मधुमेह से ग्रस्त लोगों को मोटापा हो सकता है और कमरदर्द की शिकायत भी. यह कमरदर्द बैठेबैठे कम होता है पर व्यक्ति जैसे ही चलना शुरू करता है वैसे ही कमर में दर्द तेजी से उभरता है और इस की तीव्रता बढ़ती ही चली जाती है जब तक चलने की प्रक्रिया जारी रहती है. अगर चलना अचानक बंद कर दें तो कमरदर्द कम होना शुरू हो जाता है और फिर कुछ देर बाद गायब हो जाता है. इस तरह के कमरदर्द को ज्यादातर लोग लंबर स्पौंडिलोसिस या सियाटिका का दर्द समझ लेते हैं और हड्डी विशेषज्ञ के पास चले जाते हैं. और तब कमर का ऐक्सरे, एमआरआई व खून में कैल्शियम की मात्रा का निर्धारण आदि जांचों का सिलसिला शुरू हो जाता है.

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