Hindi Story: ‘‘आंटी प्रसाद लीजिए,’’ जया को एक महिला ने बड़ी आत्मीयता के साथ मुसकराते हुए प्रसाद दिया. उस ने प्रसाद ले लिया. वह घर के बाहर बैठी धूप सेंक रही थी. उसे उस महिला के चेहरे की मुसकराहट से अपनापन का आभास हुआ. वह करीब 40 वर्ष की महिला थी. सलवारसूट में बहुत प्यारी लग रही थी. उस के व्यवहार से ऐसा लग रहा था मानो कितनी आत्मीय हो जया की.
‘‘क्या नाम है तुम्हारा?’’ जया ने आत्मीयता से पूछा.
‘‘राधा,’’ उस ने मुसकराते हुए बड़ी ही नम्रतापूर्वक जवाब दिया.
‘‘क्या करती हो?’’ जया ने अगला सवाल किया.
‘‘आंटी, मैं सोशलवर्कर हूं. सीनियर सिटिजन को वैलफेयर प्रोग्राम का लाभ दिलाती हूं. इस से मुझे सीनियर सिटिजन का आशीर्वाद मिल जाता है. किसी की सहायता करने से जो संतोष मिलता है उस के अतिरिक्त और क्या चाहिए मनुष्य को इस जीवन में?’’ राधा ने बड़े ही कोमल स्वर में कहा. उस की वाणी से मानो अमृत की वर्षा हो रही थी. जया ने इतने प्रेम और स्नेह से सिर्फ कुछ ही लड़कियों को बोलते हुए देखा था. उस की नम्रता और उदार विचार से जया काफी प्रभावित हो गई.
‘‘अरे, मैं तो सुपर सीनियर सिटिजन हूं. मेरी उम्र 82 वर्ष है. मेरे लिए कोई स्कीम नहीं है क्या तुम्हारे पास?’’ जया ने मजाक में कहा.
‘‘कई स्कीम हैं, आंटी. लेकिन मैं किसी से अपनी ओर से नहीं पूछती क्योंकि कई लोग नाराज हो जाते हैं कि मुझे गरीब समझ है क्या जो स्कीम बता रही हो? मैं नहीं चाहती कि कोई मेरे व्यवहार से आहत हो,’’ राधा ने बताया.
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