ब्लाइंड डेट का अर्थ है किसी ऐसे व्यक्ति के साथ डेट पर जाना जिस से आप पहले न मिले हो. आजकल ब्लाइंड डेट का ट्रेंड भी है. लोग एक दूसरे से सोशल नेटवर्किंग पर मिलते हैं और कुछ ही दिनों में एक दूसरे से मिलने का प्लान बनाते हैं. ब्लाइंड डेट पर जाने के लिए लोग अक्सर दो कारणों से तैयार होते हैं, पहला कि उन्हें तस्वीरों में देख कर उस व्यक्ति में इंटरेस्ट आ जाता है और दूसरा कि वह उस व्यक्ति की बातें सुन कर ही इतने इम्प्रेस हो गए हैं कि उस से मिलना चाहते हैं. डेट्स वैसे तो इंटरेस्टिंग होती हैं और कभी कभी अच्छी भी निकल सकती हैं, लेकिन जब बात ब्लाइंड डेट्स की आती है तो डिसपौइंट होने के चांसेस कहीं ज्यादा होते हैं.

शुरुआत हमेशा दिलचस्प होती है

बात तीन महीने पुरानी है जब मेरी दोस्त ईशा ने यूं ही किसी काम से एक कालेज के लड़के को इंस्टाग्राम पर मैसेज कर दिया. उस ने मुझ से पूछा कि क्या मैं किसी आर्टिस्ट को जानती हूं जो उस के औफिस के लिए कुछ तस्वीरें बना सके, और मैंने उसे इस लड़के के बारे में बताया जो हमारे ही कालेज का था. ईशा ने उस लड़के को मैसेज किया और उस से पूछा अगर वह उस की मदद कर सके तो काफी सही रहेगा. वह लड़का आर्टिस्ट था और ईशा की इतनी बड़ी कंपनी थी कि वह ये मौका छोड़ना नहीं चाहता था. तो, उस ने हां कह दी और इस तरह वे दोनों एक दूसरे के कौंटेक्ट में आ गए. इस से आगे उन दोनों की कहानी कुछ इस तरह शुरू हुई:

पहला दिन ईशा ने उस लड़के के आर्ट एंड क्राफ्ट की तारीफ की. यह सुन कर वह लड़का सचमुच बहुत खुश हुआ और उस ने ईशा को अपने वह आर्ट एंड क्राफ्ट भी भेजे जो उसने इंस्टाग्राम पर पोस्ट नहीं किए थे. उन दोनों ने इंस्टाग्राम पर कुछ देर बात की और उस लड़के ने बड़े ही लहजे से ईशा का नंबर मांगा. ईशा को ज्यादा देर नहीं लगी उस से इम्प्रेस हो उसे अपना नंबर देने में.

ईशा ने उस की पूरी इंस्टाग्राम प्रोफाइल देखी जिस में उस की कुछ ज्यादा पिक्चर्स नहीं थीं लेकिन जितनी भी थीं उन्हें देख कर उसे वह लड़का अच्छा लगा था. ईशा के मुताबिक उस का चेहरा बिलकुल बोल्ड, स्मार्ट और कौंफिडेंट था जिसे देख कर उसे उस में इंटरेस्ट आना लाजिमी था. उस लड़के ने ईशा को व्हाट्सएप पर मैसेज किया और दोनों हलकी फुलकी बातें करने लगे. उस लड़के ने ईशा को बताया कि वह इंट्रोवर्ट है और ईशा पहली लड़की है जिस से उस ने महीनों बाद इतनी लंबी बात की.

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दूसरा दिन ईशा और उस लड़के की बातें काफी हुईं. ईशा को पता चला कि वह अब दिल्ली में नहीं रहता बल्कि नौकरी के लिए उत्तर प्रदेश में पोस्टेड है. ईशा उस की बातों से हद से ज्यादा इम्प्रेस होने लगी थी. उस लड़के का सेंस औफ ह्यूमर और ईशा का सेंस औफ ह्यूमर एक दूसरे से काफी मिलता था. ईशा को बातों ही बातों में यह भी पता चला कि उस लड़के को पिछली दो गर्लफ्रेंड्स ने चीट किया था. ईशा ने भी फ्लोफ्लो में बता दिया कि उस की पास्ट रिलेशनशिप्स भी कुछ खास नहीं रहीं.

तीसरा दिन उस लड़के ने ईशा को बताया कि वह दिल्ली आ रहा है अपने घर और अगर हो सके तो क्या ईशा उस से मिलेगी. ईशा ने उसे बताया कि वह फ्री नहीं है लेकिन अगली बार शायद मिल ले. ईशा और उस लड़के ने तीन दिनों में ही एक दूसरे को काफी हद तक जान लिया था. उस लड़के ने बाकायदा ईशा को यह भी बताया था कि उस की मुस्कराहट कितनी खूबसूरत है. वे दोनों रात के 3 बजे तक बात करते ही रहे थे. इसी बीच वह दोनों एक गेम खेलने लगे जिस में उन दोनों को बारी बारी एक दूसरे से कुछ प्रश्न करने थे और उन के जवाब देने थे. रात के साढ़े तीन बज चुके थे. ईशा ने उस से पूछा कि तुम्हें किसी लड़की में इंटरेस्ट कब आता है. इस प्रश्न के जवाब में उस लड़के ने कहा कि जब वह किसी लड़की से रात के साढ़े तीन बजे तक बातें करे.

चौथा दिन वह लड़का अब भी दिल्ली में था और अगले दिन संडे था तो जब उस ने ईशा से एकबार फिर मिलने के लिए कहा तो वह मना न कर सकी. संडे के दिन बस एक परेशानी थी कि ईशा को औफिस के काम से साढ़े चार बजे के करीब एक कार्यक्रम में जाना था. इस पर ईशा को भी बुरा लगा क्योंकि अब तक उस ने उस लड़के से जितनी भी बात कि थी उस के बाद वह उस के साथ ज्यादा समय बिताने का सोच रही थी. खैर, उस ने सोचा कि जितना समय है उतने को ही वे एंजौय कर लेंगे. ईशा और उस लड़के का प्लान मूवी देखने का बना जिस के बाद वे साथ खाने पीने और घूमने वाले थे.

पांचवा दिन आज ईशा के जीवन की पहली ब्लाइंड डेट थी. वह बाकि छुट्टी के दिनों की तरह घोड़े बेचकर सोती नहीं रही. वह समय से पहले ही उठ गई. उसे फंक्शन और डेट दोनों के अकौर्डिंग रेडी होना था. उस ने अच्छी सी लिपस्टिक का शेड लगाया, लाइनर, मस्कारा लगाया. हलके हलके अपरलिप्स दिख रहे थे और पार्लर जाने का टाइम नहीं था तो बेचारी ने रेजर चला लिया मुंह पर. वह बस सुंदर दिखना चाहती थी.

वह लगभग दौड़ते हुए मेट्रो प्लेटफार्म पर पहुंची जहां उसे वह लड़का खड़ा हुआ दिखा. वह उस लड़के को देख कर लगभग हिंदी टीवी सीरियलों की बहुओं की तरह ‘नहीहीहीहीही’ चिल्लाने ही वाली थी कि उस ने खुद को कंट्रोल कर लिया और चेहरे पर कैज़ुअल मुस्कराहट बनाए रखी. उस लड़के का कद ईशा से भी छोटा था, उस की शक्ल जितनी बोल्ड उस की पिक्चर में दिख रही थी उस से कही ज्यादा बचकानी सामने से थी. वह लड़का ईशा को देख कर हंसा और ईशा के मन ने रोना स्टार्ट कर दिया.

जब सब अटपटा लगने लगे

एक केजुअल मीटिंग समझकर ही ईशा उस के साथ मेट्रो में चढ़ गई. वे दोनों मेट्रो में खड़े बातें करने लगे. ईशा का इंटरेस्ट उस लड़के में जितनी तेजी से आया था उतनी ही तेजी से चला भी गया. वे दोनों  मूवी के लिए पहुंचे तो उन्हें एक horror मूवी की टिकट्स ही अवेलेबल मिलीं. थिएटर में बैठे बैठे तबतक तो सब ठीक था जबतक लाइट्स जल रही थीं क्योंकि लाइट्स बंद होते ही ईशा का दिल धकधक करने लगा. ईशा को लगा कि वह उस लड़के से बहुत दूर जा कर बैठे ताकि गलती से भी उसे कोई हिंट न मिल जाए.

मूवी स्टार्ट हुई और उस लड़के ने ईशा का हाथ पकड़ने के लिए अपना हाथ उस के हाथ के काफी पास रख लिया. ईशा ने अपना हाथ दूसरी तरफ कर लिया. उस लड़के ने उस की आंखों में देखने की कोशिश की तो ईशा ने नजरें मूवी स्क्रीन पर टिका लीं. उस लड़के ने एक फनी सीन पर ईशा के कंधे पर हलके से धक्का दिया तो ईशा ने कुछ रिएक्ट ही नहीं किया. और इन सब से ऊपर जो ईशा के साथ सब से ज्यादा औक्वर्ड हुआ वो यह था कि थिएटर में ज़रूरत से ज्यादा अंधेरा था जिस का फायदा थिएटर में बैठा हर एक कपल बहुत अच्छे से उठा रहा था.

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अब पछताए होत क्या

ईशा बस अपने इस ब्लाइंड डेट के ख्याल पर ही इतना पछता रही थी कि अब उस की शक्ल पर यह डिसपौइन्टमेंट दिखने लगी थी. स्क्रीन पर नजरें टिका कर, आगे की तरफ झुक कर बेठने से ईशा की गर्दन और पीठ हद से ज्यादा दुखने लगे. वह लड़का बीचबीच में ईशा की तरफ हल्का हल्का खिसकने की कोशिश करता तो ईशा और अनकम्फर्टेबल हो जाती. एक बार तो ईशा को लगा कि वह लड़का उसे किस करना चाहता है, और यह ख्याल आते ही उस की लगभग चीख निकलने को थी.

जैसे ही मूवी खत्म हुई उस लड़के को समझ आ गया था कि ईशा को उस में इंटरेस्ट नहीं है. लेकिन, ईशा ने संयम से काम लिया. वे दोनों साथ बर्गर खाने के लिए गए जहां ईशा ने उस से बिल आधा आधा चुकाने के लिए कहा. उस लड़के ने जब इस बात पर यह कहा कि उसे इस तरह ईशा का आधा बिल देना अजीब लग रहा है, तो इस पर ईशा ने उसे यह जवाब दिया कि केजुअल फ्रेंड्स में तो सब चलता है. ईशा ने जल्दी जल्दी खाना खत्म किया और अपने औफिस के फंक्शन के लिए निकलने लगी. ईशा ने उस लड़के के साथ एक फोटो भी ली और हंसी हंसी में यह भी कह दिया कि वह असल जिन्दगी में अपनी तस्वीर से बिलकुल अलग दिखता है. यह सुन कर उस लड़के को शायद अजीब भी लगा हो. वे दोनों मेट्रो स्टेशन तक पहुंचे जहां ईशा ने उसे बाय कहा और अपनी मेट्रो की तरफ चल दी, बगैर पीछे देखे.

सब खत्म करना है जरूरी

ईशा मेट्रो में चढ़ी और राहत की सांस लेने लगी. उसे अपने आप पर गुस्सा भी आया और यह सोच कर खुशी भी हुई कि अच्छा है कम से कम उस के पास औफिस के फंक्शन का बहाना था. ईशा ने जब मुझे यह बात बताई तो मैं पहले तो अपनी हंसी रोक नहीं पाई, फिर थोड़ा संभली तो उसे समझाया कि इस तरह की चीजें जिंदगी में अनुभव ही देती हैं, तो इस बारे में ज्यादा न सोचे.

ईशा फंक्शन से देर रात घर पहुंची तो उलझन में थी कि उस लड़के को मैसेज करे या न करे. कुछ देर सोचने के बाद उस ने उसे मेसेज लिख भेजा ‘इट वाज नाईस मीटिंग यू.’ इस पर उसे लड़के का रिप्लाई आया ‘सेम हियर.’ अगले दिन उस लडके का ईशा के पास एक बार फिर मैसेज आया कि वह सोच रहा है कि जाने से पहले ईशा से बात करता जाए, लेकिन ईशा ने यह कह कर टाल दिया कि वह फ्री नहीं है. इस बारे में इन दोनों की फिर कोई बात नहीं हुई. शायद वह लड़का समझदार था जो ईशा की ‘ना’ को बिना कहे ही समझ गया.

यह गलती न करें

  • ईशा के उदाहरण से कई चीजें सीखने को मिलती हैं. पहली तो यही कि ब्लाइंड डेट अगर डिसपौइंटिंग हो तो इस का मतलब यह नहीं कि सामने वाले की रिस्पेक्ट न की जाए. ईशा को वह लड़का पसंद नहीं आया था लेकिन फिर भी उस ने चीजों को एक अच्छे नोट पर खत्म किया. वह चाहती तो उस लड़के को फिर कभी मैसेज न करती, पर बजाए उस लड़के को इग्नोर करने के उस ने उसे स्पष्ट रूप से यह हिंट दे दिया कि वह उस में इंटरेस्टेड नहीं है. इसलिए यदि ब्लाइंड डेट एक्स्पेक्टेशन के मुताबिक न भी हो, तो भी सामने वाले व्यक्ति की भावनाओं का ख्याल रखें.
  • शक्ल बनाते फिरने की गलती न करें. व्यक्ति आप को पसंद नहीं आया तो आप उसे यह फील न कराएं कि आप उस के साथ इस डेट पर आ कर पछता रही हैं. साधारण व्यवहार रखें, यहां वहां की बाते करें.
  • यदि आप की डेट आप से क्लोज होने की कोशिश कर रहा है तो उसे यह स्पष्ट कर दें कि आप इंटरेस्टेड नहीं हैं.
  • बिल सामने वाले को अकेले न चुकाने दें. आप भी आधे पैसे दें. इस से कम से कम उसे यह तो नहीं लगेगा कि फ़ालतू में ऐसी डेट पर गया जहां अपना ही चूना लग गया और हाथ कुछ आया नहीं.
  • यदि आप की ब्लाइंड डेट इतनी बुरी गई है तो आगे उस व्यक्ति से फालतू में बातचीत बढ़ाने का कोई फायदा नहीं है.
  • आप को किसी को भी कोई सफाई देने की जरुरत नहीं है. आप बात करना बंद कर दें, बेमतलब के लंबे लंबे मैसेज भेज कर दोनों का टाइम बर्बाद न करें.
  • जो कुछ भी हो उसे एक्सपीरियंस समझ कर भूल जाएं. किसी तरह का सदमा दिल पर ले कर न बैठे रहें.

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