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किस काम की ऐसी रस्में : रस्मों की अहमियत जब रिश्ते पर हावी होने लगे

अमला और सुयश का विवाह धूमधाम से संपन्न हो गया. घर में बहुत ही हंसीखुशी का माहौल था. सुयश की मां माया और पति अमला सासबहू कम, मांबेटी ज्यादा लग रही थीं. सारे मेहमान चले गए तो माया ने कहा, ‘‘अमला, अब फ्री हुए हैं. आ जाओ, हिसाब कर लें.’’

अमला कुछ समझी नहीं. बोली, ‘‘कैसा हिसाब? मांजी, मैं समझी नहीं.’’

‘‘अरे, वह जो तुम्हें मुंहदिखाई में कैश मिला है. सब ले आओ.’’

अमला अपना पर्स ले आई. सारा कैश निकाल कर माया को पकड़ा दिया. अमला ने सोचा, देख रही होंगी कि किस ने क्या दिया है. फिर उसी को पकड़ा देंगी.

सारा कैश गिन कर माया ने अपने पर्स में रख लिया तो अमला के मुंह से निकल गया, ‘‘मांजी, इन्हें आप रखेंगी?’’

‘‘हां, और क्या? इतने सालों से सब को दे ही तो रही हूं. यह मेरा दिया हुआ ही तो वापस आया है.’’

‘‘पर यह तो बहू का होता है न.’’

‘‘नहीं अमला, इस पर सास का हक होता है, क्योंकि मैं ही तो दे रही हूं सालों से, न देती तो कौन दे कर जाता?’’

नईनवेली बहू अमला चुप रही, पर मन ही मन सास पर इतना गुस्सा आया कि कई रिश्तेदारों, परिचितों से इस बात की शिकायत कर दी. माया को पता चला तो अमला पर बहुत गुस्सा हुईं.

रिश्ते में दरार

मांबेटी जैसा प्यार धरा का धरा रह गया. शुरुआती दिनों में ही दिलों में ऐसी कटुता जन्मी कि रिश्ता फिर मधुर हो ही नहीं पाया. माया सब से कहती कि अमला को खुद ही ये पैसे ‘उन्हीं का हक है’ कह कर खुशीखुशी दे देने चाहिए थे. उधर अमला का कहना था कि यह उन की मुंहदिखाई का उपहार है, पैसे उसे ही मिलने चाहिए थे.

एक रस्म ने सासबहू के रिश्ते में उपजी मिठास को पल भर में खत्म कर दिया. 4 दिन में ही इस रिश्ते में जो प्यार व सम्मान दिखाई दे रहा था, पैसे की बात आई तो दरार पड़ गई. माया और अमला दोनों ही सासबहू के रिश्ते को प्यार व सम्मान से निभाने की तैयार कर रही थीं पर फिर ऐसी दरार उभरी जो कभी न भर पाई. आज 3 साल बाद भी माया और अमला को किसी के भी विवाह के समय यह बात याद आ जाती है तो आज भी बहस छिड़ जाती है.

बढ़ती हैं दूरियां

सुशीला ने अपनी बड़ी बहू नीता जो साधारण परिवार से आई थी और दहेज में भी कुछ खास नहीं लाई थी, उसे मुंहदिखाई में 100 पकड़ा दिए थे. छोटी बहू नताशा अमीर परिवार की लड़की थी जो अपने साथ बहुत कुछ लाई थी, उस की मुंहदिखाई में सुशीला ने उसे सोने का सैट दिया तो नीता को बहुत दुख हुआ.उस ने मुंह से तो कुछ नहीं कहा पर सास के इस भेदभाव ने उस का मन इतना आहत कर दिया कि वह उन से धीरेधीरे दूर होती चली गई. नताशा के समय मुंहदिखाई का पैसा भी सुशीला ने नहीं लिया जबकि नीता से 1-1 रुपया ले लिया था. यह बात सुशीला के बड़े बेटे रमेश ने भी नोट की तो उसे मां का यह भेदभाव अच्छा नहीं लगा. मन में दूरियां बढ़ती चली गईं.

ऐसी रस्मों से फायदा ही क्या जो किसी का मन दुखा दें. विवाह का अवसर घर में, जीवन में खुशियां लाता है पर कुछ रस्में घर के आपसी संबंधों में कटुता उत्पन्न करती हैं. हमारा समाज आडंबरों, रीतिरिवाजों से घिरा है और आजकल तो परिवार में गिनेचुने ही लोग होते हैं. उन में भी अगर ऐसी रस्मों के चलते कड़वाहट भर जाए तो ऐसी रस्में जीवन भर कचोटती हैं. कोई भी रिश्ता किसी रस्म के चंद पैसों से बढ़ कर नहीं है.

त्वचा की रंगत निखारने में बड़े काम आते हैं ये उबटन

मौसम में परिवर्तन, तेज हवा, धूल व प्रदूषण से त्वचा निरंतर प्रभावित होती है. ऐसे में उस की उचित देखभाल न की जाए तो असमय ही चेहरे की त्वचा झुर्रियों व झांइयों का शिकार होने लगती हैं.

अपनी त्वचा की प्रकृति के अनुसार घरेलू उबटनों का प्रयोग कर के उसे स्वस्थ सुंदर व चमकदार बनाया जा सकता है.

सौंदर्य विशेषज्ञा डाली कपूर कहती हैं कि उबटन से त्वचा कांतिमय बनती है. उस में गजब का निखार आ जाता है. तभी तो शादी के 1 माह पहले से दुलहन को रोज उबटन लगाया जाता है. बस इस बात का ध्यान रखना आवश्यक है कि उबटन के लिए जिस सामग्री का इस्तेमाल कर रही हैं वह आप की त्वचा के अनुकूल हो, साथ ही जब उबटन को स्क्रब करें तो हलके हाथों से करें. ताकत के साथ उबटन को न छुड़़ाएं. ऐसा करने से त्वचा क्षतिग्रस्त हो सकती है. उस पर रैशेज पड़ सकते हैं. हलके हाथों से गोलाई में घुमाते हुए उबटन हटाएं.lifestyle

फायदे अनेक

उबटन के प्रयोग से त्वचा में नमी व चमक बनी रहती है. वह मृत त्वचा को हटा कर त्वचा को नई ताजगी प्रदान करता है. उबटन के प्रयोग से त्वचा का रक्तसंचार सुचारू बना रहता है, क्योंकि इस के उतारने में त्वचा की खुद ही मालिश हो जाती है. उबटन रंग को भी निखारता है. झुर्रियों, झांड़यों से त्वचा को छुटकारा दिलाता है.

ज्यादातर उबटनों में हलदी का प्रयोग किया जाता है. अत: त्वचा कई रोगों से बची रहती हैं. अनेक लाभ होने के बावजूद उबटन का प्रयोग सदैव अपनी त्वचा के अनुरूप ही करना चाहिए. जैसे सूखी त्वचा के लिए कभी खट्टे फल जैसे नीबू, संतरे का रस प्रयोग नहीं करना चाहिए.lifestyle

रंगत निखारने का उबटन

2 चम्मच मलाई, 1 चम्मच बेसन व चुटकी भर हलदी मिला कर पेस्ट बना कर चेहरे पर लगाएं. 10-15 मिनट बाद चेहरा धो ले. रंगत निखरने लगेगी.

1 चम्मच उरद दाल को कच्चे दूध में भिगो दें. पीस कर पेस्ट बनाएं. फिर इस में थोड़ा सा गुलाबजल मिला कर चेहरे पर लगाएं. थोड़ी देर सूखने दें. फिर धीरेधीरे गोलाई में रगड़ते हुए उतार दें और चेहरे को धो लें. त्वचा चमक उठेगी.

2 चम्मच बेसन, 1 चम्मच सरसों का तेल व थोड़ा सा दूध मिला कर पेस्ट बना लें. पूरे शरीर पर इस उबटन को लगा लें. कुछ देर बाद हाथ से रगड़ कर छुड़ाएं और नहा लें. त्वचा मुलायम हो जाएगी.

मसूर की दाल को पीस कर पाउडर बना लें. फिर 2 चम्मच दाल के पाउडर में 1 अंडे की जरदी मिला कर पेस्ट बना लें. इस में 2 बूदें नीबू का रस व 1 बड़ा चम्मच कच्चा दूध मिला कर रोज चेहरे पर लगाएं. सूखने पर छुड़ा लें और चेहरे को ठंडे पानी से धो लें.

1 चम्मच दही, 1 बड़ा चम्मच बेसन, चुटकी भर हल्दी व 2-3 बूंदें नीबू का रस मिला कर गाढ़ा लेप तैयार करें. इसे हाथपांवों चेहरे व बाकी शरीर पर लगा कर 5-10 मिनट लगा रहने दें. फिर धीरेधीरे हाथ से छुड़ा कर नहा लें.

1 चम्मच मुलतानी मिट्टी पाउडर में थोड़ी सी मलाई व कुछ बूदें गुलाबजल की मिला कर पेस्ट बना लें. इसे चेहरे पर लगा कर सूखने दें. फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें.

1 चम्मच सरसों को दूध में मिला कर बारीक पीस लें, फिर चेहरे पर लगाएं. सरसों के उबटन से न केवल रंगत में निखार आएगा, त्वचा की चमक भी बनी रहेगी.

दही त्वचा की रंगत निखारता है. नीबू से तैलीयता कम होती हैं. इन दोनों को मिला कर बनाया गया उबटन त्वचा को निखारता है.

खरबूजे और सीताफल के बीजों को बराबर मात्रा में ले कर पीस लें. फिर दूध मिला कर चेहरे और गरदन पर लगाएं. फिर छुड़ा कर नहा लें. कुछ दिनों के प्रयोग से रंगत निखरने लगेगी.

1 ब्रैडस्लाइस को थोड़े से दूध में भिगो कर चेहरे पर लगाएं. 5-10 मिनट बाद रगड़ कर छुड़ा लें. ताजे पानी से चेहरा धो लें. मृत त्वचा हट कर नई त्वचा आ जाएगी.

1 चम्मच चने का आटा या बेसन, चुटकी भर हल्दी, 2-3 बूंदें नीबू का रस और थोड़ा सा कच्चा दूध मिला कर लेप बना लें. कुछ दिनों तक इस का प्रयोग चेहरे या पूरे शरीर पर करें. त्वचा निखर उठेगी.

रूखी त्वचा के लिए

1 बड़ा चम्मच चावल का आटा, 1 छोटा चम्मच शहद व 1 छोटा चम्मच अंडे की सफेदी को मिला कर लेप बना लें. इसे 5 मिनट चेहरा पर लगा कर रखें. फिर चेहरा धो लें.

1 बड़ा चम्मच जौ का आटा, 1 अंडे की जरदी,

1 छोटा चम्मच शहद व थोड़ा सा दूध मिला कर चेहरे पर लगाएं. 10-15 मिनट बाद चेहरा धो लें.

1 बड़ा चम्मच चंदन पाउडर में गुलाबजल मिला कर लेप बना लें. फिर चेहरे पर 15-20 मिनट लगा कर रखें. बाद में हलके हाथ से रगड़ कर छुड़ा कर चेहरे को धो कर साफ करें.

1 पके केले को मसल कर पेस्ट बना लें. इस में थोड़ा सा शहद व कुछ बूंदें नीबू का रस मिला कर चेहरे पर मलें. 5-6 मिनट बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें. इस से चेहरे में निखार तो आता है, झुर्रियां भी नहीं रहती.

1 छोटा चम्मच बादाम का पाउडर, 1 छोटा चम्मच मलाई, 1 बड़ा चम्मच मसूर की दाल का पेस्ट, 1/4 छोटा चम्मच गुलाबजल व कुछ बूदें तेल की मिला कर पेस्ट बना लें. इसे चेहरे व बाकी पूरे शरीर पर लगाएं. कुछ देर बाद  छुड़ा कर नहा लें. त्वचा चमक उठेगी.

तैलीय त्वचा के लिए

1 बड़ा चम्मच जौ का आटा व 1 बड़ा चम्मच सेब का गूदा मिला कर पेस्ट बना लें. इसे चेहरे पर लगाएं. 10-15 मिनट बाद छुड़ा कर चेहरे को धो लें.

2 बड़े चम्मच संतरे के छिलकों के पाउडर में थोड़ा कच्चा दूध व गुलाबजल मिला कर गाढ़ा लेप तैयार करें. चेहरे पर लगाएं. थोड़ी देर लगा रहने दें. फिर चेहरा धो लें. त्वचा कांतिपूर्ण हो जाएगी.

1 बड़ा चम्मच दही व 1 छोटा चम्मच खीरे का रस मिला कर 10-15 मिनट चेहरे पर लगाएं. फिर ठंडे पानी से चेहरा धो लें.

1 बड़ा चम्मच चंदन पाउडर, 1 छोटा चम्मच नीम की पत्तियां, 1 बड़ा चम्मच गुलाब की पत्तियां, 1 छोटा चम्मच चोकर व चुटकी भर हलदी पाउडर को मिला पेस्ट बनाएं और चेहरे पर 10-12 मिनट लगाएं रखें. सूखने पर थपथपा कर छुड़ाएं और धो लें.

1 बड़ा चम्मच जौ का आटा, 1 बड़ा चम्मच चने का आटा, चुटकी भर हलदी, 4-5 बूंदें नीबू का रस व 1 बड़ा चम्मच गुलाबजल मिला कर लेप तैयार करें. इसे चेहरे या शरीर पर लगाएं. सूखने पर छुड़ा कर नहा लें.

दाग धब्बेदार त्वचा

2 बड़े चम्मच मलाई व कुछ बूंदे गुलाबजल में हलदी की ताजी गांठ पीस कर मिलाएं और चेहरे पर कुछ दिन तक रोज लगाएं. त्वचा बेदाग हो निखर उठेगी.

1 बड़ा चम्मच सूखी नीम की पत्तियां, 2 बड़े चम्मच जौ का आटा, 2 बड़े चम्मच चने का आटा, 2 बड़े चम्मच मुलतानी मिट्टी पाउडर, 1/2 चम्मच शहद व कुछ बूंदें नीबू का रस मिला कर लेप तैयार कर चेहरे पर लगाएं. कुछ दिन के प्रयोग से त्वचा साफसुथरी दिखने लगेगी. इस पेस्ट को बना कर 1 हफ्ते तक फ्रिज में रखा जा सकता है.

दूध में चुटकी भर हलदी, गेहूं का आटा व कुछ बूंदें तेल की डाल कर पेस्ट बना लें. इसे हाथपैरों व चेहरे पर मलें. फिर सूखने पर रगड़ कर छुड़ा लें. ऐसा रोज करें और अपनी रंगत में आए बदलाव को देखें.

‘पद्मावती’ विवाद पर संजय लीला भंसाली ने दी सफाई, पर वीडियो हुआ असरहीन

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘‘पद्मावती’’ का विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. बल्कि यह विवाद दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है. उधर संजय लीला भंसाली ने अपनी पूरी टीम पर मीडिया से बात करने पर पाबंदी लगा रखी है. यहां तक कि खुद संजय लीला भंसाली भी मीडिया से बात नहीं करना चाहते. मगर तमाम विवादों को खत्म करने के लिए संजय लीला भंसाली ने एक वीडियो जारी किया है.

इस वीडियो में खुद संजय लीला भंसाली ने दावा किया है कि उनकी फिल्म में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच कोई स्वप्न दृष्य नहीं है. पर अहम सवाल यह है कि यदि संजय लीला भंसाली सच बोल रहे हैं, तो फिर उन्हें मीडिया के सामने आकर खुलकर बात करने से परहेज क्यों है? क्या किसी ने उन्हें चुप रहने की सलाह दे रखी है? मजेदार बात यह है कि भंसाली की तरफ से हर दिन इस विवाद में घी डालने का ही काम किया जा रहा है. बुधवार को वीडियो जारी करने के साथ ही फिल्म ‘‘पद्मावती’’ का नया पोस्टर जारी किया गया है, जिसमें फिल्म के प्रदर्शन की तारीख 30 नवंबर लिखी हुई है, जबकि फिल्म एक दिसंबर को प्रदर्शित करने की बात की जा रही थी.

विवाद को भुनाने का प्रयास या..

सूत्रों के अनुसार बौलीवुड का एक तबका मान रहा है कि संजय लीला भंसाली अपनी फिल्म को विवादों में रखकर इसकी सफलता को सुनिश्चित करना चाहते हैं क्योंकि इस फिल्म का बजट डेढ़ सौ करोड़ से भी ज्यादा है. बौलीवुड के अंदरूनी सूत्र दावा कर रहे हैं कि ‘पद्मावती’ इतने बड़े बजट को बाक्स आफिस से नहीं इकट्ठा कर सकती.

पद्मावती के विरोध में आए पूर्व राजघराने

इधर बुधवार को ही ‘‘पद्मावती’’ के विरोध में राजस्थान के सभी पूर्व राज घराने भी एक साथ आ गए हैं. बुधवार को जयपुर के सिटी पैलेस में पूर्व राज परिवार की पद्मिनी देवी और भाजपा विधाक दिया कुमारी ने पत्रकारों से बात करते हुए साफ कर दिया कि वह इतिहास से छेड़छाड़ करने वाली फिल्म ‘‘पद्मावती’’ को राजस्थान में प्रदर्शित नहीं होने देंगी.

पद्मिनी देवी ने तो भंसाली पर आरोप लगाया है कि वह अपने वादे से मुकर गए हैं. उनके अनुसार भंसाली ने उनसे वादा किया था कि वह फिल्म बनने के बाद उन्हें दिखाएंगे, उसके बाद ही प्रदर्शन की योजना बनाएंगे. मगर संजय ने अब तक उन्हें फिल्म नहीं दिखायी तथा फिल्म का ट्रेलर व गाना आदि रिलीज कर दिया.

पूर्व राजघराने की सदस्य व भाजपा विधायक दिया कुमारी ने कहा है, ‘‘चित्तौड़ की महारानी पद्मावती और उनके साथ जौहर करने वाली सोलह हजार वीरांगनाओं के शौर्य व साहस से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करना उनका अपमान है. हम बचपन से ही रानी पद्मावती के शौर्य व बलिदान की कहानियां सुनते हुए बड़े हुए हैं. जहां हजारों औरतों के साथ अस्मिता को बचाने के लिए जौहर किया था. ऐसे में कोई कैसे स्वप्न दृश्य के द्वारा प्रेम कथा को बयां कर सकता है.’’

राजस्थान में नहीं होगी प्रदर्शित

उधर राजस्थान के सबसे बड़े फिल्म वितरक राज बंसल ने फिल्म के वितरण अधिकार खरीदने से साफ मना कर दिया है. उनका कहना है कि जब तक संजय लीला भंसाली और राजपूत करणी सेना के बीच का मसला सुलझ नहीं जाता, तब तक वह फिल्म के वितरण के अधिकर नहीं लेंगे और राजस्थान के सिनेमाघरों में फिल्म को प्रदर्शित नहीं करेंगे.

कई राजनेता विरोध में

उमा भारती, गिरिराज किशोर व उज्जैन से भजपा सांसद चिंतामणी मालवीय भी ‘‘पद्मावती’’ के विरोध में आ गए हैं. उमा भारती ने बाकायदा फेसबुक पर एक खुला पत्र लिखा है.

गुजरात चुनाव के बाद क्रिसमस में आएगी ‘‘पद्मावती’’

उधर गुजरात भाजपा के कई नेताओं ने फिल्म को गुजरात चुनाव के बाद प्रदर्शित करने की मांग करते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. अब संजय लीला भंसाली से जुड़े कुछ सूत्र कह रहे हैं कि हो सकता है कि यह फिल्म गुजरात में चुनाव संपन्न होने के बाद रिलीज की जाए.

महाराष्ट्र के नांदेड़ में भाजपा की हार से मिलते सबक

नांदेड़ महाराष्ट्र का एक छोटा शहर है, पर बहुत छोटा भी नहीं. यहां रोजाना हवाई सेवा चलती है, क्योंकि 10वें सिख गुरु गोबिंद सिंह का 1708 में यहीं देहांत हुआ था और उन्होंने ही सिख पंथ के नेता की जगह गुरु ग्रंथ को दी थी. 6 लाख की आबादी वाले इस शहर का नाम तब चमका, जब यहां 11 अक्तूबर, 2017 को हुए कारपोरेशन के चुनाव में इतिहास रच डाला. उम्मीद थी कि यहां भारतीय जनता पार्टी ही जीतेगी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस डेरा जमाए हुए थे और 2012 के चुनाव में 41 सीटें जीत कर राज कर रही कांग्रेस को हराने के लिए कमर कसे हुए थे.

नतीजे चौंकाने वाले निकले. 81 सीटों में से 73 कांग्रेस को मिलीं, भारतीय जनता पार्टी को 6, शिव सेना को एक व शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को बड़ा अंडा मिला. कांग्रेस के अशोक चव्हाण ने राहुल गांधी को तोहफा दे दिया कि भाजपा की हर जगह जीत की कोई गारंटी नहीं.

यह ठीक है इस शहर में मुसलिम व दलित वोटर ज्यादा हैं और 2014 में भी नरेंद्र मोदी की लहर में यह सीट कांग्रेस के पास रही थी, पर उम्मीद थी कि जिस तरह नरेंद्र मोदी का दबदबा बढ़ रहा था उस में कांग्रेस की दाल सिर्फ दलदल बन कर रह जाएगी.

नांदेड़ जीत कर कांग्रेस को नया जोश मिला है कि मेहनत की जाए तो सरकार को पटकनी दी जा सकती है. जरूरत है एक ठीकठाक लीडर की और बड़ी पार्टी की लड़ने की मंशा की.

आज जनता बुरी तरह नोटबंदी, टैक्सबंदी, मांसबंदी, मुंहबंदी, सोचबंदी, शौचबंदी, आधारबंदी से कराह रही है. नारे चाहे यह मुक्त भारत, वह मुक्त भारत के लग रहे हों, देश में असल लहर तो मुक्ति मुक्त भारत की चलाई जा रही है, जिस में मुट्ठीभर दरबारी और भगवाधारी पूरे देश को मुसलिम देशों की तरह धर्म के नाम पर चलाने की कोशिश में लगे हैं. नांदेड़ ने जताया है कि यह कोशिश उलटवार कर सकती है और मुक्ति दिलाने वाले को ताकत से मुक्त कर सकती है.

लोकतंत्र और वोटतंत्र में बहुत खराबियां हैं, पर फिर भी अपनी राय को जाहिर करने और अपने गुस्से को वोट से पहुंचाने की ताकत अब भी आम लोगों के हाथों में है. जल्दी ही गुजरात व हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इन पर नांदेड़ के चुनाव का असर पड़ सकता है.

वैसे, इसी तरह के परिणाम 2014 में भी आए थे, जब मोदी लहर के बावजूद अरविंद केजरीवाल दिल्ली विधानसभा की 70 में से 67 सीटें जीत गए थे, पर फिर कारपोरेशन के चुनाव हार गए थे. नांदेड़ एक फुस अनार भी साबित हो सकता है और महाबम भी. यही कुछ पंजाब के गुरदासपुर में हुआ, जहां भाजपा की विनोद खन्ना की सीट पर कांग्रेस ने तकरीबन 3 लाख वोटों से जीत हासिल की.

नोटबंदी का एक साल : चुनाव में काम आएंगे पुराने 500 और 1000 के नोट

केंद्र सरकार ने आज से ठीक एक साल पहले 8 नवंबर, 2016 को 500 और 1000 रुपये के नोटों पर रोक लगा दी थी. इसके बाद लोगों को बैंक जाकर इन नोटों को बदलवाना अनिवार्य था. कई ऐसे लोग भी थे, जो समय से अपने सभी पुराने नोट बदल नहीं सके. लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि उन नोटों का क्या हुआ? बैंक में उन्हें जमा करने के बाद उनका क्या किया गया? अगर नहीं पता, तो हम बताते हैं.

केंद्र सरकार द्वारा बंद किए वे सभी 500 और 1000 के नोट दक्षिण अफ्रीका भेजे जा रहे हैं, जहां उन्हें होने वाले चुनावों में इस्तेमाल किया जाएगा. ऐसा केरल में कन्नूर की कंपनी वेस्टर्न इंडियन प्लाइवुड लिमिटेड के वजह से हो रहा है, जो बीते नवंबर से उन नोटों को हार्ड बोर्ड (लकड़ी के) बनाकर रीसाइकल करने में जुटी है.

कंपनी के मार्केटिंग हेड पी. महबूब ने इस बारे में कहा कि 2019 में दक्षिण अफ्रीका में चुनाव होने हैं और यह हार्ड बोर्ड उसी दौरान काम आएंगे. उनके मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तिरुवनंतपुरम स्थित क्षेत्रीय दफ्तर से उन्हें तकरीबन 800 टन के बंद किए गए नोट मिले थे. 1945 में इस कंपनी की स्थापना कन्नूर के वलापट्टनम में हुई थी, जो प्लाईवुड, ब्लौक बोर्ड और फ्लश डोर तैयार करती है.

ऐसे काम आएंगे 500 और 1000 के नोट

पुराने नोट जिस कागज से बनाए गए थे, वह अच्छी गुणवत्ता का था. ऐसे में कंपनी उन नोटों को मशीनों से लुग्दी के रूप में तब्दील करेगी. कंपनी लकड़ी लुग्दी से कड़े और मुलायम बोर्ड बनाती है. यही बोर्ड बनाने में वह पांच से 15 फीसद तक पुराने नोटों की लुग्दी इस्तेमाल करेगी, जिसे लकड़ी की लुग्दी के साथ मिलाया जाएगा. यह काम थर्मोमकैनिकल पल्पिंग की तकनीक से किया जाएगा.

आमतौर पर आरबीआई नोटों का निस्तारण उन्हें जला कर करता है लेकिन इस बार नोटों की संख्या बेहद अधिक थी, लिहाजा बैंक ने उसे रीसाइकिल होने के लिए भेज दिया. कंपनी ने इन नोटों के लिए बैंक को 200 रुपये प्रति टन के हिसाब से रकम चुकाई है. ऐसा पहली बार होगा कि यह कंपनी अपने हार्ड बोर्ड्स में भारतीय मुद्रा को मिला कर उन्हें अफ्रीकी और खाड़ी देशों में निर्यात करेगी.

औनलाइन बिक रहे हैं 500 1000 के नोट

नोटबंदी के वक्त कई ऐसे लोग भी थे, जो समय से अपने सभी पुराने नोट बदल नहीं सके. ये अब अपने पुराने नोट उसकी वास्तविक कीमत से ज्यादा मूल्य पर औनलाइन नीलाम कर रहे हैं.

इस काम के लिए वे ‘ई-बे’ जैसी साइट का इस्तेमाल करते हैं. पुराने नोटों को सहेज कर रखने के शौकीन इन नोटों के खरीदार बनते हैं.

ऐसी ही साइटों पर 500 और 1000 के पुराने नोट उपलब्ध हैं. वैसे पुरानी चीजों को सहजने की प्रवति नई नहीं है. ऐसा नोटबंदी से पहले भी होता रहा है. प्रचलन से हट गए नोटों को लोग अपनी रुचि के अनुसार संग्रहालय या घर के किसी कोने में सहेजकर रखते थे. देश ही नहीं, ऐसा विदेश में भी होता है. नोट जितना पुराना होता जाता है, उसकी कीमत उतनी ही बढ़ती जाती है.

क्या हैं कीमतें

‘ई-बे’ वेबसाइट पर 299 से 599 तक की कीमत पर 500 और 1000 के नोट उपलब्ध हैं. यहां 200 और 500 के नए नोट भी उपलब्ध हैं. इनकी खासियत लकी माना जाने वाला नंबर 786 मौजूद होना है. 786 नंबर के 200 के नोट की कीमत 425 रुपये और 500 के नोट की कीमत 900 रुपये है.

साथ ही यहां 10 का पुराना नोट 120 रुपये 1 रुपये का पुराना नोट 140 रुपये और 100 रुपये का नोट 275 रुपये की कीमत पर उपलब्ध है. यहां 20 रुपये के पूर्ण चक्र वाले नोट की कीमत 1699 रुपये है.

ओला की माइक्रोसाफ्ट के साथ वैश्विक भागीदारी की घोषणा

ऐप के जरिए लोगों को कैब बुकिंग सेवा देने वाली ओला ने प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसाफ्ट के साथ वैश्विक भागीदारी की घोषणा की है. ओला इस करार के तहत माइक्रोसाफ्ट के माइक्रोसाफ्ट क्लाउड, एआई और उत्पादकता टूल का इस्तेमाल करेगी.

इसका उद्देश्य दुनिया भर के कार विनिर्माताओं के लिए अत्याधुनिक ‘कनेक्टेड व्हीकल प्लेटफार्म’ तैयार करना है. इससे कारों की बेहतर देखभाल के साथ ही ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाया जाएगा.

इस अवसर पर भारत की दो दिवसीय यात्रा पर आए माइक्रोसाफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने कहा, ‘दोनों कंपनियां अपनी इस पेशकश को वैश्विक स्तर पर कार विनिर्माताओं के समक्ष भी रखेंगी. ओला के साथ मिलकर हम अपने ग्राहकों को और समझदार, कनेक्टेड व उत्पादक अनुभव मुहैया कराना चाहते हैं.

ओला के सह संस्थापक व सीईओ भविश अग्रवाल ने ओला और माइक्रोसाफ्ट के साथ वैश्विक भागीदारी की रूपरेखा को सामने रखते हुए कहा, दोनों कंपनियों के इस तरह से साथ काम करने से भारत व अन्य देशों में भविष्य की मोबिलिटी को और बल मिलेगा. इसके जरिये एआई व आईओटी जैसी नई तकनीक की शक्तियों का उपयोग किया जाएगा. इस करार में माइक्रोसाफ्ट वरीय क्लाउड प्रदाता होगा तथा उसके यूजर क्लाउड प्लेटफार्म का इस्तेमाल ओला-प्ले में भी होगा.

सड़कों पर रफ्तार भरने के लिए तैयार है ये सिंगल पहिये वाली बाइक

बाइक के शौकीन लोगों के लिए यह खास खबर है, क्योंकि जल्द ही सड़कों पर रफ्तार भरने के लिए उनके हाथ में एक पहिये वाली जबरदस्त बाइक आने वाली है. जी हां, अब वह दिन दूर नहीं जब आपको सड़क पर एक पहिये वाली बाइक भी फर्राटा भरते नजर आएगी. ्आर

पको बता दें कि हाल ही में टोक्यो में आयोजित 45वें मोटर शो में बाइक निर्माता कंपनी यामहा ने 3 पहियों वाली सुपरबाइक पेश की थी. जिसके बाद अब बाजार में सिंगल पहिये वाली मोटरबाइक जा रही है. नये डिजाइन की इस बाइक को लेकर युवाओं में जबरदस्त क्रेज है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मोटरबाइक निर्माता कंपनी रायनो मोटर्स (Ryno Motors) ने सिंगल व्हील मोटरसाइकिल डिजाइन की है. कंपनी ने इस बाइक का डिजाइन भी काफी दमदार बनाया है. कंपनी ने इस बाइक की टेस्टिंग भी कर ली है.

बाइक को माडर्न होवरबोर्ड को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. इस बाइक का वजन करीब 72 किग्रा है, लेकिन इस पर 115 किलो वजन को आसानी से ले जा सकता है. बैटरी से चलने वाली रायनो की इस बाइक के 25 इंच चौड़े टायर में ही बैटरी की जगह बनाई गई है. आप इसे एक बार फुल चार्ज करने के बाद आसानी से मीलों का सफर तय कर सकते हैं.

आरामदायक सिंगल सीट वाली रायनो की यह बाइक 10 मील प्रति घंटा यानी करीब 16 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है. इस सेल्फ बैलेंसिंग बाइक को आसानी से टर्न भी किया जा सकता है.

सिंगल व्हील बाइक को पार्क करने का तरीका काफी मजेदार है. इस बाइक के फ्रंट बंपर पर बाइक को पार्क करने के लिए स्टैंड दिया गया है. आम बाइक की तरह रायनो की इस बाइक में हैडलाइट, हार्न, पावर प्लग, एडजस्टेबल सीट और ब्रेक सभी कुछ दिए गए हैं. उम्मीद की जा रही है कि इस बाइक का फाइनल माडल जल्द ही बाजार में उपलब्ध होगा.

रिलायंस बंद करने जा रही है अपनी वौयस कौलिंग सुविधा

रिलायंस कम्युनिकेश (Rcom) जल्द ही अपने यूजर्स को झटका देने वाली है. अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस अपने सभी नेटवर्क पर वौयस कौलिंग सर्विस 1 दिसंबर से बंद करने जा रही है. आरकौम अब अपनी 3जी और 4G LTE सर्विस पर फोकस करेगी.

एयरसेल के साथ मर्जर रद्द होने के बाद कंपनी ने यह कदम उठाया है. फिलहाल कंपनी मोबाइल कारोबार के लिए अल्‍टरनेटिव पर विचार कर रही है. इसकी जानकारी टेलीकौम अथौरिटी औफ इंडिया (TRAI) ने दी है. ऐसे में आरकौम के यूजर्स के पास दूसरे नेटवर्क पर शिफ्ट होने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं है.

वायरलेस कारोबार भी होगा बंद

रिलायंस कम्युनिकेशन के वायरलेस बिजनेस को भी बंद करने करने की घोषणा की जा चुकी है. 30 नवंबर को इसका आखिरी दिन होगा. इस बारे में सभी एम्पलौइज को सूचना दी गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी के इस फैसले के बाद रिलायंस की डीटीएच सेवा नवंबर में पूरी तरह बंद हो जाएगी. कंपनी के टेलीकौम विभाग के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर गुरदीप सिंह का कहना है कि वायरलेस कारोबार को कर्ज की वजह से बंद करना पड़ रहा है.

कारोबार को चलाने की कोशिश की गई, लेकिन अब इसे 30 दिन से ज्यादा चलाना संभव नहीं है. हालांकि, ILD वौयस, कंज्यूमर वौयस और 4G डौन्गल पोस्ट-पेड सर्विस को जारी रखा जा सकता है.

इस वजह से बंद होगी वौयस कौलिंग

रिलायंस कम्युनिकेशंस पर करीब 46 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है. एयरसेल के साथ डील से कर्ज की रकम चुकाने का मौका था, लेकिन डील के रद्द होने से वायरलेस सर्विस बंद करने का फैसला लिया जाएगा.

4G सर्विस प्रोवाइड कराएगी कंपनी

रिलायंस कम्युनिकेशंस अपने आठ सर्किल (आंध्रप्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, यूपी ईस्ट, वेस्ट, तमिलनाडु, कर्नाटका और केरला) में 2G और 4G सर्विस देती है. कंपनी सिस्टेमा श्याम टेलिसर्विसेस के नेटवर्क को अपग्रेड करने का काम करेगी. इससे दिल्ली, राजस्थान, यूपी वेस्ट, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, गुजरात और कोलकाता जैसे जगहों पर 4G सर्विस मुहैया कराई जा सकेगी.

31 दिसंबर है आखिरी तारीख

आरकौम के यूजर्स के पास अपने नंबर को पोर्ट कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. 31 दिसंबर तक ग्राहकों को अपना नंबर दूसरे नेटवर्क पर पोर्ट कराना होगा या नंबर बंद करना पड़ेगा. पोर्टेबिलिटी में कंपनी भी अपने ग्राहकों की मदद कर रही है. इसके लिए सभी ग्राहकों को पोर्टिंग रिक्वेस्ट कोड नंबर एसएमएस के जरिए भेजे जा रहे हैं.

कैसे कराएं नंबर पोर्ट

नंबर पोर्ट कराने के लिए अपने फोन से PORT और अपना मोबाइल नंबर लिखकर उसे 1900 पर भेजें. SMS भेजने के बाद 8 अंकों का यूनिक कोड मिलेगा. इस कोड को एक निर्धारित फौर्मेट, कस्टमर एप्लीकेशन फौर्म (जिस कंपनी में पोर्ट कर रहे हैं) के साथ कंपनी के आउटलेट पर एक फोटो और एड्रेस प्रूफ सहित जमा करना होगा.

पोर्टेबिलिटी के लिए अलग से कोई चार्ज नहीं देना होगा. याद रहे एड्रेस प्रूफ के तौर पर आपको आधार देना जरूरी होगा.

फेसबुक डाटा का रखना है बैकअप तो अपनाएं ये आसान उपाय

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के जरिए आप आसानी से अपने परिवार और दोस्तों के साथ साथ पूरी दुनिया से जुड़े रहते हैं. फेसबुक के माध्यम से लोग अपने फोटो, वीडियो और अन्य पसंद के लिंक, समाचार, जानकारियां और रचनाएं अपने मित्रों के साथ शेयर करते हैं. ऐसे में आपके फेसबुक अकाउंट पर काफी डाटा सेव हो जाता है.

फेसबुक पर सेव डाटा हालांकि सुरक्षित है किंतु यदि किसी कारणवश आपका अकाउंट बंद हो जाए या आप उसे एक्सेस न कर पाएं तो वहां मौजूद महत्वपूर्ण डाटा नष्ट भी हो सकता हैं. ऐसे में आप चाहें तो फेसबुक पर मौजूद डाटा का बैकअप लेकर उसे हमेशा के लिए सुरक्षित रख सकते हैं.

फेसबुक डाटा बैकअप लेने का आसान तरीका

– सबसे पहले अपना फेसबुक अकांउट ओपेन करें. जहां अकाउंट में दाईं ओर दिए गए एक नेविगेशन बटन पर क्लिक करना होगा.

– जिसके बाद “Settings” आप्शन आएगा उस पर क्लिक करें.

– “Settings” टैब में जनरल अकाउंट सेटिंग विंडो ओपेन होगी. यहां आपके अकाउंट की जानकारी दी गई है. जिसमें नाम, अकाउंट और कान्टैक्ट मौजूद हैं.

– वहीं इस विंडो में सबसे नीचे “Download a copy of your Facebook data Information” का लिंक दिया गया है. जिस पर आपको क्लिक करना है.

– डाउनलोड कापी लिंक पर क्लिक करने के बाद “Start My Archive” का आप्शन आएगा, इस बटन पर क्लिक करें.

– “Start My Archive” बटन पर क्लिक करते ही डाउनलोडिंग के लिए एक रिक्वेस्ट विंडो ओपेन होगी उसे स्टार्ट करें. जिसमें पूछा जाएगा कि अपने फोटो, मैसेज या अन्य जानकारियों को सेव रखना चाहते हैं?

– स्टार्ट पर क्लिक करने के बाद आपसे फेसबुक अकाउंट का पासवर्ड पूछा जाएगा. वहां क्लिक करते ही फेसबुक पर मौजूद डाटा डाउनलोड होना शुरू हो जाएगा. यह डाटा ZIP फार्मेट में डाउनलोड होगा.

– फेसबुक से डाटा डाउनलोड होने में लगभग 1 घंटा या उससे भी अधिक लग सकता है. जिसके पूरा होते ही आपको ईमेल पर जानकारी दी जाएगी. ध्यान रखें कई बार ईमेल आने में देरी भी हो सकती है.

जब जहीर खान को किसी ने किया मैच के दौरान प्रपोज, देखिए वीडियो

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान अपने खेल के साथ-साथ पर्सनल लाइफ की वजह से भी अक्सर सुर्खियों में रहे हैं. इन दिनों जहीर खान अपनी शादी की वजह से चर्चा में हैं. बताया जा रहा है कि वह जल्द ही बौलीवुड एक्ट्रेस सागरिका घाटगे के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं.

अभी अप्रैल के महीने में ही दोनों ने सगाई भी की. इसके बाद अब सागरिका और जहीर की शादी की तारीख भी तय हो गई है. लेकिन सागरिका से पहले जहीर की शादी की चर्चा एक्ट्रेस ईशा शरवानी के साथ थी. ऐसा माना जा रहा था कि 2011 वर्ल्ड कप के बाद जहीर खान ईशा से शादी कर लेंगे.

लेकिन इनकी ब्रेकअप की खबरों ने फैंस की इस उम्मीद को वहीं खत्म कर दिया. बता दें कि जहीर ईशा के साथ आठ साल तक रिलेशन में थे. बता दें कि जहीर खान 39 साल के हैं और उनके साथ के लगभग सभी क्रिकेटर शादी कर अपना घर बसा चुके हैं.

एक दौर था जब जहीर खान की फैंस में लड़कियों की लिस्ट भी काफी लंबी हुआ करती थी. जब भी वह बौलिंग करने मैदान पर आते तो उनके नाम से पूरा स्टेडियम गूंजने लगता था. 2005 में खेले जा रहे एक मैच के दौरान भी कुछ ऐसा ही हुआ था. पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मुकाबले के दौरान जब जहीर बौलिंग करने आए तो एक लड़की ने उन्हें प्रपोज कर दिया. जब भारत बल्लेबाजी कर रही थी तो कैमरा स्टेडियम में बैठी एक अंजान लड़की पर गया जो ‘आई लव यू जहीर’ कहकर पुकार रही थी.

वह लड़की ‘आई लव यू जहीर’ कहकर उनकी तरफ फ्लाईंग किस दे रही थी. ये नजारा देख जहीर खान का चेहरा शर्म से लाल हो गया. वहीं उनके साथ के खिलाड़ी खासतौर पर युवराज सिंह जहीर के साथ मस्ती करने में जुट गए. जब कैमरा बार-बार लड़की को दिखाने लगा तो जहीर ने भी लड़की की ओर फ्लाईंग किस दिया.

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