दूरदूर तक फैले जल में खड़ी ये 2 पहाड़ी चट्टानें जापान के फुटामी की चट्टानें हैं, जिन्हें मीओटो ईवा यानी मैरीड कपल रौक के रूप में भी जाना जाता है. धान के भूसे से बनी कई टन वजनी रस्सियों, जिन्हें शिमेनावा कहा जाता है, से बांधी गई इन चट्टानों को इस तरह बंधे होने की वजह से ही इन्हें मैरीड कपल्स का नाम मिला है.

इन्हें बांधने वाली धान की रस्सियों को हर साल बदल दिया जाता है. निस्संदेह यह दर्शनीय स्थल है, लेकिन जापानियों के लिए यह सिर्फ दर्शनीय स्थल नहीं हैं, इन चट्टानों से उन की धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हैं.

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जापान में मान्यता है कि ये दो चट्टानें देवताओं के वंशज इजानागी और जन्म, जीवन और मृत्यु निर्धारित करने वाली देवी इजानामी के एक हो जाने का प्रतीक हैं. इन में से बड़ी चट्टान को पति और छोटी को पत्नी माना जाता है. इसी वजह से बड़ी संख्या में जापानी कपल यहां अपनी शादी की कामनाएं ले कर आते हैं. जिस समय इन चट्टानों की रस्सियों को बदला जाता है, तब यहां बड़े त्यौहार जैसा मेला लगता है.

इस तसवीर को आस्ट्रेलिया की अनास्तासिया वूलमिंगटन ने क्लिक किया है. यह तसवीर 4900 प्रतिभागियों के बीच एप्सन इंटरनेशनल पानो अवार्ड्स के फाइनलिस्ट तक पहुंची थी.

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