Hindi Stories: “प्रियांशी, देख कर चढ़ना, एकदम स्ट्रेट ट्रैक है.”

“तुम लोगों को क्या लगता है मैं इतनी कमजोर हूं कि चढ़ नहीं पाऊंगी.”

“तू बोलने से ज़्यादा चढ़ने पर ध्यान लगा वरना अगर तू गिरी तो तेरे साथसाथ हमारी भी ट्रिप खराब हो जाएगी.”

“तुम लोग अपनी चिंता करो ब्रो, मैं अपनी देखभाल ख़ुद कर लूंगी,” खिलखिला कर अपने दोस्तों को चिढ़ाते हुए प्रियांशी ने साथ आए अपने दोस्तों से कहा और कुछ ही देर में स्टिक के सहारे वह सब से पहले चोटी पर पहुंच गई.

प्रियांशी हिंदुस्तान टाइम्स अखबार में चीफ एडिटर के पद पर काम करती है. वह अपनी एक महिला मित्र और 4 पुरुष मित्रों के साथ उत्तराखंड में ऋषिकेश के एक पर्यटक स्थल चोपता के ऊपर स्थित तुंगनाथ नामक ट्रेकिंग टूर पर 3 दिवसीय ट्रिप पर आई हुई है. जैसे ही वह ऊपर पहुंची, वहां अपने जैसे ही कई अन्य ग्रुप्स को देख कर हैरान रह गई क्योंकि वह तो अब तक इसी खयाल में थी कि वह ही सब से अनोखा काम कर रही है.

जब सारे मित्र आ गए तो प्रियांशी ने पूरी चोटी पर इधरउधर घूम कर जम कर तसवीरें क्लिक कीं. तभी उसे तुंगनाथ की चोटी पर 5 लड़कियों का एक गर्ल्स ग्रुप दिखा. वह दौड़ कर उन के पास जा पहुंची और सब को इकट्ठा करने लगी. उन में से एक आकांक्षा को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि बौयज़ ग्रुप की यह अनजान लड़की उन के गर्ल्स ग्रुप की सारी लड़कियों को क्यों इकट्ठा कर रही है.

आकांक्षा को यह सब बहुत अजीब सा लग रहा था, सो, वह प्रियांशी के पास जा पहुंची और बोली, “व्हाई आर यू कलैक्टिंग औल औफ़ अस, डियर?”

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