विशाल के पिता रेलवे में हैं. उन की जौब ट्रांसफरेबल है. विशाल जब 10वीं कक्षा में पढ़ रहा था तब उस के पिता का ट्रांसफर हो गया. परिणामस्वरूप न केवल उसे अपना स्कूल छोड़ना पड़ा बल्कि अपने दोस्तों को भी अलविदा कहना पड़ा. अब उस के सामने सब से बड़ी समस्या नए शहर और नए स्कूल में नए दोस्तों के साथ सामंजस्य बैठाने की थी. शुरू में उसे नया स्कूल और वहां का माहौल अटपटा लगा, क्योंकि उसे तो अपने पुराने स्कूल की आदत थी. यहां न वह किसी को जानता था और न ही कोई उसे. उस ने आगे आ कर दोस्ती का हाथ बढ़ाया और कुछ ही दिनों में यहां नए मित्र बना लिए और उन से इस कदर घुलमिल गया जैसे बरसों पुरानी दोस्ती हो.

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