स्वच्छ ऊर्जा भारत सरकार की महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है. पूरी दुनिया स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर रही है, भले ही कुछ विकसित देश उत्सर्जन को ले कर अपनी नीति में बदलाव नहीं कर रहे हैं. भारत दुनिया को इस दिशा में आगे बढ़ाने के अभियान में प्रमुख भूमिका में है, यद्यपि हमारे कई प्रमुख शहर दुनिया के सब से प्रदूषित शहरों में शामिल हैं.

देश की प्रमुख कंपनी रिलायंस ने स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए पहल की है और उम्मीद की जा रही है कि रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियों के सामने आने से इस दिशा में ज्यादा प्रगति होगी. रिलायंस कंपनी के प्रमुख मुकेश अंबानी ने कंपनी के 40 साल का सफर पूरा होने के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के मोदी सरकार के सपने को साकार करने में अपनी भागीदारी का संकल्प किया है. उन्होंने इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने, अपनी कंपनी को दुनिया की 20 शीर्ष कंपनियों में शामिल करने का भी संकल्प लिया.

रिलायंस में ढाई लाख कर्मचारी हैं और उस का कारोबार 6 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का है. कंपनी की शाखाएं 28 हजार शहरों और 4 लाख कसबों तथा गांवों में फैली हैं. अभिप्राय यह है कि देश की शीर्ष कंपनियां यदि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के अभियान को हाथ में लेती हैं तो उन के व्यापक संशोधनों और सरकारी स्तर पर की जा रही कोशिश से यह पहल दूर तक जा सकती है और देश ही नहीं, दुनिया को प्रदूषण के कहर से बचाया जा सकता है.