इस पार्क में सब से ऊपर हरक्यूलिस की विशाल प्रतिमा लगी है. इस के अलावा यहां पर खास तरह के हाइड्रो न्यूमेटिक उपकरण लगे हैं, जिन से यहां लगे फव्वारों में पानी प्रवाहित होता है. पिछली एक शताब्दी से टेक्नोलौजी में काफी परिवर्तन आया है. इधर कुछ दशकों से तो टेक्नोलौजी में ऐसी क्रांति सी आई है कि ज्यादातर चीजें डिजिटल होती जा रही हैं.

अब टेक्नोलौजी ने भले ही हर क्षेत्र में तरक्की कर ली है, लेकिन बीसवीं सदी के शुरुआती दौर तक ऐसा कुछ नहीं था. पुराने जमाने के बादशाहों और राजामहाराजाओं के महलों में फव्वारे भी होते थे, जिन के अवशेष अभी हैं. उस समय भव्य भवन कुछ इस तरह बनाए जाते थे कि उन में पंखे, कूलर अथवा एसी की जरूरत नहीं होती थी.

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आप मुगल काल में बने किलों में जा कर पुराने जमाने की टेक्निक को देख समझ सकते हैं. लाल किला इस की साक्षात मिसाल है. बर्ग पार्क की बात करें तो दूसरे विश्वयुद्ध के समय बमबारी के दौरान इस पार्क को काफी नुकसान हुआ था. 1968 से 1974 के बीच इसे दोबारा आर्ट म्युजियम बनाया गया.

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