच तो यह है कि इस प्रभावात्मक अवस्था में आज के बच्चे यह मान कर चलते हैं कि आज के हिसाब से वे सब कुछ जानते हैं और उन की मांएं कुछ नहीं.

15 वर्षीय ऋतु का कहना है, ‘‘मम्मी जमाने के हिसाब से चलने को तैयार ही नहीं. अच्छे कपड़े पहन कर कालेज जाना, फोन पर दोस्तों से लंबीलंबी बातें करना, महीने में कम से कम

1 बार दोस्तों के साथ मूवी या रेस्तरां जाना कितना वक्त के अनुसार चलने के लिए जरूरी है, ये सब मम्मी नहीं समझतीं.’’

मेरा भानजा नवनीत कहता है, ‘‘पिज्जा और मैकडोनल्ड के बर्गर का स्वाद मम्मी क्या समझेंगी.’’

गलती मातापिता की भी

ईमानदारी से देखें तो आज की तेज रफ्तार जिंदगी में मां बाप शोहरत, रुतबा पूरा करने की होड़ में तो भाग रहे हैं पर अपने बच्चों के मन में संस्कारों के बजाय पैसे की प्रधानता और उम्र से पहले बड़प्पन पैदा कर रहे हैं. पुराने जमाने में बच्चे संयुक्त परिवार में पलते थे, हर चीज भाईबहनों से शेयर की जाती थी. आज एकल परिवारों में 1 या 2 बच्चे होते हैं. बच्चों पर मां का प्रभाव सब से ज्यादा पड़ता है. बेशक पहले के मुकाबले मां और बच्चे में लगाव बढ़ा है. पहले से ज्यादा इन्टैंस भी हुआ है. आज के किशोर यह जरूर चाहते हैं कि मांएं उन्हें समझें, उन की जरूरतें समझें पर मांओं की भी उन से कुछ अपेक्षाएं होती हैं, यह समझने के लिए वे तैयार नहीं होते.

मनोवैज्ञानिक स्नेहा शर्मा के अनुसार, ‘‘आज की पीढ़ी ने आंखें ही उपभोक्तावाद के माहौल में खोली हैं. आज के बच्चे जब मां को यह बताएं कि आप को किस तरह तैयार हो कर, कौन सी ड्रैस पहन कर हमारे स्कूल आना है, तो आप समझ सकते हैं कि बच्चों का मातापिता पर कितना दबाव है.’’

कालेज में लैक्चरर मोहिनी का मानना है, ‘‘नई पीढ़ी द्वारा अपनी बातें मांओं से शेयर न करने के लिए कुछ हद तक मांएं खुद ही जिम्मेदार हैं. नौकरीपेशा मांएं बच्चों को वक्त न दे पाने की मजबूरी को उन्हें ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दे कर छिपाने की कोशिश करती हैं.’’

स्कूल टीचर निर्मला उदाहरण देते हुए कहती हैं, ‘‘मेरे स्कूल में 12वीं कक्षा की एक छात्रा रोज स्कूल 15-20 मिनट देर से आती थी. उस के मातापिता उस के देर से पहुंचने की पैरवी करते हुए कहते कि क्या हुआ, अगर थोड़ी देर से पहुंचती है? जब मांबाप खुद ही अनुशासन का महत्त्व भूल चुके हों, तो बेटी को क्या अनुशासन सिखाएंगे. अच्छी देखभाल का मतलब अब अच्छा खानापीना, दिखना रह गया है. बच्चों में अच्छे जीवनमूल्य डालना अब अच्छे लालनपालन का हिस्सा नहीं रह गया है.’’

कुछ उन की भी सुनें

माता पिता दोनों के कामकाजी होने की वजह ने भी बच्चों की सोच पर असर डाला है. कामकाजी मातापिता समयसमय पर बच्चों को यह एहसास दिलाते रहते हैं कि वे बड़े हो गए हैं. स्वाभाविक है कि बच्चे भी बड़ों की तरह व्यवहार करने लगें. ऐसी हालत में बच्चों के बचपन के साथसाथ बालसुलभ भोलापन खो गया है और उस की वजह सैटेलाइट की दुनिया में घुला सैक्स और मारधाड़ ले चुका है. मातापिता अपनी टूटीबिखरी आकांक्षाओं को बच्चों के जरीए पूरा करना चाहते हैं. ऐसे हालात में क्या जरूरी नहीं कि मातापिता अपने बच्चों को जो चाहे दें, पर साथ ही अपना बहुमूल्य समय भी उन्हें अवश्य दें.

आखिरकार वे आप के बच्चे हैं, उन के किशोरावस्था में बढ़ते कदम आप की सांसों के साथ जुड़े हैं. इसलिए आप को उन का दोस्त बनना सीखना होगा और इस के लिए यह बहुत जरूरी है कि आप उन्हें बराबरी का सम्मान दें. उन्हें गलत और सही का ज्ञान करवाएं. कुछ उन की मानें, कुछ अपनी मनवाएं.

मेरी सहेली शर्बरी का बेटा शाम होते ही कार्टून चैनल लगा कर बैठ जाता. दफ्तर से घर आने पर शर्बरी का मन होता कि अपना पसंदीदा टीवी सीरियल देखे. यह देख कर मुझे बहुत अच्छा लगा जब उन्होंने डांटनेफटकारने के बजाय बेटे को प्यार से यह समझाया, ‘‘बेटा, रोज शाम को पहले मेरी पसंद का सीरियल देखा करेंगे और फिर तुम्हारा कार्टून चैनल.’’

इस तरह प्यार से समझाई गई बात बेटे की समझ में आ गई और मम्मी उस की सब से अच्छी फ्रैंड भी बन गईं.

दूसरी ओर सुनीता ने अपने बच्चों से सुविधा का संबंध कायम किया हुआ है. खुद मिनी को ‘सिली’, ‘स्टूपिड’ जैसे विशेषणों से पुकारती हैं और फिर जब वही अल्फाज बच्चों के मुंह से निकलते हैं, तो उन्हें डांटती हैं. इस से अच्छा होता सुनीता पहले खुद की जबान पर कंट्रोल करतीं.

अकसर देखने में आता है सैटेलाइट के इस युग में जब हर चैनल सैक्स संबंधी बातों/विज्ञापनों को खुलेआम परोस रहा है तो भी मांएं किशोरावस्था की दहलीज पर खड़ी अपनी बेटियों को सैक्स के बारे में स्वस्थ जानकारी नहीं देतीं. ऊपर से उस विषय की कोई मैग्जीन या किताब पढ़ने पर उन्हें डांट देती हैं, जबकि उन की यह जिज्ञासा सहज और स्वाभाविक है. ऐसे में बेहतर होगा मांएं अपनी ड्यूटी समझें. किशोर बेटियों को सही तरीके से पूरी जानकारी दें ताकि वे अपनी मां पर पूरा विश्वास कर सकें, बेहिचक अपनी समस्याएं उन के सामने रख सकें और भटकें नहीं.

बच्चों के साथ दोस्ताना व्यवहार, उन के साथ बिताया गया समय भले ही वह क्वालिटी टाइम बहुत कम हो, उन्हें आप से उन के रिश्ते की कद्र समझाएगा और तब आप स्वयं अपने प्यारे बच्चों की फ्रैंड, फिलौस्फर और गाइड होंगी.

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