Emotional Love Story: क्यों होता है ऐसा ? कभी-कभी दो लोग अर्थात एक लड़का और एक लड़की आपस में प्यार तो करते हैं एक-दूसरे के साथ पूरी ज़िन्दगी बिताने का सपना देखते हैं, कसमें-वादे करते हैं लेकिन निभा नहीं पाते। कभी माता-पिता रूपी दीवार बीच में आ जाती है तो कभी जात-पात। कभी भविष्य के लिए बुने गए बड़े-बड़े सपने दीवार बन जाते हैं तो कभी अमीरी-गरीबी की दीवार आड़े आ जाती है। लेकिन इन सबसे अलग एक चीज़ और भी आजकल टशन बन गई है। हमारे पूज्य बाबा जी या माता जी, जिनके आश्रम सदा भक्तों से भरे रहते हैं और उनके मुख से निकले शब्द भक्तों के लिए ईश्वर का फरमान होते हैं। सादर वन्दन ऐसे महापुरूषों एवं महादेवियों को जो इन्सान को ईश्वर से मिलाने का दावा करते हैं।
क्या कभी ऐसा होगा कि इन सब दीवारों को तोड़कर प्यार अपनी मंज़िल पा सकेगा ? क्या प्यार सुकून से जी सकेगा, चैन की सांस ले सकेगा? जैसे कि आज चन्दन और सवि का प्यार अधमरा सा पड़ा है। न तो उनका प्यार जी पा रहा है और न ही मर पाया है। क्या ऐसा प्यार कभी जी पाएगा?
ये कहानी शुरू होती है पानीपत के सेंट थामस स्कूल से। सवि छटी क्लास में और चन्दन सातवीं क्लास में हैं, इत्तेफ़ाक से दोनों की क्लास पहली मंज़िल पर आस-पास के कमरों में है जिसके कारण दोनों का सुबह स्कूल आते समय तथा स्कूल से छुट्टी के समय मेल हो जाता था। सवि की एक सहेली माही चन्दन की कालोनी में रहती थी जिसकी वजह से माही की चन्दन से हाय, हैलो हो जाती तो सवि भी साथ होती तो हाय हैलो उसकी भी हो जाता करती थी। मगर इस हाय-हैलो में ही दोनों को एक-दूसरे की आँखो में कुछ कशिश महसूस होती है जो एक-दूसरे को देखे बिना आगे कदम बढ़ाने नहीं देती, जब तक दिन में एक बार एक-दूसरे को देख न लें चैन न पड़ती।
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