उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को छोड़ दिया जाए तो बहुत कम ऐसे मंत्री है जो कोरोना संकट के समय जनता के बीच दिख रहे हो.कुछ लोगो ने सांसद और विधायक निधि से मदद करने की घोषणा की पर अब सरकार के नए फैसले के बाद वह मुद्दा दर किनार हो गया है. कल तक जो नेता मंत्री दिन भर तमाम समारोह में दिखते थे अब नही दिखते है. राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि कनिका की वीवीआईपी पार्टी में कोरोना के डर को देखने के बाद इन सभी मंत्रियों ने खुद को घरो में कैद कर लिया. इसके बाद अपवाद स्वरूप कुछ लोग जनता के बीच कोरोना के संकट में भी पूरी तरह से सक्रिय है.

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