एक ओर जहां 17 महीने बाद भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ताओं ने टैस्ट टीम में गौतम गंभीर पर भरोसा जताया है तो वहीं दूसरी ओर बंगलादेश की वनडे सीरीज के लिए सुरैश रैना को कप्तानी का जिम्मा सौंपा है.

चयनकर्ताओं ने 22 जून से इंगलैंड के विरुद्ध शुरू होने वाले 5 टैस्ट मैचों की शृंखला के लिए 16 सदस्यीय टीम की जगह इस बार 18 खिलाडि़यों को चुना है. महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी की अगुआई में मुरली विजय, गौतम गंभीर, शिखर धवन, विराट कोहली, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, आर अश्विन, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार, पंकज सिंह, स्टुअर्ट बिन्नी, वरुण ऐरोन, ईश्वर पांडेय, ईशांत शर्मा सहित रिद्धिमान साहा शामिल हैं.

12 साल के बाद ऐसा हो रहा है जब भारतीय टीम 5 टैस्ट मैचों की टैस्ट सीरीज खेलेगी. इस से पहले वर्ष 2002 में वेस्ट इंडीज के साथ ऐसी सीरीज हुई थी.  इंगलैंड की परिस्थितियों को देखते हुए 6 पेस बौलरों को जगह दी गई है. हालांकि पेस बौलरों में जहीर खान को जगह नहीं मिली है. उन की जगह पर 29 वर्षीय राजस्थान के फास्ट बौलर पंकज सिंह को लिया गया है. पंकज को घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का फल मिला है. उन्होंने कई रणजी मैचों में 30 से ज्यादा विकेट झटके हैं. जहां तक औलराउंडर की बात है, इस की जगह, रवींद्र जडेजा और स्टुअर्ड बिन्नी को पूरी करनी होगी. धौनी के सामने सब से बड़ी चुनौती होगी टीम में लय स्थापित करना क्योंकि पिछले 3 वर्षों में विदेशी जमीन पर टैस्ट मैचों में भारत को हार का ही मुंह देखना पड़ा है.

अगर बंगलादेश के खिलाफ जून महीने में ही 3 एकदिवसीय मैचों की बात करें तो टीम में यहां भी युवा खिलाडि़यों को मौका दिया है और सीनियर खिलाडि़यों को आराम दिया गया है. अक्षर पटेल और केदार जाधव को घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है. ये दोनों टीम में नए चेहरे हैं. 6 वर्ष बाद रोबिन उथप्पा की भी वापसी हुई है. चयनकर्ताओं ने इस बात पर विशेष ध्यान दिया है कि युवा खिलाडि़यों को मौका मिले. ऐसा तो होना ही चाहिए क्योंकि जब तक आप युवा खिलाडि़यों को मौका नहीं देंगे तब तक वे अपनी प्रतिभा कैसे दिखा पाएंगे. ऐसा करने से ही तो आज हमारे पास विराट कोहली व युवराज सिंह जैसे खिलाड़ी टीम में हैं.