Romantic Story in Hindi : मिस चंद्रिका पूरे औफिस के लिए गौसिप का केंद्र बन गई थी. घोषाल बाबू जिन्हें इन सब बातों से कोई सरोकार न था उन का बैलेंस भी बिगड़ गया उसे देख कर. ऐसा बिगड़ा कि डगमगाने लगे.

औफिस में जनसंपर्क अधिकारी के रूप में मिस चंद्रिमा की नियुक्ति हुई थी. उस के मेकअप व पहनावे की चर्चा जोरों पर थी. मिस चंद्रिमा के औफिस में प्रवेश करते ही जैसे खुशबू और ताजगी का झांका प्रवेश कर जाता. उस के कपड़े, उस की चाल, उस का अंदाज देखते ही रहते सारे कर्मचारी. औफिस के आधे दर्जन लोगों ने तो अपना कुछ वक्त इसी खोज में लगा दिया था कि वह जो परफ्यूम लगाती है, उस का नाम क्या है.

‘अरे भाई, वह मिलता कहां है?’

इस में गलती किसी की न थी. वह थी ही बला की खूबसूरत. किसी विदेशी डौल जैसी. उस का रंग बड़ा ही अलौकिक था दूधिया गुलाबी कह सकते हैं. प्रकृति ने बड़ी बारीकी से रचा था उसे.

‘मुझा से कब बात करेगी?’

‘कब मेरे करीब से गुजरेगी’ औफिस के हर पुरुष की ख्वाहिश बनने लगी थी. अपने टिफिन बौक्स में क्या है, इस से ज्यादा ध्यान अब इस बात पर रहने लगा था कि आज चंद्रिमा ने कौन से रंग की ड्रैस पहनी होगी, कौन सा रंग उसे सूट करता है, कौन सा रंग सूट नहीं करता. यह तो था पुरुष वर्ग का खेमा.

महिलाएं इन सब बातों से अलग जोड़घटाव में लगी रहती थीं कि ‘कितने मिनट बौस की केबिन में थी वह?’

‘कितनी बार मैनेजर से बात की?’

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