आप भी उन लोगों में जरूर शामिल होंगे जो रात को सोने से पहले कमरे की लाइट बुझाकर अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते होंगे. अगर अप अभी तक ऐसा करते आएं हैं तो अब आपको संभल जाने की जरुरत है. बता दें कि लगातार ऐसा करने के चलते कई लोगों में अंधेपन के लक्षण देखें गए हैं और दो महिलाएं तो पूरी तरह आंखों की रौशनी गंवा बैठी हैं.

कौन हैं महिलाएं

न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक एक महिला की उम्र 22 साल जबकि दूसरी की 40 साल है. अंधेरे में स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने से शुरुआत में इनमें अंधेपन के लक्षण देखे गए. डॉक्टर्स के मना करने के बावजूद इन्होंने सावधानी नहीं बरती जिसके चलते अब ये पूरी तरह आंखों की रौशनी गंवा चुकीं हैं. इस बीमारी का नाम 'ट्रांजिएंट स्मार्टफोन ब्लाइंडनेस' बताया जा रहा है.

क्या हैं लक्षण

जर्नल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआत में इन महिलाओं को कुछ वक्त के लिए दिखाई देना बंद हो जाता था. महिलाओं के कई टेस्ट किए गए लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है इसका पता नहीं चल पाया. बाद में इन महिलाओं से जब पूछा गया कि ऐसा अक्सर कब होता है तो उन्होंने बाते कि रात में जब वो लेटकर स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहीं होती हैं तब ऐसा अक्सर होता है. तो अगर आपको भी टेम्परेरी ब्लाइंडनेस का अनुभव हो रहा है तो ये संभल जाने का वक्त है.

एक आंख से कभी न इस्तेमाल करें स्मार्टफोन

रिपोर्ट के मुताबिक अंधेरे में फोन इस्तेमाल करते हुए आंख स्क्रीन की रोशनी के हिसाब से काम कर रही होती है लेकिन जैसे ही आप दूसरी आंख का इस्तेमाल करते हैं दोनों तारतम्य नहीं बिठा पातीं और ब्लाइंडनेस का अनुभव होता है. इसलिए इससे बचना बेहद जरूरी है.

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