Importance of Thank You: कई बार हम कृतज्ञता व्यक्त करने में कंजूसी दिखाते हैं, किसी को धन्यवाद देने के लिए भी हम कई बार सोचते हैं. ‘थैंक यू’ कहना भूल जाना या नजरअंदाज करना असभ्य या एहसानफरामोश माना जाता है. ऐसा करना सामने वाले पर आप की नकारात्मक छवि पेश करता है. जब भी कोई आप की मदद करे भले वह काम छोटा या बड़ा और मदद करने वाला घर का हो या बाहर का, उसे दिल खोल कर धन्यवाद या थैंक यू कहना न भूलें. भला धन्यवाद, थैंक यू या शुक्रिया देने, कहने में कंजूसी कैसी?
जब कोई आप को उपहार देता है या किसी चीज के लिए आप की प्रशंसा करता है या मदद करता है तो आप का 'धन्यवाद,’ ‘थैंक यू’, ‘शुक्रिया’ बोलने कहने की आदत आप के प्रतिदिन के शिष्टाचार में शामिल हो सकती है. आप की यह आदत मदद करने वाले के दिल में आप के प्रति इज्जत को कई गुना बढ़ा देती है, साथ ही, आप का अपनत्व व प्यार से बोला गया छोटा सा वाक्य ‘थैंक यू’ आप को हरदिल अजीज भी बना देता है.
आप की यह आदत 2 अनजान व्यक्तियों के भीतर या घर के परिजन, जैसे मातापिता, आप का पार्टनर, बच्चे, कामवाले कोई भी जिन्होंने आप की किसी काम में मदद की हो उन के अंदर कृतज्ञता का भाव विकसित कर सकती है. इस के बावजूद हम थैंक यू, धन्यवाद, शुक्रिया जैसे शब्द को बोलने में अकसर थोड़ी कंजूसी कर जाते हैं जबकि इसे बोलने में केवल एक सैकंड का वक्त लगता है.
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