21 दिन के लाकडाउन के बाद भी 3 म‌ई तक बढ़ी मियाद ने देश के फल,फूल,सब्जी उत्पादक किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है. साल भर की हाड़ तोड़ मेहनत के बाद आने वाली फसलों को बेचने के लिए किसानों को कोई सुविधा न मिलने से करोड़ों रुपए मूल्य की फसलें चौपट हो गई हैं.आंकड़ों के मुताबिक देश भर में पचास फीसदी किसानों के पास पांच एकड़ से कम जमीन का रकवा है, जिसमें वो फल, फूल और सब्जियों की खेती करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता है.

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