अकेली युवतियां कानून बदले, समाज नहीं जिम्मेदारियां बढ़ीं, हक नहीं
समाज के बदलते दौर में युवतियां घर व बाहर की तमाम जिम्मेदारियां संभालने लगी हैं. ऐसे में उन की परेशानियां बढ़ रही हैं. एक तरफ धर्म युवतियों को आजादी देने से मना करता है तो दूसरी तरफ विज्ञान और कानून युवतियों को सुरक्षा कवच देता है. जरूरी है कि युवतियां इस




