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आदर्श होती हैं कामकाजी महिलाएं

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने 25 देशों में 50 हजार व्यस्कों पर एक शोध किया और पाया कि वर्किंग मदर्स के बच्चे हर दृष्टि से बेहतर साबित होते हैं. उन की बेटियां अपना कैरियर अच्छा बनाती हैं, प्रतियोगिताओं को दमखम से फेस करती हैं, वे ज्यादा ऊंचे पद पाती हैं. यह आंकड़ा चौंकाने वाला इसलिए है कि जिन मांओं ने सिर्फ घर ही संभाला उन के मुकाबले वर्किंग मांओं की बेटियां 23% ज्यादा वेतन पाती हैं. 8% ज्यादा बेटियों को मैनेजर की जगह मिली.

यही नहीं वर्किंग मदर्स के बेटे घरों में पत्नी का हाथ ज्यादा बंटाते हैं और फिर भी उन का कैरियर कम नहीं होता. एक आम धारणा यह है कि वर्किंग मदर्स के ऐक्स्ट्रा चाबी वाले बच्चे अकेले रह जाते हैं, बिगड़ जाते हैं पर इस स्टडी ने इस बात को झुठलाया है और यह साबित कर दिया है कि कुल मिला कर कामकाजी मांएं बच्चों पर एक अच्छा प्रभाव छोड़ती हैं.

यह स्वाभाविक है, क्योंकि कामकाजी महिलाएं जहां बेटियों के सामने आदर्श रहती हैं कि घरबाहर दोहरी जिम्मेदारियां उठा कर वे अपनी शक्ति का सदुपयोग करती हैं वैसे ही बेटियों को करना चाहिए. वहीं वर्किंग मदर्स बेटियों को आफिसों की राजनीति, दूसरेपराए पुरुषों से व्यवहार, आर्थिक फैसले करने का अभ्यास बखूबी करा देती हैं. वर्किंग मदर्स की बेटियां प्रारंभ से ही घर ज्यादा अच्छा चला लेती हैं, क्योंकि वे परंपराओं से दूर रहती हैं.

इस स्टडी में तो यह नहीं पूछा गया पर यह पक्का है कि भारत में कामकाजी मांओं को धार्मिक पाखंडों से मुक्ति जरूर मिल जाती है और वे रोजरोज के व्रतों, उपवासों, पंडों को खिलाने, घंटियों को बजाने, मंदिरों की लाइनों में लगने से बच जाती हैं. ये गुण बेटियों में भी आ जाते हैं.

कामकाजी मांएं बेटों को आत्मसमर्थ बना देती हैं और वे बेहतर पति साबित होते हैं. मांओं के लिए कामकाजी होना बच्चों के लिए एक अच्छा अवसर होता है भले कुछ साल उन्हें दादियों, चाचियों या आयाओं के साथ काटने पड़ते हों. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के इस शोध ने साबित किया है कि औरतें किसी से कम नहीं और जो औरतें किसी से कम नहीं वे घरबाहर दोनों के लिए वरदान हैं.

हम सुधरने वाले नहीं

हर खराब चीज के लिए भाजपा सरकार को दोष देना तो ठीक न होगा पर जब मोदी हर अच्छी बात के लिए अपनी पीठ खुद थपथपा सकते हैं, तो उन के शासनकाल में होने वाली कमी, कमजोरी या खराबी के लिए उन्हें ही गाल आगे करने होंगे.

शहरों का प्रदूषण आज देश के लिए सब से भयंकर बीमारी है. यह भूख की तरह की है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया के 15 सब से गंदे शहरों में से 14 भारत में हैं. इन 14 (बाकी की तो छोडि़ए) की औरतों को बीमारियों, मैले कपड़ों, कीच होती दीवारों, चिटकते फर्शों, कीटों, मच्छरों व मक्खियों के लिए सरकार को ही कोसना होगा.

2014 में दुनिया के सब से गंदे 15 शहरों में से भारत के 3 ही शहर थे. स्वच्छता अभियान की पोल खोलती यह रिपोर्ट बताती है कि अब 4 सालों में 11 शहर और जुड़ गए हैं. गंगा किनारे बसा कानपुर सब से गंदा है. यमुना किनारे बसा फरीदाबाद 2 नंबर पर है, तो गंगा के किनारे बसा वाराणसी शहर 3 नंबर पर. तीर्थस्थान गया जहां 4 नंबर पर है, वहीं गंगा किनारे बसा पटना 5 नंबर पर. नरेंद्र मोदी की सीट दिल्ली 6 नंबर पर है और योगी आदित्यनाथ का आश्रम लखनऊ 7 नंबर पर है.

वृंदावन मथुरा से थोड़ा दूर आगरा 8 नंबर पर है. श्रीनगर जो कहते नहीं अघाता था कि स्वर्ग यहीं है 10 नंबर पर है. दक्षिण भारत के किसी भी राज्य में गंदे 15 शहरों में कोई भी शहर नहीं है. 15 में से 14 के 14 भारतीय जनता पार्टी की सरकारों के हाथों में हैं.

यह चाहे सही है कि गंदगी पिछली सरकारों की भी देन है पर जब वाहवाही लूटने के लिए पिछली सरकार के अच्छे योगदान को अनदेखा करोगे तो थूथू भी सुनोगे. बच्चों के अच्छे नंबर आए हैं, तो तारीफ पत्नी को मिलेगी, खराब नंबर आए हैं, तो उन के दादादादी को तो नहीं कोसा जाएगा न.

ये शहर गंदे इसलिए हैं कि गंद को उठाना हमारे यहां आज भी बेहद गंदा काम समझा जाता है. भारत में अब दलित भी यह काम करने में आनाकानी करने लगे हैं, क्योंकि इस काम का आर्थिक ही नहीं सामाजिक असर भी है. दूसरे देशों में यह काम वहां के अनपढ़, गरीब या बाहर के आए लोग कर रहे हैं पर इस काम को करने वाले सामाजिक बहिष्कार के शिकार नहीं होते.

यहां का सफाई कर्मचारी इस काम को जन्मजात बोझ समझता है. उस का मन ही नहीं है इस में और हो भी क्यों? घर में रह रही विधवा को यदि सफेद कपड़े पहना कर सीढि़यों के नीचे वाली कोठरी दोगे तो वह घर की रक्षा तो करेगी नहीं, मन मार कर काम करेगी, केवल जीने भर के लिए.

गंदगी ऊंचे फैलाते हैं, तो उस के निबटान का जिम्मा भी उन्हें ही उठाना होगा. हाथ से नहीं उठाना तो मशीनें हैं न आज. पर ऊंचे तो कूड़ा फैलाना जन्मजात पौराणिक हक मान कर चल रहे हैं और यही दुर्दशा की वजह है.

भूल जाइए कि हम सुधरने वाले हैं. हम और भी गंदे होंगे और अस्थमा, स्किन डिजीज, इन्फैक्शन, कैंसर आदि रोग सुरसा की तरह बढ़ेंगे ही. जो अंधविश्वासी हैं वे भले महा हवन करा लें, पर होगा तभी कुछ जब हर जना दस्ताने पहन कर अपना व दूसरों का कूड़ा उठाने को तैयार होगा.

क्या निधि अग्रवाल को डेट कर रहे हैं केएल राहुल

क्रिकेट और बौलीवुड का रिश्ता काफी पुराना रहा है, मंसूर अल पटौदी और शर्मिला टैगोर से शुरू हुई लव स्टोरीज आजतक चली आ रही हैं. पिछले साल 11 दिसंबर को टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और बौलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा 4 साल के रिलेशनशिप के बाद शादी के बंधन में बंध चुके हैं. विराट-अनुष्का की शादी के टीम इंडिया के औलराउंडर खिलाड़ी हार्दिक पांड्या का नाम भी अभिनेत्री एली अवराम के साथ जोड़ा जा रहा था. हालांकि, हार्दिक पांड्या की तरफ कोई बयान नहीं आया लेकिन एली का कहना था कि वह और हार्दिक सिर्फ अच्छे दोस्त हैं. अब क्रिकेटर केएल राहुल का नाम भी बौलीवुड की एक अभिनेत्री के साथ जोड़ा जा रहा है.

आईपीएल 2018 में किंग्स इलेवन पंजाब की तरफ से खेलने वाले केएल राहुल ने शानदार परफौर्म किया. अपने बल्ले से आईपीएल 2018 में धमाल मचाने वाले लोकेश राहुल हाल ही में टाइगर श्रौफ की अभिनेत्री के साथ स्पौट हुए हैं. सोशल मीडिया पर केएल राहुल के साथ इस हिरोइन की तस्वीरें जमकर वायरल हो रही हैं.

केएल राहुल की तस्वीरें अभिनेत्री निधि अग्रवाल के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. बता दें कि निधि अग्रवाल ने अपनी पहली फिल्म टाइगर श्राफ के साथ की थी. निधि ने टाइगर श्रौफ के साथ मुन्ना माइकल से बौलीवुड में डेब्यू किया था. यह फिल्म पिछले साल आई थी.

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बता दें कि निधि अग्रवाल 29 मई की शाम को मुंबई के बांद्रा इलाके स्थित एक रेस्टोरेंट के पास स्पौट की गई थीं. निधि के साथ पंजाब किंग्स इलेवन के स्टार परफौर्मर के एल राहुल भी मौजूद थे.

खबरों की माने तो निधि और राहुल यहां डिनर डेट पर आए थे. हालांकि, इस खबर की कोई पुष्टि नहीं हो पाई है.

केएल राहुल और निधि अग्रवाल के डिनर डेट के बाद लगता है कि विराट कोहली-अनुष्का शर्मा, सागरिका घाटगे और जहीर खान के बाद अब बौलीवुड और क्रिकेट की एक और शानदार जोड़ी बनने जा रही है.

हालांकि निधि अग्रवाल केएल राहुल से जुड़े होने की बात को छिपा भी नही रही है. निधि अग्रवाल खुले आम कहती हैं- ‘‘क्रिकेटर के एल राहुल से मेरी जान पहचान टीनएज उम्र से यानी कि काफी पुरानी है. हम दोनों बंगलोर में रहते हैं. हमने एक साथ एक ही कौलेज की पढ़ाई नहीं की,पर हम मिलते रहे हैं. हमारी मुलाकातें तब से जारी हैं, जब मैं फिल्म अभिनेत्री नहीं बनी थी और के एल राहुल क्रिकेटर नहीं बने थे. क्रिकेटर होने की वजह से वह काफी बाहर रहते हैं, पर जब भी वह मुबई में होते हैं, तो हम मिलने का समय निकाल ही लेते हैं और डिनर डेट पर भी जाते हैं.’’

किंग्स इलेवन पंजाब के ओपनिंग बल्लेबाज केएल राहुल इस साल टीम के स्टार परफौर्मर रहे थे. आईपीएल के इस सीजन में राहुल ने 14 मैच खेलकर 54.91 औसत और 158.41 स्ट्राइक रेट से 659 रन बनाए. इस सीजन में राहुल के नाम 6 अर्धशतक भी दर्ज हुए.

रिजर्व बैंक ग्राहकों को बताएगा सेफ बैंकिंग टिप्स

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 4 से 8 जून तक ग्राहकों को सेफ बैंकिंग के बारे में जानकारी देने का अभियान चलाएगा. बैंक की हर साल ग्राहकों को जागरूक करने के लिए इस तरह का आयोजन करने की योजना है. बैंक सूत्रों की तरफ से यह जानकारी दी गई.

टेक्नोलौजी से लैस औनलाइन बैंकिंग, डेबिट, क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल के इस दौर में ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग की जानकारी काफी महत्वपूर्ण है. इन पांच दिनों में देशभर में बैंक अपने ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएंगे.

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चार जून को होगी कार्यक्रम की शुरुआत

दिल्ली में चार जून को इस कार्यक्रम की शुरुआत आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक द्वारा की जाएगी. इस दौरान पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और ओरिएंटल बैंक आफ कौमर्स के प्रमुख अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. सूत्रों ने बताया कि बैंकिंग के दौरान ग्राहकों को कई बार दिक्कतें आती हैं. कई बार एटीएम धोखाधड़ी के मामले भी सामने आए हैं. लेकिन इसमें ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने यदि इसकी सूचना समय पर बैंक को दे दी है तो उनका जोखिम खत्म हो गया है और अब आगे यह बैंक की जिम्मेदारी हो जाती है.

उन्होंने कहा कि ग्राहक एटीएम से लेनदेन विफल होने या मशीन से पैसा जमा कराते समय किसी तरह की टेक्निकली चूक होने के मामले की शिकायत बैंक शाखा में मौजूद शिकायत रजिस्टर में दर्ज करें या फिर वे बैंक की वेबसाइट पर औनलाइन शिकायत भी कर सकते हैं.

मैं एक लड़की से प्यार करता हूं, लेकिन बारबार कहने के बावजूद वह मेरे साथ सैक्स नहीं करती. मैं क्या करूं.

सवाल
मैं 22 साल का एक नौजवान हूं और एक 20 साल की लड़की से प्यार करता हूं, लेकिन बारबार कहने के बावजूद वह मेरे साथ सैक्स नहीं करती. मैं क्या करूं?

जवाब
प्यार करने का यह मतलब नहीं होता कि लड़की सैक्स के लिए राजी हो जाएगी. अगर हमबिस्तरी करनी है, तो पहले उस से शादी करें.

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शादी से पहले शारीरिक संबंध में बरतें सावधानी

आजकल लगभग सभी समाचारपत्रों और पत्रिकाओं में पाठकों की समस्याओं वाले स्तंभ में युवकयुवतियों के पत्र छपते हैं, जिस में वे विवाहपूर्व शारीरिक संबंध बना लेने के बाद उत्पन्न हुई समस्याओं का समाधान पूछते हैं. विवाहपूर्व प्रेम करना या स्वेच्छा से शारीरिक संबंध बनाना कोई अपराध नहीं है, मगर इस से उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर विचार अवश्य करना चाहिए. इन बातों पर युवकों से ज्यादा युवतियों को ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े :

विवाहपूर्व शारीरिक संबंध भले ही कानूनन अपराध न हो, मगर आज भी ऐसे संबंधों को सामाजिक मान्यता नहीं है. विशेष कर यदि किसी लड़की के बारे में समाज को यह पता चल जाए कि उस के विवाहपूर्व शारीरिक संबंध हैं तो समाज उस के माथे पर बदचलन का टीका लगा देता है, साथ ही गलीमहल्ले के आवारा लड़के लड़की का न सिर्फ जीना दूभर कर देते हैं, बल्कि खुद भी उस से अवैध संबंध बनाने की कोशिश करते हैं.

युवती के मांबाप और भाइयों को इन संबंधों का पता चलने पर घोर मानसिक आघात लगता है. वृद्ध मातापिता कई बार इस की वजह से बीमार पड़ जाते हैं और उन्हें दिल का दौरा तक पड़ जाता है. लड़की के भाइयों द्वारा प्रेमी के साथ मारपीट और यहां तक कि प्रेमी की जान लेने के समाचार लगभग रोज ही सुर्खियों में रहते हैं. युवकों को तो अकसर मांबाप समझा कर सुधरने की हिदायत देते हैं, मगर लड़की के प्रति घर वालों का व्यवहार कई बार बड़ा क्रूर हो जाता है. प्रेमी के साथ मारपीट के कारण लड़की के परिवार को पुलिस और कानूनी कार्यवाही तक का सामना करना पड़ता है.

अधिकतर युवतियों की समस्या रहती है कि उन्हें शादीशुदा व्यक्ति से प्यार हो गया है व उन्होंने उस से शारीरिक संबंध भी कायम कर लिए हैं. शादीशुदा व्यक्ति आश्वासन देता है कि वह जल्दी ही अपनी पहली पत्नी से तलाक ले कर युवती से शादी कर लेगा, मगर वर्षों बीत जाने पर भी वह व्यक्ति युवती से या तो शादी नहीं करता या धीरेधीरे किनारा कर लेता है. ऐसे किस्से आजकल आम हो गए हैं.

इस तरह के हादसों के बाद युवतियां डिप्रेशन में आ जाती हैं व नौकरी छोड़ देती हैं. इस से उबरने में उन्हें वर्षों लग जाते हैं. कई बार युवक पहली पत्नी के होते हुए भी दूसरी शादी कर लेते हैं. मगर याद रखें, ऐसी शादी को कानूनी मान्यता नहीं है और बाद में बच्चों के अधिकार के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ सकती है जिस का फैसला युवती के पक्ष में आएगा, इस की संभावना बहुत कम रहती है.

शारीरिक संबंध होने पर गर्भधारण एक सामान्य बात है. विवाहित युवती द्वारा गर्भधारण करने पर दोनों परिवारों में खुशियां मनाई जाती हैं वहीं अविवाहित युवती द्वारा गर्भधारण उस की बदनामी के साथसाथ मौत का कारण भी बनता है.

अभी हाल ही में मेरी बेटी की एक परिचित के किराएदार के घर उन के भाई की लड़की गांव से 11वीं कक्षा में पढ़ने के लिए आई. अचानक एक शाम उस ने ट्रेन से कट कर अपनी जान दे दी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि लड़की गर्भवती थी. उसे एक अन्य धर्म के लड़के से प्यार हो गया और दोनों ने शारीरिक संबंध कायम कर लिए, मगर जब लड़के को लड़की के गर्भवती होने का पता चला तो वह युवती को छोड़ कर भाग गया. अब युवती ने आत्महत्या का रास्ता चुन लिया. ऐसे मामलों में अधिकतर युवतियां गर्भपात का रास्ता अपनाती हैं, लेकिन कोई भी योग्य चिकित्सक पहली बार गर्भधारण को गर्भपात कराने की सलाह नहीं देगा.

अधिकतर अविवाहित युवतियां गर्भपात चोरीछिपे किसी घटिया अस्पताल या क्लिनिक में नौसिखिया चिकित्सकों से करवाती हैं, जिस में गर्भपात के बाद संक्रमण और कई अन्य समस्याओं की आशंका बनी रहती है. दोबारा गर्भधारण में भी कठिनाई हो सकती है. अनाड़ी चिकित्सक द्वारा गर्भपात करने से जान तक जाने का खतरा रहता है.

युवती का विवाह यदि प्रेमी से हो जाता है तब तो विवाहोपरांत जीवन ठीकठाक चलता है, मगर किसी और से शादी होने पर यदि भविष्य में पति को किसी तरह से पत्नी के विवाहपूर्व संबंधों की जानकारी हो गई तो वैवाहिक जीवन न सिर्फ तबाह हो सकता है, बल्कि तलाक तक की नौबत आ सकती है.

विवाहपूर्व शारीरिक संबंधों में मुख्य खतरा यौन रोगों का रहता है. कई बार एड्स जैसा जानलेवा रोग भी हो जाता है. खास बात यह है कि इस रोग के लक्षण काफी समय तक दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन बाद में यह रोग उन के पति और होने वाले बच्चे को हो जाता है. प्रेमी और उस के दोस्तों द्वारा ब्लैकमेल की घटनाएं भी अकसर होती रहती हैं. उन के द्वारा शारीरिक यौन शोषण व अन्य तरह के शोषण की आशंकाएं हमेशा बनी रहती हैं.

युवती का विवाह यदि अन्यत्र हो जाता है और वैवाहिक जीवन ठीकठाक चलता रहता है, घर में बच्चे भी आ जाते हैं, लेकिन यदि भविष्य में बच्चों को अपनी मां के किसी दूसरे पुरुष से संबंधों के बारे में पता चले तो उन्हें गंभीर मानसिक आघात पहुंचेगा, खासकर तब जब बच्चे टीनएज में हों. मां के प्रति उन के मन में घृणा व उन के बौद्धिक विकास पर भी इस का असर पड़ता है.

इन संबंधों के कारण कई बार पारिवारिक, सामाजिक व धार्मिक विवाद व लड़ाईझगड़े भी हो जाते हैं, जिन में युवकयुवती के अलावा कई और लोगों की जानें जाती हैं. इस के बावजूद यदि युवकयुवती शारीरिक संबंध बना लेने का निर्णय कर ही लेते हैं, तो गर्भनिरोधक विशेषकर कंडोम का प्रयोग अवश्य करें, क्योंकि इस से गर्भधारण व यौन संक्रमण का खतरा काफी हद तक खत्म हो जाता है.

इस फिल्म में विजय माल्या के किरदार में नजर आएंगे गोविंदा..!

दिग्गज अभिनेता गोविंदा लंबे समय से बड़े पर्दे से गायब हैं. लेकिन उनके फैंस एक बार फिर उन्हें डांस और कौमेडी करते देखना चाहते हैं. गोविंदा के फैंस का ये इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है. आपको बता दें कि गोविंदा जल्द ही एक फिल्म से बड़े पर्दे पर अपनी वापसी कर रहे हैं. इस फिल्म को सेंसर बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी प्रोड्यूस और डायरेक्ट कर रहे हैं.

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जी हां, फिल्म जूली 2 के को-प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी एक और फिल्म बनाने जा रहे हैं. दरअसल, पहलाज निहलानी अब विजय माल्या पर फिल्म बनाने जा रहे हैं. पहलाज की फिल्म का नाम रंगीला राजा होगा. फिल्म में विजय माल्या की जिंदगी से जुड़े हर पहलों पर फोकस किया जाएगा. इस फिल्म में मेन लीड में गोविंदा होंगे. फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है. हाल ही में फिल्म का एक गाना भी शूट कर लिया गया है.

प्रोड्यूसर और डायरेक्टर पहलाज निहलानी ने बताया कि- मैंने विजय माल्या की जिंदगी से इंस्पायर्ड फिल्म का निर्माण करने का फैसला किया है. इस फिल्म में गोविंदा लीड रोव में होंगे. उनका कहना है कि फिल्म में गोविंदा का बदला हुआ रूप और गजब का अवतार देख कर दर्शक हैरान हो जाएंगे. यह फिल्म पूरी तरह से एंटरटेनिंग होगी.

बता दें कि शराब कारोबारी विजय माल्या देश के बैंकों से लगभग 9 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लेकर विदेश भाग गए हैं. उनको गिरफ्तार कर भारत लाए जाने पर सभी देशवासियों की नजर है. ऐसे में उनके ऊपर एक फिल्म का बनना भी लोगों के लिए एक दिलचस्प बात है.  गोविंदा पर्दे पर ज्यादातर कौमिडी अवतार में नजर आए हैं. अब शराब कारोबारी विजय माल्या के रूप में उनको पर्दे पर देखने के लिए फैन्स जरूर उत्साहित होंगे.

सस्ता नहीं हुआ पेट्रोल पर दाम कटौती पर लोगों में फैला कन्फ्यूजन

पेट्रोल-डीजल के दाम में कटौती को लेकर देशभर में कन्फ्यूजन की स्थिति है. दरअसल, बुधवार सुबह यह बताया जा रहा था कि तेल कंपनियों ने पेट्रोल पर 60 पैसे और डीजल पर 56 पैसे की कटौती की है. लेकिन, अब इंडियन औयल कौरपोरेशन (IOC) ने साफ कर दिया है कि पेट्रोल-डीजल पर सिर्फ 1 पैसे की कटौती की गई है. मतलब कुल मिलाकर आम आदमी को कोई राहत नहीं मिली है. पेट्रोल-डीजल के दाम वैसे ही बने हुए हैं. कर्नाटक चुनाव के बाद तेल कंपनियां लगातार पेट्रोल के दाम बढ़ा रही हैं. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 1 पैसे घटकर 78.42 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 1 पैसे घटकर 69.30 रुपए प्रति लीटर हो गई है. पेट्रोल-डीजल अपने रिकौर्ड स्तर के आसपास ही हैं.

पहले कटौती फिर वापस लिए

कर्नाटक चुनाव के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ना शुरू हुई थीं. 16 दिन बाद पहली बार तेल कंपनियों ने दाम घटाए लेकिन वो भी 5 घंटे बाद वापस ले लिए. सुबह IOC की वेबसाइट पर पेट्रोल पर 60 पैसे और डीजल पर 56 की कटौती दिखाई गई थी. लेकिन, 5 घंटे बाद ही IOC ने इस पर सफाई जारी करते हुए कहा कि सिर्फ 1 पैसे की कटौती की गई है. इस तरह से कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में 1 पैसे की कटौती के साथ 81.05 रुपए, मुंबई में 1 पैसे घटाते हुए 86.23 रुपए और चेन्नई में 1 पैसे की कटौती करते हुए 81.42 रुपए प्रति लीटर कर दी है.

IOC ने सुधारी गलती

lOC ने गलती सुधारते हुए 1 पैसे की कटौती को वेबसाइट पर अपडेट कर दिया है. इससे पहले बुधवार सुबह औफिशियल वेबसाइट पर अपडेट किए गए दाम में पेट्रोल पर 60 पैसे की कटौती और डीजल पर 56 पैसे की कटौती दिखाई गई थी.

कहां कितने घटे डीजल के दाम

कोलकाता में डीजल की कीमत में 1 पैसे की कटौती की गई है. इसकी कीमत 71.84 रुपए प्रति लीटर, मुंबई में 1 पैसे घटाकर 73.77 रुपए प्रति लीटर और चेन्नई में 1 पैसे की कटौती करते हुए 73.16 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है.

कच्चे तेल में आई गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है. बुधवार को ब्रेंट क्रूड 75 डौलर प्रति बैरल के नीचे आ गया. जबकि नायमैक्स क्रूड 66 डौलर प्रति बैरल के आसपास है. कच्चे तेल में आई नरमी के बाद भी तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं घटा रही हैं. वहीं, सरकार भी दूसरे विकल्पों पर विचार कर रही है. लगातार बढ़ती कीमतों से महंगाई पर दबाव बना हुआ है.

अभी और घट सकते हैं दाम

पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से राहत दिलाने के लिए सरकार दीर्घकालिक समाधान लाने पर काम कर रही है. सरकार ने कहा था कि हम जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेंगे. इससे पहले पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इंडियन ऑयल कौर्पोरेशन (IOC) और पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के साथ बैठक की थी. लेकिन इस बैठक से भी आम आदमी को कोई राहत नहीं मिली थी.

‘कलंक’ के सेट से लीक हुई माधुरी की यह खूबसूरत तस्वीरें

इन दिनों फिल्ममेकर कई मल्टीस्टारर फिल्म बना रहे हैं. इस तरह की फिल्म बनाने का सबसे बड़ा कारण ये है कि एक ही पिल्म में कई बड़े स्टार को एकसाथ काम करते देखा जाता है. इतना ही नहीं दर्शक इस तरह की फिल्म देखना पसंद भी करते हैं. इन दिनों करण जौहर की आने वाली मल्टीस्टारर फिल्म ‘कलंक’ काफी चर्चा में है. खबरों के मुताबिक इस फिल्म में वरुण धवन, आलिया भट्ट, सोनाक्षी सिन्हा, आदित्य रौय कपूर माधुरी दीक्षित और संजय दत्त जैसे दिग्गज सितारे नजर आएंगे. इस स्टारकास्ट के कारण फैन्स में इस फिल्म को लेकर खासी उत्सुकता है.

इस प्रोजेक्ट की कहानी को फिल्ममेकर्स ने अभी उजागर नहीं किया है. इसी कारण फिल्म को लेकर फैन्स में जिज्ञासा बढ़ती ही जा रही है. हालांकि, फिल्म के सेट से माधुरी दीक्षित की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं.

इन तस्वीरों में माधुरी दीक्षित एथनिक ड्रेस और जूलरी में नजर आ रही हैं.

सर पर मांग टीका पहने हुए माधुरी एक क्रेन पर फिल्म के क्रू मेंबर्स के साथ नजर आ रही हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो माधुरी इस फिल्म में एक तवायफ का किरदार निभाती नजर आएंगी. आपको याद होगा कि इससे पहले फिल्म ‘देवदास’ में भी माधुरी एक तवायफ के किरदार में नजर आ चुकी हैं. हालांकि, सूत्रों का कहना है कि ‘कलंक’ में माधुरी का किरदार ‘देवदास’ की चंद्रमुखी से काफी अलग है.

अभिषेक वर्मन द्वारा निर्देशित यह फिल्म करण जौहर के लिए काफी अहम है क्योंकि इसका सपना उनके पिता यश जौहर ने देखा था. सूत्रों का यह भी कहना है कि करण चाहते हैं कि ‘कलंक’ उनके प्रोडक्शन की सबसे बड़ी फिल्म साबित हो. यह फिल्म अगले साल 19 अप्रैल को रिलीज होनी है.

फेक करेंसी से बचने के लिये एनपीएल ने बनाई जादुई इंक

फेक करेंसी का बाजार धड़ल्ले से बढ़ता जा रहा है, जाली नोट से आतंकवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है. अब जल्द ही जाली नोटों पर लगाम लगाई जा सकेगी. जाली नोट बनाने वालों पर जल्द ही शिकंजा कसा जा सकेगा. एनपीएल फेक करेंसी के धंधे को चपत लगाने के लिए एक जादुई इंक लेकर आ रहा है. वित्त मंत्रालय और नीति आयोग को इस इंक का प्रपोजल दे दिया गया है. अगर इस इंक से नोट छापे गए तो जाली नोट बनाना असंभव हो जाएगा.

दुनियाभर में कोई नहीं बना सकता ऐसी इंक

जादुई इंक के बारे में एनपीएल दावा है कि ऐसी इंक दुनियाभर में कोई नहीं बना सकता. क्योंकि यह बाई कलर इंक है और बाई कलर को काउंटरफीट करना नामुमकिन होता है. साइंटिस्ट बिपिन गुप्ता बताते हैं कि फिलहाल किसी भी देश के नोटों में एक कलर की इंक का इस्तेमाल होता है इसलिए उसे काउंटरफीट करना आसान होता है, लेकिन अगर बाई कलर की इंक से नोट छपेंगे तो उसका कोई तोड़ नहीं होगा.

अभी इंपोर्ट होती है इंक

भारत में जो नोट छपते हैं उनमें एक ही तरह की इंक का इस्तेमाल होता है. इस इंक के साथ ही नोट के पेपर को भी को इंपोर्ट किया जाता है. नासिक, मुंबई के छापेखाने में मशीनें 150 साल पुरानी हैं. आरबीआई 365 यूवी फेक मनी डिटेक्टर से नोट चेक करती है. पुराने नोट रेड कलर के और नए नोट ग्रीन कलर के होते हैं. लेकिन अब अगर बाई कलर होगा तो दिखेगा एक ही कलर लेकिन जब आप 365 के एंगल से देखेंगे तो दूसरा रंग होगा. आम लोग एक छोटी सी एलईडी से इसकी पहचान कर सकते हैं कि ये असली नोट है या नकली.

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इंक में है यह खूबी

– असली और नकली नोट की पहचान के लिए छोटी यूवी टौर्च बनाई गई है.

– 50 रुपये की यूवी LED लाइट आप कहीं भी ले जा सकते हैं.

– केवल नोट नहीं, पासपोर्ट, चेक बुक की सिक्योरिटी के लिए भी ये इंक इस्तेमाल होगी.

– विश्व में इस इंक का कंपोजिशन कोई बना नहीं सकता.

– इंक कई तरह के कलर की बन सकती है. इसकी लाइफ 40 साल तक होगी.

– एक बार में कई क्विंटल तक इंक तैयार की जा सकती है.

एनपीएल की यह इंक अन्य इंक से इसलिए अलग है क्योंकि यह दो रंग की होगी. इन दो कलर के अंदर जो पिगमेंट होगा उसका कंपोजिशन बनाना असंभव है. वो मिलकर एक तीसरा ही कलर बन जाएगा. अगर नोट में इसका इस्तेमाल होता है तो ये एक कलर नहीं बल्कि दो कलर का दिखाई देगा. एक तरफ अगर लाल रंग है तो दूसरी तरफ नीला. जब आप इसे यूवी टौर्च से देखेंगे तो एक कलर दूसरी ओर थोड़ा पलटेंगे तो दूसरा रंग दिखाई देगा. ऐसे में जो लोग नकली नोट छापते हैं उनके लिए इसके कंपोजिशन को समझना संभव नहीं है.

नासिक की नोट कंपनी Spmcil (security printing and mining corporation of india limited) के साथ एनपीएल ने एक समझौते पर करार किया है. इसके तहत एनपीएल इंक, कलर शिपिंग के प्रोडक्ट्स बनाएगी और फिर एसपीएमसीआईएल इसकी गुणवत्ता जांच करके इसे आगे इस्तेमाल के लिए आरबीआई के पास भेज सकता है. आपको बता दें कि आरबीआई ने साल 2015 में – 5,94,446, 2016-6,32,926, 2017-7,62072 जाली नोट बरामद किए हैं. पिछले दो साल के मुकाबले साल 2017 में फेक करेंसी में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है.

नया लैपटौप लेते समय इन बातों का रखें खास खयाल

अगर आप नया लैपटौप लेने जा रहे हैं तो एक बार हमारी इस खबर पर जरूर अपनी नजर डाल लें. आज हम आपको वो सभी जरूरी बात बताने जा रहे हैं जिसका ध्यान रखने के बाद आपको अपने पसंदीदा लैपटौप को खरीदने में आसानी होगी.

सही आपरेटिंग सिस्टम का चुनाव करना: आजकल बाजार में प्री-इन्स्टौल्ड आपरेटिंग सिस्टम वाले कई ब्रांड्स के लैपटाप मौजूद हैं. ऐसे में अगर हम सही आपरेटिंग सिस्टम वाले लैपटौप नहीं खरीदते हैं तो हमें उसमें फिर से नया आपरेटिंग सिस्टम डलवाना पड़ता है. ऐसे में बाद में हमें कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है. सबसे ज्यादा लोकप्रिय आपरेटिंग सिस्टम में माइक्रोसौफ्ट के विंडोज 7, विंडोज 8, विंडोज 10 के अलावा, एप्पल के आइओएस 10 एवं 11, गूगल क्रोम ओएस, उबन्तु हैं. आप जिस आपरेटिंग सिस्टम पर आसानी से काम कर सकते हैं उस लैपटौप को चुनना आपके लिए बेहतर होगा.

सही डिस्प्ले साइज का चुनाव करना: कई लोग छोटे स्क्रीन साइज वाले लैपटौप खरीदना पसंद करते हैं, वहीं कुछ लोगों को बड़ी स्क्रीन वाले लैपटौप पसंद आते हैं. ऐसे में आप अपने सुविधा के मुताबिक अपने लैपटौप स्क्रीन का चुनाव कर सकते हैं.

सही की-बोर्ड का चुनाव: अगर आप लैपटौप पर ज्यादा काम करते हैं तो आप हमेशा सौलिड की-बोर्ड वाले लैपटौप लें, ऐसा इसलिए क्योंकि इससे आपके की-बोर्ड के जल्दी खराब होने की संभावना रहती है. वहीं अगर आप बिजनेस लैपटौप खरीदना चाहते हैं तो की-बोर्ड में जी और एच की के बीच में नब जरूर चेक कर लें. इस नब की मदद से आप अपनी उंगली आसानी से की-बोर्ड पर रख पाएंगे.

बैटरी की कर लें जांच: लैपटौप को पावर देने के लिए बैटरी की जरुरत होती है, इसलिए हमेशा बैटरी बैकअप के बारे में पता कर लेना जरूरी है. आमतौर पर लैपटौप में लिथियम आयन बैटरी लगी होती है. लिथियम-आयन बैटरी द्वारा संचालित होने वाले लैपटौप में इस्तेमाल होने वाले बैटरी की एमएएच जांच लें. जितनी ज्यादा एमएएच होगी उतना ही लंबा बैटरी भी बैकअप होगा.

सही प्रोसेसर और रैम का चुनाव: बाहरी स्पेसिफिकेशन के अलावा भी कई आंतरिक फीचर्स के बारे में भी लैपटौप खरीदने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए. अगर आप अपने इस्तेमाल के अनुरूप सही प्रोसेसर और रैम का चुनाव नहीं कर पाते हैं तो बाद में आपको परेशानी का सामना उठाना पड़ सकता है.

इसलिए लैपटौप खरीदने से पहले इसके प्रोसेसर और रैम के अलावा आंतरिक स्पेसिफिकेशन के बारे में जरूर जानकारी हासिल कर लें. इंटेल आई3, इटेल आई5 या इंटेल आई7 में से किसी एक प्रोसेसर का चुनाव कर सकते हैं. लेटेस्ट आपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो 4जीबी रैम वाले लैपटौप का चुनाव करना बेहतर विकल्प हो सकता है.

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